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गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ माताओं को अपनी पहली तिमाही के दौरान केवल अतिरिकà¥à¤¤ 100 कैलोरी / दिन और दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान अतिरिकà¥à¤¤ 300 कैलोरी / दिन की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इसके अलावा, यह मिथ आपको यह विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ दिला सकता है कि अधिक à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना 'सामानà¥à¤¯' है।
यह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि आपका खान-पान पहले कैसा था! यदि आपका आहार पहले से ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ व संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ है, तो आपको अपने आहार में शायद थोड़े-बहà¥à¤¤ बदलाव ही करने होंगे।
मगर यदि आप पहले रेडीमेड à¤à¥‹à¤œà¤¨ या टेक अवे à¤à¥‹à¤œà¤¨ पर निरà¥à¤à¤° रहती थीं या फिर आपको जंक फूड या चॉकलेट खाने की आदत है, तो आपको अपने आहार में पूरा बदलाव करना होगा और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ पर जोर देना होगा।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार खाना जरà¥à¤°à¥€ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚​कि गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको आपके à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पोषण मिलता है।
विविध, संपूरà¥à¤£ आहार से सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सकेगा कि आप और आपके शिशॠको सà¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ पोषण मिले।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ शामिल होता है?
आपके रोजमरà¥à¤°à¤¾ के आहार में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित à¤à¥‹à¤œà¤¨ समूहो में से अलग-अलग à¤à¥‹à¤œà¤¨ शामिल होने चाहिà¤:
अनाज, साबà¥à¤¤ व पूरà¥à¤£ अनाज, दाल और मेवे: हर à¤à¥‹à¤œà¤¨ में इनका à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ रखें। जटिल कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ जैसे कि बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, साबà¥à¤¤ अनाज, किनोआ, जई (ओटà¥à¤¸), जà¥à¤µà¤¾à¤°, बाजरा, सूजी और होलगà¥à¤°à¥‡à¤¨ बà¥à¤°à¥‡à¤¡ और पासà¥à¤¤à¤¾ आदि का सेवन करें। इनसे आपको और शिशॠको न केवल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषक ततà¥à¤µ मिलेंगे, बलà¥à¤•ि इनसे आपका पेट जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक à¤à¤°à¤¾-à¤à¤°à¤¾ रहेगा। साथ ही सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ जड़ वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे कि आलू, जिमिकंद, शकरकंदी, अरबी या कचà¥à¤šà¤¾ केला आदि à¤à¥€ खाà¤à¤‚।
​फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚। कोशिश करें कि आप हर दिन कम से कम पांच हिसà¥à¤¸à¥‡ ताजा फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाà¤à¤‚। ​फल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने पर जोर दें। अलग-अलग रंगों वाले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शामिल करें, जिससे आपका पोषण बढ़ेगा। जूस और सà¥à¤®à¥‚दी à¤à¥€ फायदा करती हैं। मगर, पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक शरà¥à¤•रा आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है और आपके दांत à¤à¥€ खराब हो सकते हैं। इसलिठबेहतर है कि इन पेयों की मातà¥à¤°à¤¾ सीमित रखें।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥¤ इनमें कम वसा का मांस और चिकन, मछली, अंडे और दाल-दलहन शामिल हैं। कोशिश करें कि à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में दो या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिसà¥à¤¸à¥‡ मछली खाà¤à¤‚। इसमें कम से कम à¤à¤• और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दो हिसà¥à¤¸à¤¾ तैलीय मछली जैसे कि बांगड़ा या सारà¥à¤¡à¤¿à¤¨ मछली होनी चाहिà¤à¥¤
डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥¤ इनमें शामिल है दही, छाछ और पनीर। ये à¤à¥‹à¤œà¤¨ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और विटामिन बी12 से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। इनके à¤à¤¸à¥‡ विकलà¥à¤ª जिनमे वसा और मीठा कम हो, वे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहते हैं। यदि आपको लैकà¥à¤Ÿà¥‰à¤¸ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ है, तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें कि आपको कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤à¥¤
