Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
योग के माधà¥à¤¯à¤® से पाà¤à¤‚ खà¥à¤¶à¥€ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान योग, जिसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ-पूरà¥à¤µ योग कहा जाता है, करने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का चितà¥â€à¤¤ शांत रहता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ-पूरà¥à¤µ योग विशेषजà¥à¤ž और चिकितà¥â€à¤¸à¤¾ वà¥â€à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• बार-बार इस बात पर बल देते रहे हैं कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ-पूरà¥à¤µ योग के साथ-साथ हृदय वाहिका के वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे पैदल चलना से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की परेशानियों को दूर किया जा सकता है।
pregnancy-yoga
पà¥à¤°à¤¸à¤µ-पूरà¥à¤µ योग से परेशानियां होंगी दूर
मेनका संजय गांधी
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ किसी à¤à¥€ महिला के लिठसबसे खास समय होता है जिसमें वह खà¥à¤¶à¥€, उमà¥â€à¤®à¥€à¤¦ और उतà¥â€à¤¸à¥à¤•ता महसूस करती है। महिला के शारीरिक रूप से सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥â€à¤®à¤• रूप से मजबूत होने का सीधा असर होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के शारीरिक, मानसिक, मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विकास पर पड़ता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिला की मन:सà¥â€à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उतार-चढ़ाव, थकान, टांगों में दरà¥à¤¦ के साथ मरोड़ और सांस की बीमारियां गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का हिसà¥â€à¤¸à¤¾ हैं, लेकिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ आसानी से इन समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना कर सकती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान योग, जिसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ-पूरà¥à¤µ योग कहा जाता है, करने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का चितà¥â€à¤¤ शांत रहता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ-पूरà¥à¤µ योग विशेषजà¥à¤ž और चिकितà¥â€à¤¸à¤¾ वà¥â€à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• बार-बार इस बात पर बल देते रहे हैं कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ-पूरà¥à¤µ योग के साथ-साथ हृदय वाहिका के वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे पैदल चलना से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की परेशानियों को दूर किया जा सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाता है योग
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की नौ माह की अवधि में अनिदà¥à¤°à¤¾, हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹, मन:सà¥â€à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उतार-चढ़ाव और बार-बार लघà¥à¤¶à¤‚का का आगà¥à¤°à¤¹ होता रहता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान इन समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठदो तरह के पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® या शà¥â€à¤µà¤¸à¤¨ वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हैं: उजà¥â€à¤œà¤¯à¥€, अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ लंबी, तेजसà¥â€à¤µà¥€ और गहरी सांस लेना जिससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को मौजूदा सà¥â€à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर अपना धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने और चितà¥â€à¤¤ को शांत रखने में मदद मिलती है और दूसरा नाड़ी शोधन (बारी-बारी से अलग-अलग नासिका से सांस लेना) जिससे à¤à¤• अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने में मदद मिलती है। धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देने की बात यह है कि किसी à¤à¥€ तरह से सांस को रोक कर न रखा जाठऔर न ही अति वायॠसंचालन किया जाà¤à¥¤ इससे शिशॠकी ऑकà¥â€à¤¸à¤¿à¤œà¤¨ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बाधित हो सकती है। पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को तीनों तिमाहियों में दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में शामिल किया जाना चाहिà¤, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे कà¥à¤°à¥‹à¤§ और तनाव जैसे नकारातà¥â€à¤®à¤• मनोविकारों से मà¥à¤•à¥â€à¤¤à¤¿ मिलती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीन तिमाहियों के दौरान शारीरिक मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ और वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® अलग-अलग चरणों में अलग-अलग होते हैं ।
योग रखेगा निरोग
योग रखेगा निरोग
पà¥à¤°à¤¥à¤® तिमाही (0-13 सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹)
