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गले की सà¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में बहà¥à¤¤ फायदेमंद हैं ये 4 योगासन, योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें करने का तरीका
गले में खराश, दरà¥à¤¦ कफ आदि के लिठकई योगासन हैं जो इस परेशानी को दूर करते हैं। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ ने वे आसन बताठहैं। जिनसे खराब गला ठीक हो जाता है।Â
बदलते मौसम में गले में खराश जैसी परेशानियां होने लगती हैं। कई बार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बोल लेने से à¤à¥€ गला खराब हो जाता है। या फिर तेज बोलने या चीखने की वजह से गले में दरà¥à¤¦ होने लगता है। गले की खराबी का अलग-अलग कारण हो सकते हैं। लेकिन योग à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ साधना है जिससे खराब गला à¤à¥€ ठीक हो जाता है और आप जब इन योगासनों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं तो कà¥à¤› दिनों में गले की परेशानियां ठीक होने लगती हैं। योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार बता रही हैं कि जब गले को ठीक करने वाले योगासन करते हैं तो उससे गले की मांसपेशियों रिलैकà¥à¤¸ होती हैं। गले की गà¥à¤°à¤‚थियां सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होती हैं, जिससे गले की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ दूर होती हैं। इनोसेंस योगा की योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤²à¥€ परिहार से जानते हैं कि वे कौन से योगासन हैं जिनसे गले की परेशानियां ठीक हो सकती हैं।
सिंहासन (simhasana)
सिंहासन करने से गले की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। जब हम तेजी से जीठको बाहर निकालते हैं, तब हमारी गरà¥à¤¦à¤¨ में खिंचाव महसूस होता है। जिससे हमारी गले की मांसपेशियां à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाती हैं और गरà¥à¤® हो जाती हैं। इसके कारण गले में खराश, दरà¥à¤¦, कफ, जलन, छाले आदि परेशानियां ठीक होती हैं। यह आसन हमारे जबड़े को à¤à¥€ मजबूती देता है। Â
करने का तरीका
अपने दोनों पैरों को मोड़कर à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बाहर की तरफ कर दें और पंजों पर बैठजाà¤à¤‚। यह कà¥à¤› वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होगी।
पैर का लेफà¥à¤Ÿ अंगूठा राइट अंगूठे के ऊपर रहेगा।
कमर, गरà¥à¤¦à¤¨ को सीधा रखते हà¥à¤ अपने दोनों हाथों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ पर रख लें।
कà¥à¤› देर विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें और अपने शरीर को सिंहासन के लिठतैयार करें और उसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अपने दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को आपस में दूर कर लें।Â
दोनों हाथों की उंगलियां अंदर की तरफ होंगी और हथेलियों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच में रख दें। Â
सामने की ओर देखें, उसके बाद लंबी गहरी सांस अंदर लें व सांस छोड़ते हà¥à¤ हलà¥à¤•ा सा अपने शरीर को आगे की ओर छà¥à¤•ा दें।Â
अपनी जीठको बाहर निकालते हà¥à¤ शेर की तरह दहाड़ें।Â
इसमें अपनी दोनों खà¥à¤²à¥€ हà¥à¤ˆ आंखों से माथे के बीचों बीच देखने की कोशिश करें। जीठको तेजी से बाहर निकालें। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में 5-10 सैकेंड होलà¥à¤¡ करें।Â
इस दहाड़ने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को 5-6 बार दोहराà¤à¤‚। हर कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद 5-6 सैकेंड होलà¥à¤¡ करें।Â
2. उषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ (ushtrasana)
उषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ करने से गरà¥à¤¦à¤¨ पीछे की ओर होती है जिसकी वजह से गले की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। जिससे गरà¥à¤¦à¤¨ वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ में रकà¥à¤¤ का संचार बढ़ जाता है। साथ ही साथ यह हमारे टà¥à¤°à¥‡à¤•िया (गले का पाइप) पर खिंचाव डालता है और हमारे मà¥à¤‚ह की गà¥à¤°à¤‚थियां à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाती हैं। जिसकी वजह से हमारा सलाइवा इंपà¥à¤°à¥‚व होता है। और की गà¥à¤°à¤‚थियों का दरà¥à¤¦ कम होता है। इसकी वजह से हमारे गले की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इनकी वजह से गले में चà¥à¤à¤¨ से लेकर अनà¥à¤¯ रोग जैसे सूजन आना, गले में दरà¥à¤¦ होना आदि को दूर करता है।Â
करने का तरीकाÂ
दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ते हà¥à¤ पंजों पर बैठजाà¤à¤‚।
दोनों हाथों को कमर पर रखें। सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल खड़े हो जाà¤à¤‚।
दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच में कंधे के बराबर गैप कर लें।Â
सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ दोनों हाथों को आसमान की ओर ले जाà¤à¤‚ और à¤à¤•-à¤à¤• करके अपनी à¤à¤¡à¤¼à¥€ को पकड़ने की कोशिश करें।Â
सांस छोड़ते हà¥à¤ धीरे से वापस आà¤à¤‚।Â
इस आसन में 30 सैकेंड होलà¥à¤¡ करें।Â
3. हलासन (halasana)
हलासन को करते हà¥à¤ हमारे गले के पीछे वले हिसà¥à¤¸à¥‡ में अचà¥à¤›à¤¾ खिंचाव आता है। गरà¥à¤¦à¤¨ के दरà¥à¤¦ को कम करता है। गरà¥à¤¦à¤¨ की अकड़न à¤à¥€ कम करता है। गले की थायराइड गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ करता है। अगर किसी को थायरॉयड की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो उसके लिठयह आसन अतà¥à¤¯à¤‚त लाà¤à¤•ारी है। यह आसन कफ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करता है। हमारे चेहरे को à¤à¥€ गà¥à¤²à¥‹à¤‡à¤‚ग बनाता है।
करने का तरीका
अपनी मैट पर आराम से पीठके बल लेट जाà¤à¤‚।Â
अपने दोनों हाथों को कमर के बगल में रखें। धीरे से अपनी उंगलियों को जमीन की तरफ मोड दें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे आपकी कमर वाला हिसà¥à¤¸à¤¾ जमीन पर ही रहेगा।Â
अपने दोनों पैरों को सामानà¥à¤¯ सांसें लेते हà¥à¤ 90 डिगà¥à¤°à¥€ पर ले आà¤à¤‚।Â
धीरे से कमर को ऊपर उठाते हà¥à¤ अपने दोनों हाथों से अपनी कमर को सहारा दें।Â
आपके दोनों पैर आसमान की तरफ रहेंगे। धीरे से अपनी सांस छोड़ते हà¥à¤ अपने दोनों पैरों को धीरे-धीरे सिर वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ की तरफ जमीन पर रख लें।Â
कमर के सहारे को हटाते हà¥à¤ दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में इंटरलॉक कर लें।Â
इस आसन को करते हà¥à¤ आपको गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦ महसूस होगा जोकि सामानà¥à¤¯ है।Â
इस आसन में अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° होलà¥à¤¡ करें।Â
कमर को सहारा देते हà¥à¤ पैरों को आसमान की और फिर से ले जाà¤à¤‚ और धीरे से वापस आ जाà¤à¤‚।
दोनों पैरों को खोल दें और हथेलियों का रà¥à¤– आसमान की तरफ कर लें और कà¥à¤› देर विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें।Â
सावधानी
जिन लोगों को सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल की समसà¥à¤¯à¤¾ है, वह इस आसन को न करें।Â
जिन लोगों का वजन बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है वह इस आसन को किसी की देखरेख में करें।Â
4. किंग-कोबरा आसन (king cobra)
यह आसन करने से हमारे छाती व गले वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ में रकà¥à¤¤ संचार बढ़ने से हमारे गले व फेफड़ों से संबंधित परेशानियां खतà¥à¤® होती हैं। यह आसन गले की मांसपेशियों को फà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¬à¤² व मजबूत बनाता है। साथ ही साथ हमारे गरà¥à¤¦à¤¨ के फैट को à¤à¥€ कम करता है। यह हमारे गले के फंकà¥à¤¶à¤¨ को ठीक बेहतर करता है।
करने का तरीका
अपनी मैट पर पेट के बल लेट जाà¤à¤‚। अपने दोनों पैरों को आपस में जोड़ लें।Â
पंजे बाहर की तरफ रहेंगे। अपने दोनों हाथों को कंधे के नीचे रख लें औ उंगलियां फैला लें।Â
अपने हाथों से सहारा लेते हà¥à¤ अपनी छाती को आसमान की ओर उठाà¤à¤‚, धीरे अपने दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को पीछे से मोड़ते हà¥à¤ सिर के पास लाà¤à¤‚। इसमें गरà¥à¤¦à¤¨ को पीछे की तरफ खींचें।Â
अपने सिर व पैर वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पास लाने की केशिश करें। बगल से अपनी कोहनियों को हलà¥à¤•ा सा मोड़ कर रखें। जिससे आपका छाती वाला हिसà¥à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤² पाà¤à¥¤
सांस छोड़ते हà¥à¤ वापस आ जाà¤à¤‚ और पैरों सीधा कर लें, हाथों को ढीला छोड़ दें। और कà¥à¤› देर विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें।
इस आसन में अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही होलà¥à¤¡ करें। Â
सावधानी
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ इस आसन को न करें।Â
जिन लोगों को लोअर बैक पेन है, वे à¤à¥€ इस आसन को न करें।Â
योग के माधà¥à¤¯à¤® से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं। अगर आपको à¤à¥€ गले में दिकà¥à¤•ते है, यहां बताठगठयोगासन कर सकते हैं।Â
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