Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कà¥à¤¯à¤¾ है, लाà¤, आदतें, कैसे खाà¤à¤‚ (Healthy Food in Hindi), List, Name and Chart
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कà¥à¤¯à¤¾ है, लाà¤, आदतें, कैसे खाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚,कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खाà¤à¤‚,कारण, कब खाà¤à¤‚, खाना, चारà¥à¤Ÿ [Healthy Food in Hindi] (List, Name and Chart, for Immunity)
बात जब खाने की आती है तो हमारे दिमाग में बहà¥à¤¤ सारी डिशेज à¤à¤¸à¥€ हैं जो घूमने लगती हैं और उनका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ मà¥à¤‚ह में आने लगता है। परंतॠजब हम सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार के बारे में सोचते हैं तो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार की सही परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ कोई समà¤à¤¨à¤¾ नहीं चाहता। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आजकल मन को तसलà¥à¤²à¥€ देने के लिठखाना खाया जाता है ना कि शरीर को पोषण देने के लिà¤à¥¤ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खाना ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होता है लेकिन इस बात को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठहमें यह समà¤à¤¨à¤¾ होगा कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार होता कà¥à¤¯à¤¾ है? आज हम अपने इस लेख में जीवन का सबसे बड़ा सवाल लेकर आठहैं जो है सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कà¥à¤¯à¤¾ है?
healthy1
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कà¥à¤¯à¤¾ है [Healthy Food in Hindi]
आम तौर पर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का मतलब किसी को नहीं पता होता है। यदि पूछा जाठकि आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार यह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करते हैं तो कà¥à¤› देर तक तो सोच में पढ़ने के बाद आपको यही समठमें नहीं आà¤à¤—ा कि हम सà¥à¤¬à¤¹ से शाम तक जो खाते हैं उसमें से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का à¤à¤¾à¤— कौन सा है? आपकी इस समसà¥à¤¯à¤¾ को सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठहम आपको बता देते हैं कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का सीधा सरल अरà¥à¤¥ यह होता है कि हमारा à¤à¥‹à¤œà¤¨ जिसमें विटामिन कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पोषक ततà¥à¤µ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में हो। à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जो आपको सेहतमंद और तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ बनाठरखें ताकि आप बीमारियों से लड़ सके à¤à¤¸à¥‡ आहार को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कहते हैं।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार को मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप सेनिमà¥à¤¨ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बांटा जा सकता है:-
Soup (सूप):
पालक, टमाटर, गाजर, लोकी, मिकà¥à¤¸ वेजीटेबल यह सà¤à¥€ सूप आपके लिठउपयोगी हैं .
Liquids (तरल पदारà¥à¤¥) :
छांछ (thin buttermilk), नारियल पानी (coconut water), जूस (संतरा, मौसमà¥à¤¬à¥€ आदि)
vegetables (सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚):
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ , पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€, कदà¥à¤¦à¥‚, लोकी, ककड़ी (cucumber), पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, टमाटर, गाजर , करेला, à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¡à¥€, फूलगोà¤à¥€, शिमला मिरà¥à¤šà¥€, फलà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ (beans), गिलकी .
Grains (अनाज) :
गेहूं , दलिया, रवा, कà¥à¤°à¤®à¥à¤°à¤¾,जों .
दाले (pulses) :
खड़ा मूंग , चावली, मोठ, सोयाबीन, राजमा, green and yellow मूंग दाल .
Milk/Milk Product (दूध के सामान) :
दही (curd without cream), skimmed milk (दूध को उबालने के बाद उसे फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखे दà¥à¤¸à¤°à¥‡ दिन सà¥à¤¬à¤¹ उसकी मलाई हटाकर या उसे छान कर उपयोग करे), छाछ.
