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कà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤°à¥€à¤š सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ (गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होना) में सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ संà¤à¤µ है? | Ulta Bacha (Breech Baby) Normal Delivery
IN THIS ARTICLE
बà¥à¤°à¥€à¤š डिलीवरी का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब होता है?
बà¥à¤°à¥€à¤š सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ (पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने) के पà¥à¤°à¤•ार
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने के लकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने के कारण
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने का निदान
पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने की जटिलताà¤à¤‚
बचà¥à¤šà¥‡ को पेट में पलटने या सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें? | pet me baby ulta ho to kya kare
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान अधिकतर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मन में यह सवाल जरूर आता है कि उनकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होगी या सीजेरियन। वहीं, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अगर सब कà¥à¤› सही होता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° महिला की नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी को ही पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देते हैं। फिर à¤à¥€ कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤¸à¥€ पैदा हो जाती है, जिसमें न चाहते हà¥à¤ à¤à¥€ सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ का निरà¥à¤£à¤¯ लेना पड़ता है। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बà¥à¤°à¥€à¤š पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी (पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होना) है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिà¤, आप यह लेख अंत तक जरूर पà¥à¥‡à¤‚।
हम लेख की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ बà¥à¤°à¥€à¤š डिलीवरी के बारे में विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ जानकारी के साथ करते हैं।
बà¥à¤°à¥€à¤š डिलीवरी का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब होता है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤ में शिशॠकी सबसे अचà¥à¤›à¥€ पोजिशन वो होती है, जब शिशॠका सिर नीचे की ओर होता है। इसे सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठशिशॠकी सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ माना जाता है। इससे पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान किसी तरह की मà¥à¤¶à¥à¤•िल का जोखिम à¤à¥€ कम हो सकता है। वहीं, जब शिशॠकी इस पोजिशन में कà¥à¤› गड़बड़ या बदलाव होता है, तो उसे बà¥à¤°à¥€à¤š कहते हैं। आसान शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में समà¤à¤¾ जाà¤, तो गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजिशन उलà¥à¤Ÿà¥€ होने यानी पैर नीचे की तरफ होने को बà¥à¤°à¥€à¤š डिलीवरी कहते हैं (1) (2)।
आगे लेख में जानिठइसके पà¥à¤°à¤•ार के बारे में।
बà¥à¤°à¥€à¤š सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ (पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने) के पà¥à¤°à¤•ार
बà¥à¤°à¥€à¤š सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तीन पà¥à¤°à¤•ार के होती है, जो निमà¥à¤¨ रूप से है (1) (3):
Types of breech position
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कंपलीट बà¥à¤°à¥€à¤š – इसमें बचà¥à¤šà¥‡ के दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ मà¥à¥œà¥‡ होते हैं और बचà¥à¤šà¥‡ के कूलà¥à¤¹à¥‡ पà¥à¤°à¤¸à¤µ नलिका के पास होते हैं। यह पोजिशन à¤à¤¸à¥€ होती है, जैसे शिशॠगरà¥à¤ में बैठा हो।
फà¥à¤°à¥ˆà¤‚क बà¥à¤°à¥€à¤š – इसमें à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के कूलà¥à¤¹à¥‡ पà¥à¤°à¤¸à¤µ नलिका के पास होते हैं, लेकिन बचà¥à¤šà¥‡ के पैर ऊपर सिर की तरफ फैले हà¥à¤ होते हैं।
इनकंपलीट बà¥à¤°à¥€à¤š – इसमें बचà¥à¤šà¥‡ के कूलà¥à¤¹à¥‡ और à¤à¤• पैर मां के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के पास होता है और à¤à¤• पैर ऊपर सिर की तरफ होता है।
नोट : इन तीनों बà¥à¤°à¥€à¤š सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के पà¥à¤°à¤•ार में à¤à¤• बात समान है कि तीनों में शिशॠका सिर ऊपर की तरफ और कूलà¥à¤¹à¥‡ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के पास होते हैं।
आगे जानते हैं बà¥à¤°à¥€à¤š बेबी होने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में।
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने के लकà¥à¤·à¤£
अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आखिरी महीने तक जनà¥à¤® के लिठतैयार यानी सिर-नीचे की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाते हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसे ‘वरà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸â€™ (vertex) या ‘सेफेलिक’ (cephalic) सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कहते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 35-36वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के पहले तक शिशॠका बà¥à¤°à¥€à¤š पोजिशन में होना सामानà¥à¤¯ है और जैसे-जैसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ का वकà¥à¤¤ निकट आता है, शिशॠधीरे-धीरे सेफेलिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाता है।असल में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को बà¥à¤°à¥€à¤š बेबी के लकà¥à¤·à¤£ पता नहीं चल पाते हैं। सिरà¥à¤« डॉकà¥à¤Ÿà¤° ही इसका पता लगा पाते हैं। जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ दूसरी और तीसरी तिमाही में जांच के लिठजाती हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसके पेट को छूकर जांच करते हैं, जिसे à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² पालपेशन (abdominal palpation) कहा जाता है।
35-36वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के पेट को छूकर जांच करते हैं कि शिशॠपà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठसेफेलिक पोजिशन में आया है या नहीं। अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संदेह होता है कि बचà¥à¤šà¤¾ बà¥à¤°à¥€à¤š सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में है, तो वो अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन की सलाह दे सकते हैं, ताकि गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजिशन की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कर सके (4)।
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में जानिठउलà¥à¤Ÿà¤¾ बचà¥à¤šà¤¾ होने के कारण।
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने के कारण
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने के कारण निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार से हो सकते हैं (1) (4)।
अगर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार असामानà¥à¤¯ हो।
पॉलिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸ यानी अधिक à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ हो।
अगर गरà¥à¤ में जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ हों।
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा पà¥à¤°à¤¿à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ (जब पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर होता है, तो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में बाधा हो सकती है)
