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टिटनेस (टेटनस): लकà¥à¤·à¤£, उपचार और कारण
टिटनेस कà¥à¤¯à¤¾ है?
टिटनेस को लॉकजॉ के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है और यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° चिकितà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो कà¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤® टेटानी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होती है। यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शरीर में à¤à¤• टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ पैदा करता है, जो मरीज के नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® और दिमाग को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जिससे मांसपेशियों में अकड़न आ जाती है।
यदि इस जीवाणॠके बीजाणॠघाव में जमा हो जाते हैं, तो कà¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤® टेटानी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का नà¥à¤¯à¥‚रोटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ मांसपेशियों की गतिविधियों को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने वाली नसों में हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करता है। टिटनेस à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦, सांस लेने में कठिनाई और रोगी के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठघातक हो सकता है।
यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ टिटनेस को ठीक करने के लिठउपचार हैं, लेकिन अधिकांश समय वे समान रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नहीं हो पाते हैं। तो इस घातक बीमारी से बचाव का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है, टिटनेस का टीका लगवाना।
टिटनेस जीवाणॠबीजाणॠशरीर के बाहर à¤à¥€ काफी समय तक जीवित रह सकते हैं। वे कहीं à¤à¥€ मौजूद हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर दूषित मिटà¥à¤Ÿà¥€ और पशॠखाद में पाठजाते हैं।
टिटनेस कितने पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं?
टिटनेस को तीन पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया जाता है:
सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत टिटनेस: यह सबसे आम रूप 80% से अधिक मामलों में होता है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ जबड़े की मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन यानी लॉकजॉ से शà¥à¤°à¥‚ होते हैं। यह चरम मामलों में अनà¥à¤¯ मांसपेशी समूहों में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• à¤à¤‚ठन के साथ जोड़ती है, गंà¤à¥€à¤° मामलों में गरà¥à¤¦à¤¨, धड़ और आकà¥à¤·à¥‡à¤ªà¥¤ सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत टिटनेस में गंà¤à¥€à¤° à¤à¤‚ठन, तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° में असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ और लंबे समय तक असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ रहने से संबंधित जटिलताà¤à¤‚ होती है।
सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯à¤•ृत टिटनेस: इस असामानà¥à¤¯ रूप में, मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन चोट वाली जगह के पास à¤à¤• विशेष कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पाई जाती है। यह आंशिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ वाले लोगों पर हमला कर सकता है और यह हलà¥à¤•ा होता है।
सेफैलिक टिटनेस: यह दà¥à¤°à¥à¤²à¤à¤¤à¤® रूप चेहरे या सिर के घावों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है और इसे ओटिटिस मीडिया के साथ à¤à¥€ जोड़ा जा सकता है। फà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥€à¤¡ कपाल तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा पकà¥à¤·à¤¾à¤˜à¤¾à¤¤ सेफेलिक टिटनेस के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प होता है। लॉकजॉ à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ किया जा सकता है। सेफेलिक टिटनेस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯à¤•ृत टिटनेस के रूप में सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत रूप में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤—ति कर सकता है।
टिटनेस के पहले लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
जीवाणॠविषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ टिटनेस नामक à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बीमारी का कारण बनते हैं जो तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। यह दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• मांसपेशियों के संकà¥à¤šà¤¨ को बढ़ावा देता है, विशेष रूप से जबड़े और गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियों में।
टिटनेस सांस लेने में बाधा डाल सकता है और यहां तक ​​कि आपके जीवन से समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ à¤à¥€ कर सकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को आमतौर पर लॉकजॉ के नाम से जाना जाता है। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ के 10 दिनों के बाद टिटनेस के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते है और जिन रोगियों का ऊषà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¨ समय कम था, उनके अधिक दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होते है।
à¤à¤‚ठन और जकड़न को मांसपेशियों के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के रूप में देखा जाता है और चबाने वाली मांसपेशियों में अकड़न शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
इसलिठइसे लॉकजॉ कहा जाता है। फिर मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन धीरे-धीरे गरà¥à¤¦à¤¨ और गले तक फैल जाती है जो अंततः निगलने में कठिनाई का कारण बनती है। मरीजों के चेहरे की मांसपेशियों में लगातार मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन होती है। कà¥à¤› लोगों ने पेट और अंग की मांसपेशियों को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पाया है।
गंà¤à¥€à¤° मामलों में, वे à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤—ामी वकà¥à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में चले जाते है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पीठकी मांसपेशियां आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती हैं। यह आमतौर पर उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होता है जो टिटनेस रोग का अनà¥à¤à¤µ करते हैं। अधिकांश टिटनेस पीड़ितों को बà¥à¤–ार, सिरदरà¥à¤¦, गले में खराश, दसà¥à¤¤, खूनी मल, पसीना और तेज़ दिल की धड़कन का अनà¥à¤à¤µ होता है।
कà¥à¤¯à¤¾ टिटनेस सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ है?
