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खतना या सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ का मतलब लिंग के सिरे को ढकने वाली अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ (फोरसà¥à¤•िन) को ऑपरेशन के जटिये हटाना है। कà¥à¤› परिवार धारà¥à¤®à¤¿à¤• मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं, या सांसà¥à¤•ृतिक या चिकितà¥à¤¸à¤•ीय कारणों से खतना करवाने का निरà¥à¤£à¤¯ लेते हैं।
अधिकांशत: सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में करवाया जाता है, लेकिन बेहतर है कि पहले आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर लें। यदि शिशॠका जनà¥à¤® समय से पहले हà¥à¤† है, उसे नवजात पीलिया है या कोई अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो आपको सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने के लिठकà¥à¤› समय इंतजार करना पड़ सकता है।
किसी अनà¥à¤à¤µà¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कीटाणà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤¤ माहौल में खतना करवाना सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। खतने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिंग को साफ रखें और इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर नजर रखें। इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं बà¥à¤–ार, रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ, पेशाब करने में कठिनाई, लिंग लाल बना रहना, इसके सिरे पर सूजन होना या तरल से à¤à¤°à¥‡ घाव होना।
खतना (सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤) कà¥à¤¯à¤¾ है?
खतना या सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ शिशॠके लिंग के सिरे को ढकने वाली अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को ऑपरेशन के जरिये हटवाना है।
अगतà¥à¤µà¤šà¤¾, तà¥à¤µà¤šà¤¾ और शà¥à¤²à¥‡à¤® à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ की दोहरी परत होती है। ये आपके शिशॠके शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤‚ड (गà¥à¤²à¥‡à¤¨à¥à¤¸) को मूतà¥à¤°, मल और कपड़ों के संपरà¥à¤• में आने से होने वाले सूखेपन और जलन से बचाता है। जब बालक का खतना हो जाता है, तो उसका शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤‚ड सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ रूप से बिना ढका हà¥à¤† खà¥à¤²à¤¾ रहता है।
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाना वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• है। कà¥à¤› माता-पिता इसे करवाते हैं, और कà¥à¤› नहीं करवाते हैं।
कà¥à¤› माता-पिता अपने बेटे का सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करवाते हैं?
धारà¥à¤®à¤¿à¤• या सांसà¥à¤•ृतिक परंपरा के आधार पर परिवार सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने का निरà¥à¤£à¤¯ ले सकते हैं।
कà¥à¤› संसà¥à¤•ृतियों में, धारà¥à¤®à¤¿à¤• अनà¥à¤·à¥à¤ ान या समारोह के हिसà¥à¤¸à¥‡ रूप में खतना किया जाता है। अधिकांश यहूदी और मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ परिवार अपने बेटों का खतना करवाते हैं। इन पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं को इसà¥à¤²à¤¾à¤® में खितान या यहूदी धरà¥à¤® में बà¥à¤°à¤¿à¤¤ मिलाह (बà¥à¤°à¤¿à¤¸) के रूप में जाना जाता है।
कà¥à¤› लोग सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ के लिठसà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं। कà¥à¤› माता-पिता का यह à¤à¥€ मानना है कि खतना कराने वाली आबादी में लिंग संबंधी कैंसर कम होता है और इसलिठवे अपने बचà¥à¤šà¥‡ का सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने का निरà¥à¤£à¤¯ ले सकते हैं।
वहीं दूसरी तरह, कà¥à¤› माता-पिता अपने बेटे का सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ नहीं करवाते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे मानते हैं कि:
यह अपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक है।
यह उनके नवजात शिशॠको अनावशà¥à¤¯à¤• दरà¥à¤¦ और नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है।
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जो फायदे बताठगठहैं, वे इससे होने वाली जटिलताओं का जोखिम लेने के लायक नहीं हैं।
अपने छोटे बचà¥à¤šà¥‡ के लिठयह चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करना अनैतिक है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने से संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से बचाव होता है?
à¤à¤• वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के जिन बालकों में बार-बार मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई) होता है उनके लिठसà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाना फायदेमंद हो सकता है। सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ यूटीआई को रोकने या कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन यह बात à¤à¥€ है कि लड़कों को यूटीआई होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है। और अगर उसे यह हो à¤à¥€ जाà¤, तो à¤à¥€ यह हलà¥à¤•ा रहता है व आसानी से ठीक हो जाता है और कोई दीरà¥à¤˜à¤•ालीन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं रहते।
हालांकि, यदि आपके बालक के साथ à¤à¤¸à¤¾ कोई जनà¥à¤® दोष है, जो उसके मूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसका खतना करवाने की सलाह दे सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बार-बार यूटीआई होने से बचà¥à¤šà¥‡ के गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ पर असर पड़ता है।
कà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ में नमी की वजह से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस के फंसने और बढ़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है उनका मानना है कि खतना करवाने से इस वृदà¥à¤§à¤¿ को रोकने में मदद​ मिल सकती है।
किन चिकितà¥à¤¸à¤•ीय कारणों से खतना करवाने की सलाह दी जाती है?
