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Garlic Oil for Joint Pain: जोड़ों के दरà¥à¤¦ से राहत दिलाठलहसà¥à¤¨ का तेल, जानें घर पर कैसे बनाà¤à¤‚
जोड़ों में दरà¥à¤¦ की परेशानी को दूर करने के लिठलहसà¥à¤¨ के तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। आइठघर पर लहसà¥à¤¨ तेल बनाने की विधि कà¥à¤¯à¤¾ है?
Garlic Oil for Joint Pain: बढ़ती उमà¥à¤° के साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ और जोड़ों के दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। ये समसà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में तो आम समसà¥à¤¯à¤¾ लगती है, लेकिन इस दरà¥à¤¦ को à¤à¥‡à¤²à¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। à¤à¤¸à¥‡ में लोग तमाम तरह की दवाइंया और तेलों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, लेकिन ये दरà¥à¤¦ आसानी से पीछा नहीं छोड़ता। à¤à¤¸à¥‡ में घर में बनाया लहसà¥à¤¨ का तेल जोड़ों के दरà¥à¤¦ से राहत दिलाने में काफी कारगर होता है। हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ कहते हैं कि जोड़ों के दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने में लहसà¥à¤¨ का तेल काफी फायदेमंद होता है। चलिठजानते हैं लहसà¥à¤¨ का तेल बनाने और इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने का तरीका-
लहसà¥à¤¨ का तेल बनाने की विधि
लहसà¥à¤¨ का तेल बनाने के लिठ250 à¤à¤®à¤à¤² सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ की 10-12 कलियां छीलकर कूटकर डालें। इसके साथ ही इसमें 2 जायफल को कूटकर डालें। अब इसमें 50-60 गà¥à¤°à¤¾à¤® गà¥à¤¡à¥‚ची (गिलोय) की सूखी डंठल को छोटे-छोटे टà¥à¤•ड़ों में काटकर डाल लें। इन सà¤à¥€ चीजों को सरसों के तेल में डालकर 1 घंटे तक धीमी आंच पर पकाते रहें। इस तेल को पकाने के बाद ठंडा करके छान लें और à¤à¤• शीशी में करके रख लें। अब आपका तेल तैयार है। अब आप इस तेल को जोड़ों के दरà¥à¤¦ से निजात पाने के लिठरोजाना इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
लहसà¥à¤¨ के तेल को इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने का तरीका
जोड़ों के दरà¥à¤¦ से निजात पाने के लिठलहसà¥à¤¨ के तेल से जोड़ों पर 5-7 मिनट तक मालिश करनी चाहिà¤à¥¤ वैसे तो ठंडा तेल à¤à¥€ फायदेमंद होता है, लेकिन हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® तेल दरà¥à¤¦ और सूजन को जलà¥à¤¦à¥€ दूर करने में कारगर होता है। हर रोज रात को सोने से पहले लहसà¥à¤¨ के तेल से जोड़ों की मालिश करनी चाहिà¤à¥¤ हफà¥à¤¤à¥‡à¤à¤° में आपको दरà¥à¤¦ से आराम मिलना शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¤—ा।
लहसà¥à¤¨ है अचà¥à¤›à¤¾ दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤•
लहसà¥à¤¨ à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• माना जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में à¤à¥€ लहसà¥à¤¨ की खास अहमियत है। दरअसल, लहसà¥à¤¨ में विटामिन, à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤², मिनरलà¥à¤¸ और à¤à¤‚टीफंगल गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो कई तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने में कारगर माने गठहैं। लहसà¥à¤¨ को कचà¥à¤šà¤¾ खाने से जोड़ों के दरà¥à¤¦ की तो समसà¥à¤¯à¤¾ दूर होती ही है, साथ ही ये हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ निजात दिलाने में सहायक होता है। वहीं, बढ़े हà¥à¤ वजन को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने और आंखों की रोशनी बढ़ाने में à¤à¥€ कचà¥à¤šà¤¾ लहसà¥à¤¨ काफी फायदेमंद होता है।
जायफल के लाà¤
जायफल जोड़ों के दरà¥à¤¦ को ही नहीं बलà¥à¤•ि किसी à¤à¥€ तरह के दरà¥à¤¦ को दूर करने में कारगर होता है। दरअसल, जायफल में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो मांसपेशियों और जोड़ों के दरà¥à¤¦ को दूर करने में कारगर होते हैं। दरà¥à¤¦ के साथ ही जायफल सूजन को à¤à¥€ कम करने का काम करता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जायफल को पीसकर तेल में पकाने और फिर उस तेल से मालिश करने से हर तरह के दरà¥à¤¦ की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ हो जाती है। इसके अलावा जायफल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² चेहरे से दाग-धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ और मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों को दूर कर सà¥à¤•िन में चमक लाने के लिठà¤à¥€ किया जाता है।
जोड़ों के दरà¥à¤¦ में गà¥à¤¡à¥‚ची (गिलोय) के फायदे
गà¥à¤¡à¥‚ची को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग गिलोय के नाम से जानते हैं। गिलोय à¤à¤• आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधि होती है, जो कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने में मदद करती है। गिलोय à¤à¤‚टी-वायरल होने के साथ-साथ दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• à¤à¥€ होता है। इसके पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से बने तेल से घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ की मालिश करने से दरà¥à¤¦ जलà¥à¤¦ ही दूर हो जाता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में कहा गया है कि नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय की बेल सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नीम के गà¥à¤£ à¤à¥€ गिलोय की बेल में आ जाते हैं। दरअसल, गिलोय के बारे में कहा जाता है कि ये जिस पेड़ पर चढ़ती है, उसी पेड़ के गà¥à¤£ अपना लेती है। इसलिठनीम के पेड़ पर चढ़ी हà¥à¤ˆ बेल काफी फायदेमंद होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसमें नीम के गà¥à¤£ à¤à¥€ आ जाते हैं।
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