Non-Veg (नॉन वेज) :
यह माना जाता हैं कि नॉन वेज सेहत के लिठख़राब होता हैं जो कि बिलकà¥à¤² गलत है. इसकी à¤à¥€ उचित मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ हैं . नॉनवेज में हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता हैं . इसके अलावा अंडा à¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है. अंडा का सफ़ेद वॠपीला à¤à¤¾à¤— दोनों ही बहà¥à¤¤ फायदे मंद हैं . मछली, चिकन सà¤à¥€ कि उचित मातà¥à¤°à¤¾ खाना चाहिà¤, इससे शरीर में सà¤à¥€ तरह के पोषक ततà¥à¤µ मिलते है . इसमें कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है, ओमेगा 3 वॠफैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होता हैं . नॉनवेज को उबालकर, à¤à¤¾à¤ª के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पका कर, गà¥à¤°à¤¿à¤² कर के, रोसà¥à¤Ÿ या बेक कर के खाना चाहिà¤. चिकन को फà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करके खाने से ये शरीर को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है, वॠबहà¥à¤¤ हैवी à¤à¥€ हो जाता है.
Sugar (शकà¥à¤•र) :
शकà¥à¤•र की मातà¥à¤°à¤¾ कम से कम ही रखे, दिन à¤à¤° में 2 tsp शकà¥à¤•र ही की जरूरत हमारे शरीर को होती है, इतनी ही लें. इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेने से ये फैट में बदलने लगती है.
Water (पानी):
12 to 15 गिलास पानी ले. बहà¥à¤¤ अधिक ठंडा पानी ना ले . और पानी की अधिकतम मातà¥à¤°à¤¾ दिन के समय यानि शाम 7 के पहले ही लें. इसके बाद 1-2 गिलास से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न पियें.
oil (तेल):
à¤à¤• दिन में 2 से 3 tsp तेल शरीर के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हैं .
Fruits (फल):
रोज 2 से 3 फल जरà¥à¤° ले . यह आपके à¤à¥‹à¤œà¤¨ के आवशà¥à¤¯à¤• ततà¥à¤µ आपके शरीर तक पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ में सहायक होते हैं . सेव(Apple) , पपीता (papaya) , संतरा(Orange) , मौसंबी (Sweet lemon) , तरबूज (water melon) , आडू (peach) , अमरà¥à¤¦ (guava) , बेर (plum), लीची (lichi) यह सà¤à¥€ फल सेहत के लिठअचà¥à¤›à¥‡ हैं . लेकिन आम (mango) , अंगूर (grapes) , चीकू (chiku) à¤à¤µà¤® केला (banana) ना ले .
उपवास (fast):
उपवास का हिनà¥à¤¦à¥‚ रीती रिवाज में à¤à¤• अहम हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं. वैसे हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• दिन कà¥à¤› न खाना फायदेमंद होता हैं, जिसके लिठउपवास à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ बहाना हैं. पर अगर आप इस à¤à¤• दिन à¤à¥‚खा नहीं रह सकते, तो साबूदाना और आलू जैसी चीजे खाकर अपने पà¥à¤°à¥‡ महीने को ना ख़राब करे. उपवास के नाम पर आजकल अधिक घी, तेल, वसायà¥à¤•à¥à¤¤ खाना खाया जाता है, जो कि शरीर के लिठनà¥à¤•सानदेह है. पूरा दिन à¤à¥‚खा रहकर à¤à¤• बार में इतना हैवी खाना बहà¥à¤¤ सी परेशानियों की वजह बन जाता है. उपवास के दिन आप skimmed milk, दही, लसà¥à¤¸à¥€, à¤à¤µà¤® छाछ ले और इसके अलावा फल, जूस, नारियल पानी, सूप à¤à¥€ बना के ले सकते है. इसके अलावा आप खाने में राजगीरा, मोरधन, मूंगफली à¤à¥€ ले सकते हैं. हाठलेकिन उपवास के दिन à¤à¥‚खे न रहें, कà¥à¤› न कà¥à¤›à¤–ाते रहें.
