चिकनगुनिया के बाद क्या खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Wed 30th Nov 2022 : 13:17

क्या आप चिकनगुनिया का शिकार हैं? रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये सुपर फूड्स
चिकनगुनिया मच्छरों से फैलनेवाली वायरल बीमारी है जिससे अचानक बुखार और जोड़ में दर्द होता है. बुखार को रोकने के लिए वैक्सीन और वायरल रोधी प्रभावी इलाज नहीं है. हेल्दी डाइट रिकवरी में मदद कर सकती है.

चिकनगुनिया एक तरह का वायरल संक्रमण है. ये बीमारी संक्रमित मच्छर के काटने से शरीर में दाखिल होती है. एडीज इजिप्टी नाम का मच्छर अकसर दिन में काटता है. चिकनगुनिया के मरीजों को हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है. इसका सबसे बड़ा कारण अपनी डाइट की तरफ ध्यान नहीं देना है. बीमारी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि उसके लक्षणों का प्रभाव देर तक रह रह सकता है.

चिकनगुनिया के लक्षण
बुखार, जोड़ में दर्द, मांसपेशी में दर्द, जोड़ों के आसपास सूजन, थकान, सिर दर्द, मतली चिकनगुनिया के लक्षणों में शामिल हैं. ये लक्षण मच्छर के काटने के दो से छह दिनों बाद जाहिर होते हैं. लेकिन सिर्फ दवा मददगार नहीं होगी, बल्कि आपको कुछ पोषक तत्व चाहिए जो सिर्फ हेल्दी डाइट से मिल सकता है.

चिकनगुनिया पीड़ितों के लिए फूड्स
नारियल पानी- ये शरीर में हाइड्रेशन लेवल को बनाए रखता है. चिकनगुनिया से पीड़ित होने की सूरत में नारियल पानी शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है. मरीज उसका सेवन रोजाना दो से तीन बार कर सकते हैं, क्योंकि ये शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है.

हरी पत्तीदार सब्जियां- किसी भी डाइट में इजाफा करने के लिए हरी पत्तीदार सब्जियां सबसे हेल्दी विकल्प हैं. कई पौष्टिक तत्वों से भरपूर हरी पत्तीदार सब्जियां चिकनगुनिया के दौरान लक्षणों जैसे जोड़ का दर्द और बीमारी से लड़ने में मदद कर सकती हैं. ये पचने में आसान होने के साथ-साथ विटामिन ए में अधिक और कैलोरी में कम होती हैं.

सूप- चिकनगुनिया में घर का बना ताजा सब्जी का सूप इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छा है. मिसाल के तौर पर गाजर के सूप में विटामिन ए और टमाटर के सूप में विटामिन सी भरपूर होता है. ये दोनों पोषक तत्व बीमारी से रिकवरी को तेज करने में मदद करते हैं.

पपीते की पत्ती का जूस- चिकनगुनिया के मरीजों के लिए ये रामबाण है. पपीता की पत्ती के जूस की बहुत ज्यादा सिफारिश की जाती है क्योंकि ब्लड प्लेटलेट काउंट में तेज गिरावट होती है. पपीते की पत्ती का इलाज इस्तेमाल के 3 घंटों के अंदर प्लेटलेट काउंट को सुधारने में बेहद प्रभावी पाया गया है.

जड़ी बूटी- प्रभावी जड़ी बूटी जैसे तुलसी का पत्ता चबाना बुखार को कम और इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद कर सकता है. सौंफ, अजवाइन, जीरा, गुड़ और नींबू से बनी हर्बल चाय जोड़ और मसल के दर्द से राहत देने में मदद करती है.

वेजिटेरियन फूड खाएं- डॉक्टर चिकनगुनिया के मरीजों को गैर वेजिटेरियन भोजन खाने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि गैर वेजिटेरियन भोजन लिवर पर भार बढ़ाते हैं. वेजिटेरियन फूड का पालन बेहतर और हेल्दी विकल्प है.

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