गर्भावस्था में एनीमिया कितना आम है?HealthPlanet

Posted on Fri 14th Oct 2022 : 09:03

प्रत्येक महिला को गर्भधारण करने के साथ ही तमाम तरह के शारीरिक बदलाव और शारीरिक परेशानियों से जूझना पड़ता है। कभी जी-मिचलाना, उल्टी आना तो कभी चक्कर आने जैसी परेशानियां हर महिला को होती हैं। इसी के साथ गर्भावस्था में कुछ महिलाओं को एनीमिया की समस्या भी हो सकती है। गर्भावस्था में एनीमिया से ज्यादातर महिलाओं को जूझना पड़ता है।
एनीमिया क्या है? प्रेगनेंसी में हीमोग्लोबिन कितना होना चाहिए?

सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि एनीमिया है क्या। इसे आप आम भाषा में खून की कमी कह सकते हैं। जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन (आयरन युक्त प्रोटीन, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं का रंग बनता है) का स्तर गिरने लगता है, तब एनीमिया की शिकायत होने लगती है।
गर्भावस्था में शरीर को ज्यादा मात्रा में आयरन की जरूरत होती है, इसलिए यह समस्या होना आम है। इस समय शिशु के विकास के लिए आपके शरीर को ज्यादा रक्त की जरूरत पड़ती है (1)। गर्भावस्था में 11 ग्राम से ज्यादा हीमोग्लोबिन सामान्य माना जाता है (2)।

आपको बता दें कि आरबीसी (रेड ब्लड सेल) अस्थि मज्जा (बोन मैरो) में बनते हैं (3)। इनकी कमी के चलते शरीर में खून की कमी होने लगती है। शरीर में रेड ब्लड सेल की आपूर्ति के लिए आयरन, विटामिन-बी12 और फोलिक एसिड की जरूरत होती है। इनमें से किसी की भी कमी होने से एनीमिया की शिकायत हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान एनीमिया के प्रकार

क्या आप जानते हैं कि एनीमिया कई प्रकार के होते हैं, लेकिन गर्भावस्था के दौरान सामान्यत: कुछ ही प्रकार के एनीमिया होते हैं, जिनमें से तीन आम हैं (4):

1 आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया।
2 फोलेट की कमी से होने वाला एनीमिया।
3 विटामिन-बी12 की कमी से होने वाला एनीमिया।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info