टिटनेस के मामले में ठीक होने की अवधि रोग का निदान से संबंधित होती है, जो बदले में रोगी को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जाने वाली सहायता के साथ-साथ चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² पर निरà¥à¤à¤° करती है। यदि संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज नहीं किया जाता है तो शरीर में जारी नà¥à¤¯à¥‚रोटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ इसे सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकते हैं। उचित उपायों के साथ समय पर उपचार के मामले में, रोग को ठीक करना काफी संà¤à¤µ है।
कà¥à¤¯à¤¾ टिटनेस हलà¥à¤•ा हो सकता है?
टिटनेस की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ कमोबेश ऊषà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¨ अवधि के साथ-साथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° की सीमा पर निरà¥à¤à¤° करती है। ऊषà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¨ अवधि आम तौर पर 3 से 21 दिनों तक à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है।
ऊषà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¨ अवधि जितनी कम होती है, बीमारी उतनी ही गंà¤à¥€à¤° होती है और मृतà¥à¤¯à¥ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उतनी ही अधिक होती है।
सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯à¤•ृत संकà¥à¤°à¤®à¤£ के मामले में, रोग हलà¥à¤•ा होता है और आसानी से और कम समय में इसका इलाज किया जा सकता है। जैसे-जैसे पà¥à¤°à¤—ति शà¥à¤°à¥‚ होती है और संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¤• सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत रूप में फैलता है, लकà¥à¤·à¤£ अधिक गंà¤à¥€à¤° होते हैं।
टिटनेस सबसे आम कहाठहै?
आजकल टिटनेस उतना गंà¤à¥€à¤° रोग नहीं है, जितना शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में हà¥à¤† करता था, परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ उपचार की कमी और टीकाकरण जैसे निवारक उपायों के कारण। लेकिन फिर à¤à¥€, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° हैं जहां इस बीमारी के होने की दर काफी अधिक है।
दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ और उप-सहारा अफà¥à¤°à¥€à¤•ा उन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में से हैं जो सबसे अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर कà¥à¤² वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ मामलों का 82% हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं।
टिटनेस के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
टिटनेस कà¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤® टेटानी जीवाणॠके कारण होता है। जीवाणॠबीजाणॠशरीर के बाहर लंबे समय तक जीवित रहते हैं। यह जीवाणॠसबसे अधिक दूषित मिटà¥à¤Ÿà¥€, पशॠखाद में पाया जाता है लेकिन साथ ही यह वसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤ƒ कहीं à¤à¥€ मौजूद हो सकता है।
कà¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤® टेटानी के खंड के कà¥à¤› समय बाद, वे जलà¥à¤¦à¥€ से बढ़ने लगते हैं और à¤à¤• नà¥à¤¯à¥‚रोटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨, टेटानोसà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤®à¤¿à¤¨ का निरà¥à¤µà¤¹à¤¨ करते हैं। जब जहर परिसंचरण तंतà¥à¤° में जाता है, तो यह शरीर में तेजी से फैलने लगता है और टिटनेस के लकà¥à¤·à¤£ पैदा करता है।
नà¥à¤¯à¥‚रोटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ साइन-मेकिंग के साथ दिमाग से रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में नसों तक और मांसपेशियों पर उतà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° यातà¥à¤°à¤¾ में बाधा डालता है, जिससे दृढ़ता और मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन होती है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ कट या पंचर घावों के माधà¥à¤¯à¤® से जीवाणॠशरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है। जब कोई कट या घाव पूरी तरह से साफ हो जाता है, तो इससे टिटनेस को रोकने का मौका मिल सकता है।
दांतों में संकà¥à¤°à¤®à¤£, कीड़े के काटने, सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚, नसों में नशीली दवाओं का उपयोग और मांसपेशियों में इंजेकà¥à¤¶à¤¨ टिटनेस को अनà¥à¤¬à¤‚धित करने के बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ तरीके हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ टिटनेस अपने आप दूर हो सकता है?
