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Cold In Winter: कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है जà¥à¤•ाम? कà¥à¤¯à¤¾ इसके लिठसिरà¥à¤« ठंड ही है जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°?
बदलते मौसम के साथ ही लोगों को सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम जैसी परेशानियां à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ हो गई हैं. कà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤•ाम होने के पीछे का कारण सिरà¥à¤« मौसम बदलना ही है? आइठइसे जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• नजरिया à¤à¥€ जानते हैं.
Cold What is Cold Winter is Responsible for Cold Cold In Winter: कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है जà¥à¤•ाम? कà¥à¤¯à¤¾ इसके लिठसिरà¥à¤« ठंड ही है जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°?
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है जà¥à¤•ाम?
Cold In Winter: सरà¥à¤¦à¥€ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के साथ ही कà¥à¤› आम बीमारियों की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ à¤à¥€ हो चà¥à¤•ी है. सरà¥à¤¦à¥€, जà¥à¤•ाम इस मौसम में होने वाली बहà¥à¤¤ ही आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं. à¤à¤¸à¤¾ कोई à¤à¥€ नहीं है, जिसे आज तक ये परेशानी नहीं हà¥à¤ˆ हो. सवाल यह है कि जà¥à¤•ाम कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? कई लोगों का मानना है कि ​जà¥à¤•ाम ठंड लगने की वजह से होता है. अà¤à¥€ तक इस पर कई तरह की रिसरà¥à¤š हà¥à¤ˆ हैं, लेकिन आजतक जà¥à¤•ाम होने के असली कारण के बारे में पता नहीं चल पाया है. सरà¥à¤¦à¥€ में कफ बनने की à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ आम होती है. अगर समय रहते बाद में कफ बाहर नहीं निकलता है तो अनेक बीमारियों के जनà¥à¤® का कारण बन जाता है.
à¤à¤¸à¥‡ बनता है कफ
दरअसल शरीर में कफ बनना à¤à¤• तरह के कचरे का कचरा इकठà¥à¤ ा होना है जो धीरे-धीरे कफ का रूप ले लेता है. हम जब सांस लेते हैं तो ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ के साथ-साथ धूल के कण, धà¥à¤‚आ और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ शरीर के अंदर चले जाते हैं. इस पà¥à¤°à¤•ार हमारे शरीर में दो तरह का कचरा बनता हैं. पहली तरह का कचरा कॉरà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ से और दूसरा धूल, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण बनता है. शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने वाले ये ​कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ और छोटे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तो सांस के जरिठबाहर निकल जाते हैं, लेकिन धूल और पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण से बनने वाला कचरा फेफड़ों में ही जम जाता है. ​फेफड़ों में जमा हà¥à¤† यही कचरा सरà¥à¤¦à¥€ लगने का कारण बनता है. शरीर में अगर पानी की कमी हो तो यह कचरा फेफड़ों में ही पड़े-पड़े सड़ जाता है और कफ का रूप ले लेता है.
इसलिठहोती है गले में जलन
जब हमारे ​फेफड़ों में बहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कफ जम जाता है तो गले में जलन का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होने है. जिसके कारण कई बार बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो जाता है. हमें खाना पीना à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ नहीं लगता. कई बार तो बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खाना तक बंद कर देते हैं. खाना न खाने की वजह से दिमाग पर मौसम का दबाव बढ़ता है और नाक बहना शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है. नाक बहने के साथ ही कफ à¤à¥€ धीरे धीरे नाक के रासà¥à¤¤à¥‡ बाहर निकलने लगता है.
ये हैं सच
सरà¥à¤¦à¥€â€‹ जà¥à¤•ाम होने की असली वजह के बारे में आजतक इसलिठपता नहीं चल पाया कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कोई ये नहीं बता सका कि जà¥à¤•ाम की वजह से गले में जलन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है. à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, यह बताया गया है कि हमारी नाक के पीछे जो सेलà¥à¤¸ होते हैं, संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के पर उनमें से कà¥à¤› सेलà¥à¤¸ मर जाते हैं और वही कफ के रूप में बदल जाते हैं.
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