जुड़वा बच्चे कितने प्रकार के होते हैं समझाइए?HealthPlanet

Posted on Tue 7th Feb 2023 : 09:27

जुड़वां तब हो सकते हैं जब गर्भ में दो अलग-अलग अंडे निषेचित हो जाते हैं या जब एक निषेचित अंडा दो भ्रूणों में विभाजित हो जाता है।

जुड़वां कितने प्रकार के होते हैं -

जुड़वां दो प्रकार के होते हैं: 1. समान जुड़वां (Identical Twins) 2. गैर-समान जुड़वां (Fraternal twins or Non-identical twins)

1. समान जुड़वां (Identical Twins): जब गर्भावस्था में एक निषेचित अंडा दो अलग-अलग भ्रूणों में विभाजित हो जाता है तब समान जुड़वां (Identical Twins) पैदा होते हैं। ये भ्रूण मोनोज़ायगोटिक होते हैं, जिसका अर्थ है कि उनके पास समान जीन हैं। ऐसे जुड़वाँ में पैदा होने वाले दोनों बच्चों में या तो दोनों लड़का होंगे या दोनों लड़की। एक लड़का और एक लड़की ऐसा कभी नहीं होगा कारण जो अंडाणु दो हिस्सों में बंट कर दो अलग-अलग बच्चों में विकसित हुआ है उस अंडाणु में निषेचन के वक्त जिस शुक्राणु ने भाग लिया होगा वह X क्रोमोसोम और Y क्रोमोसोम में से किसी एक का हीं वाहक होगा। ऐसे तो नर स्तनधारियों की अधिकांश कोशिकाओं में एक एक्स(X) और एक वाई(Y) गुणसूत्र होते हैं, लेकिन शुक्राणु-विकास (शुक्राणुजनन- Spermatogenesis) के दौरान, एक्स और वाई गुणसूत्र अलग-अलग कोशिकाओं में बंट जाता है ताकि निषेचन के वक्त एक व्यक्तिगत शुक्राणु X क्रोमोसोम और Y क्रोमोसोम में से किसी एक को हीं ले जाए ताकि लड़का या लड़की पैदा हो सके। यहां स्पष्ट है कि शुक्राणु में X क्रोमोसोम और Y क्रोमोसोम एक साथ नहीं पाए जाते। Identical Twins रुप-रंग में एक जैसे दिखते हैं परंतु उनके गुण में अंतर होता है।

समान जुड़वाँ (identical twins) 3 प्रकार के होते हैं।-
a. लगभग एक-तिहाई समान जुड़वाँ निषेचन के तुरंत बाद अलग हो जाते हैं और पूरी तरह से अलग जुड़वाँ बन जाते हैं। Non-identical twins की तरह, इन जुड़वाँ बच्चों में अलग-अलग प्लेसेंटा होते हैं।
b. अन्य दो-तिहाई तब विभाजित होते हैं जब वे गर्भ की दीवार से जुड़ जाते हैं। नतीजतन, वे एक प्लेसेंटा साझा करते हैं। आंतरिक थैली (an inner sac) अलग-अलग होती है। इसका तकनीकी नाम मोनोकोरियोनिक (monochorionic) है।
c. तीसरे प्रकार में दोनों जुड़वां एक प्लेसेंटा साझा करने के अलावा, एक आंतरिक थैली (an inner sac) भी साझा करते हैं, जिसे एमनियन (amnion) कहा जाता है। इसका तकनीकी नाम मोनोएमनियोटिक ट्विन्स (monoamniotic twins) है। उन्हें अक्सर MoMo twins भी कहा जाता है।

2. गैर-समान जुड़वां (Fraternal twins or Non-identical twins) - इसे डाईजायगोटिक ट्विंन्स (Dizygotic twins) भी कहते हैं। Dizygotic का अर्थ होता है दो अलग-अलग जाइगोट (two zygotes)।
गैर-समान जुड़वां तब पैदा होते हैं जब निषेचन (Fertilization) के समय गर्भ में दो अंडे मौजूद होते हैं और दो अलग-अलग शुक्राणु उन दोनों को निषेचित करते हैं। ये भ्रूण (embryo) द्वियुग्मज (Dizygotic) हैं, जिसका अर्थ है कि उनके पास एक समान जीन नहीं हैं और वे एक समान लिंग के हो भी सकते हैं और नहीं भी हो सकते हैं। यह सिर्फ इस पर निर्भर है कि दोनों को निषेचित करने वाले दोनों शुक्राणु में कौन-कौन से क्रोमोसोम उपस्थित हैं। हो सकता है दोनों शुक्राणु Y-Y क्रोमोसोम वालें हों तो दोनों का दोनों लड़का होगा। दूसरी स्थिति है कि दोनों शुक्राणु X-X क्रोमोसोम वालें हों तो दोनों के दोनों लड़की होंगी। एक तीसरी परिस्थिति है जिसमें दोनों में से एक शुक्राणु X क्रोमोसोम वालें हों और एक X क्रोमोसोम वाले तो एक लड़की होगी और एक लड़का होगा।

गैर समान जुड़वां गर्भ में दोनों अलग-अलग प्लेसेंटा एवं गर्भनाल (separate placentas and separate umbilical cords) से जुड़े रहते हैं। बहुत कम ही, Fraternal twins एक नाल साझा करते हैं। जब एक नाल साझा करते हैं तब इस प्रकार के जुड़वा बच्चों को काइमेरिक जुड़वां (Chimaeric Twins) कहा जाता है।

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