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टाइफाइड बà¥à¤–ार : पà¥à¤°à¤•ार, लकà¥à¤·à¤£, कारण, इलाज, निदान, जोखिम,
आंतà¥à¤° जà¥à¤µà¤°, जिसे आमतौर पर टाइफाइड के नाम से जाना जाता है, उसमे सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ टाइफी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है।इससे फूड पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤œà¤¨à¤¿à¤‚ग होती है।दूषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ और पानी से संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलता है। यदि आप टाइफाइड से पीड़ित किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के निकट संपरà¥à¤• में आते हैं तो à¤à¥€ आपको यह रोग हो सकता है। खराब सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ à¤à¥€ इस जानलेवा बीमारी का कारण बनती है।इस बीमारी के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामले विकासशील देशों में होते हैं। हालाà¤à¤•ि, अमेरिका जैसे औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक देश à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° मामलों की रिपोरà¥à¤Ÿ करते हैं।हाल ही के निषà¥à¤•रà¥à¤·à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, लगà¤à¤—। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में आंतà¥à¤° जà¥à¤µà¤° के 21 मिलियन मामले सामने आते हैं। इसलिà¤, आपको उन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ की यातà¥à¤°à¤¾ करते समय विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठजहां टाइफाइड वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है।
टाइफाइड के बारे में अधिक जानकारी
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में टाइफाइड के सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मामले हैं। हालांकि, पिछले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में मामलों की संखà¥à¤¯à¤¾ में कमी आई है।टाइफाइड बà¥à¤–ार आमतौर पर बरसात के मौसम में फैलता है। पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित पानी पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों में से à¤à¤• है जो इस जल जनित बीमारी में योगदान देता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अधिक खतरा होता है। हालांकि, वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में उनके लकà¥à¤·à¤£ कम गंà¤à¥€à¤° होते हैं।à¤à¤• और सबसे बड़ा जोखिम कारक मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µ, यूरोप, दकà¥à¤·à¤¿à¤£ और मधà¥à¤¯ अमेरिका जैसे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ की यातà¥à¤°à¤¾ कर रहा है। दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में, गंà¤à¥€à¤° टाइफाइड संकà¥à¤°à¤®à¤£ से मृतà¥à¤¯à¥ हो सकती है।
टाइफाइड के पà¥à¤°à¤•ार
सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ दो समूहों के अंतरà¥à¤—त आता है:
टाइफाइडल सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾, जो जीवाणॠउपà¤à¥‡à¤¦ है यह टाइफाइड बà¥à¤–ार या पैराटाइफाइड बà¥à¤–ार को जनà¥à¤® देता है, जिसमें सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ टाइफी, पैराटाइफी A, B और C शामिल हैं।
गैर-टाइफाइड सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾, जिसमें अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ उपà¤à¥‡à¤¦ हैं।
टाइफाइड के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
à¤à¥‚ख न लगना, लगातार कमजोरी, सिरदरà¥à¤¦ और शरीर में दरà¥à¤¦ होना आम है। कबà¥à¤œ, दसà¥à¤¤ और उलà¥à¤Ÿà¥€ धीरे-धीरे विकसित होती है। आंतà¥à¤° जà¥à¤µà¤° के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं:
थकान
उचà¥à¤š बà¥à¤–ार
à¤à¥‚ख में कमी
सिरदरà¥à¤¦
दसà¥à¤¤
मतली
पà¥à¤°à¤²à¤¾à¤ª
गले में खरास
चकतà¥à¤¤à¥‡
पेट के रोग
कई बार लोगों में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होते हैं लेकिन ये लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखाते हैं। लकà¥à¤·à¤£ धीरे-धीरे विकसित होते हैं और अकà¥à¤¸à¤° 1-3 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद दिखाई देते हैं। कà¥à¤› लोग बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ले जाते हैं लेकिन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं होते हैं। वे सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥‹à¤¨à¥à¤®à¥à¤– वाहक हैं जिनमें कोई लकà¥à¤·à¤£ या संकेत नहीं हैं।अगर आपको इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
टाइफाइड बà¥à¤–ार शरीर के किस अंग पर हमला करता है?
टाइफाइड à¤à¤• जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ है। यह सिरà¥à¤« à¤à¤• अंग को नहीं, बलà¥à¤•ि शरीर के कई अंगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में पहà¥à¤‚चने के बाद, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ यकृत, पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ और मांसपेशियों सहित जठरांतà¥à¤° संबंधी मारà¥à¤— पर हमला करते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€, यकृत और पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾ à¤à¥€ सूज जाते हैं। रकà¥à¤¤ के माधà¥à¤¯à¤® से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली, फेफड़े और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ तक à¤à¥€ पहà¥à¤‚च सकते हैं।सबसे पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ लकà¥à¤·à¤£ बà¥à¤–ार और शरीर पर चकतà¥à¤¤à¥‡ हैं। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरण के दौरान मरीजों को शरीर के उचà¥à¤š तापमान का à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ होता है। गरà¥à¤¦à¤¨ और पेट पर हलà¥à¤•े लाल धबà¥à¤¬à¥‡ à¤à¥€ आंतà¥à¤° जà¥à¤µà¤° के विकास को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚?
