सेंधा नमक और नमक में क्या फर्क है?HealthPlanet

Posted on Sat 3rd Dec 2022 : 15:04

सेंधा नमक में लगभग 85 फीसदी सोडियम क्लोराइड होता है, जबकि शेष 15 फीसदी में अन्य खनिज जैसे आयरन, कॉपर, जिंक, आयोडीन, मैंगनीज, मैग्नेशियम, सेलेनियम सहित कम से कम 84 प्रकार के तत्व होते हैं। इनमें से अधिकांश की थोड़ी-थोड़ी मात्रा शरीर के लिए फायदेमंद होती है। सामान्य नमक में 97 फीसदी हिस्सा सोडियम क्लोराइड का होता है।

साधारण नमक की तुलना में सेंधा नमक या Rock Salt के कई फायदे हैं. सेंधा नमक कुदरती चीज है और इसमें ज्यादा छेड़-छाड़ नहीं किया जाता. इसलिए स्वास्थ्य के लिए यह बेहतर है. आयुर्वेद में इसका काफी महत्व है. सेंधा नमक में घुलित कई खनिज पदार्थ पानी में भी मिले होते हैं.

सेंधा नमक और साधारण नमक में क्या फर्क है? जानिए किसका इस्तेमाल ज्यादा बेहतर है

नमक

नमक के बिना भोजन का स्वाद बेमानी है. इसके बिना कल्पना भी नहीं की जा सकती. लेकिन नमक हमारे शरीर के लिए जितना जरूरी है, उतना ही इसकी अत्यधिक मात्रा नुकसानदेह भी है. ऐसे में यह जान लेना जरूरी है कि कौन सा नमक हमारे लिए बेहतर है. आमतौर पर नमक तीन तरह के होते हैं-सामान्य नमक, सेंधा नमक और काला नमक. सामान्य नमक समंदर या खारे झील के पानी से तैयार किया जाता है. इसे मशीन में शुद्ध किया जाता. सेंधा नमक जमीन के नीचे एक चट्टान की तरह है. यह पूरी तरह से कुदरती है. काला नमक भी सेंधा नमक जैसा ही होता है. तीनों नमक सोडियम क्लोराइड का बेहतरीन स्रोत है.

कौन सा नमक बेहतर

सामान्य नमक में 97 प्रतिशत सोडियम क्लोराइड होता है जबकि रिफाइनिंग के वक्त तीन फीसदी अन्य चीजें मिलाई जाती है. इनमें आयोडीन प्रमुख है. आयोडीन इसलिए मिलाया जाता क्योंकि इससे ग्वायटर बीमारी नहीं होती. दूसरी ओर सेंधा नमक है जो धरती के नीचे मिलता है और यह दरदरा है. इसमें लगभग 85 फीसदी सोडियम क्लोराइड होता है, जबकि बाकी 15 फीसदी में अन्य खनिज जैसे आयरन, कॉपर, जिंक, आयोडीन, मैंगनीज, मैग्नेशियम, सेलेनियम सहित कम से कम 84 प्रकार के तत्व होते हैं. ये खनिज शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं.

सेंधा नमक में ऊपर से आयोडीन मिलाने की जरूरत नहीं होती, जबकि सामान्य नमक में मिलाना पड़ता है. सेंधा नमक कुदरती चीज है और इसमें ज्यादा छेड़-छाड़ नहीं किया जाता. इसलिए स्वास्थ्य के लिए यह बेहतर है. आयुर्वेद में इसका काफी महत्व है. सेंधा नमक में घुलित कई खनिज पदार्थ पानी में भी मिले होते हैं. लेकिन आज पानी को रिफाइन कर पीने का चलन बढ़ा है जिसके कारण पानी में मिले खनिज हमें प्राप्त नहीं होता है. इसलिए आजकल सेंधा नमक का चलन बढ़ा है. हालांकि सेंधा नमक अपेक्षाकृत महंगा होता है और दरदरा होता है जिससे यह भोजन में पूरी तरह से मिक्स नहीं हो पाता. लेकिन दरदरा होने का मतलब ही यह है कि इसे रिफाइंड नहीं किया गया है. जो चीज जितनी कम रिफाइंड होती है, वह उतनी ज्यादा नैचुरल होती है. रिफाइंड करने से महत्वपूर्ण खनिज हट जाते हैं. यानी सेंधा नमक हमारे लिए ज्यादा बेहतर है.

कई बीमारियों में ज्यादा बेहतर

कई तरह के खनिज होने के कारण सेंधा नमक कई बीमारियों को रोकने में कारगर है. यह शरीर के अंदर ही नहीं चेहरे और बाल को भी खूबसूरत बनाता है. साधारण नमक के ज्यादा इस्तेमाल से हाई ब्लडप्रेशर की शिकायत बढ़ जाती है जबकि सेंधा नमक हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है. इसी तरह यह इम्यूनिटी और स्टेमिना दोनों को बढ़ाता है. इसके अलावा यह साइनस के इलाज में मददगार है. सेंधा नमक का सही इस्तेमाल होने से वेट नहीं बढ़ता और वजन कम करने में भी काम करता है. जिन्हें नींद नहीं आती, उन्हें सेंधा नमक खाने की सलाह दी जाती है. सेंधा नमक से बॉडी स्क्रब भी किया जा सकता है. इससे स्किन ग्लो होती है. यह बालों में भी लगाया जाता है. मसूढों की सफाई में सेंधा नमक बहुत कारगर साबित होता है. माइग्रेन की एक वजह मैग्नीशियम की कमी होती है जो सेंधा नमक पूरी कर देता है. यह कब्ज की समस्या में भी फायदेमंद है. यह हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है.

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