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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में Underweight होना बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठहो
सकता है जानलेवा
कई महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान वजन बढ़ने से दिकà¥â€à¤•त नहीं होती है जबकि कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ वजन बढ़ने को लेकर परेशान रहती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में वजन न बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि मेटाबोलिजà¥â€à¤®, मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस, कोई सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾ आदि। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में ओवरवेट होने की तरह ही अंडरवेट होने के à¤à¥€ कà¥à¤› नà¥à¤•सान होते हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिà¤à¥¤à¤µà¤œà¤¨ कम होना यानी अंडरवेट और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का मेल सही नहीं है। कंसीव करने से पहले महिला का कम से कम 45 कि.गà¥à¤°à¤¾ वजन होना सही है। इससे कम वजन को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठअंडरवेट कहा जाता है। जिन महिलाओं का 45 कि.गà¥à¤°à¤¾ से कम वजन है उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने से पहले 12 सा 18 कि.गà¥à¤°à¤¾ वजन बढ़ा लेना चाहिà¤à¥¤à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठसही वजन कितना होना चाहिठये आपके बॉडी मास इंडेकà¥â€à¤¸ यानी बीà¤à¤®à¤†à¤ˆ पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसमें लंबाई और वजन के आधार पर बॉडी फैट मापा जाता है।पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में Underweight होने से मां को नà¥à¤•सान
अंडरवेट होने पर जरूरी पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ जैसे कि आयरन और फोलेट की कमी होती है जिससे मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है।
अंडरवेट महिलाओं में नौ महीने से पहले डिलीवरी जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। इनमें खासतौर 37वे हफà¥à¤¤à¥‡ से पहले डिलीवरी हो जाती है।
अगर आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान अंंडरवेट हैं तो आपके सिजेरियन ऑपरेशन करवाने की जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की जरूरतों को पूरा करने के लिठशरीर ने सà¤à¥€ पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर लिया होता है इसलिठअंडरवेट महिलाओं को अपने जीवन में आगे à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ या ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ हो सकता है।
यह à¤à¥€ पढें :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आयरन डेफिशियंसी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤²
डिलीवरी के बाद बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• कम आ सकता है। इसे पूरा करने के लिठआपकाे सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने पड़ेंगे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में अंडरवेट होने से शिशॠको नà¥à¤•सान
यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिला अंडरवेट हो तो शिशॠको निमà¥â€à¤¨ मà¥à¤¶à¥à¤•िले हो सकती हैं :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान शिशॠको सही पोषण न मिलने के कारण जनà¥â€à¤® के समय शिशॠका वजन कम हो सकता है।
अगर आपका शिशॠजनà¥â€à¤® के समय अंडरवेट है तो इसकी वजह से हाइपोथरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ या शिशॠको आगे चलकर लो बà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र जैसी सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
शिशॠकी इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी à¤à¥€ कमजोर हो सकती है जिससे उस पर संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ का खतरा रहता है।
शिशॠको आगे चलकर डायबिटीज या हà¥à¤°à¤¦à¤¯ से संबधित समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
कà¥à¤› अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• मां के अंडरवेट होने की वजह से नवजात शिशॠकी मृतà¥â€à¤¯à¥ हो सकती है।
जनà¥â€à¤® के समय वजन कम हेाने से शिशॠको सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥â€à¤¸à¥€, सीखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में दिककत, देखने और सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।
मां को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कैसे मिले जरूरी पोषण
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान कà¥à¤› बातों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखकर आप शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ पोषण दे सकती हैं और जटिलताओं से बच सकते हैं :
नà¥â€à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब डिफेकà¥â€à¤Ÿ के खतरे को कम करने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लें।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से पूछें कि आपको खाने या सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट से पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन लेना कब शà¥à¤°à¥‚ करना है।
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पिà¤à¤‚। यह à¤à¥€ पढें : जानिठपानी पीने का सही तरीका
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कैसे बढ़ाà¤à¤‚ वजन
अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान आपका वजन कम है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपको कà¥à¤› टिपà¥â€à¤¸ दे रहे हैं जिनकी मदद से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में वजन बढ़ा सकती हैं।
नाशà¥â€à¤¤à¤¾ करना न à¤à¥‚लें। अपने नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ आहार जरूर लें।
दिन में तीन बार से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाà¤à¤‚ और हर बार संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ आहार लें। सूखे मेवे, दही आदि को सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ में शामिल करें।
जंकफूड का सेवन बिलकà¥à¤² न करें। इनमें बहà¥à¤¤ कम या न के बराबर पोषण होता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आपको पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खानी चाहिà¤à¥¤
दूध पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अचà¥â€à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है। रोज दूध पीने से वजन बढ़ने में मदद मिल सकती है।
अंडरवेट होने पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से बचें।
वजन बढ़ाने के लिठउचà¥â€à¤š कैलोरी वाली चीजें खाà¤à¤‚ जैसे कि à¤à¤µà¥‹à¤•ैडो, दालें, अनाज और बींस।
खाना खाने के बाद सलाद जरूर खाà¤à¤‚ ताकि आपका पेट जलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤° जाà¤à¥¤
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