गर्भवती महिला पेशाब कैसे करती है?HealthPlanet

Posted on Thu 13th Oct 2022 : 09:38

प्रेगनेंसी में बार-बार पेशाब क्‍यों आता है और कैसे इसे कर सकती हैं कंट्रोल

प्रेगनेंसी के दौरान कई लक्षण ऐसे होते हैं जो महिलाओं को शारीरिक रूप से थकान देते हैं और इनमें से एक है बार-बार पेशाब आना।
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प्रेगनेंसी में बार-बार पेशाब क्‍यों आता है और कैसे इसे कर सकती हैं कंट्रोल
सिर्फ एक महिला ही जानती है कि गर्भावस्‍था के नौ महीने कितने मुश्किल होते हैं। कभी उल्‍टी आना तो कभी मूड स्विंग्‍स होना, एक एक चीज शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान कर देती है। वहीं गर्भावस्‍था के एक ऐसा लक्षण है जो प्रेगनेंट महिला को बहुत ज्‍यादा थका देता है और वो है बार-बार पेशाब आना।
जी हां, गर्भावस्‍था में अमूमन सभी महिलाओं को बार-बार पेशाब आने की दिक्‍कत होती है लेकिन ऐसा क्‍यों होता है और इसके कैसे कंट्रोल कर सकते हैं, यह जानकर प्रेगनेंट महिला इस लक्षण को काफी हद तक कंट्रोल कर सकती है।
Bacterial vaginosis2
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बार-बार पेशाब आना गर्भावस्‍था का सबसे शुरुआती और आम लक्षण है। गर्भावस्‍था की पहली तिमाही के शुरुआती कुछ हफ्तों में ही यह प्रॉब्‍लम शुरू हो जाती है और अधिकतर महिलाओं को गर्भावस्‍था के आखिरी हफ्तों तक इससे परेशानी होती है।
​बार-बार पेशाब आने की वजह क्या है

अक्‍सर प्रेगनेंसी हार्मोंस की वजह से प्रेगनेंट महिलाओं को बार-बार पेशाब आने की दिक्‍कत होती है। इस दौरान पूरे शरीर में रक्‍त प्रवाह ज्‍यादा और अधिक तेजी से होता है। हार्मोनल बदलाव किडनी में तेजी से रक्‍त संचार करते हैं जिससे मूत्राशय जल्‍दी भर जाता है और प्रेगनेंट महिला को बार-बार पेशाब आता है।

गर्भावस्‍था के नौ महीनों के दौरान पहले ही तुलना में पचास पर्सेंट अधिक रक्‍त संचार होता है जिससे ब्‍लड वॉल्‍यूम भी बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि किडनी को ज्‍यादा फ्लूइड प्रोसेस करना पड़ रहा है जो सीधा मूत्राशय में जा रहा है।

वहीं, प्रेगनेंसी में गर्भाशय बढ़ने से मूत्राशय पर दबाव पड़ता है जिससे पेशाब रोक पाने की क्षमता कमजोर हो जाती है।
​बार-बार पेशाब आने पर क्या करें

ऐसा नहीं है कि हर प्रेगनेंट महिला को एक ही समय के गैप में पेशाब आए। मतलब है कि जरूरी नहीं है कि हर गर्भवती महिला को हर आधे या एक घंटे में पेशाब आए। किसी को आधे तो किसी को एक घंटे के गैप में पेशाब आ सकता है।

कुछ महिलाओं को पूरे नौ महीने बार-बार पेशाब आने की शिकायत रहती है तो कुछ को यह परेशानी होती ही नहीं है। वहीं, गर्भावस्‍था की दूसरी तिमाही में यह समस्‍या कम हो सकती है और गर्भाशय बढ़ने के कारण प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में दिक्‍कत बहुत बढ़ सकती है।

गर्भावस्‍था में मूत्र मार्ग में संक्रमण होना आम बात है और इसकी वजह से भी प्रेगनेंट महिला को बार-बार पेशाब आने की दिक्‍कत हो सकती है।
​कब खत्‍म होती है दिक्‍कत

प्रेगनेंसी में बार-बार पेशाब आना एक सामान्‍य लक्षण है। यहां तक कि डिलीवरी के बाद भी कुछ महिलाओं को यह दिक्‍कत होती है। डिलीवरी के बाद पहले कुछ दिनों तक यह परेशानी कम नहीं होती है। डिलीवरी के बाद शरीर में जमा अतिरिक्‍त फ्लूइड के निकलने के बाद ही महिलाओं को इस परेशानी से राहत मिलती है।
​बार-बार पेशाब आने का इलाज

यह प्रेगनेंसी का एक सामान्‍य लक्षण है जिसे किसी इलाज की जरूरत नहीं है लेकिन अगर इस समस्‍या के साथ कुछ लक्षण दिख रहे हैं तो इलाज करवाना जरूरी है। इंफेक्‍शन होने पर डॉक्‍टर एंटीबायोटिक लिख सकते हैं। बार-बार पेशाब आने से रोकने के लिए कैफीन वाले ड्रिंक न पिएं। मूत्राशय की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए पेल्विक एक्‍सरसाइज जरूर करें।

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