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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश आम मालिश से किस तरह अलग है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश करवाना नियमित मालिश की तरह ही है, लेकिन इसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं की जरूरतों और उनके बदलते शरीर के लिठअनà¥à¤¸à¤¾à¤° कà¥à¤› बदलाव किठजाते है।
नियमित मालिश की तरह, पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ मालिश का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ à¤à¥€ तनावगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाना, रकà¥à¤¤ परिसंचरण में मदद करना, पीड़ा और दरà¥à¤¦ को कम करना और आपको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने का अहसास दिलाना है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान और बाद में मालिश (विशेष रूप से जनà¥à¤® के बाद पहले 40 दिनों के दौरान) करवाने की परंपरा हमारे देश में लंबे समय से चली आ रही है।
मालिश चिकितà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जा रही है और इसे आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ माना जाता है। मालिशवाली, दाई या जापा बाई à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ घरों में नियमित सेवाà¤à¤‚ देती थीं और अà¤à¥€ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ से घरों में à¤à¤¸à¤¾ है।
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मालिश करवाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
कई पीढ़ियों से पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ à¤à¤• पारंपरिक पà¥à¤°à¤¥à¤¾ होने के बावजूद गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश के लिठमालिशवाली रखने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेना बेहतर है।
कई डॉकà¥à¤Ÿà¤° पहली तिमाही में मालिश न करवाने की सलाह देती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने का खतरा सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। हालांकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश करवाना अपने आप में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का कारण नहीं बनता, मगर फिर à¤à¥€ इसके लिठपहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मंजूरी लेना बेहतर है।
हो सकता है आपको à¤à¥€ यह सही लगे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पहली तिमाही पूरी होने तक, अपनी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के बारे में शायद आप किसी को बताना à¤à¥€ न चाह रही हों। अधिकांश मलिशवालियां à¤à¥€ पहली तिमाही के बाद ही मालिश शà¥à¤°à¥‚ करना पसंद करती हैं। आमतौर पर, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश करने वाले सà¥à¤ªà¤¾ या आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• केंदà¥à¤° à¤à¥€ आपको कम से कम 12 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने तक कोई मालिश नहीं करवाने की सलाह देते हैं।
इसके अलावा, यदि कई अनà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं की तरह आप à¤à¥€ मिचली से पीड़ित हैं, तो आप शायद मालिश या मालिश के तेल की गंध को सहन न कर पाà¤à¤‚।
इसके अलावा, पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ मालिश कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जोखिम à¤à¤°à¥€ हो सकती है, जैसे कि:
आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो रगड़ने से और बढ़ सकती है। इनमें जलन, खà¥à¤²à¥‡ घाव, तà¥à¤µà¤šà¤¾ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ शामिल हैं।
आपको मालिश के तेलों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो चà¥à¤•ी है।
आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ उचà¥à¤š जोखिम वाली है।
आपकी नसों में खून का थकà¥à¤•ा जमा है या हडà¥à¤¡à¥€ का फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° है।
आप किसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ या जटिलताओं से पीड़ित हैं और डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने आपको मालिश न करवाने की सलाह दी है।
यदि आप संशय में हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश करवाना आपके लिठसही रहेगा या नहीं, तो शà¥à¤°à¥ करने से पहले अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश करवाने के कà¥à¤¯à¤¾ फायदे हैं?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मालिश के फायदों के बारे में बहà¥à¤¤ कम शोध उपलबà¥à¤§ हैं। इसलिठनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ लाठके किसी à¤à¥€ दावे को पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है।
हालांकि, अगर कà¥à¤› सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ सावधानियों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ मालिश की जाà¤, तो यह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कई दरà¥à¤¦ और पीड़ाओं को दूर करने में कारगर हो सकती है। गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠकी वजह से आपके गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•रà¥à¤·à¤£ का केंदà¥à¤° बदल जाता है और आपके शरीर पर बहà¥à¤¤ अधिक तनाव पड़ता है। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश करवाना निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को दूर करने का à¤à¤• बेहतरीन तरीका हो सकता है:
टांग में à¤à¤‚ठन और सूजन
पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦
कंधों में अकड़न
कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦
अनिदà¥à¤°à¤¾ (इनसोमनिया)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मालिश करवाना à¤à¥€ आपकी अचà¥à¤›à¤¾ अहसास करवाने और मूड में उतार-चढ़ाव, चिंता और तनाव से निपटने में मदद कर सकता है।
कई महिलाà¤à¤‚ पाती हैं कि मालिश अवसाद (डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) को दूर करने में à¤à¥€ मदद करती है। यह आपकी मनोदशा बेहतर बना सकती है और शरीर में संचारित हो रहे अचà¥à¤›à¤¾ महसूस करवाने वाले और दरà¥à¤¦ से राहत देने वाले à¤à¤‚डोरà¥à¤«à¤¿à¤¨ को बढ़ावा दे सकती है। इससे आप रिलैकà¥à¤¸à¥à¤¡ और तरोताजा महसूस करेंगी।
माना जाता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में मालिश करवाने से आपको और गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको कई लाठहो सकते हैं। इस बात के à¤à¥€ थोड़े पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ हैं कि तीसरी तिमाही में नियमित मालिश से पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा कम करने में मदद मिल सकती है।
à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में यह à¤à¥€ बताया गया है कि यदि आपके पति आपकी मालिश करते हैं, तो इससे समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ और कम जनà¥à¤® वजन शिशॠहोने की आशंका कम हो सकती है।
कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से यह à¤à¥€ पता चलता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ (36 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद) के दौरान पेरिनियल मालिश से पेरिनियम कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° (योनि और गà¥à¤¦à¤¾ के बीच का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨) में लचीलापन बढ़ता है। यह शिशॠके जनà¥à¤® के समय इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में खिंचाव में मदद करता है और आपको शायद à¤à¤ªà¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤®à¥€ से बचा सकता है।
पारंपरिक मालिशवाली और महिला मालिशवाली (नाण) या दाई आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान इस तरह की मालिश करने में पारंगत होती हैं। वे आमतौर पर पेरिनियम और योनि की मालिश करने के लिठघी का उपयोग करती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश के लिठकौन से तेल इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं?
