घुटने के दर्द का सरल घरेलू उपाय क्या है?HealthPlanet

Posted on Wed 14th Dec 2022 : 13:40

1. सेब का सिरका
सामग्री :
2 चम्मच सेब का सिरका
1 गिलास गर्म पानी

प्रयोग की विधि :
सेब के सिरके को पानी में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
फिर इस पानी को पी जाएं। संभव हो, तो भोजन से पहले इसे पिएं।
सेब के सिरके को थोड़े-से नारियल तेल में मिक्स करके प्रभावित जगह पर लगा भी सकते हैं।

कितनी बार करें :
सेब के सिरके एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरा होता है, इसलिए इसे मांसपेशियों के दर्द और अर्थराइटिस से राहत देने में सहायक माना जा सकता है। इस गुण के कारण ही यह जोड़ों में दर्द व घुटने की सूजन को कम कर सकता है । घुटने के दर्द का इलाज करने के लिए इस विधि को अपना सकते हैं।
2. हल्दी
एक चम्मच हल्दी
एक गिलास नारियल/बादाम का दूध

प्रयोग की विधि :
सबसे पहले दूध को गर्म कर लें।
फिर इसमें हल्दी को डालकर मिक्स कर दें।
अब इस दूध को हल्का गर्म होने पर पिएं।

कितनी बार करें :

घुटने के दर्द का उपाय के रूप में रोज दो बार यह दूध पी सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज हल्दी की मदद से किया जा सकता है। हल्दी में करक्यूमिन नामक प्रमुख तत्व पाया जाता है। यह एंटीइंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। कुछ वैज्ञानिक शोधों में पाया गया है कि हल्दी के प्रयोग से जोड़ों के दर्द व घुटने की सूजन को कम किया जा सकता है । इसलिए, हल्दी के जरिए घुटने के दर्द और घुटने पर सूजन का इलाज किया जा सकता है।
3. अदरक

सामग्री :

अदरक का एक इंच टुकड़ा
एक कप पानी
साफ कपड़ा

प्रयोग की विधि :

अदरक को पानी में डालकर करीब पांच मिनट तक उबालें।
इसके बाद पानी को छानकर थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें।
फिर कपड़े को इस पानी में डालकर निचोड़ लें और प्रभावित जगह पर रखें।
अब शरीर के प्रभावित हिस्से को इस कपड़े से लपेट दें।
इस पानी को चाय की तरह पी भी सकते हैं।

कितनी बार करें :

बेहतर परिणाम के लिए इसे दिन में कई बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

अगर किसी को ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण घुटने में दर्द हो रहा है, तो इससे निपटने के लिए अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं । एनसीबीआई (नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन) के अनुसार, अदरक में जिंजेरॉल पाया जाता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह काम कर सकता है। यह घुटने के दर्द का उपाय हो सकता है। साथ ही इसे एनाल्जेसिक यानी दर्द को कम करने वाली जड़ी-बूटी भी माना गया है । इसलिए, ऐसा कहा जाता है कि घुटने के दर्द का इलाज करने के लिए अदरक का प्रयोग कर सकते हैं।
4. लाल मिर्च

सामग्री :

तीन चम्मच लाल मिर्च
एक कप जैतून का तेल
आधा कप बीवैक्स का चूर्ण
एक डबल बाॅयलर
एक जार

प्रयोग की विधि :

लाल मिर्च को जैतूल के तेल में मिक्स कर दें।
इसे डबल बॉयलर में डालकर मध्यम आंच पर करीब 10 मिनट तक उबालें।
अब इसमें बीवैक्स को डालकर लगातार हिलाते रहें।
बीवैक्स के पूरी तरह घुलने और मिश्रण के मुलायम होने तक इसे हिलाते रहें।
इसके बाद मिश्रण को करीब 10 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें और बाद में बाहर निकालकर फिर से फेंटें।
अब इसे फिर से 15 मिनट के लिए ठंडा होने दें और एक बार फिर अच्छी तरह फेंटें।
आपका मिश्रण तैयार है। अब इसे जार में डालकर ढक दें और फ्रिज में रख दें।
अब जब भी जरूरत हो, इसका इस्तेमाल करें।

