गर्भावस्था के दौरान एनीमिया का इलाज कैसे करेंHealthPlanet

Posted on Fri 2nd Dec 2022 : 13:05

गर्भावस्था में खून की कमी (एनीमिया)
इलाज
प्रेगनेंसी में एनीमिया का इलाज

अगर गर्भावस्था में एनीमिया ज्यादा बढ़ गया है, तो डॉक्टर आयरन की गोलियां खाने के लिए देते हैं।

ज्यादातर गर्भवती को आयरन के सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं, ताकि गर्भवती और शिशु दोनों में ही खून की कमी न हो।

इसके अलावा, डॉक्टर फोलिक एसिड के सप्लीमेंट्स भी दे सकते हैं।

अगर किसी गर्भवती को गंभीर खून की कमी है, तो रक्त भी चढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, आयरन का इंजेक्शन भी नसों में दिया जा सकता है।

कुछ समय तक यह सप्लीमेंट्स खाने के बाद डॉक्टर रक्त जांच करके आपके हीमोग्लोबिन और हेमाटोक्रिट स्तर की जांच कर सकते हैं। इसमें डॉक्टर यह जाचेंगे कि आपके रक्त स्तर में कितना सुधार आया है।

आइए, अब यह जानते हैं कि एनीमिया की अवस्था में क्या खाना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान आयरन युक्त खाद्य पदार्थ

जैसा कि हमने बताया शरीर में खून की कमी का मुख्य कारण होता है, आयरन की कमी। इसलिए, नीचे हम कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिनमें प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है (10) :

चुकंदर : इसे खून की कमी दूर करने के लिए रामबाण माना जाता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है। आप चाहें, तो चुकंदर को सलाद के रूप में या चुकंदर, गाजर के रस में नींबू मिलाकर भी पी सकती हैं।

ब्रोकली और पालक : ब्रोकली और पालक में प्रचुर मात्रा में आयरन, विटामिन-बी12 और फोलेट होता है, जो खून की कमी को पूरा करता है। पालक का सूप या फिर सब्जी के तौर पर दोपहर के भोजन में इसका सेवन किया जा सकता है।

सेब : सेब में आयरन के साथ-साथ विटामिन-सी पाया जाता है, जिससे खून की कमी दूर होती है। गर्भवती महिला को अपने खानपान में सेब शामिल करना चाहिए।

मुनक्का : मुनक्का में प्रचुर मात्रा में लौह तत्व होते हैं, जिससे शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।

केला : केला भी एनीमिया के लिए फायदेमंद होता है। इसमें काफी अच्छी मात्रा में आयरन पाया जाता है।

सफेद बीन्स : सफेद बीन्स खून की कमी को दूर करता है।

काले चने : काले चने भी लौह तत्व का प्रमुख स्रोत हैं, जो खून बढ़ाने में मदद करते हैं।

मांस, मछली : अगर आप मांसाहारी हैं, तो मीट का सेवन करना भी फायदेमंद रहेगा। इनमें काफी मात्रा में आयरन पाया जाता है।

अब नीचे जानिए, गर्भावस्था के दौरान होने वाले एनीमिया के लिए घरेलू इलाज क्या है।
गर्भावस्था के दौरान एनीमिया के लिए घरेलू उपचार

नीचे हम गर्भावस्था के दौरान होने वाले एनीमिया के लिए कुछ कारगर घरेलू उपचार के बारे में बता रहे हैं :

काले तिल का इस्तेमाल : खून बढ़ाने के लिए तिल का इस्तेमाल घरेलू उपचार के तौर पर किया जा सकता है। इसके लिए आप दो चम्मच तिल को दो-तीन घंटे के लिए पानी में भिगो दें। फिर पानी निकालकर तिल को पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में एक चम्मच शहद मिलाएं और दिन में दो बार खाएं। इससे एनीमिया दूर हो सकता है (11)।

तांबे के बर्तन का पानी : तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से एनीमिया की समस्या से निपटा जा सकता है। तांबा पानी में मौजूद लौह तत्व को अवशोषित करने में मदद करता है, जिससे खून की कमी दूर होती है।

योगर्ट और हल्दी : ऐसा कहा गया है कि दिन में सुबह और दोपहर को एक-एक कप योगर्ट के साथ एक चम्मच हल्दी खाने से एनीमिया की समस्या दूर हो सकती है (12) (13)।

विटामिन-सी : खून की कमी से राहत पाने के लिए विटामिन-सी का सेवन जरूरी है। विटामिन-सी शरीर में लौह तत्व को अवशोषित करने में मदद करता है (14)।

नोट : गर्भावस्था एक नाजुक दौर है और हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए कोई भी घरेलू उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से राय जरूर लें।

अब नीचे हम बताएंगे कि एनीमिया की वजह से क्या-क्या जटिलताएं हो सकती हैं।

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