वसा à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का जरà¥à¤°à¥€ हिसà¥à¤¸à¤¾ होती है, मगर कà¥à¤› वसा आपके लिठदूसरों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर है। चाहे आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो या नहीं, कोशिश करें कि आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा (मोनोसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ और पॉलीसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡) जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लें। वहीं, दूसरी ओर असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा (सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ और टà¥à¤°à¤¾à¤‚स) का सेवन कम करें।
बहà¥à¤¤ से लोगों के आहार में आयोडीन का सà¥à¤¤à¤° à¤à¥€ कम होता है। आयो​डीन à¤à¥‹à¤œà¤¨ में मिलने वाला à¤à¤¸à¤¾ खनिज है जो शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास के लिठबहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है। डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ आयोडीन का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। यदि आप अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में नमक डालती हैं, तो आयोडीन यà¥à¤•à¥à¤¤ नमक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल का सेवन à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ है, ताकि आप जलनियोजित रह सके और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाली आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे कि कबà¥à¤œ, बवासीर और मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से बच सकें। अंतिम ​तिमाही में निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण से समय से पहले संकà¥à¤šà¤¨ शà¥à¤°à¥ हो सकते हैं।
पानी सबसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पेय है, मगर कà¥à¤› अनà¥à¤¯ ​सेहतमंद विकलà¥à¤ª à¤à¥€ हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में और अधिक कैलोरी का सेवन करना होगा?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नहीं है कि आप कितना खाती हैं, बलà¥à¤•ि जरà¥à¤°à¥€ यह है कि आप कà¥à¤¯à¤¾ खाती हैं। हालांकि, परिवारजन और दोसà¥à¤¤ आप दो लोगों के लिठखाने की सलाह दे सकते हैं, मगर याद रखें कि आप ननà¥à¤¹à¥‡ से शिशॠके लिठखा रही हैं, न कि किसी वयसà¥à¤• के लिà¤!
à¤à¤• औसत गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह महीनों तक अतिरिकà¥à¤¤ कैलोरी की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होती। वासà¥à¤¤à¤µ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपका शरीर जरà¥à¤°à¥€ उरà¥à¤œà¤¾ और पोषक ततà¥à¤µ आपके à¤à¥‹à¤œà¤¨ से निकालने में और अधिक कà¥à¤¶à¤² हो जाता है।
बहरहाल, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अधिकतर डॉकà¥à¤Ÿà¤° दूसरी व तीसरी तिमाही में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 300 अतिरिकà¥à¤¤ कैलोरी लेने की सलाह देते हैं। आप ये अतिरिकà¥à¤¤ 300 कैलोरी अपने आहार में निमà¥à¤¨ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ के आधार पर शामिल कर सकती हैं:
दो रोटी और à¤à¤• छोटी कटोरी मिली-जà¥à¤²à¥€ सबà¥à¤œà¥€
दो सादा इडली और à¤à¤• छोटी कटोरी सांà¤à¤°
à¤à¤• गिलास केले का शेक
à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ से अतिरिकà¥à¤¤ कैलोरी पाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ न करें, जिनमें बहà¥à¤¤ कम पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जैसे कि मीठे पेय, तले हà¥à¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ और घी और चीनी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ आदि। सेहतमंद सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ जैसे कि दही, मेवे, अचà¥à¤›à¥€ तरह उबला हà¥à¤† अंडा, कà¥à¤› ताजा फल व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आदि जरà¥à¤°à¥€ कैलोरी पाने का बेहतरीन तरीका हैं।
यदि आप तय न कर पा रही हों कि अपने आहार में कà¥à¤¯à¤¾ शामिल करें, तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको डाइटिशियन के पास जाने की सलाह दे सकती हैं, जो आपको जरà¥à¤°à¥€ कैलोरी के आधार पर मील पà¥à¤²à¤¾à¤¨ तैयार करके दे सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कितनी बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना चाहिà¤?
