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गठिया के पà¥à¤°à¤•ार – Types of Arthritis
गठिया बीमारी जोड़ों में सूजन और दरà¥à¤¦ से ही जà¥à¤¡à¤¼à¥€ है। आइठजानते हैं इसके विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ारों के बारे में।
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥ˆà¤®à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ (सूजन) गठिया
यह गठिया दरà¥à¤¦ सूजन और शरीर में अकड़न पैदा करता है, जो रोगी के लिठअसहनीय दरà¥à¤¦ होता है। इनà¥à¤«à¥à¤²à¥ˆà¤®à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ गठिया 3 पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं।
रूमेटोइड गठिया (आर à¤): रूमेटोइड गठिया शरीर में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ (ऊतक जोड़ों को à¤à¤• साथ जोड़ती है।) जो जोड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। इसमें शरीर में अकड़न, जोड़ों का दरà¥à¤¦, नींद ना आना, हाथों और पैरों में à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ सà¥à¤¨à¥à¤¨ करना और जोड़ों की विकृतियों को बढ़ाती है।
रिà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ गठिया: पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² गठिया शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ की वजह से होता है। इंफेकà¥à¤¶à¤¨ कि वजह से जोड़ों पर सूजन बढ़ जाती है। इस पà¥à¤°à¤•ार का गठिया ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚गों और जननंगो में होता है।
सोरियाटिक गठिया: सोरियाटिक गठिया à¤à¤• जोड़ों का विकार है जो हमेशा सोरोयासिक सà¥à¤•िन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से होता है। जिसके कारण शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ ऊतक पर हमला करती है जिससे जोड़ों में सूजन बढ़ जाती है।
डीजनरेटिव या मकैनिकल गठिया
जब कोई à¤à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के चोट का कारण बनते हैं तो इसे अपकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¤¯à¤¾ यांतà¥à¤°à¤¿à¤• गठिया कहते हैं। ये हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पतला और कमजोर बनाता है। जिससे संयोजी ऊतक आसमान हो जाते हैं और जोड़ों में सूजन और दरà¥à¤¦ की वजह से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आपस में रगड़ने लगती है।
आसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
आसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ सामानà¥à¤¯ तौर पर जोड़ों में होने वाली बीमारी है जिससे नसों असà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤œà¥à¤œà¥‚, उपासà¥à¤¥à¥€ और जोड़ों की अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर गलत असर डालती है। जिससे जोड़ों में सूजन और अकड़न हो जाती है। आसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹ आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने वाले जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट वो होते है जिसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— शरीर ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° करता है जैसे घà¥à¤Ÿà¤¨à¤¾, कमर, रीढ़, अंगà¥à¤‚ठा और हाथ पैर की उंगलियां।
नरम ऊतक मसà¥à¤•à¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤•ेलेटल (पेशीय) दरà¥à¤¦
 ये à¤à¥€ à¤à¤• तरह का गठिया है। जिसमें दरà¥à¤¦ जोड़ों या हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बजाठऊतकों में होता है। यह दरà¥à¤¦ शरीर का कोई à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¤¾ लगातार इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने या चोट के कारण हो सकता है।
सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गठिया
सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गठिया आमतौर पर कमर और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। यह सरà¥à¤œà¤°à¥€ या चोट से उबरने वाले फंगल या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का नतीजा है। सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤œà¥€à¤µ बà¥à¤²à¤¡ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ फैलाते है जो जोड़ों में संचारित हो जाता है जिससे सूजन होती है। यह गठिया सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम या बà¥à¤–ार की वजह से होता है।
मेटाबॉलिक गठिया
मेटाबॉलिक गठिया होने की वजह से शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ इकटà¥à¤ ा हो जाती है। इस रोग में शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तादात जोड़ों में सà¥à¤ˆ जैसी संरचनाओं का रूप ले लेती है जो शरीर में बहà¥à¤¤ असहनीय दरà¥à¤¦ पैदा करती है। यह गठिया ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हाथों या पैरों के जोड़ों में होता है।
किशोर गठिया (जे à¤)
बचपन में होने वाली गठिया को किशोर गठिया कहा जाता है। यह बीमारी 16 साल से कम उमà¥à¤° वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होती है। ये हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को कà¥à¤·à¤°à¤£ (नषà¥à¤Ÿ करने) ऊतकों और मांसपेशियों को जकड़ने, जोड़ों के à¤à¤• सीध में ना होने और वृदà¥à¤§à¤¿ के पैटरà¥à¤¨ बदलने की वजह से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलो ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€
सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलो ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ रीढ़ में होने वाली गठिया की बीमारी है। इस रोग से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में à¤à¤ न और दरà¥à¤¦ महसूस होता है। यह गठिया जोड़ों पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ टेंडन और लिगामेंटà¥à¤¸ पर अटैक करता है। सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलो ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ रोग के गंà¤à¥€à¤° केस में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पिघलने लगती है जो रीढ़ विकार, कूलà¥à¤¹à¥‡ और कंधे को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है।
वातरकà¥à¤¤ या गाउट गठिया
गाउट गठिया शरीर में तरल पदारà¥à¤¥ और ऊतकों में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² की ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ का नतीजा है। यह रोग तब होता है जब शरीर यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ पैदा करने लगता है इसका उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ कम होता है। यह गठिया जोड़ों में असहनीय दरà¥à¤¦, सूजन पैदा करता है।
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