हाइपर थायराइड में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Wed 30th Nov 2022 : 15:30

हाइपरथायरायडिज्म में क्या खाना है सही और क्या नहीं, जानें सही डाइट टिप्‍स :-

थायराइड में क्या खाएं – Food for Hypothyroidism in Hindi

हाइपोथायरायडिज्म में थायराइड ग्रंथि कम मात्रा में हार्मोंस का निर्माण करने लगती है (2)। ऐसे में नीचे दिए गए हाइपोथायरायडिज्म आहार लाभकारी हो सकते हैं :

अलसी के बीज – थायराइड के लिए अलसी के बीज आयुर्वेदिक उपाय का काम कर सकते हैं। अलसी में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड हायपोथायरॉडिज्म के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (3)। ऐसे में इसका सेवन लाभकारी हो सकता है। फिर भी अलसी का सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें, क्योंकि इसका अधिक सेवन आयोडीन की कमी का कारण बन सकता है (4)। इसलिए, बेहतर है इस बारे में व्यक्ति विशेषज्ञ की सलाह भी लें।

ब्राजील नट्स – हाइपोथायराइड या थायराइड के लिए सेलेनियम भी एक मुख्य पोषक तत्व है (5)। यह निष्क्रिय थायराइड हार्मोन में सुधार या परिवर्तन कर उन्हें सक्रिय करने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों ने भी माना है कि ब्राजील नट युक्त सप्लीमेंट्स थायराइड हार्मोन के स्तर में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं (6)। ऐसे में थायराइड के लिए भोजन में सेलेनियम युक्त ब्राजील नट्स शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

अंडा – हाइपोथायरायडिज्म आहार में अंडे को शामिल करना भी लाभकारी हो सकता है। जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि सेलेनियम पोषक तत्व को थायराइड आहार में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। ऐसे में अंडे में उच्च मात्रा में सेलेनियम मौजूद होता है, जिसका सेवन गुणकारी हो सकता है (7)। इसके अलावा, चूहों पर किए गए शोध में यह बात सामने आई है कि हाई आयोडीन अंडों का सेवन हाइपोथायरायडिज्म व हाइपरथायरायडिज्म दोनों में ही किया जा सकता है (8)।

साबुत अनाज – हाइपोथायरायडिज्म आहार में साबुत अनाज को भी शामिल करना जरूरी है। यह जिंक का अच्छा स्त्रोत होता है और जिंक की कमी हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकती है (9)। थायराइड ग्रंथि के सही तरीके से काम करने के लिए जिंक जरूरी हो सकता है (10)। ऐसे में साबुत अनाज और अन्य जिंक युक्त खाद्य पदार्थ लाभकारी हो सकते हैं (11)। कई लोगों के मन में सवाल आता होगा कि थायराइड में चावल खाना चाहिए कि नहीं, तो हम बता दें कि साबुत अनाज का सेवन थायराइड के स्तर को संतुलित कर सकता है। ऐसे में ब्राउन राइस अच्छा विकल्प हो सकता है।

दही – कई बार आयोडीन की कमी या जरूरत से ज्यादा आयोडीन का सेवन भी हाइपोथायराइड का कारण बन सकता है। ऐसे में डॉक्टरी सलाह के अनुसार, आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – दही को भी हाइपोथायरायडिज्म आहार में शामिल किया जा सकता है (12)। खासतौर से गर्भवती महिलाओं के लिए आयोडीन ज्यादा जरूरी है, क्योंकि मां की डाइट से ही गर्भ में पल रहे शिशु को आयोडीन प्राप्त हो सकता है (2)। इसलिए, अब अगर मन में सवाल आए कि थायराइड में दही खाना चाहिए कि नहीं, तो बेझिझक दही खाएं।

कैल्शियम और विटामिन डी – हाइपोथायरायडिज्म की वजह से हड्डियां कमजोर हो सकती है या फ्रैक्चर हो सकता हैं (13)। इसके अलावा, विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी भी हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकती है (14)। इसलिए, अपने आहार में कैल्शियम और विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – दूध व चीज़ को शामिल कर सकते हैं (15)।

थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid in Hypothyroidism in Hindi

हाइपोथायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए, उसकी सूची हम नीचे दे रहे हैं।

ग्रीन टी – अधिक ग्रीन टी का सेवन थाइराइड में नुकसानदायक साबित हो सकता है। ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन (catechin) एंटी-थाइराइड एजेंट की तरह काम कर सकता है, जो हार्मोन के निर्माण को कम करता है। इसलिए, थाइराइड में परेशानी हो सकती है (16)। जैसे कि हमने ऊपर जानकारी दी है कि हाइपो में थायराइड हार्मोन बनना कम या बंद हो जाते हैं। ऐसे में हाइपोथायराइड में ग्रीन टी का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।

सोयाबीन- सोयाबीन और सोया युक्त खाद्य पदार्थों से भी हाइपोथायरायडिज्म का जोखिम हो सकता है (17)। इसलिए, जो लोग सोया खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, उन्हें अपने आयोडीन के सेवन पर ध्यान रखने की जरूरत है (18)।

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