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चिकन पॉकà¥à¤¸ हो गया है तो परेशान ना हों, अपनाà¤à¤‚ जलà¥à¤¦à¥€ ठीक होने के ये 8 टिपà¥à¤¸
चिकनपॉकà¥à¤¸ à¤à¤• आम और अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• फैलने वाला वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।à¤à¤¾à¤°à¤¤ में इसे चेचक और माता के नाम à¤à¥€ जाना जाता है। हालांकि इस बीमारी को लेकर कई à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚तियां समाज में फैली हà¥à¤ˆ हैं पर समय के साथ लोग इस बीमारी से लड़ने के सही तरीके पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में ला रहे हैं। इस बीमारी में खà¥à¤œà¤²à¥€ और फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£ नज़र आते हैं। बचपन में चिकन पॉकà¥à¤¸ से लड़ने के लिठवैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ ज़रूर दी जाती है पर बावजूद इसके कई बार ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी चपेट में ले ही लेता है। à¤à¤¸à¤¾ नहीं कि ये सिरà¥à¤« बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ तक ही सीमित है, कई बार बड़े à¤à¥€ इससे बच नहीं पाते। वैसे तो चिकनपॉकà¥à¤¸ की कोई विशेष दवा नहीं है पर इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को मैनेज किया जा सकता है।इसमें बà¥à¤–ार औऱ दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठचिकितà¥à¤¸à¤• अकसर साधारण दवाà¤à¤‚ देकर तकलीफ को कम करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। चिकनपॉकà¥à¤¸ का संकà¥à¤°à¤®à¤£ आम तौर पर कà¥à¤› हफ़à¥à¤¤à¥‡ में ठीक हो जाता है, और फिर शरीर वायरस के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित कर लेता है। चिकनपॉकà¥à¤¸ का मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ बà¥à¤–ार और शरीर पर निकलने वाले दाने है जो फफोले के समान होते हैं और लाल घाव पैदा करते हैं। ये आपके पूरे शरीर में फैल जाते है।इन दानों में तेज़ खà¥à¤œà¤²à¥€ और दरà¥à¤¦ होता है। कई घरेलू उपचार à¤à¤¸à¥‡ हैं जिनकी मदद से आप चिकनपॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को शांत कर सकते हैं।तो आइठजानते हैं चिकनपॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के घरेलू उपचार के बारे में-
1 दानों पर कैलामाइन लोशन लगाà¤à¤‚ :
चिकनपॉकà¥à¤¸ में पूरे शरीर पर लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ पड़ जाते हैं जो बाद में दानों और फफोलों का रूप ले लेते हैं। ये दाने बहà¥à¤¤ कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¤• होते हैं। इनमें तेज़ खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है जिसकी वजह से हम इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहते हैं।पर à¤à¤¸à¤¾ करने से आपकी परेशानी बढ़ सकती है।इसलिठदानों के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को शांत करने के लिठउनपर कैलामाइन लोशन खà¥à¤œà¤²à¥€ लगाà¤à¤‚।ये खà¥à¤œà¤²à¥€ को कम करने में मदद कर सकता है। इस लोशन में जिंक ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ होता है औऱ तà¥à¤µà¤šà¤¾ की जलन को मिटाने वाले गà¥à¤£ होते हैं। इसे लगाने के लिठखà¥à¤œà¤²à¥€ वाली जगह पर à¤à¤• साफ रूई से इस लोशन को अचà¥à¤›à¥€ तरह फैला दें।हालांकि इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि कि आंखों के ऊपर या उसके आसपास कैलामाइन लोशन का उपयोग नहीं करना चाहिà¤à¥¤
2 हाथों में सूती दसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ पहनें :
चिकनपॉकà¥à¤¸ में होने वाली तेज़ खà¥à¤œà¤²à¥€ कई बार आपके बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ के बाहर हो जाती है।और आप खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के नà¥à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤¨ के बारे में जानकारी होने के बाद à¤à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ को खà¥à¤œà¤²à¤¾ लेते हैं।à¤à¤¸à¤¾ करने से फफोले जैसे दाने फूट जाते हैं औऱ जो संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकते हैं। साथ ही उस जगह तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर दाग रह जाते हैं जो लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक ठीक नहीं होते। इसलिठये सलाह दी जाती है कि पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हाथों में सूती या किचन में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाले दसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ पहने रहे।खासकर रात को सोते समय इस टिप को ज़रूर आज़माà¤à¤‚। चाहें तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के हाथ में मोज़े à¤à¥€ पहना सकते हैं।धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि जिसे ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤† है उसके नाखून ठीक से कटे होने चाहिठजिससे खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¨à¥‡ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खरोंच ना आà¤à¤à¥¤
3 नहाने के लिठबेकिंग सोडा :
चिकनपॉकà¥à¤¸ से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को नहाने से ना रोके । इस बीमारी में साफ सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ नहाने से शरीर की खà¥à¤œà¤²à¥€ में à¤à¥€ आराम मिलती है। आप चाहे तो नहाने के पानी में बेकिंग सोडा मिला सकते हैं। यह खà¥à¤œà¤²à¥€ मिटाने में बेहद कारगर है।à¤à¤• बालà¥à¤Ÿà¥€ गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में à¤à¤• कप बेकिंग सोडा मिलाà¤à¤‚। इससे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दिन में तीन बार तक सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कर सकता है।संकà¥à¤°à¤®à¤£ को सीमित रखने के लिठबीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अलग कमरे में रखें और वहां जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों को आने जाने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ ना दें।