आप शायद पाà¤à¤‚गी कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपकी à¤à¥‚ख घटती-बढ़ती रहती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में शायद आपकी à¤à¥‚ख काफी कम हो जाà¤à¥¤ आपका शायद सही ढंग से à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने का मन न करें, विशेषकर यदि आपको मिचली या उलà¥à¤Ÿà¥€ रहती है तो।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के मधà¥à¤¯ में आपकी à¤à¥‚ख शायद उतनी ही रहेगी जितनी की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले रहती थी या फिर इसमें थोड़ी बढ़त हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंत में आपको शायद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‚ख लगने लगे।
यदि आपको à¤à¥‚ख न लग रही हो, तो à¤à¥€ हो सकता है शिशॠà¤à¥‚खा हो इसलिठकोशिश करें कि आप नियमित अंतराल पर कà¥à¤› न कà¥à¤› खाती रहें। कोशिश करें कि आप दिन में तीन बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ और इनके बीच में यदि à¤à¥‚ख लगे तो सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ ले सकती हैं।
यदि मिचली, à¤à¥‹à¤œà¤¨ विमà¥à¤–ता, à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€, सीने में जलन या अपचता की वजह से à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना आपको मà¥à¤¶à¥à¤•िल लग रहा हो तो, कम मातà¥à¤°à¤¾ में लेकिन समय-समय पर खाती रहें। यह शायद आपके ​शरीर के लिठसही रहेगा।
उचà¥à¤š फाइबर और साबà¥à¤¤ अनाज वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से आपको पेट à¤à¤°à¤¾-à¤à¤°à¤¾ लगेगा और ये पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥€ रहता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कौन से खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ नहीं खाने चाहिà¤?
कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं, जिनसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपको दूर रहना चाहिà¤à¥¤ ये आपके शिशॠके लिठअसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ साबित हो सकते हैं, जैसेः
अपाशà¥à¤šà¥à¤¯à¥à¤°à¤¿à¤•ृत दूध (à¤à¥ˆà¤‚स या गाय का) और इससे बने डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है। इनमें à¤à¤¸à¥‡ विषाणà¥à¤“ं के होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है, जिनसे पेट के संकà¥à¤°à¤®à¤£ और तबियत खराब होने का खतरा रहता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय विषाकà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ आपको बहà¥à¤¤ बीमार कर सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आप अधिक संवेदनशील होती हैं। कहीं बाहर खाना खाते समय à¤à¥€ पनीर से बने वà¥à¤¯à¤‚जनों जैसे टिकà¥à¤•ा और कचà¥à¤šà¥‡ पनीर के सैंडविच आदि के सेवन से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पनीर ताजा है या नहीं, यह बता पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है।
सफेद, फफà¥à¤‚दीदार पपड़ी वाली चीज़ जैसे बà¥à¤°à¥€ और कैमेमà¥à¤¬à¤°à¥à¤Ÿ या फिर नीली (बà¥à¤²à¥‚ वेनà¥à¤¡)चीज़। इसके अलावा à¤à¥‡à¤¡à¤¼ या बकरी आदि के दूध से बनी अपाशà¥à¤šà¥à¤¯à¥à¤°à¤¿à¤•ृत मà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¯ चीज से à¤à¥€ दूर रहें। इन सà¤à¥€ तरह की चीज़ में लिसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जीवाणॠहोने का खतरा रहता है, जिससे लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤“सिस नामक संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ आपके अजनà¥à¤®à¥‡ शिशॠको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है।
कचà¥à¤šà¥‡ या अधपके मांस में à¤à¤¸à¥‡ परजीवी (पैरासाइट) हो सकते हैं जो टोकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ पैदा करते हैं। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बिमारी है जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान जटिलताà¤à¤‚ पैदा कर सकती है। कचà¥à¤šà¥‡ या अधपके मांस से सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। सà¤à¥€ मांसाहारी à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को तब तक पकाà¤à¤‚ जब तक उनमें से साफ रस निकलने न लगे और जरा सा à¤à¥€ गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ हिसà¥à¤¸à¤¾ न बचे। साथ ही, रेडिमेड à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ से पकाà¤à¤‚।
