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गरà¥à¤ में बचà¥â€à¤šà¤¾ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ हो तो मां को मिलते हैं ये संकेत
गरà¥à¤ में शिशॠके सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ होने के लेकर हर मां के मन में कई तरह की आशंकाà¤à¤‚ रहती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मिल रहे कà¥à¤› संकेतों की मदद से आप जान सकती हैं कि गरà¥à¤ में बचà¥â€à¤šà¤¾ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है या नहीं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान मां को à¤à¤¸à¥‡ कई संकेत मिलते हैं जो ये बताते हैं कि गरà¥à¤ के अंदर शिशॠबिलà¥â€à¤•à¥à¤² सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है। वहीं गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠको किसी à¤à¥€ तरह के खतरे से बचाने के लिठयह जानना जरूरी है कि असà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ à¤à¥à¤°à¥‚ण से अलग सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ à¤à¥à¤°à¥‚ण के होने पर कà¥â€à¤¯à¤¾ संकेत मिलते हैं।
यदि à¤à¥à¤°à¥‚ण में कोई समसà¥â€à¤¯à¤¾ हà¥à¤ˆ तो मिसकैरेज हो सकता है। असà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠहोने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मिसकैरेज होने का खतरा सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है और à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी 20वें हफà¥à¤¤à¥‡ से पहले होता है।
अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को यहां बताठगठसंकेत मिल रहे हैं तो इसका मतलब है कि गरà¥à¤ में उनका शिशॠसà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है।
शिशॠकी मूवमेंट
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के लगà¤à¤— पांच महीने के आसपास शिशॠगरà¥à¤ में मूव करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। छह महीने का गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠआवाज सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ पर मूवमेंट या à¤à¤Ÿà¤•े वाली मूवमेंट करने लगता है जो कि शिशॠको हिचकी आने का संकेत हो सकता है।
बचà¥â€à¤šà¤¾ होने के बाद पति पतà¥â€à¤¨à¥€ के रिशà¥â€à¤¤à¥‡ में न आने दें दूरी, खà¥à¤¶ रहने के लिठअपनाà¤à¤‚ ये तरीके
अब à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² नहीं है कि सिरà¥à¤« पति ही ऑफिस जाते हैं। महिलाà¤à¤‚ à¤à¥€ वरà¥à¤•िंग होती हैं और à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥â€à¤šà¥‡ के कामों को à¤à¤• ही पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° पर डाल देना à¤à¤—ड़े की वजह बन सकता है।
अगर आपने ऑफिस से घर आने के बाद कोई नियम बनाया है तो उसे हर हाल में पूरा करने की कोशिश करें। जैसे कि बचà¥â€à¤šà¥‡ क डायपर बदलना आदि। ऑफिस और घर के कामों को धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बराबर से बांटें।
बचà¥â€à¤šà¤¾ होने के बाद जाहिर-सी बात है कि जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ साथ खरà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ काफी बढ़ जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बहà¥à¤¤ जरूरी है कि आप खरà¥à¤šà¥‹à¤‚ और सेविंग को पहले से ही पà¥â€à¤²à¤¾à¤¨ करके चलें ताकि आगे कोई फाइनेंशियल परेशान न आà¤à¥¤
बचà¥â€à¤šà¥‡ की पà¥â€à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग करते समय ही आरà¥à¤¥à¤¿à¤• पहलà¥à¤“ं पर अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से बात कर लें। कपलà¥â€à¤¸ के बीच पैसों को लेकर बहà¥à¤¤ à¤à¤—ड़े होते हैं इसलिठबेहतर होगा कि बचà¥â€à¤šà¤¾ होने के बाद आप अपने खरà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पहले से ही मैनेज करना सीख लें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बाद महिलाओं में पोसà¥â€à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का खतरा रहता है और à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² नहीं है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ की जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का असर पिता के माâ€à¤¨à¤¸à¤¿à¤• सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ पर नहीं पड़ता है।