जिन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठखतना करवाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, वे दà¥à¤°à¥à¤²à¤ हैं, और डॉकà¥à¤Ÿà¤° हमेशा पहले अनà¥à¤¯ उपचारों को आजमाà¤à¤‚गे।
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने से जिन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में मदद मिल सकती है उनमें शामिल हैं:
यदि आपके शिशॠको बार-बार शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤‚ड में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है, या उसकी अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ के मà¥à¤– पर निशान पड़ जाते हैं।
यदि आपके बेटे की अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ कसी हà¥à¤ˆ है, (हालांकि इसका हमेशा यह मतलब नहीं होता है कि उसका खतना किया जाना आवशà¥à¤¯à¤• है)।
शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤£à¥à¤¡à¤¶à¥‹à¤¥ (बालेनाइटिस - अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ में बार-बार इनफेकà¥à¤¶à¤¨)।
बार-बार होने वाला बालेनोपोसà¥à¤Ÿà¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (लिंग में सूजन)।
फाइमोसिस (à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसमें अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ लिंग के सिरे से ​नीचे न खिसकती हो)
पेराफाइ​मोसिस (à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसमें अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ लिंग के सिरे से ​नीचे खिसकने के बाद वापिस ऊपर नहीं आती)
बार-बार यूटीआई होना
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशॠके लिंग की अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को सिरे के ऊपर से नीचे नहीं खींचा जा सकता। यह पहले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक इसी तरह रहती है। अपने बचà¥à¤šà¥‡ की अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को नीचे खींचने की कोशिश न करें - इससे उसे चोट पहà¥à¤‚च सकती है और उसकी नाजà¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नà¥à¤•सान हो सकता है।
जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ लगà¤à¤— दो साल का होगा, तो अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤‚ड से अलग होने लगेगी। यह à¤à¤• धीमी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, और जब तक वह लगà¤à¤— पांच वरà¥à¤· का नहीं हो जाता, तब तक यह पूरी तरह से अलग नहीं होगी। कà¥à¤› लड़कों के लिà¤, इसमें और अधिक समय लगता है। इसका मतलब यह नहीं है कि कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है। वे बस à¤à¤• अलग दर से विकास कर रहे हैं।
जब अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ लिंग के सिरे से अलग होना शà¥à¤°à¥ होती है, तो शायद आप देखेंगी कि जब अपका बचà¥à¤šà¤¾ पेशाब करता है तो उसकी अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ फूल जाती है। यह कà¤à¥€-कà¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ (बैलेनाइटिस) का कारण बन सकता है, लेकिन तà¥à¤µà¤šà¤¾ का फूलना आमतौर पर समय के साथ ठीक हो जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि उसका खतना करवाने की जरूरत है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° समय, यह विकास का à¤à¤• सामानà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¤¾ है।
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“) की सलाह है कि जिन देशों में à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की दर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है और पà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ दर कम है, वहां à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ की रोकथाम के लिठपà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ पर विचार किया जाना चाहिà¤à¥¤
किन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने के लिठमना करते हैं?
यदि आपके शिशॠके साथ निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित कोई समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ न करवाने की सलाह दे सकते हैं:
अधोमूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤—ता (हाइपोसà¥à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾) या लिंग की अनà¥à¤¯ असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚
कॉरà¥à¤¡à¥€ (जिसमें लिंग à¤à¤• तरफ à¤à¥à¤•ा हà¥à¤† होता है)
दबा हà¥à¤† लिंग
रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ विकार का पारिवारिक इतिहास
मेरे बेटे का खतना कब करवाया जा सकता है?
