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आमतौर पर इन 5 वजहों से होते हैं पिंपल, जानें कà¥à¤¯à¤¾ है आपकी दिकà¥à¤•त
हमारे चेहरे पर मà¥à¤‚हासे उग आने की इकलौती वजह हमारे गड़बड़ाठहà¥à¤ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ नहीं होते हैं। बलà¥à¤•ि हमारे पेट में जमा कबà¥à¤œ, हमारे दिमाग पर चढ़ा तनाव और हमारे शरीर में मौजूद अनà¥à¤¯ बीमारियां à¤à¥€ होती हैं। कई बार शरीर की अंदरूनी नहीं बलà¥à¤•ि सà¥à¤•िन पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® के कारण à¤à¥€ हमें मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से होते हैं।
चेहरे पर पिंपल निकलने की समसà¥à¤¯à¤¾ आमतौर पर टीनà¤à¤œ से जोड़कर देखी जाती है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस उमà¥à¤° में हमारे शरीर में तेजी से हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव हो रहे होते हैं। इस कारण हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ लेवल डिसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¬ होने हमारी सà¥à¤•िन पर पिंपलà¥à¤¸ उगने लगते हैं। जो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में किसी छोटे दाने या उà¤à¤¾à¤° की तरह महसूस होते हैं। फिर धीरे-धीरे करीब 5 से 7 दिन में पकते हैं और पूरी तरह खतà¥à¤® होने में करीब 10 से 15 दिन ले लेते हैं। इतने पर à¤à¥€ हमारे चेहरे या गरà¥à¤¦à¤¨ पर निशान छोड़ जाते हैं, जो महीनों तक हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बना रहता है। वाकई पिंपल ना केवल हमें शारीरिक दरà¥à¤¦ देते हैं बलà¥à¤•ि मानसिक पीड़ा à¤à¥€ देते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में इनसे बचने के तरीके जानना बेहद जरूरी है...सिरà¥à¤« हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ नहीं हैं जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°
हमारे चेहरे पर मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से उग आने की इकलौती वजह हमारे गड़बड़ाठहà¥à¤ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ नहीं होते हैं। बलà¥à¤•ि हमारे पेट में जमा कबà¥à¤œ, हमारे दिमाग पर चढ़ा तनाव और हमारे शरीर में मौजूद अनà¥à¤¯ बीमारियां à¤à¥€ होती हैं। कई बार शरीर की अंदरूनी नहीं बलà¥à¤•ि सà¥à¤•िन पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® के कारण à¤à¥€ हमें मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से होते हैं। कबà¥à¤œ के कारण समसà¥à¤¯à¤¾
कई बार खान-पान ठीक से ना होने या पेट संबंधी किसी दिकà¥à¤•त के चलते हमें कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। इस कारण हमारे शरीर के विषाकà¥à¤¤ ततà¥à¤µ बाहर नहीं निकल पाते। लेकिन इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि हमारी बॉडी किसी à¤à¥€ तरह का गारà¥à¤¬à¥‡à¤œ अपने अंदर नहीं समेटती है और उसे बाहर निकालने का रासà¥à¤¤à¤¾ खोज ही लेती है। इसी वजह से कबà¥à¤œ के कारण जो à¤à¥€ हॉरà¥à¤®à¤«à¥à¤² à¤à¤²à¤¿à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ हमारे शरीर के अंदर पनपते हैं, हमारा मेटाबॉलिज़म उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤•िन के रोम छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बाहर फेंकने लगता है। ताकि शरीर के अंदर कोई घातक बीमारी ना पनपे। इस दौरान ये विषाकà¥à¤¤ ततà¥à¤µ हमारे सà¥à¤•िन पोरà¥à¤¸ को बंद कर देते हैं। जिस कारण हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ सांस नहीं ले पाती और उसमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पनपने लगते हैं। जो पिंपल के रूप में हमें नजर आते हैं। सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ यानी तनाव के कारण पिंपल
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ à¤à¤²à¥‡ ही मानसिक बीमारी हो लेकिन यह हमारे पूरे शरीर और à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ लेवल को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। इसलिठजरूरी है कि तनाव से बचने के तरीके अपनाठजाà¤à¤‚। तनाव के कारण हमारे शरीर में हैपी हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज होना कम हो जाता है। हमारे दिमाग को हैपी और रिलैकà¥à¤¸ रखने में डोपामाइन और à¤à¤‚डोरà¥à¤«à¤¿à¤¨ नाम के हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ मेन रोल पà¥à¤²à¥‡ करते हैं। लेकिन सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कारण इनका बनना कम हो जाता है और बॉडी हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² डिसबैलंस का शिकार हो जाती है। इसी का नतीजा होते हैं हमारे चेहरे पर उग आठपिंपलà¥à¤¸à¥¤à¤¸à¥à¤•िन बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
कà¥à¤› लोगों की सà¥à¤•िन बहà¥à¤¤ अधिक सेंसेटिव होती है। अति संवेदनशील तà¥à¤µà¤šà¤¾ वाले लोगों को दाने, पिंपल, वाइट हेडà¥à¤¸ और बà¥à¤²à¥ˆà¤• हेडà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक सताती है। जिन लोगों की सà¥à¤•िन बहà¥à¤¤ ऑइली या बहà¥à¤¤ डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ होती है, उनकी सà¥à¤•िन पर à¤à¤• खास तरह का बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ हो जाता है। जो दानों और पिंपलà¥à¤¸ की वजह बनता है। अगर आपके चेहरे, कंधों और पीठपर लगातार à¤à¤• पिंपल के बाद दूसरा पिंपल पनप रहा है तो इसकी वजह सà¥à¤•िन बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में बेहद जरूरी है कि आप किसी सà¥à¤•िन सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट लें।दवाई का रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨
बॉडी पर कहीं à¤à¥€ और खासतौर पर चेहरे पर उगत रहे पिंपलà¥à¤¸ की à¤à¤• वजह किसी दवाई का रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हो सकता है। कई बार हम किसी à¤à¤• बीमारी को ठीक करने के लिठदवाइयां लेते हैं, जो हमारी उस बीमारी को तो ठीक कर देती हैं लेकिन उन दवाइयों की गरà¥à¤®à¥€ के कारण या उनके रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण हमारे चेहरे पर पिंपल उग आते हैं। इसकी à¤à¤• खास वजह उन दवाओं के कारण डिसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¬ हà¥à¤† हमारा डायजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सिसà¥à¤Ÿà¤® à¤à¥€ होता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर मिलना चाहिà¤à¥¤à¤•à¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं नोचने चाहिठपिंपल ?
आपके घर में जब à¤à¥€ किसी बड़े ने आपको अपने चेहरे पर उगे पिंपलà¥à¤¸ को नोचते हà¥à¤ देखा होगा तो आपको à¤à¤¸à¤¾ ना करने की सलाह जरूर दी होगी। पिंपल नोचने के लिठइसलिठमना किया जाता है ताकि इसके अंदर जमा गंद में पनप रहे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बाकी सà¥à¤•िन पर ना फैलें। साथ ही पिंपल नोचने के कारण सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ बà¥à¤°à¥€ तरह डैमेज हो जाते हैं और हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पिंपल का दाग बन जाता है। इस दाग को हटाने में कई बार महीनों बीत जाते हैं।
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