कितनी बार करें :

घुटने के दर्द का उपाय चाहते हैं, तो इस पेस्ट को दिनभर में कई बार प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

घुटने के दर्द का उपाय के रूप में लाल मिर्च भी कारगर हो सकती है। लाल मिर्च में कैप्साइसिन पाया जाता है, जो घुटनों के दर्द को ठीक करने का काम कर सकता है। कैप्साइसिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी व एनाल्जेसिक (दर्द कम करने वाले) गुण पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक रूप से दर्द निवारक यानी घुटनों के दर्द की दवा का काम कर सकते हैं । इसलिए, घुटने के दर्द का इलाज लाल मिर्च से किया जा सकता है।
5. मेथी दाने

सामग्री :

दो चम्मच मेथी दाने
एक गिलास पानी

प्रयोग की विधि :

पानी में मेथी दाने डालकर रातभर के लिए छोड़ दें।
अगली सुबह पानी को छानकर पी लें।
पानी के साथ मेथी दानों को पीसकर पेस्ट भी बना सकते है। फिर इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं।

कितनी बार करें :

रोज एक बार इस पेस्ट का इस्तेमाल जरूर करें।

कैसे है फायदेमंद :

घुटने के दर्द का उपचार मेथी से संभव हो सकता है। मेथी दानों में लिनोलेनिक और लिनोलिक एसिड पाए जाते हैं, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी अर्थराइटिक प्रभाव डाल सकते हैं और घुटने के दर्द से राहत दे सकते हैं। इसके इस्तेमाल से घुटने की सूजन को कम किया जा सकता है। मेथी दाने के इस्तेमाल से घुटने के दर्द का इलाज किया जा सकता है।
6. सेंधा नमक

सामग्री :

एक कप सेंधा नमक
पानी आवश्यकतानुसार
पुदीने के तेल की कुछ बूंदें

प्रयोग की विधि :

बाथ टब में पानी भरकर उसमें सेंधा नमक मिक्स कर दें।
इसमें पुदीने के तेल की कुछ बूंदें भी डाल सकते हैं।
अब इस पानी में करीब 20-30 मिनट तक बैठें।

कितनी बार करें :

प्रतिदिन एक बार ऐसा किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

सेंधा नमक में मैग्नीशियम और सल्फेट होता है, जो दर्द निवारक की तरह काम कर सकता है। खासकर, मैग्नीशियम सूजन को कम कर सकता है। यही कारण है कि घुटनों में दर्द होने पर सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह तरीका न सिर्फ सस्ता है, बल्कि आसान भी है सेंधा नमक से घुटने के दर्द का इलाज किया जा सकता है।
7. नींबू

सामग्री :

एक नींबू
एक चम्मच तिल का तेल

प्रयोग की विधि :

नींबू का रस निकालकर तिल के तेल में मिक्स कर दें।
अब इस मिश्रण को घुटनों पर लगाएं और 30-40 मिनट के लिए छोड़ दें।
नींबू का जूस पीने से और फायदा हो सकता है।

कितनी बार करें :

इस मिश्रण को प्रतिदिन तीन-चार बार घुटनों पर लगा सकते हैं।
दिन में दो बार नींबू पानी का सेवन कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो घुटनों की सूजन और दर्द को कम कर सकते हैं । वहीं, शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ जाने पर घुटनों में दर्द का कारण माने जाने वाले रोग पैदा हो सकते हैं, जैसे गाउट। वहीं, नींबू पानी का सेवन करने से सीरम यूरिक एसिड में कमी आ सकती हैं। इसलिए, कहा जा सकता हैं नींबू यूरिक एसिड घटाकर, घुटने के दर्द में राहत दे सकता है।
8. सरसों का तेल
सामग्री :
सरसों का तेल (आवश्यकतानुसार)
प्रयोग की विधि :
सरसों के तेल को अपनी उंगलियों पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से घुटनों की मालिश करें।
इस तेल में लहसुन की कलियों को पीसकर मिक्स कर सकते हैं।
कितनी बार करें :
दिनभर में कई बार इस तेल से मालिश कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

