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कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में केसर वाला दूध पीना चाहिà¤? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की मानें तो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में केसर वाला दूध पीना फायदेमंद है। हालांकि इसकी तासीर गरà¥à¤® होती है इसलिठकेसर का अधिक सेवन करने से कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में इसका सेवन करें।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 2 या 3 रेशे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ केसर यूज नहीं करना चाहिठकैसे करें केसर का सेवन?
केसर का सेवन करने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है दूध में मिलाकर पीना। इसके लिठगरà¥à¤® दूध में केसर के कà¥à¤› धागे डालकर मिलाà¤à¤‚। à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के कम से कम 5-10 मिनट बाद इसका सेवन करें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि इसके बाद हलà¥à¤•ी-फà¥à¤²à¥à¤•ी सैर जरूर करें।
कब लेनी चाहिठकेसर
धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के 5वे महीने से ही केसर लेना शरू करें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय तक गरà¥à¤ ठहर चà¥à¤•ा होता है। इस दौरान गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा ना के बराबर रहता है।
चलिठअब आपको बताते हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में केसर खाने के फायदे
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करे
कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ माताओं को इस दौरान हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का सामना करना पड़ता है। मगर, केसर वाला दूध पीने से बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² रहता है।
पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤°
कई महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कबà¥à¤œ, सूजन और अपच की शिकायत होती है। मगर, केसर का नियमित सेवन अमà¥à¤²à¤¤à¤¾ को कम करके बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बढ़ाता है। यह मेटाबॉलिजà¥à¤® को à¤à¥€ बढ़ावा देता है, जिससे ये लकà¥à¤·à¤£ काफी हद तक कम हो जाता है।
मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस
केसर यà¥à¤•à¥à¤¤ चाय या दूध पाचन तंतà¥à¤° को शांत करता है। इसे सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में लेने पर मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस से राहत मिल सकती है।
मूड़ सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग
à¤à¤‚टी-डिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र केसर वाला दूध पीने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में मूड़ सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग, चिंता, अवसाद और जलन से राहत मिलती है।
बालों का à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ कम
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² उतार-चढ़ाव से कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में बाल à¤à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ हैं। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ की मानें तो, केसर, दूध और मà¥à¤²à¥‡à¤ ी का लेप लगाने से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में बालों का à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ रोका जा सकता है। साथ ही इससे बालों के विकास को à¤à¥€ बढ़ावा मिलता है।
मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन से राहत
कई महिलाओं को तीसरी तिमाही में पैरों व पेट में मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन और जोड़ों में दरà¥à¤¦ की शिकायत होती है। मगर, केसर में à¤à¤‚ठन-रोधी और à¤à¤‚टीनोसिसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ गà¥à¤£ होते हैं, जो दरà¥à¤¦ को कम कर सकता है।
होते हैं कà¥à¤› नà¥à¤•सान à¤à¥€ .
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को इसका सेवन लिमिट ही नहीं चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसका अधिक मातà¥à¤°à¤¾ कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ और पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी को टà¥à¤°à¤¿à¤—र कर सकता है। इसका तापमान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में संकà¥à¤šà¤¨ पैदा करता है, जिससे मिसकैरेज à¤à¥€ हो सकता है।केसर खाने के बाद कà¥à¤› महिलाओं को तनाव, सिरदरà¥à¤¦, मà¥à¤‚ह में सूखापन, मतली-उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में केसर खाना तà¥à¤°à¤‚त बंद कर दें और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
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