गर्दन और कंधे के दर्द का सबसे अच्छा इलाज क्या है?HealthPlanet

Posted on Fri 16th Dec 2022 : 11:44

Cervical Pain में मिलने लगेगा आराम, इन 6 आयुर्वेदिक उपायों से गर्दन और कंधे के दर्द में महसूस होगी राहत

Cervical Pain Remedies: आयुर्वेद में भी सर्वाइकल की तकलीफ से निपटने के कुछ उपाय हैं जिन्हें आजमाकर आप इस दर्द को कम कर सकते हैं. आइए जानें क्या हैं वे उपाय.

Home Remedies: सर्वाइकल या स्पॉन्डिलाइटिस का दर्द ऐसा होता है जिसे सहन करना आसान नहीं होता. इस दर्द में गर्दन और आसपास के हिस्सों में तेज दर्द होता है जिससे कई बार राहत मिलना मुश्किल हो जाता है. बहुत देर तक बैठने वाले लोगों में यह दर्द आम है. इसके अलावा बढ़ती उम्र में भी सर्वाइकल का दर्द परेशान करता है. पहले एक उम्र के बाद ये दर्द तकलीफ देता था. लेकिन, मोबाइल पर घंटों काम करने या गेम खेलने वाले बच्चे भी इस तकलीफ का शिकार हो रहे हैं जिससे निजात पाने के लिए एक्सरसाइज (Exercise) या फिर फिजियोथेरेपी की मदद लेनी पड़ती है. आयुर्वेद (Ayurved) में भी इस तकलीफ से निपटने के कुछ उपाय हैं जिन्हें आजमाकर आप इस दर्द को कम कर सकते हैं. 


गर्दन के दर्द के उपाय | Remedies for Neck Pain 

अरंडी का तेल

अरंडी के तेल से मसल्स और हड्डियों दोनों को मजबूती मिलती है. सर्वाइकल के दर्द को कम करने में भी अरंडी का तेल असरदार है. आयुर्वेद के मुताबिक, इस तेल से दिन में दो बार गर्दन की मसाज करनी चाहिए लेकिन बहुत हल्के हाथ से.

तिल का तेल


तिल के तेल में पुराने जोड़ों के दर्द को कम करने के गुण होते हैं इसलिए आयुर्वेद में तिल के तेल को बहुत गुणकारी माना जाता है. तिल के तेल से भी बहुत हल्के हाथ से सर्वाइकल के दर्द वाले हिस्सों की मालिश करें. ये जोड़ों के दर्द और मसल्स के दर्द को कम करने में कारगर है.


लहसुन


आयुर्वेद के अनुसार रोज खाली पेट लहसुन की कलियां कच्ची खाने से कई तकलीफों में आराम मिलता है. इससे दर्द भी कम होता है. आप चाहें तो लहसुन का तेल बना सकते हैं. इसे पीसकर तेल में मिलाएं और तेल अच्छे से गर्म कर लें. ठंडा या गुनगुना होने पर इस तेल से मसाज करें.


योगासन


आयुर्वेद में योगासन (Yogasana) को भी बहुत महत्व दिया गया है. आपको ऐसे योग करने हैं जो सर्वाइकल वाले हिस्से के लिए फायदेमंद हों. गर्दन और कंधे की सही स्ट्रेचिंग कर सकें. इससे सर्वाइकल (Cervical) का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगेगा.


अश्वगंधा


अश्वगंधा इम्यूनिटी तो बढ़ाता ही है इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से सूजन और दर्द में भी आराम मिलता है. सर्वाइकल का दर्द होने पर अश्वगंधा के चूर्ण का सेवन करें. दूध या गर्म पानी से ये चूर्ण खाया जा सकता है.


बला या बरियार


बला का पौधा कई औषधीय गुणों को संजोकर रखता है. इसे बरियार या खरेठी भी कहा जाता है. इसकी छाल का काढ़ा बनता है, जो मसल्स के लिए फायदेमंद है. बला की जड़ को पानी में उबालकर उसका पानी पिएं. इससे बांह की जकड़न कम होती है. सुबह शाम ये काढ़ा पीने से दर्द में काफी राहत मिलती है.

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