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार ऊरà¥à¤œà¤¾ और जरूरत के आधार परÂ
इसके अलावा इन पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को यदि ऊरà¥à¤œà¤¾ और जरूरत के हिसाब से वरà¥à¤—ीकृत किया जाठतो कà¥à¤› निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार से पहचाने जाà¤à¤‚गे।
शरीर में उरà¥à¤œà¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ (कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और वसा)-
वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ तेल, साबà¥à¤¤ अनाज, मेवा, बाजरा, तिलहन और शरà¥à¤•रा इन सब के सेवन से हमारे शरीर में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में उरà¥à¤œà¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत करने वाला आहार (बॉडीबिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग फूड)-
तिलहन, दूध, डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, मांस, दाले मेवा और मà¥à¤°à¥à¤—ी। यह सà¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ पदारà¥à¤¥ है जो कमजोर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जान डाल कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मजबूत कर देते हैं जो लोग बॉडीबिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग करते हैं उनके लिठयह खाना बहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होता है।
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ (विटामिन और खनिज) :-
विटामिन और खनिज से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, अंडा अनà¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ दूध और डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ साथ ही मांसाहारी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ यह सà¤à¥€ चीजें हमारे शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाकर हमें बीमारियों से लड़ने के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ देते हैं।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करना चाहिठ(कारण)
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का सीधा सरल अरà¥à¤¥ है सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन, तो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार करना हमारे लिठउतना ही आवशà¥à¤¯à¤• है जितना कि सांस लेना। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार हमारे लिठबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद हो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार से हमारे शरीर के साथ-साथ हमारा दिमाग à¤à¥€ तेज होता है। बॉडीबिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग करने के लिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार बहà¥à¤¤ जरूरी होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खाना खाà¤à¤‚गे तà¤à¥€ तो बॉडी बना पाà¤à¤‚गे। à¤à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला के लिठऔर उसके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठऔर महिला को तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ बनाठरखने के लिठबहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• होता है। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार को अपने जीवन का मूल मंतà¥à¤° बनाकर यदि हम उसका पालन करेंगे तो हमें किसी à¤à¥€ बीमारी का कोई खतरा नहीं रहेगा।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कैसे लें (योजना बनाà¤à¤‚) [Diet Chart]
अब सबसे बड़ी बात यह है कि हमें सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कैसे लेना चाहिठअरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ दिन à¤à¤° में हमें कैसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का सेवन करना चाहिà¤, ताकि वह हमें सही तरीके से लाठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करें और तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ बनाठरखें। तो चलिठशà¥à¤°à¥‚ करते हैं किस समय कौन सा सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार करना आवशà¥à¤¯à¤• है
सà¥à¤¬à¤¹ के समय 6:00 से 7:00 के बीच –
सà¥à¤¬à¤¹ उठकर खटà¥à¤Ÿà¥€ चीजें जैसे संतरा नींबू मौसम में या किसी अनà¥à¤¯ फल का सेवन अवशà¥à¤¯ करें, जो आपको पसंद हो।
8 से 10 के बीच में करें नाशà¥à¤¤à¤¾
नाशà¥à¤¤à¥‡ के समय आप अपने नाशà¥à¤¤à¥‡ की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ बà¥à¤°à¥‡à¤¡ उबला हà¥à¤† अंडा या अगर आप मांसाहारी हैं तो मांस का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आप शाकाहारी हैं तो कम तेल वाला पराठा उपमा या फिर पोहे के साथ चाय कॉफी या गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी जरूर ले।
11:00 से 12:00 के बीच
कोई à¤à¥€ पसंदीदा फल या फिर सलाद अथवा संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में कà¥à¤› डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚ट जैसे बदाम काजू अथवा किशमिश जरूर लें।
1:00 से 12:00 के बीच