अधिकांश विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि à¤à¤šà¥à¤›à¤¿à¤• खतना करवाने के लिठशिशॠकी उमà¥à¤° जितनी कम हो उतना अचà¥à¤›à¤¾ रहता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ पतली होती है।
यदि आप अपने शिशॠका खतना करवाना चाहते हों तो यह किस उमà¥à¤° में करवाना चाहिà¤, यह निमà¥à¤¨ बातों पर निरà¥à¤à¤° कर सकता है:
आपकी धारà¥à¤®à¤¿à¤• या सांसà¥à¤•ृतिक मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤à¥¤ कà¥à¤› इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ में, ननà¥à¤¹à¥‡ शिशà¥à¤“ं का खतना करवाया जाता है, जबकि अनà¥à¤¯ में यह बचà¥à¤šà¥‡ के थोड़ा बड़ा होने पर किया जाता है। यहूदी परंपरा में, खतना तब किया जाता है जब बचà¥à¤šà¤¾ आठदिन का होता है। आपके धरà¥à¤®à¤—à¥à¤°à¥ आपकी मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खतना करवाने के सही समय के बारे में बता सकेंगे।
आपके बचà¥à¤šà¥‡ का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कैसा है और वह समय से पहले जनà¥à¤®à¤¾ है या पूरà¥à¤£ अवधि पर पैदा हà¥à¤† है। यदि आपका शिशॠसमय से पहले पैदा हà¥à¤† है या उसका जनà¥à¤® वजन कम है, तो à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको तब तक इंतजार करना चाहिठजब तक वह इतना विकसित न हो जाठकि खतना करवाना उसके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो। यदि शिशॠको नवजात पीलिया है तो à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको खतना के लिठइंतजार करने के लिठकह सकते हैं। पीलिया ठीक होने के बाद खतना करवाया जा सकता है।
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने का कोई चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ कारण है।
किस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ के जरिये सà¥à¤¨à¤¨à¤¤ किया जा रहा है।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें, वे आपको बेहतर सलाह दे सकते हैं कि आगे कà¥à¤¯à¤¾ करना सही रहेगा।
बचà¥à¤šà¥‡ का खतना कहां करवाना चाहिà¤?
बेहतर है कि खतने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤, अचà¥à¤›à¥€ रोशनी वाले कीटाणà¥à¤®à¥à¤•à¥à¤¤ माहौल में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¤•ीय पेशेवर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ करवाई जाà¤à¥¤ इस तरह आपका बालक संà¤à¤µà¤¤à¤¯à¤¾ असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ तरीकों से बच सकेगा।
कà¥à¤› माता-पिता धारà¥à¤®à¤¿à¤• और सांसà¥à¤•ृतिक कारणों से अपने बचà¥à¤šà¥‡ का निजी तौर पर खतना करवा लेते हैं। यहूदी परंपरा में, खतना घर पर या उपासनागृह (सिनेगॉग) में à¤à¤• मोहेल (यहूदी खतना पà¥à¤°à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जा सकता है। मोहेल à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ हो सकता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि यदि असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² की बजाय कहीं और सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाया जाà¤, तो गड़बड़ी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है, फिर चाहे सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से करवाया जाठया किसी गैर-चिकितà¥à¤¸à¤•ीय वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से।
बेटे का सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ तैयारी करनी चाहिà¤?
यदि आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ का सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करवा रहे हैं, तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको पहले से ही आपकी जरूरत की सारी जानकारी दे सकते हैं।
कà¥à¤› समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ में यह मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ बिना à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ के किया जाना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का मानना है कि à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• दवा के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से दरà¥à¤¦ कम हो जाता है, और यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तब तक नहीं करनी चाहिठजब तक कि बचà¥à¤šà¥‡ को दरà¥à¤¦ से राहत दिलाने की कोई वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ न हो।
आपको और बचà¥à¤šà¥‡ को रात à¤à¤° असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² या कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• में रà¥à¤•ने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होगी। यदि सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ जनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ के तहत किया जाता है तो यह आमतौर पर à¤à¤• दिन में हो जाता है। यदि लोकल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है, तो आपके बचà¥à¤šà¥‡ को निगरानी के बाद कà¥à¤› घंटों में छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ दे दी जाà¤à¤—ी। शिशॠको कौन सा à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाà¤à¤—ा, इसका चयन आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° और परिवार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संयà¥à¤•à¥à¤¤ रूप से किया जाता है।
यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° सलाह देते हैं कि ऑपरेशन से पहले शिशॠको कà¥à¤› खाना-पीना नहीं चाहिà¤, तो पता कर लें कि शिशॠकब खा-पी सकता है।
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से पहले आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ की नैपी बदलनी होगी, और à¤à¤• साफ नैपी तैयार रखनी होगी ताकि वह सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ के बाद बदल सके।
इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पहले ही पता कर लें कि यदि आप चाहें तो कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान आप बचà¥à¤šà¥‡ के साथ रह सकती हैं। आप अपना चेहरा शिशॠके पास रखकर उसे आराम दिला सकती हैं। आप उसके सिर पर हाथ फेर सकती हैं, या उसे शांत करने के लिठलोरी à¤à¥€ गा सकती हैं।
लड़कों का खतना किस तरह किया जाता है?