टिटनेस, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की चिकितà¥à¤¸à¤¾ आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, इसका तà¥à¤°à¤‚त इलाज करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ या विलंबित उपचार के मामलों में, यह घातक à¤à¥€ साबित हो सकता है। जब संकà¥à¤°à¤®à¤£ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯à¤•ृत हो जाता है, तो इसे अपने आप ठीक किया जा सकता है, जबकि सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत संकà¥à¤°à¤®à¤£ के मामले में, यह पूरे शरीर में फैल जाता है और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ से इलाज की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
टिटनेस को जंग कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पसंद है?
टिटनेस और जंग à¤à¤• दूसरे के साथ सहसंबदà¥à¤§ हैं। टिटनेस का कारक à¤à¤œà¥‡à¤‚ट यानि कà¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤® टेटानी आमतौर पर मिटà¥à¤Ÿà¥€ में पाया जाता है। वे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ असà¥à¤µà¥€à¤•ृत वसà¥à¤¤à¥à¤“ं जैसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ कारों, घरों और अनà¥à¤¯ धातॠकी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की सतहों पर à¤à¤•तà¥à¤° हो जाते हैं जो लंबे समय तक जंग खा जाती हैं।
इसलिà¤, मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को दैनिक जीवन में à¤à¤¸à¥€ जंग लगी सतहों के संपरà¥à¤• में आने का उचà¥à¤š जोखिम होता है। इस तरह टिटनेस जंग से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के किसी à¤à¥€ शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने के बाद कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
जब यह जीवाणॠमानव शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है, तो यह बहà¥à¤¤ तेज गति से गà¥à¤£à¤¾ करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है और à¤à¤• नà¥à¤¯à¥‚रोटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ टेटानोसà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤®à¤¿à¤¨ छोड़ता है, जो रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में मिल जाता है। चूंकि यह नà¥à¤¯à¥‚रोटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ पूरे शरीर में फैलता है, यह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में टिटनेस के लकà¥à¤·à¤£ पैदा करता है।
à¤à¤• बार जब यह विष फैलता है तो टेटानोसà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤®à¤¿à¤¨ रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में नसों से यातà¥à¤°à¤¾ करने वाले संकेतों के साथ हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है, और फिर मांसपेशियों में à¤à¥€, जो कठोरता और मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन का कारण बनता है।
कà¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤® टेटानी मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से तà¥à¤µà¤šà¤¾ के घावों जैसे पंचर घाव और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में कट के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती है। इसलिठघाव को जलà¥à¤¦à¥€ से अचà¥à¤›à¥€ तरह से साफ करना, टिटनेस को रोकने में मदद करता है।
चूंकि यह रोग आजकल टिटनेस के टीके की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ के कारण à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ रोग बन गया है, इसलिठअधिकांश देशों में à¤à¤• औसत चिकितà¥à¤¸à¤• को कà¤à¥€ à¤à¥€ इस रोग के रोगी को देखने का मौका नहीं मिल पाता है। हालांकि, जितनी जलà¥à¤¦à¥€ रोगी को इस बीमारी का निदान किया जाता है, उपचार उतना ही पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होता है।
इसलिठयदि आपको मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन और जकड़न है और आपके शरीर पर हाल ही में कोई कट लगा है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें। चूंकि टिटनेस à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही घातक बीमारी है, à¤à¤• बार इस बीमारी से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने पर, इसका इलाज केवल अनà¥à¤à¤µà¥€ चिकितà¥à¤¸à¤¾ पेशेवरों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही किया जाना चाहिà¤à¥¤
टिटनेस कैसे फैलता है?