घुटने पर सरसों का तेल लगाने से दर्द व सूजन से राहत मिल सकती है । अगर घुटनों के दर्द का इलाज घर बैठे करना चाहते हैं, तो सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। सरसों का तेल जोड़ों के दर्द में हल्की फुल्की राहत दे सकता है और साथ ही यह प्रभावित त्वचा को मुलायम भी बना सकता है

9. लहसुन

सामग्री :
50 ग्राम लहसुन
25 ग्राम अजवाइन
10 ग्राम लौंग
200 ग्राम सरसों का तेल

प्रयोग की विधि :
लहसुन, अजवाइन और लौंग को पीस लें।
अब इन सभी सामग्रियों को तेल में डालकर जला लें।
जब तेल ठंडा हो जाए, तो कांच की बोतल में डालकर रख दें।
अब जब भी जरूरत हो, इससे घुटनों की मालिश करें।

कितनी बार करें :
इस तेल से दिन में एक या दो बार मालिश की जा सकती है।

कैसे है फायदेमंद :
लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो घुटने के दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, एक शोध में जिक्र मिलता है कि लहसुन ऑस्टियोआर्थराइटिस से लक्षणों (जैसे जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन) में सुधार का काम कर सकता है। अगर घुटने के दर्द का उपाय खोज रहे हैं, तो लहसुन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

10. जैतून का तेल
सामग्री :

एक्स्ट्रा वर्जिन जैतूल का तेल (आवश्यकतानुसार)

प्रयोग की विधि :
जितना तेल चाहिए, उतना अपनी उंगलियों पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से मालिश करें।
तेल को लगा रहने दें, ताकि वह अपने आप स्किन में अवशोषित हो जाए।
अगर किसी को इसका चिपचिपापन अच्छा नहीं लगे, तो करीब 30 मिनट बाद उसे साफ कर दें।
कितनी बार करें : अच्छे परिणाम के लिए यह तेल दिन में तीन-चार बार लगा सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :
जैतून के तेल में पॉलीफेनॉल्स जैसे हाइड्रॉक्सीटेरोसोल, टायरोसोल, ओलेओकैंथल और ओलेयूरोपिन जैसे कई बायोलॉजिकल तत्व होते हैं। ये सभी तत्व एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं (19)। इसलिए, घुटने के दर्द का उपाय व घुटने में दर्द का इलाज जैतून के तेल से किया जा सकता है।

11. नारियल तेल
सामग्री :
एक्स्ट्रा वर्जिन नारियल तेल (आवश्यकतानुसार)

प्रयोग की विधि :
उंगलियों पर जरूरत के अनुसार नारियल तेल लगाकर घुटने की हल्के हाथों से मालिश करें।
मालिश के बाद इस तेल को अपने आप सूखने दें या फिर 30 मिनट बाद साफ कर दें।

कितनी बार करें :
दिनभर में दो से तीन बार मालिश कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :
नारियल तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं। यही कारण है कि इसे लगाने से घुटनों में आई सूजन व दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है । नारियल तेल के जरिए घुटने के दर्द का उपाय कर सकते हैं। साथ ही जोड़ों के दर्द का इलाज कर सकते हैं।

12. एसेंशियल ऑयल
पुदीने का तेल

सामग्री :
पुदीने के तेल की सात बूंदें
एक चम्मच नारियल तेल

प्रयोग की विधि :
पुदीने के तेल को नारियल के तेल में मिला दें।
इन दोनों को अच्छी तरह मिक्स कर, प्रभावित घुटने पर लगाएं।

कितनी बार करें :
दिनभर में इसे कितनी भी बार लगा सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :पुदीने के तेल में मुख्य रूप से मेंथॉल पाया जाता है। मेंथॉल में प्राकृतिक रूप से एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसलिए, पुदीने का तेल घुटनों में होने वाले दर्द व सूजन से राहत दिला सकता है । घुटनों के दर्द की दवा की जगह पुदीने के तेल का उपयोग कर सकते हैं।
लोबान का तेल

सामग्री :
लोबान के तेल की सात बूंदें
एक चम्मच नारियल तेल

प्रयोग की विधि :
लोबान के तेल और नारियल तेल को आपस में मिक्स कर लें।
फिर इस मिश्रण को जिस घुटने में दर्द हो रहा हो, वहां लगाएं।