4 नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ है उपयोगी :
चिकनपॉकà¥à¤¸ में नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बहà¥à¤¤ काम आती हैं।अपने à¤à¤‚टी सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के कारण ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ को नियंतà¥à¤°à¤£ में कर सकती हैं। ताज़ी नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लेकर संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के बिसà¥à¤¤à¤° के आसपास रख दें जिससे वायॠमें मौजूद कीटाणॠबेअसर हो जाà¤à¤‚।नीम की पतà¥à¤¤à¤¯à¥‹à¤‚ को उबालकर उस पानी को नहाने में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। इस पानी से नहाने पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ शांत होगी और संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ कम होगा। यही नहीं आप ताज़ी नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पीसकर उसका लेप दानों पर लगा सकते हैं।इससे दाने तेज़ी से सूख जाते हैं। जब तक दानों पर पपड़ी पड़ कर à¤à¤¡à¤¼ ना जाठतब तक संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलने का खतरा बना रहता है।
5 कैमोमाइल कंपà¥à¤°à¥‡à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें :
आपकी रसोई में मौजूद कैमोमाइल चाय à¤à¥€ चिकनपॉकà¥à¤¸ में आपके काम आ सकती है। इस चाय में खà¥à¤œà¤²à¥€ कम करने को गà¥à¤£ होते हैं। कैमोमाइल में à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं जो काफी काम आ सकते हैं। इसे इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के लिठदो से तीन कैमोमाइल टी बैगà¥à¤¸ को पानी में उबाल लें और ठंडा होने दें। इसे नहाने के पानी में मिला दें। फिर à¤à¤• मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® सूती कपड़ा इसमें à¤à¤¿à¤—ेकर तà¥à¤µà¤šà¤¾ के खà¥à¤œà¤²à¥€ वाले कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ पर लगाà¤à¤‚। कà¥à¤› देर इसे लगाने के बाद तà¥à¤µà¤šà¤¾ को धीरे धीरे थपथपाते हà¥à¤ सà¥à¤–ा लें।
6 बà¥à¤–ार पर नज़र रखें :
हमारा शरीर जब चिकनपॉकà¥à¤¸ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ रहा होता है तो उसका तापमान बढ़ जाता है जो बà¥à¤–ार का कारण बनता है। शरीर के इस बढ़ते तापमान पर नज़र बनाठरहखना आवशà¥à¤¯à¤• है।बà¥à¤–ार औऱ सिरदरà¥à¤¦ के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से दवाà¤à¤‚ दें।इसके अलावा सूती कपड़ा पानी में à¤à¤¿à¤—ोकर पूरे को पोंछें जिससे शरीर के तापमान में गिरावट आà¤à¤—ी।चाहे तो बà¥à¤–ार को कम करने के लिठसà¥à¤¨à¤¾à¤¨ का विकलà¥à¤ª à¤à¥€ चà¥à¤¨ सकते हैं।जिस कमरे में संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हो वहां का तापमान कम रखें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पसीना निकलने से खà¥à¤œà¤²à¥€ à¤à¥€ बढ़ सकती है।
7 सादा खाना ही दें :
चिकन पॉकà¥à¤¸ में शरीर पर दिखने वाले दाने और छाले मà¥à¤‚ह के अंदर à¤à¥€ होते हैं।ये जीठसे लेकर गले तक फैल जाते हैं और संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को खाने पीने में दिकà¥à¤•त आ सकती है।à¤à¤¸à¥‡ में कोशिश करें कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेल औऱ मसाले वाला खाना ना खिलाà¤à¤‚। खाने में बिना मसाले की मूंग की दाल,दलिया या खिचड़ी देना बेहतर होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये हलà¥à¤•ा खाना पचाने में आसान होता है।जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक à¤à¥€ मà¥à¤‚ह के छालों में परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिठकम नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
8 उचित डायट लें :
चेचक होने पर शरीर में डिहाईडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ से होता है इसलिठज़रूरी है कि बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पिलाते रहें। पानी को उबाल कर ठंडा कर सेवन किया जाठतो बेहतर है। इसके अलावा नारियल पानी का à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिà¤à¥¤ इससे शरीर को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ मिलेगी और पानी की कमा दूर होगी।यह नहीं नारियल पानी में à¤à¤°à¤ªà¥‚र विटामिनà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ होते हैं जो शरीर के लिठउपयोगी है। इसका शीतल सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ शरीर की जलन में à¤à¥€ आराम पहà¥à¤‚चाता है। जहां तक खाने की बात है तो हलà¥à¤•ा आहार जैसे फल और हलà¥à¤•ा अनाज ही खाà¤à¤‚। इस दौरान धनिया और गाजर का सूफ à¤à¥€ फायदेमंद हो सकता है। धनिया à¤à¤• बेहतरीन ऑरà¥à¤—ैनिक कंपाउंड है जिसमें औषधीय गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं। धनिया के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को गाजर के छोटे टà¥à¤•ड़ॆ के साथ उबालकर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚ड कर लें और फिर घर में मौजूद हरà¥à¤¬à¥à¤¸ डालकर इसका सेवन किया जा सकता है।
फलों में केला, सेब खरबूज़ा आदि का सेवन कर सकते हैं। सूजी से बनी चीज़ें à¤à¥€ दी जा सकती हैं। उबली हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करने की कोशिश करें। गाजर, शकरकंद, फलियां , आलू और गोà¤à¥€ लिठजा सकते हैं। दही का सेवन à¤à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ को ठीक करने में बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ है। इसमें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ होते हैं। इसलिठदिन à¤à¤° दही का सेवन करने की कोशिश करें।Â
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