आगे जानिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने का पता कैसे लगाया जा सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने का निदान
जैसा कि लेख में ऊपर जानकारी दी गई है कि बà¥à¤°à¥€à¤š बेबी के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के पेट को छूकर पता लगाते हैं। इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° महिला का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन कर सकते हैं (4)।
आगे जानिठबचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने से होने वाली जटिलताओं के बारे में।
पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने की जटिलताà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने से कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (5) (6):
बà¥à¤°à¥€à¤š डिलीवरी की जटिलताओं की बात की जाà¤, तो इसमें पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤ªà¥à¤¸ गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² (prolapsed umbilical cord) सामानà¥à¤¯ है। यह तब होता है, जब गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² का कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¤¾ शिशॠके निकलने से पहले गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ से नीचे फिसल जाता है। इस कारण बचà¥à¤šà¥‡ तक रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में कमी हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में आपातकालीन सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ की जरूरत हो सकती है।
इसके अलावा, बà¥à¤°à¥€à¤š डिलीवरी में शिशॠमें सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ या शिशॠकी जान को à¤à¥€ खतरा हो सकता है।
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम गरà¥à¤ में शिशॠको सही पोजिशन में लाने के बारे में जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को पेट में पलटने या सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें? | pet me baby ulta ho to kya kare
अगर शिशॠ36 या 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक गरà¥à¤ में अपनी सही पोजिशन में नहीं आता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² सेफालिक वरà¥à¤¶à¤¨ (External Cephalic Version- ECV) तकनीक का सहारा ले सकते हैं। यह डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की जाने वाली पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को कà¥à¤› दवाइयां या इंजेकà¥à¤¶à¤¨ दे सकते हैं, जिससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मांसपेशियों को आराम मिले और यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आसानी से हो सके।
इसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिठगरà¥à¤ में शिशॠकी पोजिशन का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखते हà¥à¤ धीरे-धीरे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के पेट को दबाते रहते हैं, ताकि शिशॠसही पोजिशन में आ सके। इसके साथ ही पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠकी दिल की धड़कन पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देते रहते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सफल ही रहती है। खासतौर पर तब जब इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 35 से 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° किया जाà¤à¥¤ इस समय शिशॠथोड़ा छोटा होता है और बचà¥à¤šà¥‡ के चारों ओर सबसे अधिक दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ होता है (1)। यह हम सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर दें कि आधà¥à¤¨à¤¿à¤• मेडिकल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का उपयोग धीरे-धीरे कम हो रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚। लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम इस बारे में ही जानकारी देने की कोशिश करेंगे।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚
जब जांच या अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के बाद यह पता चलता है कि पेट में बचà¥à¤šà¥‡ की पोजिशन उलà¥à¤Ÿà¥€ है, तो हो सकता है डॉकà¥à¤Ÿà¤° महिला की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आगे की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में बताà¤à¥¤ अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ECV तकनीक अपनानी है या सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ करना है, तो वो उसके लिठà¤à¤• निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ तिथि बताते हैं। वहीं, इस बीच अगर महिला को गरà¥à¤ में शिशॠकी हलचल में थोड़ी कमी महसूस हो या महिला को चिंता या अवसाद की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से राय-परामरà¥à¤¶ लें। इसके अलावा, अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को लगे कि उनकी पानी की थैली फट चà¥à¤•ी है यानी उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ का रिसाव महसूस हो, तो बिना देर करते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤°à¥€à¤š सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ संà¤à¤µ है? | ulta bacha normal delivery
जैसा कि हमने जानकारी दी है कि अगर पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने की बात समय पर पता चलती है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² सेफालिक वरà¥à¤¶à¤¨ (ECV) तकनीक से शिशॠको सही पोजिशन में लाने की कोशिश करते हैं। अगर यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सफल हो जाà¤, तो नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की जा सकती है। हालांकि, अगर पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा की पोजिशन या शिशॠके आकार में वृदà¥à¤§à¤¿ हो गई हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² सेफालिक वरà¥à¤¶à¤¨ तकनीक नहीं करते हैं (7)। डॉकà¥à¤Ÿà¤° सीधे सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ की सलाह दे सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में शिशॠको खतरा हो सकता है (1)। इसलिà¤, सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ या सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ कराना पूरी तरह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और गरà¥à¤ में शिशॠकी पोजिशन पर निरà¥à¤à¤° करता है।
बà¥à¤°à¥€à¤š बेबी डिलिवरी कैसे की जाती है? | ulta bacha delivery
अगर à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² सेफालिक वरà¥à¤¶à¤¨ (ECV) तकनीक की गà¥à¤‚जाइश न रहे या इसके बाद à¤à¥€ शिशॠबà¥à¤°à¥€à¤š पोजिशन में ही रहे, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ करने की सलाह दे सकते हैं (1)। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के पेट और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में चीरा लगाकर बचà¥à¤šà¥‡ की डिलीवरी करते हैं (8)।
आशा करते हैं इस लेख के जरिठपाठकों को बà¥à¤°à¥€à¤š बरà¥à¤¥ के बारे में कई बातें पता चली होंगी। अगर कोई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला इस अवसà¥à¤¥à¤¾ से गà¥à¤œà¤° रही है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप करवाते रहने से इस समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर किया जा सकता है। अगर समय रहते पेट में बचà¥à¤šà¤¾ उलà¥à¤Ÿà¤¾ होने के बारे में पता चल जाà¤, तो इसका समाधान संà¤à¤µ है। इसलिà¤, चिंता न करें और संयम बरतें। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से संबंधित और जानकारी के लिठआप हमारे अनà¥à¤¯ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल पढ़ सकते हैं।
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