बचà¥â€à¤šà¥‡ की जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को लेकर पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ à¤à¤‚गà¥â€à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में पतâ€à¤¿ पतà¥â€à¤¨à¥€ दोनों को ही अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को समà¤à¤¤à¥‡ हà¥à¤, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ इससे बाहर निकालने की कोशिश करें। आपसी समठऔर सहयोग से आप अपने रिशà¥â€à¤¤à¥‡ को परेशानियों और à¤à¤—ड़ों से बचा सकते हैं।
इस बात में कोई शक नहीं है कâ€à¤¿ मां बनने के बाद महिलाओं का सारा धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ बचà¥â€à¤šà¥‡ पर ही रहता है लेकिन पैरेंट बनने के बाद à¤à¥€ आपकी सेकà¥â€à¤¸ लाइफ में परेशानियां या दूरियां नहीं आनी चाहिà¤à¥¤
बचà¥â€à¤šà¤¾ होने के बाद à¤à¥€ अपने रिशà¥â€à¤¤à¥‡ के बीच रोमांस को जिंदा रखें। à¤à¤•-दूसरे के साथ कà¥â€à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टाइम बिताà¤à¤‚ और जितना हो सके à¤à¤• दूसरे को खूब पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° दें।
पैरेंटस बनने के बाद जहां जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बढ़ती हैं, तो वहीं कपलà¥â€à¤¸ सोशल लाइफ और दोसà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ समय नहीं निकाल पाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में वो घर और आॉफिस के कामों में ही मशगूल रहते हैं जो कि दोनों ही पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤°à¥à¤¸ के मानसिक सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ के लिठसही नहीं है।
दोसà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ से बात करके मन खà¥à¤¶ रहता है और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी परेशानी बताकर तकलीफ आधी हो जाती है। खà¥à¤¦ को दोसà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ से दूर न करें।
सातवें महीने के आसपास शिशॠदरà¥à¤¦, आवाज और रोशनी पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना शà¥à¤°à¥‚ कर सकता है। आठवें महीने के बाद शिशॠअकà¥â€à¤¸à¤° अपनी पोजीशन बदल लेते हैं और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किक मारते हैं। 9 महीने के गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠके पास गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में जगह कम होती है इसलिठइस समय डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° आपको शिशॠकी मूवमेंट जैसे कि कितनी बार किक मारता है और अनà¥â€à¤¯ बदलाव नोट करने के लिठकह सकते हैं।
पेट का आकार
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान समय गà¥à¤œà¤°à¤¨à¥‡ के साथ साथ महिलाओं के पेट के आकार में à¤à¥€ बदलाव आता है। यदि महिला का पेट पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के साथ बढ़ रहा है तो यह सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का संकेत है। पेट का आकार तà¤à¥€ बढ़ता है जब गरà¥à¤ के अंदर शिशॠबढ़ रहा हो और उसका विकास हो रहा है।
बचà¥â€à¤šà¤¾ होने के बाद पति पतà¥â€à¤¨à¥€ के रिशà¥â€à¤¤à¥‡ में न आने दें दूरी, खà¥à¤¶ रहने के लिठअपनाà¤à¤‚ ये तरीके
अब à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² नहीं है कि सिरà¥à¤« पति ही ऑफिस जाते हैं। महिलाà¤à¤‚ à¤à¥€ वरà¥à¤•िंग होती हैं और à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥â€à¤šà¥‡ के कामों को à¤à¤• ही पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° पर डाल देना à¤à¤—ड़े की वजह बन सकता है।
अगर आपने ऑफिस से घर आने के बाद कोई नियम बनाया है तो उसे हर हाल में पूरा करने की कोशिश करें। जैसे कि बचà¥â€à¤šà¥‡ क डायपर बदलना आदि। ऑफिस और घर के कामों को धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बराबर से बांटें।
बचà¥â€à¤šà¤¾ होने के बाद जाहिर-सी बात है कि जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ साथ खरà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ काफी बढ़ जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बहà¥à¤¤ जरूरी है कि आप खरà¥à¤šà¥‹à¤‚ और सेविंग को पहले से ही पà¥â€à¤²à¤¾à¤¨ करके चलें ताकि आगे कोई फाइनेंशियल परेशान न आà¤à¥¤
बचà¥â€à¤šà¥‡ की पà¥â€à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग करते समय ही आरà¥à¤¥à¤¿à¤• पहलà¥à¤“ं पर अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से बात कर लें। कपलà¥â€à¤¸ के बीच पैसों को लेकर बहà¥à¤¤ à¤à¤—ड़े होते हैं इसलिठबेहतर होगा कि बचà¥â€à¤šà¤¾ होने के बाद आप अपने खरà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पहले से ही मैनेज करना सीख लें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बाद महिलाओं में पोसà¥â€à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का खतरा रहता है और à¤à¤¸à¤¾ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² नहीं है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ की जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का असर पिता के माâ€à¤¨à¤¸à¤¿à¤• सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ पर नहीं पड़ता है।
