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à¤à¥à¤°à¥‚ण की सामानà¥â€à¤¯ हारà¥à¤Ÿ रेट 120 से 160 बीपीà¤à¤® होती है जो कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरण में 140 से 160 बीपीà¤à¤® और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के आखिरी चरण में 120 से 140 बीपीà¤à¤® तक जा सकती है।
माठके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर नौ महीने तक à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास जिस तरह से होता है, वह à¤à¤• अनोखी कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ जैसी ही होती है। इस पूरे समय में बचà¥à¤šà¥‡ का शरीर कैसे विकसित होता है, गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन कब आती है (Bacche Ki Dhadkan) या किस तरह उसकी आंख, कान और नाक का विकास होता है, यह जानना बहà¥à¤¤ ही रोमांचित होता है। पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ लेख में बचà¥à¤šà¥‡ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ की जानकारी देने के बाद अब आपको इस लेख में हम बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन कितने दिन बाद आती है (Bacche Ki Dhadkan Kab Banti Hai), इसकी जानकारी दे रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन कितने दिन बाद आती है? (Pregnancy me baby ki heartbeat kab aati hai)
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के 3 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद शिशॠकी हारà¥à¤Ÿ मसल यानी हृदय की मांसपेशी के ऊतकों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होने लगता है। इसे मायोकारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤® (Myocardium) à¤à¥€ कहते हैं। इस दौरान बहà¥à¤¤ ही धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से डॉकà¥à¤Ÿà¤° डॉपà¥à¤²à¤° मशीन से बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को सà¥à¤¨ सकते हैं।
हालांकि, आमतौर पर लगà¤à¤— 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद डॉपà¥à¤²à¤° मशीन से बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को बहà¥à¤¤ ही आराम से टà¥à¤°à¥ˆà¤• किया जा सकता है और बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से सà¥à¤¨à¤¾ जा सकता है। फिर जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का चरण बढ़ता है, वैसे-वैसे बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ बिना उपकरण के à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दे सकती हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन कितनी होनी चाहिà¤? (Pregnancy me baby ke heartbeat kitni honi chahiye)
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, माठके गरà¥à¤ में अगर à¤à¤• मिनट तक à¤à¥à¤°à¥‚ण का दिल 120 से 160 बार के बीच धड़कता है (Bacche Ki Dhadkan Kitni Hoti Hai), तो इसे नॉरà¥à¤®à¤² हारà¥à¤Ÿ बीट मानी जा सकती है।
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी कैसे की जाती है? (Pregnancy me baby ke heartbeat ko monitor kaise karte hain)
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन कब आती है
माठके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ व इसकी निगरानी करने के लिठ(Bacche Ki Dhadkan Kaise Sune) डॉकà¥à¤Ÿà¤° डॉपà¥à¤²à¤° डिवाइस का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। इसके लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के पेट के ऊपर इस डिवाइस को लगाया जाता है, जो à¤à¤• मॉनिटर में बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन को रिकॉरà¥à¤¡ करता है।
इसके अलावा, निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित तरीकों से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी की जा सकती है, जैसेः
नॉन सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ टेसà¥â€à¤Ÿ (Non stress test in hindi)
कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ टेसà¥â€à¤Ÿ
बायोफिजिकल पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤²
यह डिवाइस पूरी तरह से माठऔर गरà¥à¤ के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होती है और इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में à¤à¥€ आसान होती है।
बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को कैसे सà¥à¤¨ सकते हैं? (bacche ki dhadkan kaise sune)
आमतौर पर माठके गरà¥à¤ से सीधे तौर पर कानों से बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ को सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ संà¤à¤µ नहीं है। हालांकि, डॉपà¥à¤²à¤° की मदद से आसानी से बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ कोई à¤à¥€ सà¥à¤¨ सकता है। इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आखिरी महिनों में माठके गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कने साफ-साफ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दे सकती हैं। गरà¥à¤ से सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ पर बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की आवाज किसी घोड़े के दौड़ने जैसी हो सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दे सकती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ में बदलाव (Pregnancy me bacche ki dhadkan me changes)
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ में बदलाव à¤à¥€ हो सकता है, जो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° कर सकता है, जैसेः
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला या बचà¥à¤šà¥‡ में हृदय और बà¥à¤²à¤¡ सकà¥à¤°à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ में बदलाव होना
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी होना, इसके कारण बचà¥à¤šà¥‡ तक à¤à¥€ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी हो सकती है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला के दैनिक आहार में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ होना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खून की कमी होना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला का वजन सामानà¥à¤¯ से बहà¥à¤¤ कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¥à¤°à¥‚ण की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का चरण
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में शिशॠकी हलचल
पà¥à¤°à¤¸à¤µ या लेबर के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है? (Labour ke waqt baby ki heartbeat monitor karna kyu jaruri hai)
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की धड़कन कब आती है
à¤à¤¸à¥€ कई वजहें हैं, जिनके कारण पà¥à¤°à¤¸à¤µ या लेबर के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿà¤¬à¥€à¤Ÿ की निगरानी करनी जरूरी होती हैः
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠको जनà¥à¤® देने के लिà¤
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤šà¤¨ की निगरानी करने के लिà¤
जनà¥à¤® के बाद नवजात शिशॠको हाइपोकà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ या à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बचाने के लिà¤
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिà¤
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