खतना करना à¤à¤• मामूली ऑपरेशन माना जाता है, और इसमें अधिक समय à¤à¥€ नहीं लगता। खतना किस तरीके से किया जा रहा है, इसके आधार पर इसकी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में लगà¤à¤— 30 सेकंड से 10 मिनट के बीच का समय लगता है।
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ के लिठआपके शिशॠको उसकी पीठके बल लिटा दिया जाà¤à¤—ा और उसके हाथों और पैरों को सà¥à¤¥à¤¿à¤° रखा जाà¤à¤—ा। यदि बचà¥à¤šà¥‡ को लोकल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाà¤à¤—ा तो इंजेकà¥à¤¶à¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ के लिंग के नीचे की तरफ लगाया जाà¤à¤—ा, या पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से लगà¤à¤— 40 मिनट पहले à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• कà¥à¤°à¥€à¤® लगाई जाà¤à¤—ी, या दोनों ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजा सकते हैं। इससे लिंग व इसके आसपास की जगह सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो जाà¤à¤—ी।
साथ ही, बचà¥à¤šà¥‡ को शांत रखने के लिठचीनी के घोल की कà¥à¤› बूà¤à¤¦à¥‡à¤‚ à¤à¥€ पिलाई जा सकती हैं, और इससे उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¥€ शायद दरà¥à¤¦ या परेशानी की तरफ नहीं जà¤à¤—ा।
इसके बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° ऑपरेशन के जरिये बचà¥à¤šà¥‡ की अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को ​हटा देते हैं।
कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को निकालने के लिठकà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥à¤ª और रिंग का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ कर सकते हैं। खतना करने के कà¥à¤› अनà¥à¤¯ तरीके हैं:
पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥‡à¤² तरीका
पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की à¤à¤• पारदरà¥à¤¶à¥€ रिंग को शिशॠके लिंग के सिरे पर कस कर लगा दिया जाता है। अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को चारों तरफ से काट दिया जाता है और रिंग से बाहर की अतिरिकà¥à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ को à¤à¥€ हटा दिया जाता है। इसमें करीब 10 मिनट का समय लगता है। खून को रोकने के लिठऑपरेशन के बाद à¤à¥€ पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की रिंग लिंग के सिरे पर लगी रहती है। पांच से आठदिन के बाद यह अपने आप निकल जाती है।
गोमको तरीका
डॉकà¥à¤Ÿà¤° गोमको कà¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ª का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, जो करीब 1 मि.मी. (0.04इंच) अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को कस कर पकड़ लेता है। अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤‚ड से अलग हो जाती है और इसे काट दिया जाता है। अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को हटाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गोमको बेल लिंग के सिरे पर चोट लगने से बचाती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ª को करीब पांच मिनट तक लगे रहने देते हैं, ताकि खून बहना रà¥à¤• जाà¤à¥¤ इसके बाद इसे लिंग से हटा लिया जाता है ताकि लिंग पर पटà¥à¤Ÿà¥€ बांधी जा सके।
मोगेन तरीका
मोगेन कà¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ª अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को काटे बिना इसे कस कर पकड़े रखती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠकी अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को मोगेन कà¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ª की दरार में से आगे की तरफ खींचते हैं और फिर कà¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ª के सामने की सतह से अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को काट देते हैं। खून बहने के खतरे को कम करने के लिठकà¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ª को पांच मिनट तक लगे रहने दिया जाता है।
खतना करने के अलग-अलग तरीकों के अलग-अलग फायदे और जोखिम हैं, जो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको बता सकते हैं।
ऑपरेशन के बाद, डॉकà¥à¤Ÿà¤° लिंग के घाव को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिठउस पर पटà¥à¤Ÿà¥€ बांध देंगे। सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पूरी होने के बाद à¤à¥€ शिशॠडॉकà¥à¤Ÿà¤° की निगरानी में रहेगा।
जब यह सब खतà¥à¤® हो जाठतो अपने लाडले को सीने से लगाà¤à¤‚ और उसे दूध पिलाà¤à¤‚।
जब आपका शिशॠपेशाब कर लेगा तो वह घर जा सकेगा, मगर पेशाब करने में उसे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में दरà¥à¤¦ हो सकता है। घर जाने से पहले असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² का सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« शिशॠके लिंग पर लगी पटà¥à¤Ÿà¥€ हटा देंगे।
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ के बाद बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² कैसे करनी होगी?
