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टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (टीवीà¤à¤¸) महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों के रासà¥à¤¤à¥‡ बहà¥à¤¤ ही सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से देखा जाता है। महिलाओं में à¤à¤¾à¤‚जपंन के कारण का पता लगाना के लिठटà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड ज़रà¥à¤°à¥€ है|
टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजिनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (Transvaginal Ultrasound) मतलब | योनि के माधà¥à¤¯à¤® से आंतरिक सà¥à¤•ैन | ।यह à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ परीकà¥à¤·à¤£ होता है जिसमें महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों जैसे अंडाशय, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब आदि का योनि (वैजाइना ) के रासà¥à¤¤à¥‡ बहà¥à¤¤ ही सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से देखा जाता है। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¤• उपकरण है जो हमारे शरीर के अंदरूनी जीवों की लाइव छवियां बनाने के लिठसोनार तकनीक का उपयोग करता है। महिलाओं में किठजाने वाला अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड टेसà¥à¤Ÿ अधिकतर 2 तरीके के होते हैं।
• पहला टà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड (ट. à¤. स)- जिसमें हम महिला के पेट के ऊपर से अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड पà¥à¤°à¥‹à¤¬ को रख कर अंदरूनी अंगों का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करते हैं। पेट के ऊपर से सà¥à¤•ैन करते समय महिला का मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पूरा à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† होना जिससे कई महिलाओं को असहज महसूस होती है।
• दूसरा टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड यानी(टीवीà¤à¤¸)- इसमे महिला के योनि केअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड अंदर पà¥à¤°à¥‹à¤¬ ले जाकर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और दूसरे पेलà¥à¤µà¤¿à¤• अंगों की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संवेदनशील तरीके से जांच की जाती है।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड अधिक आरामदायक होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठमूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ का à¤à¤°à¤¾ होना जरà¥à¤°à¥€ नहीं ।टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ साफ छवि à¤à¥€ मिलती है।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾-
डॉकà¥à¤Ÿà¤° महिला को पीठके बल लेटाती है और अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड पà¥à¤°à¥‹à¤— के ऊपर कंडोम चढ़ाकर,उस पर जेली लगाई जाती है फ़िर योनि के अंदर 2 से
3 इंच तक लेकर जाकर सà¥à¤•ैनिंग की जाती है। à¤à¤¸à¤¾ करने से महिला को किसी à¤à¥€ तरह का दरà¥à¤¦ नही होता है। इस पूरे पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में करीब 15 से 20
मिनट लगते हैं।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड करने के आठकारण-
किन-किन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड करने से लाठहोता है।
1- निसंतान महिला / फीमेल इनफरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€-
बांà¤à¤ªà¤¨ से जूठरही महिलाओं की संखà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ तेजी से बढ़ रही है। इसलिठसही समय पे जाà¤à¤š कराना और à¤à¤¾à¤‚जपंन के कारण का पता लगाना बहà¥à¤¤ ही जरूरी है। इसमे डॉकà¥à¤Ÿà¤° सबसे पहले किसी à¤à¥€ निसंतान महिला को अपना टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने को कहते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड निसंतान के परीकà¥à¤·à¤£ और उसके निदान में à¤à¥€ उपयोगी होता है-
• टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में किसी गांठ, रसौली ,फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ और सूजन (à¤à¤¡à¤¿à¤¨à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸) की कंडीशन का पता चल सकता है।
• बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में किसी तरह के आनà¥à¤µà¤‚शिक विकार को देख जाता है।
• बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ की अंदर की परत जिसे à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® कहते हैं उसे नापा जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह परत अगर कमजोर या बहà¥à¤¤ पतली है तो à¤à¤¾à¤‚जपंन की दिकà¥à¤•त हो सकती है।
• टीवीà¤à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ महिला के दोनों फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब खà¥à¤²à¥€ है या बंद ,इसका à¤à¥€ पता लगाया जाता हैं। इस महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को | सोनोसलपिंगोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ | कहते हैं।
• अगर महिला के फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में पानी à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† है,जिसे | हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤²à¥à¤ªà¤¿à¤‚ग | कहते हैं तो à¤à¥€ मा बनाने में दिकà¥à¤•त होती है। इसका पता à¤à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लगाया जा सकता है।
• टीवीà¤à¤¸ से महिला के अंडाशय में अंडों की संखà¥à¤¯à¤¾ का पता करते हैं।
• अंडाशय में किसी तरह की गांठ,सिसà¥à¤Ÿ, इंडोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾ का पता लगा सकते है।
• पीसीओडी यानी पॉलीसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवेरियन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® जैसे समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¥€ टीवीà¤à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पता किया जा सकता है।
महिला में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के रिपोरà¥à¤Ÿ के आधार पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° निसंतान महिला का यातो फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ दवाइयों से इलाज करते है या सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ या फिर उसे कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ जैसे कि आईयूआई(IUI) या टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (IVF) की जरूरत पड़ती है।
2- कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£( IUI/IVF)
कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ और टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड के बहà¥à¤¤ सारे लाठहैं।
• सबसे पहले जब महिला को उसके अंडे बढ़ाने की दवा दी जाती है तो टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ के अंडों का विकास का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ किया जाता है मतलब महिला के ओवरी में कितनी संखà¥à¤¯à¤¾ और साइज में अंडे बड़े हो रहे। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को | फॉलिकà¥à¤¯à¥‚लर मोनिटरिंग | कहते है ।
• जब महिला के ओवरी में अंडो का पूरी तरह से निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हो जाता है,तो टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• लंबी सà¥à¤ˆ की मदद से उन सारे अंडो को महिला के शरीर से बाहर निकाला जाता है। उन अंडों को शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ से मिलाकर à¤à¥à¤°à¥‚ण तैयार किया जाता है।
• फिर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की निगरानी में ही à¤à¥à¤°à¥‚ण को वापस महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤°à¥à¤ªà¤¿à¤¤ कर दिया जाता है।