à¤à¤• बार जब आपको संदेह हो कि आपको टाइफाइड बà¥à¤–ार है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें। आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥€ से आपकी बीमारी का निदान और उपचार करेगा। जटिलताओं से बचने के लिà¤, यातà¥à¤°à¤¾ से लौटने के तà¥à¤°à¤‚त बाद अपॉइंटमेंट लें।यदि आप हलà¥à¤•े या गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ करते हैं, तो संकोच न करें और जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करें।
टाइफाइड बà¥à¤–ार का निदान कैसे करें?
टाइफाइड निदान में शामिल हैं:
सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ टाइफी के खिलाफ à¤à¤‚टीबॉडी का परीकà¥à¤·à¤£
बà¥à¤–ार की जांच के लिठपà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला परीकà¥à¤·à¤£
रकà¥à¤¤, मल और मूतà¥à¤° के नमूने
असà¥à¤¥à¤¿ मजà¥à¤œà¤¾ परीकà¥à¤·à¤£
रकà¥à¤¤ संसà¥à¤•ृति
निदान मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से नैदानिक ​​है। लेकिन सबसे आम तकनीक मल के नमूने या रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ का उपयोग कर रही है। अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚ कि कà¥à¤¯à¤¾ आपने हाल ही में यातà¥à¤°à¤¾ की है। यह जटिलताओं को रोकने के लिठबीमारी को ठीक से और सही समय पर पहचानने में मदद करेगा।निदान के बाद औसतन 3% -5% रोगी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के वाहक बन जाते हैं।
टाइफाइड बà¥à¤–ार के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
टाइफाइड बà¥à¤–ार आंतों का à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। यह निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित तरीकों से हो सकता है:
फेकल-ओरल टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिशन रूट
इसमें उचित सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ और खराब सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं की कमी शामिल है। मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ में जल जनित रोग वाहक होते हैं। मल संदूषण à¤à¥‹à¤œà¤¨, पानी और सीधे संपरà¥à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ होता है।विकासशील देशों में, जहां आंतà¥à¤° जà¥à¤µà¤° सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• है, अधिकांश संकà¥à¤°à¤®à¤£ दूषित पानी पीने से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं। यातà¥à¤°à¥€ इस बीमारी को फेकल-ओरल मारà¥à¤— से फैलाते हैं।तो, जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मल में गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। यह संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ लोगों के पेशाब में à¤à¥€ रहता है। यदि आप टाइफाइड बà¥à¤–ार से पीड़ित किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आते हैं तो à¤à¥€ आपको संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है।
टाइफाइड वाहक
कà¥à¤› रोगी à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ होते हैं जो ठीक होने के बाद à¤à¥€ इस रोग को अपने आंतà¥à¤° पथ या पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ में काफी समय तक ले जाते हैं। ये वाहक मल में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ छोड़ते हैं, जिससे अनà¥à¤¯ लोगों को संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है।
टाइफाइड के लिठजोखिम कारक कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
टाइफाइड à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बीमारी है जो हर साल दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में लाखों लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इस बीमारी का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
नीचे सूचीबदà¥à¤§ जोखिम कारक हैं जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ाते हैं।
असà¥à¤µà¤šà¥à¤› रहने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
सफाई की घटिया वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ की बार-बार यातà¥à¤°à¤¾ करना
टाइफाइड से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आना
उड़ने वाले कीट को मल को खिलाना सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करें
टाइफाइड के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचने के लिठहम आपको ऊपर दिठगठजोखिमों से दूर रहने की सलाह देते हैं।हालांकि, यदि आप अà¤à¥€ à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं, तो समय पर निदान और उपचार के लिठअपने चिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करें।
टाइफाइड बà¥à¤–ार से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जटिलताà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
उन रोगियों में जटिलताà¤à¤‚ होती हैं जो उचित à¤à¤‚टीबायोटिक पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से नहीं गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥‡ हैं। 10 में से 1 वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¸à¥‡ जोखिमों का अनà¥à¤à¤µ करता है। सबसे आम देखे गठहैं:
पाचन तंतà¥à¤° का टूटना: विà¤à¤¾à¤œà¤¨ या वेध à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है। इसमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पेट में चले जाते हैं और पेट की परत (पेरिटोनियम) को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर देते हैं। सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पेरिटोनिटिस है।पेरिटोनियम में संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने के लिठà¤à¤• अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ रकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का अà¤à¤¾à¤µ है। इसलिà¤, संकà¥à¤°à¤®à¤£ रकà¥à¤¤ में तेजी से फैलता है और à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में परिणत होता है। यदि सही समय पर इलाज नहीं किया जाता है, तो इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प कई अंग विफल हो जाते हैं और अंततः रोगी की मृतà¥à¤¯à¥ हो जाती है।पेट में à¤à¤• आपातकालीन दरà¥à¤¦ ही à¤à¤•मातà¥à¤° लकà¥à¤·à¤£ है। इससे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और à¤à¥€ खराब हो जाती है।à¤à¤¸à¥‡ में असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होना बहà¥à¤¤ जरूरी है। आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टीबायोटिक इंजेकà¥à¤¶à¤¨ देता है, इसके बाद आंतों की दीवार को सील करने के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ की जाती है।आंतरिक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ: यह पाचन तंतà¥à¤° में होने वाली जटिलता का दूसरा रूप है। यह आपको थका हà¥à¤† और असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महसूस करा सकता है। आंतरिक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ वाले रोगियों में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ सांस फूलना, अनियमित दिल की धड़कन, पीली तà¥à¤µà¤šà¤¾, थकान, खून की उलà¥à¤Ÿà¥€ आदि हैं। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, डॉकà¥à¤Ÿà¤° रकà¥à¤¤ आधान पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की सलाह देते हैं।
आम तौर पर जटिलताà¤à¤‚ आंतà¥à¤° जà¥à¤µà¤° के तीसरे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के दौरान होती हैं।
à¤à¤‚टरिक फीवर का इलाज कैसे किया जाता है?
तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें। यदि रिपोरà¥à¤Ÿ सकारातà¥à¤®à¤• है, तो आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ लिखेंगे। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ के à¤à¤• कोरà¥à¤¸ के साथ इस बीमारी का इलाज करते हैं।
आप 1-2 दिनों में सà¥à¤§à¤¾à¤° देखना शà¥à¤°à¥‚ कर देंगे और à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥€à¤¤à¤° ठीक हो जाà¤à¤‚गे। टीका अब 80% की पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ के साथ उपलबà¥à¤§ है।
हालांकि, à¤à¤¸à¥‡ अनà¥à¤¯ कारक हैं जो बेहतर ढंग से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं कि कौन सा उपचार आपके लिठकाम करता है। आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° रोग की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर आपको यह समà¤à¤¨à¥‡ में मदद करेगा।
गंà¤à¥€à¤° मामलों के लिà¤, असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ आवशà¥à¤¯à¤• है। à¤à¤‚टीबायोटिक उपचार का à¤à¤• उचित कोरà¥à¤¸ आपको बेहतर महसूस कराà¤à¤—ा। यदि समय पर निदान नहीं किया जाता है, तो टाइफाइड घातक हो सकता है।
आंतों के बà¥à¤–ार को रोकने के लिठआपको कà¥à¤¯à¤¾ कदम उठाने चाहिà¤?
यदि आप à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हैं जो अकà¥à¤¸à¤° यातà¥à¤°à¤¾ करते हैं, तो आपको टाइफाइड बà¥à¤–ार से बचाव के लिठà¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥€ उपायों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिà¤, खासकर यातà¥à¤°à¤¾ करते समय:
अपने पीने और खाने की आदतों के बारे में बहà¥à¤¤ सावधान रहें।
कà¥à¤› à¤à¥€ खाने से पहले हाथ धोना न à¤à¥‚लें, खासकर कचà¥à¤šà¤¾ खाना।
नल का पानी पीने से बचें।
गली की दà¥à¤•ानों का खाना खाने से बचें.
कचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨, विशेष रूप से मांस, चिकन आदि को ना कहें।
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤, सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पानी की बोतलें कसकर सील के साथ ले जाà¤à¤‚।
हमेशा उबला हà¥à¤† पानी पसंद करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह रोगाणॠमà¥à¤•à¥à¤¤ होता है।
सलाद से बचें।
केवल गरà¥à¤® चाय, दूध या कॉफी को पासà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत करें।
अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें। खासकर वॉशरूम जाने के बाद हैंड सैनिटाइजर या साबà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
अपने चेहरे को छूने से बचें।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
आंतà¥à¤° जà¥à¤µà¤° संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है। अगर सही समय पर इस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया गया तो यह गंà¤à¥€à¤° और घातक हो जाता है। इसलिà¤, हमारा सà¥à¤à¤¾à¤µ है कि आप खà¥à¤¦ को बीमारी से दूर रखने के लिठसà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ और अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें।रिकवरी के दौरान शरीर कमजोर रहता है और उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण की जरूरत होती है। इसलिà¤, दवा के साथ उचित और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का पालन करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।जैसा कि ऊपर कहा गया है, आवशà¥à¤¯à¤• à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥€ उपायों का पालन करें। à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की यातà¥à¤°à¤¾ करते समय सावधान रहें जहां टाइफाइड पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है। समय पर दवाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप इस घातक बीमारी के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोकने के लिठपूरी उपचार पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पूरा कर लें।
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