कितनी बार करें :
इस तेल को दिन में कई बार लगा सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :
लोबान के तेल में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। इस लिहाज से यह घुटनों के दर्द में कारगर साबित हो सकता है। वैज्ञानिक अध्ययनों की मानें, तो लोबान ल्यूकोसाइट इलास्टेज (एक प्रकार का एंजाइम) को बाधित करके और ग्लाइकोसामिनोग्लाइकेन्स (खराब पॉलीसैकराइड तत्व) को कम करके जोड़ों में दर्द और सूजन की स्थिति को कम कर सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि लोबान का तेल घुटनों के दर्द की दवा के रूप में काम कर सकता है।

13. डंडेलियन की पत्तियां

सामग्री :
डंडेलियन की 10-12 पत्तियां
एक कप पानी
थोड़ा-सा शहद

प्रयोग की विधि :
सबसे पहले पत्तियों को अच्छी तरह धो लें।
फिर इन पत्तियों को सॉस पैन में पानी के साथ डालकर करीब पांच मिनट तक उबालें।
पानी को छानकर ठंड होने के लिए रख दें।
इसके बाद पानी में शहद मिलाकर तुरंत पी जाएं।

कितनी बार करें :
डंडेलियन की पत्तियों का यह पानी दिन में एक-दो बार पी सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :
घुटने के दर्द का उपचार में डंडेलियन पत्तियां मदद कर सकती हैं, क्योंकि यह एंटी-इंफ्लेमेटरी का प्रमुख स्रोत हैं। इसे उबाल कर पानी पीने से घुटनों के दर्द से आराम मिल सकता है । घुटनों के दर्द की दवा के रूप में डंडेलियन की पत्तियां कारगर हो सकती हैं। इन्हें घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज माना जाता है।

सामग्री :
एक हॉट पैक
एक कोल्ड पैक

प्रयोग की विधि :
दर्द वाली जगह पर पहले हॉट पैक रखें और फिर उसके बाद कोल्ड पैक रखें।
हर पैक को कम से कम पांच मिनट के लिए रखें।
ऐसा करीब तीन बार करें।

कितनी बार करें :
यह प्रक्रिया दिन में कई बार कर सकते हैं, ताकि जल्द आराम आए।

कैसे है फायदेमंद :
हॉट और कोल्ड पैक को एक के बाद एक प्रभावित जगह पर रखने से दर्द व सूजन से आराम मिल सकता है। जहां कोल्ड पैक दर्द वाली जगह को सुन्न कर देता है, वहीं हॉट पैक घुटनों में रक्त के प्रवाह को बढ़ा देता है। इसे भी घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज माना जाता है।
15. विटामिन्स

अगर घुटनों के दर्द से परेशान हो चुके हैं, तो अपनी डाइट में विटामिन-डी और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें। इससे दर्द से काफी हद तक राहत मिल सकता है। विटामिन-डी से हड्डियां मजबूत होती हैं, जबकि विटामिन-सी से शरीर में कोलेजन का निर्माण होता है । कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो कार्टिलेज में पाया जाता है शरीर में विटामिन की पूर्ति के लिए दूध, पनीर, अंडे, सिट्रस फल, ब्रोकली व हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन किया जा सकता है।

कई बार घुटने के दर्द की समस्या गंभीर हो जाती है और घरेलू नुस्खों से स्थिति में कोई सुधार नहीं आता। ऐसे में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। घुटने के दर्द का इलाज करते समय डॉक्टर नीचे लिखी प्रकिया अपना सकते हैं

घुटनों में दर्द का कारण जानने के लिए डॉक्टर घुटने की जांच कर सकते हैं।
डॉक्टर घुटने को मोड़ कर इसके लचीलेपन की जांच कर सकते हैं कि घुटना कहां तक मुड़ रहा है।
अगर डॉक्टर को किसी बाहरी चोट का अंदेशा नहीं मिलता, तो वो एक्स-रे कराने की सलाह दे सकते हैं।
हड्डियों और जोड़ में फ्रैक्चर या संक्रमण की जांच के लिए साधारण एक्स-रे या सिटी स्कैन कराना जरूरी होता है।
घुटने में दर्द की समस्या मांसपेशियों में चोट के कारण भी हो सकती है, इसके लिए एमआरआई (MRI) जांच होती है, जिसमें लिगामेंट इंजरी को पहचाना जा सकता है।
अगर डॉक्टर को किसी संक्रमण गाउट या गठिया के संकेत मिलते हैं, तो वह रक्त की जांच द्वारा इसको पुष्टि कर सकता है।
उपरोक्त जांचों के बाद दर्द का सही कारण पता चलने पर घुटनों के दर्द का इलाज शुरू किया जाता है।

