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टी आकार के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯
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टी-आकार का गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯
टी-आकार का गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकृति का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है जिसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ टी अकà¥à¤·à¤° जैसा दिखता है।[1] यह आमतौर पर डीईà¤à¤¸-उजागर से पीड़ित महिलाओं में पाया जाता है। यह ईà¤à¤¸à¤à¤šà¤†à¤°à¤ˆ /ईà¤à¤¸à¤œà¥€à¤ˆ वरà¥à¤—ीकरण में मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है, और असफल पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£, à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ और पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¤® वितरण के जोखिम में जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है।[2] विकृति को सही करने के लिठà¤à¤• शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है।[3] टी-आकार वाले गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पीड़ित बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सहन कर सकते हैं, हालांकि वे किसी à¤à¥€ उपचार के पहले और बाद में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤, कम पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और पूरà¥à¤µà¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ जनà¥à¤® जैसे जटिलताओं का अधिक जोखिम लेते हैं।[4]
कारण
टी-आकार की विकृति आमतौर पर डीईà¤à¤¸ के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है, हालांकि इसे à¤à¥€ संवैधानिक रूप से पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया जाता है।[5]
डायथिलसà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¬à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² (डेस) गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ (43)
मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन
कई विफल गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के बाद महिलाओं में अकà¥à¤¸à¤° इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का निदान होता है, जो चà¥à¤‚बकीय अनà¥à¤¨à¤¾à¤¦, सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€, और विशेष रूप से हिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤²à¥à¤ªà¤¿à¤‚गोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ जैसे अनà¥à¤µà¥‡à¤·à¤• निदान पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ होता हैं।[6] इस तरह के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ टà¥à¤¯à¥‚ब के अंतरालीय और इथà¥à¤®à¤¸ की चौड़ाई को देखा जाता है, साथ ही पूरी तरह से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤šà¤¨ या संकà¥à¤šà¤¨ को देखा जाता है, विशेष रूप से निचले और पारà¥à¤¶à¥à¤µ à¤à¤¾à¤—, इसलिठ"टी" संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में मातà¥à¤°à¤¾ में कमी हो सकती है, और अनà¥à¤¯ असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ संगत उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो सकती हैं।[7]
इस विकृति के इलाज के लिठवरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, जिसे à¤à¤• हिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक सà¥à¤§à¤¾à¤° या मेटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ कहा जाता है, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवारों के पारà¥à¤¶à¥à¤µ चीरा करके किया जाता है, और रोग को पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करते समय अंग को सामानà¥à¤¯ रूपरेखा में वापस कर सकता है। इसे कम जोखिम वाली पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ माना जाता है, और जब तक à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® अचà¥à¤›à¥€ हालत में माना जाता है, तब तक 10-गà¥à¤¨à¤¾ तक टरà¥à¤® डिलीवरी दर में सà¥à¤§à¤¾à¤° à¤à¥€ हो सकता है।[8] हालांकि, पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद जोखिमों में पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा à¤à¤•à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¾, à¤à¤¶à¤°à¤®à¤¨ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® और गंà¤à¥€à¤° रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ शामिल हैं।[9][10]
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