चिकनपॉक्स की शुरुआत कैसी दिखती है?HealthPlanet

Posted on Mon 28th Nov 2022 : 15:18

चेचक के लक्षण

चेचक छोटे बच्चों या वयस्क दोनों को हो सकता है। बराबर ऐसा देखने को मिलता है कि जब भी किसी को चेचक होता है तो रोगी बहुत घबरा जाता है। अनेक तरह के उपाय करता है। झाड़-फूंक आदि भी कराने लगता है। यहां चेचक का इलाज करने के लिए अनेक घरेलू उपाय बताए जा रहे हैं। इनसे आप चेचक को ना सिर्फ शुरुआत में ही रोक सकते हैं, बल्कि असरदार तरीके से चेचक का उपचार कर सकते हैं।
चेचक क्या है?

चेचक (chicken pox in hindi) दो प्रकार का होता है, जिसे छोटी चेचक (छोटी माता) और बड़ी चेचक (बड़ी माता) बोला जाता है। यह एक गंभीर बीमारी है। चेचक के कारण शरीर में दाने से उभर आते हैं। इन दानों में दर्द होता है, खुजली भी होती है। इस बीमारी के कारण रोगी को कमजोरी तो आती ही है, साथ ही बुखार भी होता है। अनेक लोग चेचक होने पर बहुत व्याकुल हो जाते हैं, और चेचक का इलाज करने पर तुरंत ध्यान नहीं दे पाते हैं।

यह एक संक्रामक बीमारी है, जो एक रोगी से दूसरे व्यक्ति को हो सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि जब भी चेचक जैसी बीमारी हो तो समय पर ध्यान दें और तुरंत चेचक का घरेलू इलाज कर बीमारी पर नियंत्रण पाएं। आइए जानते हैं कि आप चेचक का उपचार करने के लिए कौन-कौन से घरेलू उपाय कर सकते हैं।
चेचक क्यों होता है?

चेचक एक विषाणु से होने वाली बीमारी है। इस रोग के विषाणु त्वचा की छोटी रक्त वाहिकाएं, मुंह और गले में असर दिखाते हैं। यह केवल मनुष्यों में होता है। इसके लिए दो तरह के विषाणु उत्तरदायी माने जाते हैंः-

वायरोला मेजर
वायरोला माइनर
इनमें से ‘वायरोला माइनर’ विषाणु कम खतरनाक होता है। इसके कारण बहुत कम मृत्यु होती है। यह रोग अत्यंत संक्रामक है, और बहुत जल्दी फैलता है। इसके टीके के आविष्कार से पहले यह रोग महामारी की तरह फैलता था, और इससे बहुत अधिक लोगों की मृत्यु होती थी।
अगर मेजर ‘वायरोला मेजर’ की बात की जाय, तो इसके विषाणु माइनर की तुलना में ज्यादा खतरनाक या मारक होते हैं। इसके कारण मृत्यु होने की अधिक संभावना होती है। इसके होने से चेहरे पर दाग, अंधेपन जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए समय पर चेचक की पहचान कर इलाज कराना जरूरी होता है। आयुर्वेद में इसके लिए कई घरेलू उपाय (Home remedies for Chickenpox) बताए हैं।

चेचक के लक्षण

चेचक के निम्न लक्षण हो सकते हैंः-

बहुत तेज बुखार रहता है।
धीरे-धीरे शरीर पर लाल दाने दिखने लगते हैं, 4-5 दिनों के अन्दर ये दाने पक जाते हैं। इनमें बहुत खुजली होती है।
बार-बार गला सूखता है।
पूरे शरीर में दर्द तथा ऐंठन रहती है।
मितली आती है, या बार-बार उल्टी करने का मन करता है।
सिर दर्द की शिकायत रहती है।
पीठ में भी दर्द रहता है। (पीठ के निचले हिस्से में दर्द से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय)
गले में सूजन, खांसी हो सकती है।
गला बैठ जाना
नाक बहना।
त्वचा पर पित्ती के समान चकत्ते निकल जाते हैं।
तीसरे या चौथे और कभी-कभी दूसरे दिन ही चेचक में विशेष चकत्ते (rashes) दिखाई देते हैं।
मुंह, गले में तथा आवाज निकलने वाली नली तक छोटी-छोटी स्फोटिकाएं (vesicles) बन जाती हैं, जो आगे चलकर घाव में बदल जाते हैं।
छोटे-छोटे लाल रंग के धब्बे (macules) होते हैं, जो पहले ललाट और कलाई पर आते हैं।
इसके बाद क्रमशः हाथ, धड़, पीठ और अंत में टांगों पर निकलते हैं। ललाट, चेहरे हाथों के आगे वाले भाग और हाथों की त्वचा पर अधिक होती है।
हाथ, छाती तथा कुहनी के सामने के भागों पर यह नहीं निकलते।
कक्ष (Axilla) में तो बिल्कुल नहीं निकलते।
इन धब्बों में समय के साथ कुछ परिवर्तन होते है। कुछ घंटों बाद इन धब्बों से पिटिकाएं (Rapules) बन जाते हैं, जो छोटे-छोटे अंकुरों के समान होते हैं। पहले 2-3 दिन ये पिटिकाएं निकलती हैं, उसके बाद ये स्फोटिका (Vesicles) में परिवर्तित होने लगते हैं, और लगभग 24 घंटे के अन्दर ये स्फोटिकाएं बन जाती हैं।
यह स्फोटिकाएं उभरे हुए दाने के समान होती हैं, जिनमें द्रव्य भरा होता है।
दो-तीन दिन में यह द्रव्य पस या मवाद से भर जाता है, और फुन्सी-सा (Pustule) बन जाता है।
दानों के चारों ओर त्वचा में सूजन से युक्त लाल घेरा सा बन जाता है।
शुरुआत के दो-तीन दिनों में बुखार चढ़ कर उतर जाता है, और वह फिर से बढ़ जाता है।
अगले आठ या नौ दिनों में ये दाने सूखने लगते हैं, और वहाँ पर गहरे भूरे अथवा काले रंग के खुरंड बन जाते हैं।
त्वचा से पूरी तरह से अलग होने में दस से बारह, या कभी-कभी इससे अधिक दिन भी ले लेते हैं।
पिटिका और स्फोटिका बनने की दशा में रोगी की अवस्था ज्यादा कष्टदायक नहीं होती, लेकिन जब दानों में पस या मवाद भर जाता है, तब रोगी की तबीयत अधिक खराब हो जाती है।
रोगी को बुखार आता है तो बुखार बढ़ जाता है, और रोगी की हालत बिगड़ने लगती है।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info