घुटने के दर्द का इलाज, घुटने में दर्द के कारण पर निर्भर करता है। एक बार कारण मालूम होने पर डॉक्टर नीचे लिखे ट्रीटमेंट शुरू कर सकते हैं

दवाएं : घुटने के दर्द के लिए डॉक्टर दर्द निवारक व संक्रमण के लिए एंटी बायोटिक जैसी दवाएं दे सकते हैं। घुटने में दर्द की समस्या अगर किसी पोषक तत्व की कमी के कारण हो, तो उस तत्व की पूर्ति के लिए संबंधित सप्लीमेंट भी दिए जा सकते हैं।

थेरेपी : घुटनों के दर्द के इलाज के लिए फिजियोथेरेपी कराने की सलाह भी डॉक्टर दे सकते हैं। इस थेरेपी का उद्देश्य घुटने की हड्डी और मांसपेशियों को मजबूत बनाना हो सकता है।

इंजेक्शन : घुटनों के दर्द की समस्या से निपटने के लिए दो तरह के इंजेक्शन लगाए जा सकते हैं –

कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन : घुटनों के दर्द से आराम पाने के लिए यह इंजेक्शन दिया जा सकता है। यह दर्द में थोड़े समय के लिए सुधार कर सकता है। वहीं, इसका असर खत्म होने के बाद दोबारा दर्द शुरू होने का जोखिम बना रह सकता है
विस्कोसप्लिमेंटेशन : इस प्रक्रिया के अंतर्गत घुटनों में हाइलूरोनन (गाढ़ा तरल पदार्थ) का इंट्रा-आर्टिकुलर इंजेक्शन दिया जाता है। इस इलाज के द्वारा घुटने के दर्द से राहत मिल सकती है।

घुटने की सर्जरी : बहुत गंभीर मामलों में डॉक्टर सर्जरी की राह सुझाते हैं। घुटनों के दर्द से निजात देने के लिए नीचे लिखी सर्जरी अपनाई जाती हैं।

आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी : यह सर्जरी घुटने से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करने और घुटने के क्रियाकलाप को सुधारने के लिए की जाती है। इससे काफी हद तक घुटने के दर्द से राहत मिल सकती है ।
नी रिप्लेसमेंट (नी आर्थ्रोप्लास्टी) : ये दो तरीके से किया जा सकता है, एक टोटल नी रिप्लेसमेंट और दूसरा पार्शियल (आंशिक) नी रिप्लेसमेंट। टोटल नी रिप्लेसमेंट में घुटने के जोड़ की सतह से क्षतिग्रस्त कार्टिलेज और हड्डी को हटा दिया जाता है और उन्हें मेटल या प्लास्टिक की मानव निर्मित सतह के साथ बदल दिया जाता है। वहीं, पार्शियल नी रिप्लेसमेंट में सर्जन केवल घुटने के जोड़ के एक हिस्से को बदलता है ।


1. भुजंगासन :
भुजंगासन करने के बहुत से लाभ हो सकते हैं, जिसमें से एक है घुटने के दर्द से राहत देना। वैज्ञानिक शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि भुजंगासन का नियमित अभ्यास घुटने के दर्द से राहत दे सकता है

भुजंगासन कैसे करें?