बचà¥à¤šà¥‡ का सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ हो जाने के बाद वह शायद चिड़चिड़ा सा रहेगा और उसे दरà¥à¤¦, असहजता और सूजन हो सकती है। सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ का घाव सात से 10 दिनों के अंदर ठीक हो जाना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° लिंग के ठीक होने तक उस पर पटà¥à¤Ÿà¥€ बांधे रखने की सलाह देते हैं, लेकिन कà¥à¤› अनà¥à¤¯ à¤à¤¸à¤¾ करने के लिठनहीं कहते। आप जब शिशॠका डायपर बदलेंगी तो शायद पटà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ बदलने की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है। सबसे जरà¥à¤°à¥€ बात यह है कि ठीक होने के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ के लिंग को जितना हो सके साफ रखें। अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें।
इस बीच बचà¥à¤šà¥‡ को राहत दिलाने के लिठआप निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित उपाय अपना सकती हैं:
खतने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° जितने दिन के लिठकहें उतने दिन तक बचà¥à¤šà¥‡ को इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट पेरासिटामोल की उचित खà¥à¤°à¤¾à¤• दें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नियमित अंतराल पर पटà¥à¤Ÿà¥€ बदलती रहें।
जलन व असहजता कम करने और घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद के लिठआप उस जगह पर साफ हाथों से थोड़ी पेटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जैली लगाà¤à¤‚।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें कि जब तक लिंग पर घाव हो, तब तक बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश करनी चाहिठया नहीं।
जब आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को नहलाà¤à¤‚, तो बेहतर है कि सà¥à¤—ंधित उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें। बचà¥à¤šà¥‡ के जननांग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को धोने और साफ करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई सलाह का पालन करें।
शिशॠके लिंग के चारों ओर अधिक से अधिक हवा का संचार होने दें। कोशिश करें कि आप हर दिन उसे कà¥à¤› समय बिना नैपी के रहने दें।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ की लंगोट बार-बार बदलती रहें।
जब आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को नई लंगोट पहनाà¤à¤‚, तो उसके लिंग को नीचे की ओर कर दें, ताकि शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤‚ड लंगोट से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रगड़ न खाà¤à¥¤ साथ ही धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि लंगोट या डायपर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट न हो।
कोशिश करें कि जब तक सूजन कम न हो जाà¤, तब तक उसे नितंबों के सहारे न बैठाà¤à¤‚।
बेहतर है कि आप से सà¤à¥€ बातें बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² करने वाले लोगों के साथ à¤à¥€ साà¤à¤¾ करें। यदि आपने मालिशवाली या जापा बाई को रखा है जो बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश या उसे नहलाती à¤à¥€ हैं, तो उनसे बात करें कि आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ कैसे रखना चाहती हैं। शिशà¥à¤“ं को नहलाने की ​कà¥à¤› पारंपरिक पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤à¤‚ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकती हैं।
यदि आपका शिशॠकà¥à¤°à¥‡à¤¶ जाता है, तो सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ के लगà¤à¤— à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद वह फिर से वहां जाना शà¥à¤°à¥ कर सकता है। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप वहां के सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« को शिशॠके खतने के बारे में बता दें।
खतने के बाद किन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त बात करनी चाहिà¤?
यदि खतना होने के बाद निमà¥à¤¨ में से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखें, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें:
शिशॠखतना होने के आठसे 12 घंटे के अंदर पेशाब नहीं करता है।
शिशॠको बà¥à¤–ार है।
आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिंग से खून बह रहा है।
लिंग का सिरा कà¥à¤› दिनों बाद और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाल दिखने लगे।
लिंग के सिरे की सूजन और इसका लाल होना नीचे की तरफ फैल रहा है।
ऑपरेशन के दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद à¤à¥€ आपके शिशॠका लिंग सूजा हà¥à¤† है।
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ के कà¥à¤› दिनों बाद तक à¤à¥€ शिशॠको पेशाब करते हà¥à¤ दरà¥à¤¦ होता है।
लिंग से मवाद या कोई अनà¥à¤¯ दà¥à¤°à¥à¤—ंधयà¥à¤•à¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ हो रहा है।
लिंग के सिरे पर पपड़ीदार पीले घाव हैं जिनमें तरल à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† है।
पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की रिंग पांच से आठदिनों के बाद à¤à¥€ अपने आप नहीं हटती (यदि पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥‡à¤² तरीके का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया गया था)।
अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ की कà¥à¤› बची हà¥à¤ˆ चमड़ी अà¤à¥€ à¤à¥€ मौजूद है, और लिंग के सिरे से चिपक जाती है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ की वजह से कोई खतरा या जटिलताà¤à¤‚ होती हैं?
सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ हजारों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से किया जा रहा है और आमतौर पर इसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। लेकिन सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ à¤à¤• ऑपरेशन है, और इसमें छोटी-मोटी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं और कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° दà¥à¤°à¥à¤²à¤, मगर गंà¤à¥€à¤° जटिलताओं का खतरा रहता है।
मामूली रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ और सूजन सबसे आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं। अनà¥à¤¯ कम आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में शामिल हैं:
à¤à¤¡à¥à¤¹à¥€à¤¶à¤¨, यह तब हो सकता है जब बची हà¥à¤ˆ अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ लिंग के सिरे से चिपक जाती है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आमतौर पर अपने आप या ऑइंटमेंट लगाने से ठीक हो जाती है।
फंसा हà¥à¤† लिंग, जिसका अरà¥à¤¥ है बचà¥à¤šà¥‡ के लिंग के चारों तरफ सà¥à¤•ार ऊतक की रिंग बनी हà¥à¤ˆ है। यदि इलाज न करवाया जाà¤, तो इसकी वजह से पेशाब करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ और यौन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं से संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। फंसे हà¥à¤ लिंग का आमतौर पर सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ कà¥à¤°à¥€à¤® या ऑपरेशन से इलाज किया जाता है।
इनफेकà¥à¤¶à¤¨, जो कि शायद हलà¥à¤•ा ही होगा और à¤à¤‚टिबायोटिक दवाओं से ठीक हो सकेगा।
गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚ होना दà¥à¤°à¥à¤²à¤ हैं, लेकिन इनमें शामिल हैं:
रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ जो उस जगह पर दबाव बनाने से à¤à¥€ नहीं रà¥à¤•ता। इसके लिठटांके लगाने पड़ सकते हैं।
किसी à¤à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की तरह, खतना करवाने पर à¤à¥€ सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ होने का थोड़ा जोखिम रहता है। सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° रकà¥à¤¤ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।
चोट, जैसे लिंग के सिरे का आंशिक विचà¥à¤›à¥‡à¤¦à¤¨ या बहà¥à¤¤ अधिक तà¥à¤µà¤šà¤¾ हटा जाना। इनसे लिंग की दिखावट और कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ दोनों पर असर पड़ सकता है।
घाव सही से न à¤à¤°à¤¨à¤¾, जिसकी वजह से लिंग पर निशान पड़ सकते हैं या यह छोटा हो सकता है। इस जटिलता की वजह से लिंग अजीब ढंग से मà¥à¤¡à¤¼ सकता है या इसका अलग आकार हो सकता है। या​ फिर संà¤à¤µ है कि इरेकà¥à¤¶à¤¨ के समय असहजता हो।
यह à¤à¥€ संà¤à¤µ है कि ऑपरेशन के बाद बहà¥à¤¤ अधिक अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ बची रह जाà¤, और खतने के बाद लिंग जैसा दिख रहा है, उससे आप खà¥à¤¶ न हों। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, आपको बची हà¥à¤ˆ अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ को हटवाने के लिठअतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करवानी होगी, मगर इसके लिठशिशॠके कम से कम छह महीने का होने तक इंतजार करना होगा।
कà¥à¤› लोगों का मानना है कि अगà¥à¤°à¤¤à¥à¤µà¤šà¤¾ हटवाने से यौन सà¥à¤– में कमी आती है। चूंकि खतना किठगठलिंग में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परत नहीं होती, इसलिठसमय के साथ शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤‚ड पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ की à¤à¤• सखà¥à¤¤ बाहरी परत बन जाती है। कà¥à¤› लोगों का मानना है कि इसकी वजह से लिंग में संवेदना कम हो जाती है और यौन सà¥à¤– में à¤à¥€ कमी आती हैं। लेकिन विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, वयसà¥à¤•ता में खतना कराने वाले पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ का मानना है कि इससे आमतौर पर यौन संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ या संà¤à¥‹à¤— करने में कोई कमी या बदलाव नहीं आता है। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चलता है कि खतना का यौन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर बहà¥à¤¤ ही कम या फिर कोई नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं पड़ता है।
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