पà¥à¤°à¤¥à¤® तिमाही में बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶à¥€ के साथ-साथ परेशानी महसूस होती है। जी मिचलाना और थका-थका महसूस करना आम लकà¥à¤·à¤£ हैं। योग के विशेषजà¥à¤ž पà¥à¤°à¤¾à¤¯: सलाह देते हैं कि इस तिमाही में योग करते समय अतà¥â€à¤¯à¤§à¤¿à¤• सावधान रहने की जरूरत होती है, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि गलत मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ से à¤à¥à¤°à¥‚ण और पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤¨à¥à¤Ÿà¤¾ के आरोपण में रूकावट आ सकती है।
पहली तिमाही में ये आसन कर सकती हैं
मरजारी आसन (बिलà¥â€à¤²à¥€ तानन)
गरà¥à¤¦à¤¨ और कंधों को तानता है, शरीर की कठोरता कम करता है और सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ को लोचपूरà¥à¤£ रखता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की अवधि बढ़ने के साथ पीठको अधिक शारीरिक वजन उठाना पड़ता है।
कोण आसन (à¤à¥à¤œà¤¾à¤à¤‚ बगल में खड़ा करना)
सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ को लचीला रखता है और कबà¥â€à¤œ दूर करता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का à¤à¤• आम लकà¥à¤·à¤£ है।
वीरà¤à¤¦à¥à¤° आसन (योदà¥à¤§à¤¾ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾)
शरीर का संतà¥à¤²à¤¨ सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¤à¤¾ है, बांहों, टांगों à¤à¤µà¤‚ पीठके निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ को मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है और सà¥â€à¤Ÿà¥ˆà¤®à¤¿à¤¨à¤¾ बढ़ाता है।
बदà¥à¤§à¤•ोण आसन (तितली मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾)
नितंब और पेडू कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में लोच बढ़ाता है, जांघों और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को तानता है, दरà¥à¤¦ में राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, थकान दूर करता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के आखिरी दिनों तक अà¤à¥â€à¤¯à¤¾à¤¸ करने पर आसानी से पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने में मदद करता है।
योग निदà¥à¤°à¤¾
तनाव और चिंता कम होती है, रकà¥â€à¤¤à¤šà¤¾à¤ª नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है और शरीर की हर कोशिका शिथिल होती है।
सिलेबà¥à¤¸ à¤à¥€ करते हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में योग
सिलेबà¥à¤¸ à¤à¥€ करते हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में योग
दूसरी तिमाही (14 से 28 सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹)
दूसरी तिमाही के दौरान गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠकी मदद के लिठशरीर में रकà¥â€à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ 50-60 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बढ़ जाती है, रकà¥â€à¤¤ संचार तेज हो जाता है, चयापचय यानी मेटाबॉलिजà¥à¤® की दर बढ़ जाती है और धड़कन तेज चलती है, सांसें तेज चलती हैं। शरीर का शà¥à¤—र तेजी से खतà¥â€à¤® होता है और इस चरण पर गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠऔर पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤¨à¥à¤Ÿà¤¾ की सहायता के लिठशरीर में जमा à¤à¤‚डार का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होता है। महिलाओं को अकà¥â€à¤¸à¤° मिचली और हलà¥â€à¤•ा सिरदरà¥à¤¦ महसूस होता है और खाने की इचà¥â€à¤›à¤¾ बढ़ जाती है। इस चरण पर पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ योग की अधिकतम सलाह दी जाती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे गरà¥à¤¦à¤¨ में बà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥â€à¤¤à¤° बना रहता है।
दूसरी तिमाही के दौरान ये आसान लाà¤à¤ªà¥à¤°à¤¦ हैं
वजà¥à¤° आसन (हीरा मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾)
यह आसन पाचन बढ़ाता है और खाना खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद किया जा सकता है। इससे पेडू की मांसपेशियां à¤à¥€ मजबूत होती हैं और पà¥à¤°à¤¸à¤µ में महिलाओं को सहूलियत होती है।
मतà¥â€à¤¸à¥à¤¯ कृदासन (फड़फड़ाती मीन मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾)
इससे कबà¥â€à¤œ दूर होती है और पाचन à¤à¥€ बढ़ता है। टांगों की नसें शिथिल होती हैं जिससे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के आखिरी दिनों के दौरान काफी राहत मिलती है।
कटि चकà¥à¤° आसन (मेरà¥à¤¦à¤‚ड मरोड़ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾)
इससे शारीरिक और मानसिक तनाव दूर होता है तथा कमर, नितंब à¤à¤µà¤‚ पीठमजबूत होती है।
मरजारी आसन (बिलà¥â€à¤²à¥€ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾)
इसे बिलà¥â€à¤²à¥€ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है और यह महिलाओं के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तंतà¥à¤° को मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने में बहà¥à¤¤ उपयोगी है। इस आसन से गरà¥à¤¦à¤¨, सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ और कंधे अधिक लचीले होते हैं।