भुजंगासन को नीचे बताए गए तरीके से किया जा सकता है :

सबसे पहले योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
दोनों हाथों को सिर के दोनों तरफ रखें और मस्तक को जमीन से लगाएं।
इस दौरान पैरों को तना हुआ रखें और इनके बीच थोड़ी दूरी रखें।
साथ ही हथेलियों को कंधे के बराबर लाकर रखें।
अब लंबी गहरी सांस भरते हुए हाथों से जमीन की ओर दबाव डालते हुए, नाभि तक शरीर को ऊपर उठाने की कोशिश करें।
सबसे पहले मस्तक, फिर छाती और आखिर में नाभि वाले हिस्से को ऊपर उठाएं।
अब आसमान की ओर देखने की कोशिश करें और इस अवस्था में कुछ देर ठहरें।
शरीर का भार दोनों हाथों पर बराबर बनाएं रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
अब धीरे-धीरे सांस को छोड़ते हुए अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
इस तरह आप इस योग का एक चक्र पूरा करेंगे।
क्षमतानुसार इस योग के तीन से पांच चक्र पूरे किए जा सकते हैं।

2. पश्चिमोत्तानासन :
पश्चिमोत्तानासन उन आसनों में शामिल है, जो घुटनों के दर्द से राहत दे सकते हैं। यह फिजियोथेरेपी के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है और दर्द से राहत देने में मदद कर सकता है। साथ ही यह घुटने की सर्जरी के बाद की स्थिति में भी सुधार कर सकता है, लेकिन ऑपरेशन के बाद इसे अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ।

पश्चिमोत्तानासन कैसे करें?

पश्चिमोत्तानासन को नीचे बताए गए तरीके से किया जा सकता है :

सबसे पहले जमीन पर योग मैट बिछाएं।
अब पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं।
इस दौरान दोनों पैर आपस में सटे हों और घुटने बिल्कुल सीधे हों।
इस योग अभ्यास के दौरान सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को भी सीधा रखें।
अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं।
फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और माथे को घुटनों से सटाते हुए हाथों से पैरों के अंगुठों को पकड़ने की कोशिश करें।
आगे झुकने के दौरान भी घुटने नहीं मुड़ने नहीं चाहिए।
कुछ सेकंड के लिए इसी अवस्था में बने रहने का प्रयास करें।
फिर अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 5 – 6 बार दोहराएं।



मालिश : अरोमाथेरेपी (खुशबूदार तेल) की मालिश से घुटने के दर्द, सुबह-सुबह होने वाली कठोरता और शारीरिक कामकाज की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। इससे घुटनों में आई सूजन धीरे-धीरे कम होने लगती है और दर्द से भी आराम मिल सकता है।

सही मुद्रा : गलत तरीके से उठने-बैठने या फिर चलने-फिरने से भी घुटनों में दर्द हो सकता है। इसलिए, अपने शरीर की सही मुद्रा का ध्यान रखें।

अधिक आराम : दिनभर में जरूरत से ज्यादा आराम करने से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। इससे घुटनों व अन्य जोड़ों में दर्द शुरू हो सकता है।

RICE का रखें ध्यान : घुटनों या जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को R-रेस्ट, I-आईस, C-कंप्रेशन व E-एलिवेशन का पालन करने की सलाह दी जाती है। पहले कुछ देर रेस्ट करें, ताकि घुटने को आराम मिल सके। फिर उस पर कुछ देर आईस रखें, ताकि दर्द व सूजन कम हो। इसके बाद कंप्रेशन बैंडेज घुटनों पर लपेटें और घुटने को थोड़ा ऊपर रखें। यह लिगामेंट चोट को आराम पहुंचा सकता है

एक्यूपंक्चर : यह चाइनीज पद्धति कारगर साबित हो सकती है। इसमें शरीर के कुछ निश्चित पॉइंट्स पर सुइयां चुभाई जाती हैं, जिससे दर्द से आराम मिल सकता है।

क्या खाएं : घुटनों के दर्द या फिर गठिया रोग से परेशान लोगों के लिए कोई निश्चित डाइट चार्ट नहीं है। फिर भी कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिनके सेवन से दर्द व सूजन कम हो सकती है। इनके बारे में हम यहां बता रहे हैं

मछलियां : साल्मन व सार्डिन जैसी मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम कर सकता है। हफ्ते में दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।
जैतून तेल : इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो सूजन और दर्द से राहत देने में मदद कर सकता है ।
डेयरी उत्पाद : हड्डियों के लिए विटामिन-डी जरूरी है और दूध, दही व पनीर इसके प्रमुख स्रोत हैं।


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