टिटनेस बीजाणॠटूटी हà¥à¤ˆ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर में जा सकते हैं, अधिकांश à¤à¤¾à¤— अशà¥à¤¦à¥à¤§ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं से घावों के माधà¥à¤¯à¤® से, उदाहरण के लिà¤, मृत ऊतक के साथ घाव, और जहाठजला हà¥à¤† है। शरीर में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का सà¥à¤µà¤¾à¤—त करने के अनà¥à¤¯ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ तरीके यौगिक फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤°, अंतःशिरा दवा का उपयोग, सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚, कीड़े के काटने, दंत संकà¥à¤°à¤®à¤£ और इंजेकà¥à¤¶à¤¨ हैं। à¤à¤¾à¤°à¥€ दूषित घाव, गंà¤à¥€à¤° बीमारियां टिटनेस संचरण के अनà¥à¤¯ तरीके हैं।
टिटनेस का निदान कैसे किया जाता है?
आपके लकà¥à¤·à¤£ जैसे कि दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• à¤à¤‚ठन, मांसपेशियों में अकड़न और अनà¥à¤¯ नठया पà¥à¤°à¤—तिशील लकà¥à¤·à¤£ चिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ में जांचे जाते है। आमतौर पर, टिटनेस का निदान पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से नहीं किया जा सकता है।
हालाà¤à¤•ि, आपको अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से बचने के लिठमेनिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, रेबीज, परीकà¥à¤·à¤£ लेने की सलाह दी जा सकती है। आपके टीकाकरण इतिहास के आधार पर, आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसका निदान करता है।
उपचार और निदान:
घाव और जलन के रोगियों को सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, गंà¤à¥€à¤° फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° जहां हडà¥à¤¡à¥€ उजागर हो गई है (जैसे मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ कारकों में), पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€à¤—त सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ वाले रोगियों पर जलन और घाव को जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ टीआईजी (टिटनेस इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤²à¥‹à¤¬à¥à¤²à¤¿à¤¨) पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤²à¥‡ ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहले टिटनेस का टीका लग गया हो, लेकिन टीआईजी में à¤à¤‚टीबॉडी होते हैं जो इस जीवाणॠको मारते हैं और इस घातक बीमारी से अलà¥à¤ªà¤•ालिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ आप टिटनेस से बच सकते हैं?
टिटनेस, जिसे आमतौर पर 'लॉकजॉ' के रूप में जाना जाता है, à¤à¤• जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ है जिसमें तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है, इसके बाद शरीर की मांसपेशियों में कसाव आता है। यह à¤à¤• मेडिकल इमरजेंसी है जिसका जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ इलाज किया जाना चाहिà¤, नहीं तो यह जानलेवा à¤à¥€ साबित हो सकता है।
टीकाकरण रोग को रोकने का à¤à¤• साधन है, जबकि जीवित रहने के लिठउपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है जिसमें à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸, मांसपेशियों को आराम देने वाले, टिटनेस इंजेकà¥à¤¶à¤¨ और टिटनेस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¥à¤¯à¥à¤²à¤¿à¤¨ का उपयोग शामिल होता है।
टिटनेस के लिठटीकाकरण:
लोगों को टिटनेस जीवाणॠसे बचाने के लिठआधà¥à¤¨à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ में चार पà¥à¤°à¤•ार के टीके उपलबà¥à¤§ हैं। टिटनेस के अलावा अनà¥à¤¯ बीमारियों से à¤à¥€ बचाव होता है।
डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और टिटनेस (डीटी) टीकाकरण
डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, टिटनेस, और परà¥à¤Ÿà¥à¤¸à¤¿à¤¸ (डीटीà¤à¤ªà¥€) टीकाकरण