हर किसी की अपनी पसंद होती है। मालिश के लिठआपको तेल, लोशन या कà¥à¤°à¥€à¤® की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है जिससे चिकनाहट मिले और हाथ तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर अचà¥à¤›à¥€ तरह चल सकें। साथ ही, कोई बà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न हो।
अधिकांश पारंपरिक तेल जैसे नारियल तेल, तिल का तेल, बादाम का तेल, जैतून का तेल और सरसों का तेल गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के साथ-साथ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° मालिश के लिठà¤à¥€ लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ विकलà¥à¤ª हैं।
विटामिन ई यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¤• सौमà¥à¤¯ मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤° à¤à¥€ बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ की खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ को कम करने में à¤à¥€ मदद कर सकता है। या आप कà¥à¤¸à¥à¤® तेल, जोजोबा तेल, अंगूर के बीज का तेल, खासतौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने वाले तेल à¤à¥€ आजमा सकती हैं। कई महिलाà¤à¤‚ ऑरà¥à¤—ैनिक तेलों के विशेष मिशà¥à¤°à¤£ से बने तेल इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना पसंद करती हैं।
हालांकि, अगर आप à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल से अरोमाथेरेपी मालिश की योजना बना रही हैं, तो आपको अतिरिकà¥à¤¤ सावधानी बरतने की जरूरत है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल हानिकारक हो सकते हैं। इनका चयन करने से पहले लेबल को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से पढ़ें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मालिश करवाते समय कौन सी अवसà¥à¤¥à¤¾ बेहतर रहती है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही, सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ और सूजन की वजह से शायद पेट के बल लेटने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है। और जब आपका पेट बढ़ने लगता है, तो आप पारंपरिक मसाज टेबल, पलंग या गदà¥à¤¦à¥‡ पर पेट के बल नहीं लेट सकतीं।
कà¥à¤› सà¥à¤ªà¤¾ पेट और सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को समायोजित करने के लिठखोखले कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° वाली विशेष मेज या पैड और तकियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, ताकि आप मà¥à¤‚ह नीचे की तरफ करके लेट सकें। हालांकि कई महिलाओं को इस तरह की मसाज टेबल से अकà¥à¤¸à¤° पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर जोर पड़ता है।
दूसरी तिमाही के बाद, लंबे समय तक अपनी पीठके बल सपाट लेटे न रहें। इससे आपको बेहोशी का अहसास हो सकता है और शिशॠतक रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है।
आप तकिठके सहारे करवट लेकर (बाईं तरफ बेहतर है) लेट सकती हैं। बढ़े हà¥à¤ पेट के नीचे, पीठके पीछे, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच लंबा बॉडी पिलो लगा सकती हैं।
à¤à¤• और तरीका है कि आप बिसà¥à¤¤à¤° पर सीधे बैठें, बहà¥à¤¤ से तकियों के सहारे पीछे की और à¤à¥à¤•ें और टांगे सामने की तरफ सीधी कर लें। सहारे के लिठअपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के नीचे कà¥à¤› कà¥à¤¶à¤¨ या मोड़े हà¥à¤ तौलिये रख लें, इससे आपको घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ मोड़ने में à¤à¥€ आसानी रहेगी। मालिश के दौरान कà¥à¤› समय के लिठआप à¤à¤• आरामदायक सà¥à¤Ÿà¥‚ल पर बैठसकती हैं या अपने बिसà¥à¤¤à¤° के किनारे का सहारा लेकर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल बैठसकती हैं।
à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कोशिश करें जो आपके लिठसबसे आरामदायक हो जैसे कि बैठना, करवट लेकर लेटना या अरà¥à¤§-à¤à¥à¤•ना। यदि आपकी कोई विशेष संवेदनशील जगह है या आप किसी à¤à¥€ बिंदॠपर असहज महसूस करना शà¥à¤°à¥‚ करें, तो अपनी मालिशवाली को बताà¤à¤‚।
à¤à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ मलिशवाली या मसाज थेरेपिसà¥à¤Ÿ को पता होता है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को किन जगहों पर दरà¥à¤¦ व सूजन हो सकती है और वे उनपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देते हà¥à¤ आपको राहत देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकती हैं। वह यह à¤à¥€ जानती है कि कौन सी अवसà¥à¤¥à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं और कौन सी तकनीक से व कौन सी जगह पर मालिश नहीं करनी है।
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