कचà¥à¤šà¥‡ समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जैसे कि कसà¥à¤¤à¥‚रा मछली (ओà¤à¤¸à¥à¤Ÿà¤°) या बिना पकी सà¥à¤¶à¥€à¥¤ कचà¥à¤šà¥€ सीपदार मछ​ली, कसà¥à¤¤à¥‚रा और à¤à¥€à¤‚गा में जीवाणॠ(बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) और विषाणॠ(वायरस) हो सकते हैं। सà¥à¤¶à¥€ को यदि तैयार करने से पहले पà¥à¤°à¤¶à¥€à¤¤à¤¿à¤¤ (फà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨) नहीं किया गया है तो इसका सेवन नहीं करना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें परजीवी कीड़े हो सकते हैं। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित दà¥à¤•ानों और रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट में मिलने वाली सà¥à¤¶à¥€ अधिकांशत: सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होती है, मगर यदि आपको संशय हो तो बेहतर है कि इसके सेवन से बचें।
कचà¥à¤šà¥‡ या अधपके अंडे। कà¥à¤› अंडों से सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤ हो सकती है। बेहतर है कि कचà¥à¤šà¥‡ अंडे से बने à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ का सेवन न किया जाà¤, जैसे कि घर पर बनी मेयोनीज़। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खतà¥à¤® करने के लिठअंडे को तब तक पकाà¤à¤‚ जब तक की जरà¥à¤¦à¥€ और सफेदी ठोस न हो जाà¤à¥¤ इसका मतलब है कि हलà¥à¤•े उबाले हà¥à¤, पोचà¥à¤¡, सनी साइड अप या टपकते हà¥à¤ अंडों का सेवन न करें। अचà¥à¤›à¥€ तरह पके हà¥à¤ ठोस अंडे ही खाà¤à¤‚।
शारà¥à¤• और सà¥à¤µà¥‹à¤°à¥à¤¡à¤«à¤¼à¤¿à¤¶ जैसी बड़ी परà¤à¤•à¥à¤·à¥€ मछलियों का सेवन न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें पारे (मरà¥à¤•à¥à¤¯à¥à¤°à¥€) की असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ हो सकती है। ये मछलियां संदूषित जल से पारा समाहित कर लेती हैं। यह पारा उनकी मांसपेशियों में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से चिपक जाता है और मछली के पकने के बाद à¤à¥€ वहीं बना रहता है।शारà¥à¤•, सà¥à¤µà¥‹à¤°à¥à¤¡à¤«à¤¿à¤¶ और मारà¥à¤²à¤¿à¤¨ में मरà¥à¤•à¥à¤¯à¥à¤°à¥€ का सà¥à¤¤à¤° बहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, जो शिशॠके तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। टूना मछली में à¤à¥€ मरà¥à¤•à¥à¤¯à¥à¤°à¥€ होती है, इसलिठबेहतर है कि हर हफà¥à¤¤à¥‡ मधà¥à¤¯à¤® माप के चार कैन या दो ताजी टूना सà¥à¤Ÿà¥€à¤• से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न खाà¤à¤‚।
कलेजी और कलेजी के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे कि पाके, लीवर सॉसेज और मछली के तेल के अनà¥à¤ªà¥‚रकों का सेवन न करें। कलेजी में बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में रेटिनॉल (पशà¥à¤“ं से मिलने वाला विटामिन à¤) हो सकता है। इसके अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• सेवन से गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है।
मादक पेय। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शराब छोड़ देनी चाहिà¤à¥¤ यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में शराब का सेवन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। मगर, हम यह जानते हैं कि ​आप जितनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शराब पीती हैं, शिशॠमें दीरà¥à¤˜à¤•ालीन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने का खतरा उतना ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। पहली तिमाही में शराब के सेवन से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का जोखिम बढ़ जाता है। इसीलिठविशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की सलाह है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² बंद कर देना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 200 मि.गà¥à¤°à¤¾. से अधिक कैफीन का सेवन न करें। यक दो बड़े कप चाय या इंसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट कॉफी के बरा​बर है। सोडायà¥à¤•à¥à¤¤ पेय और à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ में à¤à¥€ कैफीन होता है, इसलिठपेय चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से पहले उनके लेबल को अचà¥à¤›à¥€ तरह देख लें। आप इनकी बजाय कैफीनरहित पेय ले सकती हैं।
कà¥à¤› शोधों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤¦ अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• पकाठगठसà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को कम जनà¥à¤® ​वजन शिशॠके साथ जोड़ा गया है। à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रसायन à¤à¤•à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¡ की वजह से होता है, जो कि आलू या बà¥à¤°à¥‡à¤¡ को उचà¥à¤š तापमान पर तलने, बेक करने, à¤à¥‚नने या ​गà¥à¤°à¤¿à¤² करने पर बनता है।
आपको और शिशॠको à¤à¤•à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¡ के कà¥à¤¯à¤¾ जोखिम हैं, इसे लेकर और शोध की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। लेकिन अपने आहार में à¤à¤•à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को कम करने के कई आसान तरीके हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप आजमा सकती हैं:
सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को जरà¥à¤°à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न पकाà¤à¤‚। उदाहरण के तौर पर आलू और चिपà¥à¤¸ को केवल केवल हलà¥à¤•ा रंग लेने तक तलें और टोसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गहरा न करें इसे हलà¥à¤•ा à¤à¥‚रा ही रहने दें।
पहले से तैयार à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ केवल तलने या ओवन में गरà¥à¤® करने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है तो उनके बारे में पैकेट पर दिठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें।
कोशिश करें कि बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पैकेट बिसà¥à¤•िट या रेडिमेड à¤à¥‹à¤œà¤¨ न खाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤•à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¡ पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•ृत à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ पाया गया है।
आलूओं को कम रोशनी, ठंडी और सूखी जगह पर रखें, इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फà¥à¤°à¤¿à¤œ में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° न करें। फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखने से इनमें शरà¥à¤•रा का सà¥à¤¤à¤° बढ़ सकता है, जिससे तलने, बेक करने या à¤à¥‚नने पर इनमें à¤à¤•à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मà¥à¤à¥‡ अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने चाहिà¤?
शिशॠको विकसित करने के लिठआपके शरीर को विविध पोषण चाहिठहोता है। आपको इनमें से अधिकांश पोषण अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ से मिल सकता है, मगर कà¥à¤› जरà¥à¤°à¥€ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के लिठआपको पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है।
मिचली या खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की ओर विमà¥à¤–ता से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सही à¤à¥‹à¤œà¤¨ कर पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। इसलिठविटामिन और खनिज के पूरक (सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट) लेना अचà¥à¤›à¤¾ विचार है। इससे आपको सà¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ विटामिन और खनिज पाने में मदद मिलेगी।
फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ विशेष रूप से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° कम से कम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 12वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट के तौर पर फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेने की सलाह देती हैं। इस बी विटामिन की कमी को शिशॠमें सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा जैसे नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब जनà¥à¤® दोष होने के साथ जोड़ा गया है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होना आम है। इसी कारण से दूसरी तिमाही की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से नियमित तौर पर आयरन पूरक लेने की सलाह दी जाती है। दूसरी तिमाही से कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अनà¥à¤ªà¥‚रक à¤à¥€ शà¥à¤°à¥ कर दिठजाते हैं।
इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपको अतिरिकà¥à¤¤ विटामिन और खनिज की जरूरत होगी और हो सकता है आपको à¤à¤• विशेष à¤à¥‹à¤œà¤¨ योजना का पालन करना पड़े।
याद रखें, किसी चीज का अधिक होना हमेशा बेहतर नहीं होता। विटामिन और खनिज की बहà¥à¤¤ अधिक खà¥à¤°à¤¾à¤• लेना शिशॠके लिठहानिकारक हो सकता है। हमेशा कोई à¤à¥€ दवा या गोली लेने से पहले अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ज़रूर करें, à¤à¤²à¥‡ ही गोलियां हरà¥à¤¬à¤² हों।
यदि आप मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ गोली लेती हैं, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विशेषकर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठबताई गई गोली ही लें। अनà¥à¤¯ मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿â€‹à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤‚ में रेटिनॉल हो सकता है, ​जो कि गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशà¥à¤“ं के लिठजानलेवा हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿â€‹à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ अनà¥à¤ªà¥‚रकों में कैरोटीन होता है, यह पौधों पर आधारित विटामिन ठहै, जो अजनà¥à¤®à¥‡ शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है।
शाकाहारी या वीगन होने पर मैं सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का सेवन कैसे कर सकती हूं?