टिटनेस और डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (टीडी) टीकाकरण
टिटनेस, डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, और परà¥à¤Ÿà¥à¤¸à¤¿à¤¸ (टीडीà¤à¤ªà¥€) टीकाकरण
सामानà¥à¤¯ तौर पर, सात साल से अधिक उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डीटी या डीटीà¤à¤ªà¥€ मिलता है, हालांकि अधिक अनà¥à¤à¤µà¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और वयसà¥à¤•ों को टीडी और टीडीà¤à¤ªà¥€ à¤à¤‚टीबॉडी मिलते हैं। टिटनेस से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लोगों को सांस लेने में गंà¤à¥€à¤° परेशानी होती है
दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को तोड़ सकती है। यह जीवाणॠपकà¥à¤·à¤¾à¤˜à¤¾à¤¤ का कारण à¤à¥€ बन सकता है। चूंकि टिटनेस का कोई इलाज नहीं है, इसलिठहमेशा टिटनेस से बचाव के लिठटीके लगवाने की सलाह दी जाती है।
टिटनेस से बचाव के उपाय कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
टिटनेस का टीकाकरण दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ार किया जा सकता है। टिटनेस à¤à¤‚टीबॉडी आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और टिटनेस टॉकà¥à¤¸à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ और अकोशिकीय परà¥à¤Ÿà¥à¤¸à¤¿à¤¸ (डीटीà¤à¤ªà¥€) टीकाकरण के à¤à¤• टà¥à¤•ड़े के रूप में दी जाती है। यह टीका बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को टिटनेस, डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और गले जैसी तीन बीमारियों से बचाता है।
तीन शॉटà¥à¤¸ के रूप में, डीटीà¤à¤ªà¥€ टीका 2 महीने, 4, 6, 15, 18 महीने और 4-6 साल की उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दी जाती है। à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‹à¤œà¤• 11-18 वरà¥à¤· की आयॠके बीच दिठगठअधिकांश à¤à¤¾à¤— के लिठहोता है, और दूसरे समरà¥à¤¥à¤• को नियमित अंतराल पर अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ दी जाती है।
टिटनेस को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से कैसे रोकें?
हालांकि टीकाकरण टिटनेस को रोकने में à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है, यह बताया गया है कि विटामिन सी ने परिवरà¥à¤¤à¤¨ किठऔर 1-12 वरà¥à¤· के बीच के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में टिटनेस के साथ मृतà¥à¤¯à¥ दर को कम किया। उनके जीवन को अंतःशिरा विटामिन सी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बचाया गया है।
लगà¤à¤— 45% टिटनेस बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उसी विटामिन सी पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ की मदद से मृतà¥à¤¯à¥ से बचाया गया है। टिटनेस में विटामिन सी की à¤à¥‚मिका सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है।
चूंकि खà¥à¤²à¥‡ और गंदे घाव, कट, जानवरों के काटने से टिटनेस संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा बढ़ जाता है, इसलिठइसे साफ किया जाना चाहिà¤, खासकर यदि आप अपने टिटनेस टीकाकरण के बारे में सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं हैं। अशà¥à¤¦à¥à¤§ घाव को पटà¥à¤Ÿà¥€ से न फà¤à¤¸à¤¾à¤à¤ जिससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा बढ़ जाता है।
घाव को साफ करने के बाद पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह पर à¤à¤‚टीबायोटिक कà¥à¤°à¥€à¤® लगाà¤à¤‚। कà¥à¤°à¥€à¤® का उपयोग करते समय, यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को आगे बढ़ने में सहायता नहीं करता है।
अब आप साफ किठगठघाव को à¤à¤• पटà¥à¤Ÿà¥€ से ढक दें जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ को रोक देता है दिन में कम से कम à¤à¤• बार पटà¥à¤Ÿà¥€ को बदलने की कोशिश करें जब यह गीली हो जाठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने में बहà¥à¤¤ मदद करती है।
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