गर्भ में बच्चे का दिमाग कैसे तेज होता है?HealthPlanet

Posted on Wed 12th Oct 2022 : 12:27

इन टिप्स से गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग करें तेज
गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग तेज हो इसके लिए आहार के साथ-साथ कुछ और भी जरूरी टिप्स हैं, जिसे अपनाने से बच्चे का मस्तिष्क तेज हो सकता है। निम्नलिखित टिप्स अपनाकर आप अपने बेबी को गर्भ से ही इंटेलीजेंट बना सकती हैं।

1. आहार
गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए विटामिन-बी 12, विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक, आयरन और फॉलिक एसिड युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। ये सभी विटामिन और खनिज हरी सब्जी, साग, मछली या फल जैसे खाद्य पदार्थों में आसानी से मिल सकते हैं।

2. फॉलिक एसिड
फॉलिक एसिड गर्भावस्था में शिशु के विकास में अत्यधिक अनिवार्य है। इसकी पूर्ति गहरे हरे रंग की साग-सब्जियों से हो सकती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर फॉलिक एसिड की दवा भी दे सकते हैं। अपनी मर्जी से दवाओं का सेवन न करें।

3. ओमेगा 3 फैटी एसिड
गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग तेज करने का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है ओमेगा 3 फैटी एसिड। मछलियों के सेवन से ओमेगा 3 फैटी एसिड की पूर्ति होती है। गर्भावस्था के दूसरी तिमाही से मछलियों का सेवन ज्यादा करना चाहिए। ध्यान रहे इस दौरान मर्लिन और टूना जैसे फिश का सेवन न करें क्योंकि इनमें मर्क्युरी (mercury) की मात्रा ज्यादा होती है।

4. गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग अंडे से होगा तेज
अंडे में कोलिन नामक तत्व होता है जो दिमाग के विकास के लिए जरूरी है। इससे याद्दाशत बढ़ती है। साथ ही अंडे में आयरन और प्रोटीन भी होता है जो दिमागी विकास के लिए जरूरी है। प्रोटीन कोशिका के ब्लॉक का निर्माण करने और शिशु के विकास में सहायता करते हैं। उचित मात्रा में अंडे खाने से बच्चे को प्रोटीन की आवश्यक मात्रा मिलती है।

5. वजन नियंत्रित रखें
गर्भावस्था के दौरान हर गर्भवती महिला का वजन 11 से 16 किलो तक बढ़ना सामान्य है, लेकिन जरूरत से ज्यादा वजन न बढ़ने दें। अगर इस दौरान वजन बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

6. एक्सरसाइज
गर्भावस्था के दौरान बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है। गर्भ में पल रहे शिशु की फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों के लिए जरूरी है। एक्सरसाइज करने के दौरान एंडोर्फिन हॉर्मोन (endorphins) रिलीज होता है। जो व्यक्ति को खुश रहने में मदद करता है। इसलिए गर्भवती महिला को सप्ताह में कम से कम 3 से 5 दिन तकरीबन आधे घंटे तक एक्सरसाइज करना चाहिए। इसका फायदा मां और शिशु दोनों को होता है।

7. तनाव से दूर रहें
बदलती लाइफस्टाइल की वजह से किसी न किसी कारण हर कोई चिंता और तनाव में रहता है। गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला बच्चे की परवरिश को लेकर चिंतित रहती हैं। थोड़ी चिंता ठीक है, लेकिन जरूरत से ज्यादा चिंता करना और तनाव में रहना गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे बच्चे के मानसिक विकास पर भी असर पड़ता है।

8. बेबी से बात करें
गर्भावस्था के 16वें हफ्ते में पहुंचने के बाद ही बच्चे (fetal) की सुनने की क्षमता विकसित होती है। गर्भावस्था के 24वें हफ्ते के शुरू होने के बाद ही ये पूरी तरह से एक्टिव हो पाते हैं। अल्ट्रासाउंड की मदद से यह आसानी से समझा जाता है कि प्रेग्नेंसी के 16वें हफ्ते में शिशु गर्भ के बाहर की ध्वनि को सुन सकता है। ऐसे में शिशु के जन्म के पहले से ही पैरेंट्स शिशु से बात कर सकते हैं। इससे भी बच्चे के मस्तिष्क का विकास होता है। इस दौरान आप बेबी को म्यूजिक भी सुना सकती हैं।

9. भ्रूण के दिमाग का विकास : कद्दू के बीज का करें सेवन
आपको शायद जानकर अजीब लगेगा, लेकिन कद्दू का बीज गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इसमें जिंक पाया जाता है जो बच्चे के दिमागी विकास के लिए जरूरी है। शोधकर्ताओं ने निर्धारित किया है कि प्रत्येक 100 ग्राम कद्दू के बीज में 7.99 मिलीग्राम जिंक होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुमान है कि दुनिया भर में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाओं में जिंक की अपर्याप्त मात्रा है। जिंक का कम स्तर कई हार्मोनों के परिसंचारी स्तरों को बदलते हैं। एक्सपर्ट गर्भावस्था के दौरान एक्स्ट्रा जिंक लेने की सलाह भी देते हैं, क्योंकि इससे स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होने की संभावना होती है। जिंक गर्भाशय के संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक है। ये सभी संभावित रूप से प्रसव में योगदान कर सकते हैं।

10. सूरज की रोशनी करेगी गर्भावस्था में बच्चे का विकास
गर्भावस्था के दौरान अगर मां धूप में बहुत कम समय बिताए तो बच्चे की सीखने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर प्रेग्नेंसी के दौरान मां का अल्ट्रावायलेट-बी (यूवीबी) किरणों का सामना नहीं हो, तो इससे शिशु के दिमाग का विकास प्रभावित होता है। यूवीबी किरणें शरीर में विटामिन-डी के निर्माण में सहायक होती हैं। यह गर्भ में पल रहे दिमागी विकास के लिए बहुत जरूरी है।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info