यदि आप शाकाहारी है, तो आप शायद काफी फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन कर रही होंगी। इनमें बहà¥à¤¤ से à¤à¤¸à¥‡ पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जो शिशॠको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ ढंग से विकसित होने के लिठजरà¥à¤°à¥€ होते हैं। मगर, शाकाहारी आहार में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और आयरन की कमी हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचने के लिठआहार में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आयरन होना जरà¥à¤°à¥€ है।
अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ चाय या कॉफी न लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे शरीर सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से मिलने वाला आयरन अचà¥à¤›à¥‡ से समाहित नहीं कर पाता। इसकी बजाय विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ या पेय लें, जैसे कि संतरे के रस या ​नींबू पानी। इससे आपके शरीर को आयरन के समाहन में मदद मिलेगी।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के शाकाहारी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ का दिन में कई बार सेवन करें। आयरन के बहà¥à¤¤ से अचà¥à¤›à¥‡ शाकाहारी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। मगर शाकाहारी à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ से मिलने वाले आयरन का समाहन शरीर के लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। इसलिठआपको और अधिक आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने की आवशà¥à¤•ता होती है।
वीगन आहार वाले कोई à¤à¥€ पशॠआधारित उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ नहीं खाते, इनमें मांस, मछली, चिकन, अंडे, डेयरी उतपाद और शहद शामिल है। यदि आप विविध तरह के वीगन आहार लेती हैं और अपने आहार में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पोषक ततà¥à¤µ शामिल करें तो आपको और शिशॠको जरà¥à¤°à¥€ पोषण मिल सकता है।
कà¥à¤› मामलों में आपको विशेष आहार, फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ फूड या अनà¥à¤ªà¥‚रकों का सेवन करना होगा, ताकि आपको जरà¥à¤°à¥€ पोषण मिल सके। डॉकà¥à¤Ÿà¤° को अपने खाने की आदतों के बारे में बताà¤à¤‚, ताकि वे इसे देखते हà¥à¤ आपको डाइटिशियन के पास जाने की सलाह दे सकें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मेरा कितना वजन बढ़ना चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान औसतन करीब 10 और 12.5 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® के बीच वजन बढ़ना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, सà¤à¥€ महिलाओं में à¤à¤• समान वजन नहीं बढ़ता। अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आपका वजन कितना बà¥à¤¤à¤¾ है, यह कई कारणों पर निरà¥à¤à¤° करता है। जैसे कि आपका बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ (बीà¤à¤®à¤†à¤ˆ) और आपका आहार à¤à¤¸à¥‡ ही दो कारण हैं। आपकी उमà¥à¤°, जातीयता और à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ सà¥à¤¤à¤° का à¤à¥€ अगले नौ महीने में शरीर में आने वाले बदलावों पर असर डालती हैं।
इसलिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार खाने की ओर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें और वसा और शरà¥à¤•रा का कम मातà¥à¤°à¤¾ में उपà¤à¥‹à¤— करें। इससे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन वृदà¥à¤§à¤¿ में मदद मिलेगी।
जब आपका वजन बढ़ता है, तो इसके साथ-साथ यह à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि वजन कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में बढ़ा है। हो सकता है पहली तिमाही में आपका वजन कà¥à¤› जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं बढ़े। फिर दूसरी तिमाही में इसमें निरंतर वृदà¥à¤§à¤¿ होनी चाहिà¤à¥¤ तीसरी तिमाही में आपका वजन सबसे अधिक बढ़ता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤ में आपका शिशॠà¤à¥€ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसी तिमाही में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ता है।
यदि आपका वजन सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है या कम है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको विशेष आहार की सलाह दे सकती हैं और वे आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी पर नजदीकी नजर रखेंगी।।
कà¥à¤¯à¤¾ मैं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अपनी असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ की लालसाओं को पूरा कर सकती हूà¤?
कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° मनचाही चीजें खाना ठीक है, आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, इसलिठआपको अपने सà¤à¥€ पंसदीदा खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ छोड़ने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है। वसा, नमक और चीनी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ और सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ कम से कम ही रखनी चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¸à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ कम मातà¥à¤°à¤¾ में खाने के लिठखà¥à¤¦ को समà¤à¤¾à¤à¤‚। पूरी कटोरी आइसकà¥à¤°à¥€à¤® खाने की बजाय केवल à¤à¤• सà¥à¤•ूप ही लें या पूरी चॉकलेट खाने की बजाय à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा ही लें। à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ कम मातà¥à¤°à¤¾ में लेने के लिठआप छोटी पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ले सकते हैं।
लालसाओं को शांत करने के लिठआप इनके सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨ सकती हैं। वसा और चीनी यà¥à¤•à¥à¤¤ मिठाई खाने की बजाय आप ठंडी फà¥à¤°à¥‚ट सलाद, कम वसा वाला फà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ योगरà¥à¤Ÿ या कम चीनी या कम वसा वाली आइसकà¥à¤°à¥€à¤® आदि।
कैलोरी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र सोडायà¥à¤•à¥à¤¤ पेय लेने की बजाय ठंडा जूस या ठंडा नींबू पानी ले सकती हैं।
यदि आपकी मिटà¥à¤Ÿà¥€, गीली मिटà¥à¤Ÿà¥€, कोयला, साबà¥à¤¨-डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट, तारकोल, चॉक, राख या सिगरेट बट खाने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾ हो तो इस बारे में अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अवशà¥à¤¯ बात करें। गैर खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन की लालसा, जिसे पाईका कहते है, यह पोषण की कमी आदि किसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ की तरफ इशारा हो सकती है।
आपको या गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाली किसी पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ शारीरिक या मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से जांच करवा लेना बेहतर है। इन à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करने से ही आपको इनसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ ढंग से निपटने में मदद मिल सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डाइटिंग ठीक है?
नहीं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डाइटिंग करना आपके और आपके शिशॠके लिठखतरनाक हो सकता है। खाने का परहेज करने से आपके शरीर में आयरन, फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ तथा अनà¥à¤¯ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विटामिन à¤à¤µà¤‚ खनिज की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो सकती है।
वज़न का बढ़ना सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सबसे सकारातà¥à¤®à¤• संकेतों में से à¤à¤• है। वे महिलाà¤à¤‚, जो अचà¥à¤›à¥‡ से à¤à¥‹à¤œà¤¨ करतीं हैं और जिनका वज़न उपयà¥à¤•à¥à¤¤ ढंग से बढ़ता है, उनमें सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशà¥à¤“ं को जनà¥à¤® देने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
अत:, यदि आप ताज़ा व संपूरà¥à¤£ à¤à¥‹à¤œà¤¨ कर रही हैं और आपका वज़न बढ़ रहा है, तो घबराà¤à¤‚ नहीं। वजन में यह बà¥à¥‹à¤¤à¤°à¥€ होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है।
यदि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले आपका वजन सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ था, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अपनी वजन वृदà¥à¤§à¤¿ के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ रेसिपी और डाइट चारà¥à¤Ÿ
आप शायद जरà¥à¤°à¥€ पोषक ​ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार के सेवन का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रही होंगी। मगर हर बार à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ बना पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है जो सेहतमंद à¤à¥€ हो और सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥€à¥¤
अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि हमारे पास आपके लिठपोषण से समृदà¥à¤§ बहà¥à¤¤ सी जायकेदार रेसिपी हैं, जिनमें रैपà¥à¤¸ और à¤à¤°à¤µà¤¾à¤‚ परांठों से लेकर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ डेजरà¥à¤Ÿ आदि बहà¥à¤¤ कà¥à¤› है।
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