चर्म रोग में क्या परहेज करें?HealthPlanet

Posted on Fri 9th Dec 2022 : 09:03

Skin disorder prevention: चर्म रोग आंतरिक और बाह्य संक्रमण के कारण होता है। यह कई प्रकार के होते हैं।

महिलाओं में ये कई बार अवसाद का कारण भी बन जाता है। गर्मियों में दाद, खुजली, मुहांसे जैसी त्वचा संबंधित बिमारियों से लगभग हर कोई पीड़ित होता है। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर इसके जोखिम से बचा जा सकता है।


त्वचा से संबंधित रोगो को चर्म रोग कहा जाता है। संक्रमण, एलर्जी, कैमिकल(मेकअप प्रोडक्ट्स ), कमजोर इम्यून सिस्टम के वजह से त्वचा संबंधी परेशानियां हो सकती है। ज्यादातर चर्म रोगों में दाद, खाज, खुजली, सोरायसिस, सफेद दाग, बिमारियां उत्पन्न होती है। महिलाओं में चर्म रोग अवसाद का कारण भी बन जाता है। हालांकि स्किन संबंधित रोगों का उपचार संभव है लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक होने में काफी समय लगता है।

इसे लेकर आयुर्वेद डॉक्टर वैशाली ने चर्म रोग से पीड़ित मरीजों के लिए कुछ आसान से टिप्स शेयर किए हैं। यह चर्म रोग को जल्दी खत्म करने में मदद कर सकता है। वह बताती हैं कि स्किन संबंधित बीमारियां पूरी तरह से ठीक होने में काफी समय लगती हैं। इस दौरान आपका खान-पान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में चर्म रोग के मरीजों को कुछ खाद्य पदार्थों को खाने से बचना चाहिए।

चर्म रोगियों के लिए ये खाद्य पदार्थ बढ़ा सकते हैं दिक्कत


​मसालेदार और जंक फूड से करें परहेज

डॉक्टर वैशाली बताती हैं कि अगर कोई व्यक्ति चर्म रोग से ग्रसित है तो उसे मसालेदार और जंक फूड खाने से बचना चाहिए। यह खाद्य पदार्थ शरीर में ज्यादा घंटों तक बने रहते हैं और चयापचय की क्रिया को बाधित करते है। जिसके वजह से चेहरे पर मुहांसे निकल सकते हैं।
​चर्म रोगियों के लिए फायदेमंद नहीं है डेयरी प्रोडक्ट्स


आयुर्वेद के अनुसार त्वचा संबंधित रोग के मरीजों को दूध, दही, बटर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन नहीं करना चाहिए। इनके पचान में अधिक समय लगता है। जिसका असर स्किन पर कई तरह से दिखने लगता है।
​खट्टा खाना बढ़ा सकता है दिक्कत


आयुर्वेद विशेषज्ञ बताती हैं कि आयुर्वेद के अनुसार खट्टे खाद्य पदार्थ शरीर में पित्त को बढ़ावा देते हैं। शरीर में पित्त की ज्यादा मात्रा खून को अशुद्ध करने का काम करती है। जिसका परिणाम स्किन से संबंधित बीमारियों के रूप में देखने के लिए मिल सकता है।
​तिल के सेवन से बचें


त्वचा संबंधित रोग के मरीजों को ज्यादा मात्रा में तिल का सेवन नहीं करना चाहिए। इसका अधिकता शरीर में पाचन तंत्र में असंतुलन और पेट में चर्बी का कारण बन सकता है।
​गुड़ का सेवन भी है खराब
आयुर्वेद विशेषज्ञ बताती हैं कि आयुर्वेद के अनुसार चर्म रोग के मरीजों के लिए गुड़ का सेवन भी खराबी कर सकता है। गुड़ शरीर में गर्मी पैदा करता है। इसकी अधिकता भी खट्टे खाद्य पदार्थों की तरह ही खून को अशुद्ध करने का काम करती है।

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