हेपेटाइटिस बी को कैसे खत्म करें?HealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 14:27

हेपेटाइटिस-बी खत्म करने में कारगर है कालमेघ पौधा: डॉ. हरबंस
लीवर में सूजन होने की वजह से हेपेटाइटिस-बी की बीमारी होने से लोग मौत के मुंह में चले जाते हैं। इसका कारगर इलाज कालमेघ पौधे के पाउडर है। सिर्फ दो महीने तक इसके नियमित सेवन से ही हेपेटाइटिस-बी का खतरा समाप्त होने लगता है। यह दावा सेंट्रल आयुर्वेद रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर रेस्पिरेटरी डिस्ऑर्डर पटियाला के डॉ. हरबंस सिंह ने किया है, वह कालमेघ पाैधे पर शोध करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, हेपेटाइटिस-बी के 68% रोगियों को लीवर सिरोसिस और 80% रोगियों को लीवर कैंसर हो जाता है। विश्व का प्रत्येक तीसरा व्यक्ति एड्स या हेपेटाइटिस-बी के प्रत्यक्ष संपर्क में है। इससे लीवर कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है। भारत में करीब चार करोड़ लोग हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित हैं। 40% मरीज 30 साल के अंदर के हैं।

प्रयोगशाला परीक्षणों में ‘आस्ट्रेलिया एंटीजन’ से इसकी जांच होती है, भारत में यह इलाज आम लोगों की पहुंच से बाहर
हेपेटाइटिस-बी रोग होने की यह वजह
हेपेटाइटिस-बी एक ऐसा वायरस है, जो एक व्यक्ति से दूसरे में पहुंचता है। यह यौन संबंधों से फैलता है। इसके अलावा सीमन, लार, पसीना, इन्फेक्टेड सुइयों, घाव, चोट, रेजर और टूथब्रश से फैलता है। यह एड्स से 50 से 100 गुना अधिक इन्फेक्टेड होता है।

प्रयोगशाला परीक्षणों में ‘आस्ट्रेलिया एंटीजन’ से इसकी जांच होती है। जो बहुत महंगी है। भारत में इतना महंगा परीक्षण अधिकांश रोगियों की पहुंच से बाहर है। यह आयुर्वेदिक औषधियों, एंटी वायरस और प्रभाव के साथ-साथ लीवर के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। यह तथ्य सेंट्रल आयुर्वेद रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर रेस्पिरेटरी डिस्ऑर्डर के डॉ. हरबंस सिंह के शोध में देखने को मिला है। डॉ. सिंह ने शोध अध्ययन दो वर्गों पर किया। पहले चरण में 58 हेपेटाइटिस-बी के पीलिया से पीड़ित रोगियों को लिया गया, जिन्हें कालमेघ दो महीने तक दिया गया। परिणाम का आंकलन लाक्षणिक व जैव रासायनिक परीक्षण के आधार पर किया गया। इन रोगियों को भूख न लगना, थकान, पीलिया, वजन में कमी तथा लीवर वृद्धि जैसे लक्षणों में 75 प्रतिशत से अधिक लाभ मिला। लीवर फंक्शन टेस्ट जैसे एसजीपीटी तथा एल्केलाइन फास्फेटेज में काफी ज्यादा सुधार लगभग डेढ़ माह में देखने को मिला।कालमेघ से अन्य कई तरह के रोग भी होते हैं दूरसेंट्रल आयुर्वेद रिसर्च इंस्टीट्यूट, पटियाला के डॉ. हरबंस सिंह ने बताया कि कालमेघ एक ऐसी जुड़ी बूटी है, जिसका सेवन करने से अन्य कई तरह के रोग दूर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह पौधे पंजाब में बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इस पौधे का चूर्ण पंसारी की दुकान पर आम ही मिल जाता है और यह ज्यादा महंगी जड़ी बूटी नहीं है। इस लिए इससे इलाज करना आसान है।

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