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गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके सही विकास और पोषण के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और हेलà¥â€à¤¦à¥€ आहार बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। हेलà¥â€à¤¦à¥€ डाइट से मां और बचà¥â€à¤šà¤¾ दोनों सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहते हैं। वहीं अगर जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‡ हों, तो पोषण की मातà¥à¤°à¤¾ तीन गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में खाना है बलà¥à¤•ि आपको रोज अपने आहार में कई तरह की चीजों को शामिल करना है जिससे जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के पोषण की पूरà¥à¤¤à¤¿ की जा सके।
आज इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के जरिठहम आपको बता रहे हैं कि जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‡ होने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अपने आहार में किन पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ को शामिल करना चाहिà¤à¥¤
​कितनी चाहिठकैलोरी
टà¥à¤µà¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में आपको दिनà¤à¤° में लगà¤à¤— 300 कैलोरी लेनी चाहिà¤à¥¤ वहीं पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही में 680 कैलोरी और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में 900 कैलोरी लेनी चाहिà¤à¥¤ कैलोरी लेने से मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ को सही तरह का पोषण मिल पाता है।
अपने खाने में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाà¤à¤‚ लेकिन इसमें वैरायटी à¤à¥€ खूब रखें ताकि रोज à¤à¤• ही तरह की चीजें खाकर आप बोर ना हों। इस समय आपको रोजाना 70 से 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की जरूरत होगी जिसे आप चिकन, नटà¥à¤¸, योगरà¥à¤Ÿ, दूध, चीज और टोफू से पूरा कर सकती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का खतरा बना रहता है जिसे शरीर में आयरन की पूरà¥à¤¤à¤¿ कर के पूरा किया जा सकता है। आयरन à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, हाइपरटेंशन और पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® डिलीवरी के खतरे को कम करता है।
जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‡ होने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ मां को दिनà¤à¤° में 30 मि.गà¥à¤°à¤¾ आयरन की जरूरत होती है जो कि रेड मीट, सीफूड, नटà¥à¤¸ और फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ अनाज से मिल सकता है।
मजबूत दांतों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लेने से मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दांतों को लाठमिलता है। इस समय आपको रोजाना 1,500 से 2,500 मि.गà¥à¤°à¤¾ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होती है। दूध, दही, पालक, केल और à¤à¤¿à¤‚डी से इसकी पूरà¥à¤¤à¤¿ की जा सकती है।
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ सिंपल शà¥à¤—र जैसे कि गà¥â€à¤²à¥‚कोज के रूप में टूट जाता है। इससे गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠको à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ मिलती है। इस समय आपको दिनà¤à¤° में 300 से 400 गà¥à¤°à¤¾à¤® कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की जरूरत होती है जिसे बà¥à¤°à¥‡à¤¡, आलू, पासà¥â€à¤¤à¤¾, चावल और अनाज से पूरा किया जा सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेने से शिशॠमें रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• के जनà¥â€à¤® विकारों को पैदा होने से रोका जा सकता है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° बताते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की हर तिमाही में महिला को अलग-अलग मातà¥à¤°à¤¾ में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की जरूरत होती है। पालक, à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤—स, संतरा और चकोतरा में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है।
दिनà¤à¤° में खूब पानी पिà¤à¤‚ ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो। आपको रोजाना कम से कम दस गिलास पानी पीना है। परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीने से शरीर हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रहता है और टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤‚स बाहर निकल जाते हैं।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आपको विटामिन सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट पर à¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना है। अधिकतर महिलाओं को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार की मदद से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ पोषक ततà¥â€à¤µ मिल जाते हैं। हालांकि, अगर आपके शरीर में किसी विटामिन की कमी है, तो उसे सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पूरा किया जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह पर आयरन, आयोडीन, फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, विटामिन डी और विटामिन सी आदि के सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट ले सकती हैं।
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