हार्ट बीट बढ़ने के क्या कारण है?HealthPlanet

Posted on Thu 2nd Mar 2023 : 15:27

अचानक क्यों बढ़ जाती है हमारी हार्ट बीट? जानिए कारण, लक्षण और बचाव के नेचुरल तरीके

हार्ट रेट को नॉर्मल करने के लिए नेचुरल उपाय
Natural Treatment for Heart Palpitations : हार्ट बॉडी का सबसे जरूरी ऑर्गन है, जो हर बॉडी पार्ट तक ब्लड और ऑक्सीजन पहुंचाता है. हमारी हार्ट रेट यह बताती है कि हमारा हार्ट हेल्दी है या नहीं और यह अपने सारे काम सही प्रकार कर रहा है या नहीं. अनहेल्दी और स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल के कारण आजकल हार्ट पालिप्टेशन यानी अचानक हार्ट बीट बढ़ने की समस्या आम हो गई है. डॉक्टर्स की मानें तो 1 मिनट में 120 से तेज हार्ट रेट किसी परेशानी की ओर इशारा करता है.

खराब हार्ट हेल्थ के साथ ही स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन, ड्रग्स या किसी बीमारी के कारण भी हार्ट बीट अचानक से बढ़ सकती है. इसको नज़र अंदाज करने से ये आगे चलकर हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी फेलियर का कारण भी बन सकता है, जरूरी है की सही समय पर सही उपायों से इस समस्या को सुलझा लिया जाए. आइए जानते हैं, हार्ट बीट तेज होने पर किस तरह से बचाव किया जा सकता है.

हार्ट बीट को नॉर्मल करने के लिए अपनाएं ये नेचुरल उपाय :
अधिक से अधिक पानी पीएं –
हेल्थ लाइन डॉट कॉम के अनुसार ब्लड एक लिक्विड है और इसकी सही थिकनेस के लिए सही मात्रा में पानी का सेवन जरूरी है. बॉडी डिहाइड्रेट होने से ब्लड गाढ़ा हो जाता है और सर्कुलेशन के लिए हार्ट को तेज़ तेज़ पंप करना पड़ता है, यही कारण है की पानी की कमी हार्ट रेट बढ़ा देती है. ऐसी स्थिति से बचने के लिए अधिक से अधिक पानी पीएं.

नियमित एक्सरसाइज़ और हेल्दी डाइट अपनाएं –
एक्सरसाइज करने से हार्ट हेल्थ इम्प्रूव होती है और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल होता है. फलों, सब्जियों और होल ग्रेंस से बनी हेल्दी डाइट का सेवन हार्ट को हेल्दी बनाता है. कमज़ोरी या फैट से भी हार्ट बीट बढ़ने की समस्या होती है, नियामित एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट इस समस्या का समाधान बनते हैं.

इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाएं –
कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स इलेक्ट्रिक सिग्नल्स ट्रांसफर करते हैं जो हार्ट के सहायक होते हैं. डाइट में इन्हें शामिल करना अचानक बढ़ने वाले हार्ट रेट की समस्या से बचाव कर सकता है.

स्ट्रेस लेवल कम करें –
स्ट्रेस में हार्ट रेट बढ़ना आम है, इस परेशानी से बचने के लिए ज़रूरी है की मेडिटेशन, ध्यान या प्राणायाम की सहायता लेकर स्ट्रेस कम किया जाए. इससे हार्ट को आराम मिलता है और हार्ट रेट भी कंट्रोल में आ सकता है.

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