इस तरह से टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤¯à¥‚ब बेबी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के हर सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª पर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड की à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका होती है जिसके बिना यह इलाज संà¤à¤µ नहीं।
3- अनियमित माहवारी
किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° की महिला को अगर अनियमित माहवारी की शिकायत है मतलब हर बार उसका पीरियड यातो समय के पहले या बाद में होता है या फिर पीरियड के समय अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है या बहà¥à¤¤ कम बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है तो इन सà¤à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कारणों का पता लगाया जाता है।
4- अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• मोटी महिला की जांच
अगर किसी महिला का वजन बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है तो à¤à¤¸à¥‡ में पेट के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड यानी टà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड बहà¥à¤¤ ही मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पेट के नीचे की चरà¥à¤¬à¥€ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से निकले धà¥à¤µà¤¨à¤¿ तरंगों को ठीक से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक नहीं पहà¥à¤‚चा पाती। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जब हम पà¥à¤°à¥‹à¤¬ को योनि के रासà¥à¤¤à¥‡ ले जाते हैं तब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ जैसे अंदरूनी अंगो को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ तरीके से देख सकते हैं और किसी à¤à¥€ असमानता को पता कर सकते है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड –
5- गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरण –
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से टà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड का उपयोग करते हैं पर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजिनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की जरूरत विशेष रूप से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के पहली तिमाही में होती है। पहले 10-12 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ यानी पैलेस में होती है जिसे टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड यानी पेट के रासà¥à¤¤à¥‡ देखना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। इसलिठटà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास को देखने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। इसमें अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड पà¥à¤°à¥‹à¤¬ योनि दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जाता है जो की गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ निकट होता है जिससे शिशॠकी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अचà¥à¤›à¥€ और बड़ी छवि सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ पर दिखती है।
• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कर सकते है।
• यह पता कर सकते हैं की गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¤• शिशॠहै या जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ या दो से अधिक यानी मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी है। में।
• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तिथि का पता लगाने के लिठऔर शिशॠके जनà¥à¤® की सही नियत तिथि का पता कर सकते है खासकर अगर महिला की माहवारी चकà¥à¤° अनियमित हो।
• शिशॠके दिल की धड़कन है या नहीं इसका पता करते हैं।
• शिशॠमें किसी तरह की अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक विकार का पता कर सकते है।
• यदि मां के पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में कोई दरà¥à¤¦ है या बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो रही है तो उसका कारण à¤à¥€ पता किया जा सकता है।कई बार सबकोरियोनिक हीमोरेज यानी सैक के आसपास छोटे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ होने से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो सकता है।
6- असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾(à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी)-
कई बार गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में शिशॠना ठहर कर उसके आसपास के अंगों जैसे कि फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब , अंडाशय ,सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ आदि में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी लग जाती है। इसे | à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी | कहते हैं। और à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कà¤à¥€ à¤à¥€ गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो सकता है जिससे मां की जान को à¤à¥€ खतरा होता है।टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड के माधà¥à¤¯à¤® से असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की आशंका दूर किया जा सकता है।
7- अपरिपकà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ(पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ)-
अगर महिला को समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने की शिकायत है तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान टीवीà¤à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ की लंबाई नापते हैं। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ बहà¥à¤¤ कम होने पे महिला के बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ के नीचे के रासà¥à¤¤à¥‡ को टांका लगा कर मज़बूत किया जाता है।
8- बार बार गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤-
अगर किसी महिला को बार बार गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होता है तो टीवीà¤à¤¸ करके कारणों का पता लगाया जा सकता है जैसे की बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में किसी तरह की आनà¥à¤µà¤‚शिक विकार ,किसी तरह का गांठया à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ या फिर बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ की परत बहà¥à¤¤ कमजोर है तो इन सारे ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो सकता है।
माठबनाना किसी à¤à¥€ महिला के लिठबेहद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ और संवेदनशील चरण है, और माठऔर बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के लिठकिठगठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन या टीवीà¤à¤¸ आज के समय में सबसे विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सà¤à¥€ चरणों के दौरान टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजिनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड अगर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कराया जाठतो यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤•दम सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है और मां या बचà¥à¤šà¥‡ को कोई नà¥à¤•सान नहीं होता है।
उसी तरह से कोई à¤à¥€ महिला अगर अपना टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड किसी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कराती है तो उसकी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ का कारण पता किया जा सकता है। खासकर निसंतान महिलाओं में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड जांच और निदान दोनो के लिठउपयोगी है।टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजाइनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤Šà¤‚ड किसी वरदान से कम नही जिसका लाठउठा कितनी महिलाओं के जीवन में संतान सà¥à¤– की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆ है!!!
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