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सावधान! रात में खाने के बाद सीने में हो दरà¥à¤¦ तो Heart Attack का खतरा
रात में खाना खाने के बाद अगर सीने में दरà¥à¤¦ महसूस हो तो इसकी अनदेखी न करें। यह गैस नहीं, हारà¥à¤Ÿ अटैक का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
रात में à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के बाद अचानक सीने में दरà¥à¤¦ महसूस हो तो सावधान हो जाà¤à¤‚। इस तरह के दरà¥à¤¦ की जांच जरूरी है। कई बार à¤à¤¸à¤¾ दरà¥à¤¦ हारà¥à¤Ÿ अटैक का संकेत à¤à¥€ हो सकता है। ये बातें दिलà¥à¤²à¥€ के वरिषà¥à¤ हृदय रोग विशेषजà¥à¤ž डॉ. यू कॉल ने पटना हारà¥à¤Ÿ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में रविवार को कहीं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि रात में सीने में दरà¥à¤¦ होने पर लोग उसे गैस का कारण मानकर टाल देते हैं, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ इसके गंà¤à¥€à¤° परिणाम देखने को मिलते हैं। इस तरह के दरà¥à¤¦ हारà¥à¤Ÿ अटैक के à¤à¤Ÿà¤•े हो सकते हैं। समय पर इसकी पहचान कर ततà¥à¤•ाल इलाज जरूरी होता है।
जीवनशैली में सà¥à¤§à¤¾à¤° से दूर होंगे हृदय रोग
समिट में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से पहà¥à¤‚चे दरà¥à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ वरिषà¥à¤ हृदय रोग विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने दूसरे दिन à¤à¥€ अपना अनà¥à¤à¤µ साà¤à¤¾ किया। पटना हारà¥à¤Ÿ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के निदेशक डॉ. पà¥à¤°à¤à¤¾à¤¤ कà¥à¤®à¤¾à¤° ने कहा कि जीवनशैली में आठबदलाव के कारण हारà¥à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾ दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, मोटापा à¤à¤µà¤‚ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से पीडि़त लोगों का हारà¥à¤Ÿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खराब होता है। नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¤µà¤‚ खानपान में सà¥à¤§à¤¾à¤° से हारà¥à¤Ÿ की बीमारियों को दूर रखा जा सकता है।
शरीर नीला होना हृदय रोग का लकà¥à¤·à¤£
दिलà¥à¤²à¥€ से आठवरिषà¥à¤ हृदय रोग विशेषजà¥à¤ž डॉ. राधाकृषà¥à¤£à¤¨ ने कहा कि कई बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ हृदय रोग होता है। à¤à¤¸à¥‡ मरीजों की पहचान जलà¥à¤¦ करने की जरूरत होती है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का शरीर या जीठनीला दिखाई दे तो समठजाà¤à¤‚ कि उसके हारà¥à¤Ÿ में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है। निदान के लिठकिसी हृदय रोग विशेषजà¥à¤ž से जलà¥à¤¦ संपरà¥à¤• करें। कई बार हारà¥à¤Ÿ में छेद होने के कारण इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा होती है। इसका इलाज संà¤à¤µ है।
बगैर सरà¥à¤œà¤°à¥€ पेसमेकर लगाना संà¤à¤µ
बगैर सरà¥à¤œà¤°à¥€ के पेसमेकर लगाने की तकनीक विकसित कर ली गई है। इसे लीडलेस पेसमेकर कहते हैं। इसके परिणाम अचà¥à¤›à¥‡ आ रहे हैं। डॉ. आर डी यादव ने कहा कि मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के मरीजों को विशेष तौर पर सावधान रहने की जरूरत होती है। मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण नसों पर रकà¥à¤¤ का दबाव बढ़ जाता है, जिससे लकवा मारने की आशंका काफी बढ़ जाती है।
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