गर्दन की एक्सरसाइज कैसे करते हैं?HealthPlanet

Posted on Wed 30th Nov 2022 : 10:00

गर्दन दर्द से छुटकारा दिलाने में मददगार हैं ये 5 आसान एक्सरसाइज, जानिये
गर्दन में दर्द की समस्या बेहद आम होती जा रही है। इसके लिए आप कुछ आसान से एक्सरसाइज टिप्स को फॉलो कर के इस समस्या से निजात पा सकते हैं। आइए जानते हैं-

गर्दन दर्द इन दिनों एक आम समस्या बनती जा रही है। इसकी कई वजहें हैं। मसलन एक ही जगह पर अगर लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठें तो गर्दन दर्द की समस्या हो सकती है। इसके अलावा ये मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी में भी दर्द का कारण बन सकता है। अगर इसे लगातार इग्नोर किया जाए तो आगे चलकर ये और बीमारियों की वजह बन सकता है। आइये जानते हैं किन एक्सरसाइज की मदद से घर बैठे गर्दन दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

इन चीजों से कर लें तौबा:
– अपने दैनिक काम को करते वक्त जैसे- टहलना, टीवी देखना या किताबें पढ़ते वक्त सिर को आगे की ओर झुकाने से बचें, ताकि गर्दन पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
– लेट कर या सो कर पढ़ाई या काम न करें, इससे भी गर्दन पर दबाव बढ़ता है और दर्द की समस्या हो सकती है।
– इसके अलावा पढ़ते या काम करते वक्त अपने लैपटॉट, फोन किताब, टैबलेट को अपनी आंखों के सामने रखें, ताकि गर्दन को ज्यादा झुकाना न पड़े।
– काम करते हुए थोड़े-थोड़े अंतराल पर ब्रेक लेकर गर्दन को घुमाएं और रेस्ट लें।

ये एक्सरसाइज हैं मददगार:
– गर्दन को झुकाना: बैठने की मुद्रा में सिर को नीचे की तरफ झुकाएं ताकि आपकी ठुड्डी आपकी छाती को छू सके। इस व्यायाम से गले की मांसपेशियों को आराम मिलता है। इस प्रक्रिया को 5 से 10 बार दोहराएं।

– साइड टू साइड गर्दन को झुकाना: गर्दन को सीधी रखें और एक कंधे की तरफ झुकाएं। फिर गर्दन को धीरे-धीरे वापस उसी अवस्था में लेकर आएं। फिर इसी प्रक्रिया को दूसरे कंधे की तरफ दोहराएं। इस एक्सरसाइज को दोनों कंधे की तरफ पांच-पांच बार करें।

– गर्दन को घुमाना: गर्दन दर्द की स्थिति में गर्दन को आगे और पीछे दोनों तरफ धीरे-धीरे घुमाना भी गर्दन की मांसपेशियों को आराम देता है। इस प्रक्रिया को काम करते हुए नियमित अंतराल पर भी कर सकते हैं।

– एकल पैर उठाना: इस व्यायाम में एक कुर्सी पर सीधे बैठें और अपने एक पैर को धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए उठाएं और फिर प्रारंभिक स्थिति में धीरे-धीरे लौटें। 8 से 10 बार इस व्यायाम को दोहराएं और फिर दूसरे पैर के साथ भी इसी प्रक्रिया को दोहराएं।

– एरोबिक व्यायाम: एरोबिक व्यायाम को आमतौर पर कार्डियो कहा जाता है। इस एक्सरसाइज में सांस को स्थिर रखते हुए कसरत की जाती है, जिससे गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन का अनुभव होता है।

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