बचà¥â€à¤šà¥‡ की जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को लेकर पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ à¤à¤‚गà¥â€à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में पतâ€à¤¿ पतà¥â€à¤¨à¥€ दोनों को ही अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को समà¤à¤¤à¥‡ हà¥à¤, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ इससे बाहर निकालने की कोशिश करें। आपसी समठऔर सहयोग से आप अपने रिशà¥â€à¤¤à¥‡ को परेशानियों और à¤à¤—ड़ों से बचा सकते हैं।
इस बात में कोई शक नहीं है कâ€à¤¿ मां बनने के बाद महिलाओं का सारा धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ बचà¥â€à¤šà¥‡ पर ही रहता है लेकिन पैरेंट बनने के बाद à¤à¥€ आपकी सेकà¥â€à¤¸ लाइफ में परेशानियां या दूरियां नहीं आनी चाहिà¤à¥¤
बचà¥â€à¤šà¤¾ होने के बाद à¤à¥€ अपने रिशà¥â€à¤¤à¥‡ के बीच रोमांस को जिंदा रखें। à¤à¤•-दूसरे के साथ कà¥â€à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टाइम बिताà¤à¤‚ और जितना हो सके à¤à¤• दूसरे को खूब पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° दें।
पैरेंटस बनने के बाद जहां जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बढ़ती हैं, तो वहीं कपलà¥â€à¤¸ सोशल लाइफ और दोसà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ समय नहीं निकाल पाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में वो घर और आॉफिस के कामों में ही मशगूल रहते हैं जो कि दोनों ही पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤°à¥à¤¸ के मानसिक सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ के लिठसही नहीं है।
दोसà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ से बात करके मन खà¥à¤¶ रहता है और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी परेशानी बताकर तकलीफ आधी हो जाती है। खà¥à¤¦ को दोसà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ से दूर न करें।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में बदलाव
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिलाओं की बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में कई तरह के बदलाव आते हैं जो कि हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव की वजह से होता है। सà¥â€à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के आकार में परिवरà¥à¤¤à¤¨ आना इस बात का संकेत है कि शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव हो रहे हैं और आप हेलà¥â€à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की ओर हैं।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस à¤à¥€ होती है। कà¥à¤› महिलाओं को मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है तो कà¥à¤› को कम। यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ हेलà¥â€à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का संकेत होता है लेकिन अगर किसी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को बिलà¥â€à¤•à¥à¤² à¤à¥€ मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस नहीं हो रही है तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
डिलीवरी से पहले शिशॠका कम मूव करना
डिलीवरी से पहले शिशॠपूरी तरह से विकसित हो चà¥à¤•ा होता है और नौवे महीने में गरà¥à¤ के अंदर मूव करने के लिठउसके पास परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ जगह नहीं होती है। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠकम मूवमेंट करता है जो कि चिंता का विषय नहीं है। इस समय शिशॠसà¥â€à¤µà¤¯à¤‚ को डिलीवरी के लिठतैयार कर रहा होता है। यदि इस दौरान पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को शिशॠकी धड़कन कम महसूस हो रही है तो यâ€à¤¹ अचà¥â€à¤›à¤¾ संकेत नहीं है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के पांचवे हफà¥à¤¤à¥‡ के आसपास शिशॠका दिल धड़कन शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहली तिमाही के अंत में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• फीटल मॉनिटरिंग से आसानी से बचà¥â€à¤šà¥‡ की धड़कन महसूस कर सकती हैं।
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