ताड़ासन (परà¥à¤µà¤¤ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾)
इससे पूरा मेरà¥à¤¦à¤‚ड फैलता और ढीला होता है तथा मानसिक à¤à¤µà¤‚ शारीरिक संतà¥à¤²à¤¨ सà¥â€à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने में à¤à¥€ मदद मिलती है।
उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ आसन
यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, जांघों, पीठà¤à¤µà¤‚ à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मांसपेशियों को मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
मेरॠआकरà¥à¤·à¤£ आसन
यह आसन उदर à¤à¤µà¤‚ टांगों की मांसपेशियों को तानता है तथा उनको लचीला à¤à¤µà¤‚ मजबूत बनाता है।
योग करते वकà¥à¤¤ रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
योग करते वकà¥à¤¤ रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
तीसरी तिमाही (29 से 40 सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹)
तीसरी तिमाही तक शरीर में à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ जैविक परिवरà¥à¤¤à¤¨ बहà¥à¤¤ अधिक हो चà¥à¤•े होते हैं और अब शिशॠकी हलचल à¤à¥€ अधिक होती है। पेट के उà¤à¤°à¤¨à¥‡ तथा वजन बढ़ जाने से संतà¥à¤²à¤¨ सà¥â€à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने में दिकà¥â€à¤•त हो सकती है। संतà¥à¤²à¤¨ सà¥â€à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने की सरल मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤“ं से महिलाà¤à¤‚ हलà¥â€à¤•ा-फà¥à¤²à¥â€à¤•ा à¤à¤µà¤‚ अधिक संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ महसूस कर सकती हैं लेकिन ढà¥à¤²à¤®à¥à¤² महसूस करें तो दीवार का सहारा जरूर लें। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की सलाह 6 माह के बाद लंबे समय तक पीठके बल लेटने के विपरीत है ताकि वेना कावा (à¤à¤• बड़ी नस जो सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ के बगल से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के पीछे मà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥€ है) पर अधिक दबाव न बनें। इस चरण पर किसी पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ शिकà¥à¤·à¤• के मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ में योग करना उपयà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सà¥â€à¤Ÿà¥ˆà¤®à¤¿à¤¨à¤¾ बढ़ाने का सही समय है। यदि कोई मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ करने पर शरीर को अचà¥â€à¤›à¤¾ महसूस न हो तो उसे न करें।
संतà¥à¤²à¤¨ सà¥â€à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने की बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤à¤‚ जैसे उतà¥à¤¥à¤¿à¤¤ तà¥à¤°à¤¿à¤•ोण आसन, उतà¥â€à¤¥à¤¿à¤¤ पारà¥à¤¶à¥â€à¤µà¤•ोण आसन, वीरà¤à¤¦à¥à¤° आसन और वकà¥à¤° आसन टांगों में मजबूती लाने, सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ को ठीक से सीधा रखने और रकà¥â€à¤¤ संचार ठीक करने के लिठआदरà¥à¤¶ आसन हैं परंतॠधà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि ये आसन किसी दीवार के सहारे या कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ के सहारे करें। नितंब को खोलने वाला उपाविषà¥â€à¤Ÿ कोण आसन à¤à¥€ इस तिमाही में à¤à¤• महतà¥â€à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ आसन है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे पीठके निचले à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ से राहत मिलती है और पेडू के चारों ओर जगह बनती है।
अनà¥à¤¸à¤‚धान अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ की समीकà¥à¤·à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ योग से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की जटिलताओं, तनाव और दरà¥à¤¦ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी कम होती है और संà¤à¤µà¤¤: शिशॠके अपनी गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ आयॠकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में छोटा होने का जोखिम à¤à¥€ घट जाता है। इस अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ योग दिवस पर मां बनने जा रही महिलाओं से आगà¥à¤°à¤¹ है कि वे पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ योग की ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡à¤‚। इससे न केवल आपको अचà¥à¤›à¤¾ और बेहतर महसूस होगा बलà¥à¤•ि आप उन महिलाओं की अचà¥à¤›à¥€ दोसà¥à¤¤ बन सकती हैं जो आपकी तरह जलà¥à¤¦ मां बनने वाली हैं और आपके बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ दोसà¥à¤¤ बन सकते हैं। इसके अलावा पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ योग घर पर समà¥à¤šà¤¿à¤¤ मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ में किया जा सकता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह केवल गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ या शारीरिक सेहत से ही संबंधित नहीं है बलà¥à¤•ि इसके ढेर सारे लाठà¤à¥€ हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |