सीढ़ियां चढ़ते समय मैं अपने घुटनों को क्लिक करने से कैसे रोकूं?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 09:42

सीढिय़ां चढ़ते समय घुटनों में दर्द महसूस हो रहा है। इसे नजरअंदाज नहीं करें। यह ऑस्टियोऑर्थराइटिस का प्राइमरी लक्षण है। समय पर इसका इलाज शुरू नहीं करवाने से यह परेशानी बढ़ भी सकती है। सीढिय़ां चढ़ते वक्त घुटने के जॉइंट्स के अंदर दर्द होने पर एक्सरसाइज शुरू कर दें। ताकि शुरूआती स्टेज पर बीमारी को कंट्रोल किया जा सके। एक्सरसाइज से दर्द में रिलीफ मिलेगा। घुटने में किसी तरह की इंजरी और इंफेक्शन ऑस्टियोऑर्थराइटिस होने के रिस्क फैक्टर में शामिल हैं।

घुटने की साइड में दर्द बढ़ने पर ल्यूब्रिकेंट्स के इंजेक्शन लगाने से आराम मिलता है, एक साल बाद यह इंजेक्शन दुबारा लगाया जाता है

लंबे समय तक बैठने और ट्रेवलिंग करने से आता है घुटने में दर्द

आजकल आरामतलब लाइफ स्टाइल होने के कारण एक्सरसाइज नहीं करना भी घुटने में दर्द होने का एक रिस्क फैक्टर बन चुका है। यही नहीं, कई बार घुटने के साइड में दर्द बढ़ने पर ल्यूब्रिकेंट्स के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इससे भी पेशेंट्स को दर्द में रिलीफ मिलता है। एक साल के बाद इसे रिपीट किया जाता है। लंबे समय तक बैठने या फिर ट्रेवलिंग करने से पटेला (पाली) में दर्द अाता है। यह पटेला फ्यूमूरोल ऑस्टियोऑर्थराइटिस है। कई बार क्वार्डिसेप मसल्स हिप से पटेला तक आने वाली मसल्स कमजोर होने के कारण भी दर्द होता है। इसमें प्राइमरी एक्सरसाइज करने से रिलीफ मिलता है। मसल्स में कमजोरी आने के कारण भी दर्द ऐसा होता है।

विटामिन डी और कैल्शियम की कमी नहीं होने दें

अक्सर ओवरवेट लोगों में यह प्रॉब्लम होती है। मसल्स को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन डाइट लें। कैल्शियम और विटामिन डी लेना जरूरी है। विटामिन डी की कमी होने से कैल्शियम कम हो जाता है। इसलिए विटामिन डी और कैल्शियम लें। अन्यथा इसकी कमी से भी ऑस्टियोऑर्थराइटिस हो सकती है। मिडिल साइज में प्रॉब्लम होने पर हड्डी को छोटा कर दिया जाता है। छोटा करके मसल्स का वेट डिवाइड किया जाता है। ताकि घुटने पर एक समान वजन आएं।

डायग्नोसिस

ऑस्टियोऑर्थराइटिस को डायग्नोस करने के लिए एमआरआई करवाने की जरूरत नहीं है। एक्स-रे से भी किया जा सकता है।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info