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हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं, à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ मरीजों के लिठडाइट टिपà¥à¤¸
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ में पेट के हिसà¥à¤¸à¥‡ में काफी दरà¥à¤¦ होता है। इसके दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठआप उचित डाइट अपना सकते हैं।
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ की मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण पेरिटोनियम में कमजोरी हो सकती है। पेरिटोनियम à¤à¤¸à¥€ मांसपेशियां है, जो पेट के सà¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ को सही सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर बनाठरखती है। हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होने पर पेट के अंग बाहर की ओर गांठके रूप में दिखाई देने लगते हैं। कई बार लेटने या सोने के दौरान ये उà¤à¤¾à¤° गायब हो सकते हैं। साथ ही इस रोग में असहनीय दरà¥à¤¦ होता है। यह दरà¥à¤¦ खांसने या à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान उठाने पर बढ़ सकता है लेकिन उचित खानपान और अचà¥à¤›à¥€ जीवनशैली अपनाकर आप हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के खतरे को कम जरूर कर सकते हैं। इससे आपको हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से जलà¥à¤¦à¥€ ठीक होने और सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद रिकवर होने में à¤à¥€ मदद मिलती है। हालांकि इस समसà¥à¤¯à¤¾ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होने पर आप सबसे पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। आपको बताते दें कि हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ तीन पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आज हम हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के डाइट और सावधानियों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ चीजों के बारे में बात करेंगे। हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कैसी डाइट रखनी चाहिठया कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤à¥¤ इसके बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रही हैं डाइट कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• और डॉकà¥à¤Ÿà¤° हब कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• की डायटीशियन अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ बतà¥à¤°à¤¾à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ होता है हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾
डायाफà¥à¤°à¤¾à¤® के अंदर à¤à¤• छेद को हाइटस कहा जाता है। यह मांसपेशियों से बनी à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की दीवार होती है, जो छाती और पेट को अलग करती है। सिरà¥à¤« फूड नली ही हाइटस के अंदर से निकली होती है और पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में जब पेट का कोई छोटा हिसà¥à¤¸à¤¾ हाइटस के छेद के अंदर से निकलकर छाती के हिसà¥à¤¸à¥‡ में चला जाता है,तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं।
हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में रखें à¤à¤¸à¥€ डाइट
1. हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठआप केला, सेब और चीकू जैसे फल खा सकते हैं। इसके अलावा आप कà¥à¤› फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मिलाकर उनकी सà¥à¤®à¥‚दी à¤à¥€ बना सकते हैं। इससे टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ मिलेगा और यह सेहत के लिठकाफी अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
2. आप हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, हरी बीनà¥à¤¸, गाजर और बà¥à¤°à¥‹à¤•ली खा सकते हैं।साथ ही आप इनका à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सूप बना सकते हैं। कोशिश करें कि खाने को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरल रूप में लें। इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाना आसान हो जाता है।
3. इसके अलावा आप मोटे अनाज का सेवन à¤à¥€ कर सकते हैं। इसमें फाइबर à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है, जिसे गैस और अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है। इसके आप दलिया, ओटà¥à¤¸, बà¥à¤°à¥‡à¤¡ और कॉरà¥à¤¨ à¤à¥€ खा सकते हैं।
4. साथ ही खाने में कम फैट वाली चीजों को जोड़ने की कोशिश करें। जैसे कम फैट वाले दूध और दही या सोया मिलà¥à¤• का सेवन करें। साथ ही बटर और मिठाई का बेहद कम मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करें।
5. अपने आहार में अधिक से अधिक उबली हà¥à¤ˆ चीजों को शामिल करें। जैसे आप सबà¥à¤œà¥€ को तेल में पकाकर खाने की जगह उबालकर खाने की कोशिश करें। इससे हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की परेशानी और दरà¥à¤¦ में आराम मिल सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤
1. हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की परेशानी में आपको जितने à¤à¥€ साइटà¥à¤°à¤¸ फल या फूड जैसे संतरा,नींबू, अंगूर, कà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ और आंवला न खाà¤à¤‚। उनके सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤ साथ ही जिन फलों के सेवन से आपके पेट में कबà¥à¤œ बने, उसे खाने से बचना चाहिà¤à¥¤
2. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तीखा और चटपटा खाना खाने से बचें। बाहर के खाने से परहेज करें। हो सके तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उबला हà¥à¤† खाना खाने की कोशिश करें।
3. चॉकलेट के सेवन से à¤à¥€ आपको बचना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें à¤à¥€ कैलोरी की बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है। साथ ही इसमें शà¥à¤—र लेवल à¤à¥€ अधिक होता है।
4. वसायà¥à¤•à¥à¤¤ तले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन करने से बचें। इससे हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ के साथ आपका कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² à¤à¥€ बढ़ सकता है और हारà¥à¤Ÿ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है।
5. साथ ही टमाटर से बने सà¥à¤ªà¥‡à¤—ेचटी सॉस, पिजà¥à¤œà¤¾, सालसा और टमाटर रस के सेवन से बचें।
6. चाय, कॉफी और शराब का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें। इससे हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ और बढ़ सकती है।
इसके अलावा अधिक से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पानी का सेवन करें। इससे à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पचाने और अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से à¤à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलेगा। साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से आप कà¥à¤› à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ और योग à¤à¥€ कर सकते हैं। इससे आपको काफी आराम मिल सकता है। किसी à¤à¥€ चीज का सेवन करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¤• बार जरूर सलाह लें। इससे आपको हाइटल हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने में काफी मदद मिलेगी।
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