दोपहर के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में मांसाहारी लोग संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में दाल, मछली, चावल, अंडा, चिकन करी, दो से तीन रोटी सलाद के साथ खाà¤à¤‚। शाकाहारी लोगों के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार में दोपहर के समय में दो से तीन रोटी के साथ दाल थोड़े चावल कोई à¤à¥€ पसंदीदा सबà¥à¤œà¥€ और सलाद के साथ दही का सेवन सबसे उतà¥à¤¤à¤® विकलà¥à¤ª है।
शाम को 4:00 से 5:00 के बीच
शाम की à¤à¥‚ख के समय आप हरà¥à¤¬à¤² टी या कॉफी उसके साथ मखाने या मूंगफली के दाने अथवा मà¥à¤°à¤®à¥à¤°à¥‡ अथवा उबले हà¥à¤ चने का सेवन बेहद फायदेमंद होता है।
रात को 10:00 से 11:00 के बीच
रात के डिनर के समय यदि आप उचित à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहते हैं तो मांसाहारी लोग तीन से चार रोटी के साथ अंडा याद चिकन अथवा मछली करी के साथ सलाद का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा शाकाहारी लोगों के लिठतीन से चार रोटी à¤à¤• सबà¥à¤œà¥€ दाल अथवा सलाद उचित विकलà¥à¤ª है।
सोने से पहले
यदि आपको अचà¥à¤›à¥‡ से नींद ना आती हो तो आप à¤à¤• गरà¥à¤® गिलास दूध लेकर उसमें इलायची या हलà¥à¤¦à¥€ डालकर उसे पी सकते हैं।
ऊपर दी गई तालिका पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार और हमारे शरीर की आवशà¥à¤¯à¤•ता के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तैयार की गई है। यदि इसमें आप कोई à¤à¥€ बदलाव करना चाहते हैं तो अपने खाने के समय बीच-बीच में कà¥à¤› अनà¥à¤¯ चीजों का सेवन करके अपने आहार को और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• बना सकते हैं।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आयॠवरà¥à¤— के लिà¤
सà¤à¥€ आयॠवरà¥à¤— के लोग à¤à¤• ही आहार तालिका का पालन नहीं कर सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सब की आवशà¥à¤¯à¤•ता के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‹à¤œà¤¨ मिलना चाहिठताकि उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही उनके शरीर में विकास हो सके। चलिठपà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठकरते हैं जीवन के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ चरणों में आहार योजना किस पà¥à¤°à¤•ार तैयार करनी चाहिठताकि à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रहे।
शिशॠके लिठआहार :-
à¤à¤• छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को उचित आहार देना बेहद आवशà¥à¤¯à¤• है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब 6 महीने तक वह केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से ही अपना पेट à¤à¤°à¤¤à¤¾ है तो उस समय उसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ मां के खाने पर निरà¥à¤à¤° होती है। हालांकि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¤• शिशॠके लिठबेहद सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और पोषण पूरà¥à¤£ आहार है। इसलिठà¤à¤• माता को 6 महीने के बाद तक à¤à¥€ छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना चाहिà¤à¥¤ 6 महीने के बाद उसे थोड़ा थोड़ा अनाज à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ पोषक वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ देने पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठकरनी चाहिà¤à¥¤ जैसे गेहूं चावल जà¥à¤µà¤¾à¤° बाजरा दाल चना मेवा मूंगफली तेल चीनी और गà¥à¤¡à¤¼ आदि से तैयार किया गया पोषक à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥¤ साथ ही बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के नरम अथवा ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में खिलाई जा सकते हैं जैसे आलू दलिया अंडे आदि।
बढ़ते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठआहार :-
2 साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ की उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आ जाते हैं उनकी खेलकूद की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बढ़ने लगती है और वे जलà¥à¤¦à¥€ थकने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पोषण और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। बढ़ते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में ऊरà¥à¤œà¤¾, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन और खनिजों की अचà¥à¤›à¥€ खà¥à¤°à¤¾à¤• होनी चाहिà¤à¥¤ उचित समय पर उनको डेरी पदारà¥à¤¥ जैसे दूध पनीर दही जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो देनी चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पालक à¤à¤µà¤‚ बà¥à¤°à¥‹à¤•ली à¤à¥€ खिलाना चाहिà¤à¥¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ के रूप में अधिक कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और वसा की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है इसके लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को साबà¥à¤¤ अनाज जैसे गेहूं, बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, मेवा, वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ तेल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, केला à¤à¤µà¤‚ आलू अथवा शकरकंद का à¤à¥€ रोज सेवन कराना चाहिà¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होनी चाहिठताकि उनकी मांसपेशियों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ और विकास बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥‡ से हो सके इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समय-समय पर मांस, अंडा, मछली और दूध से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ चीजें देते रहना चाहिà¤à¥¤ आजकल बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का रà¥à¤à¤¾à¤¨ जंक फूड की तरफ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ने लगा है इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का महतà¥à¤µ समà¤à¤¾à¤¨à¤¾ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार देना बहà¥à¤¤ जरूरी है ताकि वे आंतरिक रूप से मजबूत हो सके।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाओं के लिठआहार :-
मां बनने के बाद à¤à¤• महिला के जीवन में परिवरà¥à¤¤à¤¨ आता है तो साथ में उसके शरीर में à¤à¥€ काफी सारे परिवरà¥à¤¤à¤¨ देखने को मिलते हैं। à¤à¤• महिला जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती है तो वह शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूप से कमजोर हो जाती है जिसे पोषण की बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले का समय हो या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के समय दोनों ही समय à¤à¤• महिला को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। à¤à¤¸à¥€ महिलाओं को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिन à¤, विटामिन B12, विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का उपà¤à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला जब संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार करती है तो उसका बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होता है।
वयसà¥à¤• पà¥à¤°à¥à¤· और महिला के लिठआहार :-
आजकल पà¥à¤°à¥à¤· हो या महिला अपने आहार पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने का उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समय नहीं मिलता है। à¤à¤¸à¥‡ में वयसà¥à¤• लोगों में खून की कमी, थकावट, सिर दरà¥à¤¦, शरीर दरà¥à¤¦, पैर दरà¥à¤¦ आदि जैसी बहà¥à¤¤ सी शिकायतें मिलती हैं। यह सब शिकायतें केवल à¤à¤• ही कमी की वजह से होती है और वह है à¤à¤°à¤ªà¥‚र सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार। à¤à¤¸à¥‡ लोगों को डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे कि आचार पापड़ और जंक फूड से बचना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤°à¤ªà¥‚र कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन और संतृपà¥à¤¤ वसा तथा टà¥à¤°à¤¾à¤‚स वसा से यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूध से बने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, घी, मकà¥à¤–न, पनीर, वनसà¥à¤ªà¤¤à¤¿ घी आदि का उपयोग साथ में रेशेदार खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ जैसे साबà¥à¤¤ अनाज सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ फल आदि अधिक से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में शामिल करने चाहिà¤à¥¤
बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— लोगों के लिठआहार :-
60 वरà¥à¤· की आयॠके बाद इंसान बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— अवसà¥à¤¥à¤¾ में पहà¥à¤‚च जाता है जहां पर उसका पाचन तंतà¥à¤° और शरीर दोनों ही कमजोर हो जाते हैं। काफी हद तक शरीर की संरचना में à¤à¥€ बदलाव आ जाता है जिसकी वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखा जाता है। इस उमà¥à¤° में खानपान का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होता है ताकि बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— लोग अपनी शारीरिक गतिविधियों से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहें। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— लोगों के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, जिंक, विटामिन, आयरन, à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ होना चाहिà¤à¥¤ शरीर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦, उठने बैठने में दिकà¥à¤•त और à¤à¥‚ख का कम हो जाना यह सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ के हैं। परंतॠइन सà¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ का à¤à¤•मातà¥à¤° साधन सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार और नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® ही है। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— लोगों को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहिà¤, जिसमें परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में दालें, टोंड मिलà¥à¤•, अंडे का सफेद à¤à¤¾à¤— आदि शामिल करना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤› चीजों कि अपने जीवन में कटौती à¤à¥€ करनी चाहिठजैसे संतृपà¥à¤¤ वसा, नमक, चीनी तेलीय आहार और मिठाई साथ घी और तेल। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को आमतौर पर अचà¥à¤›à¥€ तरह पकाया हà¥à¤† खाना जिसमें कम नमक और कम मसाला हो देना चाहिà¤à¥¤ दूध, जूस और फल सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसी चीजें à¤à¥€ होने समय समय पर मिलती रहनी चाहिà¤à¥¤
बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ :-
बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों की तरह हो जाते हैं जिनके शरीर में पोषक ततà¥à¤µ कम हो जाते हैं और वे कमजोरी महसूस करने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पोषक ततà¥à¤µ से à¤à¤°à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ जिसमें जिंक, आयरन और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में हो वह देना चाहिà¤à¥¤ थोड़े थोड़े समय में à¤à¤¸à¥‡ मरीजों को कà¥à¤› देते रहना चाहिठताकि उनके शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ लेवल बना रहे और वह बीमारी से उबरने में सकà¥à¤·à¤® हो। उन लोगों को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ से पकाया हà¥à¤† à¤à¥‹à¤œà¤¨ जो कम तेल और मसाले में बना हो वह देना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार की आदतें
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार की आदत अपनानेमें थोड़ा समय तो लगता है लेकिन उन आदतों का कà¥à¤› महतà¥à¤µ à¤à¥€ होता हैजिसे आपको जानना आवशà¥à¤¯à¤• है :-
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ नाशà¥à¤¤à¤¾ है महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ :-
हमारी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¬à¤¹ से आरंठहोती है और रात तक चलती है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर हम पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नाशà¥à¤¤à¤¾ ना करें, तो हमारे शरीर का à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ लेवल डाउन हो जाता है और पूरा दिन हमारा काम में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं लगता है।
छोटा हिसà¥à¤¸à¤¾ खाà¤à¤‚ :-
हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि à¤à¤• साथ बहà¥à¤¤ सारा खाना खाने की बजाय उसे छोटे-छोटे à¤à¤¾à¤— में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ करके खाà¤à¤‚। अगर आपकी इचà¥à¤›à¤¾ हो तो हर 2 से 3 घंटे में आप थोड़ा बहà¥à¤¤ कà¥à¤› खाते रहें।
फल और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर दें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ :-
पà¥à¤°à¤•ृति से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण और विटामिन यà¥à¤•à¥à¤¤ फल और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल करना बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ ना à¤à¥‚लें। 1 दिन में कम से कम तीन सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और दो फल आपके लिठबेहद आवशà¥à¤¯à¤• है।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना ना à¤à¥‚ले :-
अपने शरीर को उचित à¤à¥‹à¤œà¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के साथ-साथ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना बेहद जरूरी है।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ रिच हो à¤à¥‹à¤œà¤¨ :-
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन आपके लिठबेहद आवशà¥à¤¯à¤• है। बाजार से खरीदे गठकैलोरी और वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ जैसे कà¥à¤•ीज़ हमारे लिठनà¥à¤•सानदायक होते हैं, परंतॠजब हमें इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚घर में तैयार करके खाते हैं तो यह और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ और हमारे लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• होते हैं।
रात में देर से खाकर न सोठ:-
हमारे विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि हमें रात का खाना सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खा लेना चाहिठताकि वह जलà¥à¤¦à¥€ से डाइजेसà¥à¤Ÿ हो जाà¤à¥¤
धीरे-धीरे चबाकर खाà¤à¤‚ :-
à¤à¥‹à¤œà¤¨ को कà¤à¥€ à¤à¥€ जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ में नहीं खाना चाहिठà¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार तà¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होता है जब हम उसे धीरे-धीरे चबाकर खाà¤à¤‚।
à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ वजन :-
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• शरीर और पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• उमà¥à¤° के वरà¥à¤— के लोगों के लिठकà¥à¤› संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ वजन के माप निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किठगठहैं उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही हमें अपने वजन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार के लाà¤
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के केवल लाठही लाठहोते हैं आप सब जानते तो होंगे लेकिन आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समà¤à¤¨à¤¾ नहीं चाहते, फिर à¤à¥€ à¤à¤• छोटी सी सूची हम आपको नीचे देने जा रहे हैं:-
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ का दिमाग और शरीर दोनों ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहते हैं।
हमारी सोचने और समà¤à¤¨à¥‡ की शकà¥à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज हो जाती है और हमारा शरीर फà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿ से काम करता है।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने से मनà¥à¤·à¥à¤¯ का शरीर पूरी तरह से मजबूत हो जाता है वह बीमारियों का शिकार नहीं होता।
शरीर में दरà¥à¤¦, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ या फिर किसी à¤à¥€ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ की शिकायत सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के बाद नहीं रहती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के साथ-साथ उसके बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ तंदà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में सहायक होता है।
हमारी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और फल बहà¥à¤¤ सी बीमारियों को दूर करने में सहायक है जैसे मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर और शरीर की अनà¥à¤¯ गंà¤à¥€à¤° बीमारियों से à¤à¥€ बचाव के लिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ बेहद आवशà¥à¤¯à¤• है।
बीमारियों से लड़ने के लिठसबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में हमें लेना चाहिठताकि हमारे शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ सके।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में करने के लिठà¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ कारगर होता है खासकर कि à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤œà¤¨ जो पोटेशियम यà¥à¤•à¥à¤¤ हो।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार कà¥à¤¯à¤¾ बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं खाना चाहिà¤
अगर हम सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना चाहते हैं और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार की तालिका का पालन करना चाहते हैं, तो कà¥à¤› à¤à¥‹à¤œà¤¨ हमें जीवन में बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ नहीं खाने चाहिà¤à¥¤
तला और à¤à¥à¤¨à¤¾ हà¥à¤† खाना
अधिक मीठे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे मिठाई, चॉकलेट आइसकà¥à¤°à¥€à¤® आदि
बाजार में मिलने वाले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जंक फूड जैसे बरà¥à¤—र, पिज़à¥à¤œà¤¼à¤¾, फà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œ मोमोज पेटिस आदि
चाय और कॉफी की आदत à¤à¥€ कम करनी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आज के समय में लोगों को चाय और कॉफी दिन में 5 से 6 बार जरूर चाहिठहोती है।
चीज बटर और मेयोनिस खाने में बहà¥à¤¤ टेसà¥à¤Ÿà¥€ लगते हैं लेकिन हमारे शरीर के लिठबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नà¥à¤•सानदायक होते हैं इसलिठलो फैट डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ का उपयोग करना चाहिà¤à¥¤
सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ हमारे शरीर में मोटापा, दांत खराब करना और à¤à¥‚ख को कम करने का काम करते हैं इसलिठसॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ को à¤à¥€ हमें अवॉइड करना चाहिà¤à¥¤
डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द पदारà¥à¤¥ à¤à¤²à¥‡ ही हम काफी समय तक यूज कर सकते हैं लेकिन यह हमारे शरीर में घातक बीमारी का कारण बन सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह हमारे शरीर में कà¥à¤²à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤® बोटूलिनम नामक à¤à¤• विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार का रोगाणॠउतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है जो जहर के समान होता है।
अलà¥à¤•ोहल का सेवन सदैव ही गलत रहा है जो कि हमारे शरीर में à¤à¤¯à¤‚कर बीमारियों का कारण à¤à¥€ बनती है जैसे कैंसर, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ और हृदय रोग आदि।
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के कà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ टिपà¥à¤¸
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जीविका के लिठकà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ टिपà¥à¤¸ आपको यहां पर बताने जा रहे हैं जिनका पालन अवशà¥à¤¯ करना चाहिà¤à¥¤
अधिक तेल और मसाले वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचें-
अधिक तेल और मसाले वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हमेशा हमारे शरीर में नà¥à¤•सान दायक और घातक बीमारियों के संकेत होते हैं। कà¥à¤› जानलेवा बीमारियां à¤à¥€ होती हैं जैसे कैंसर, हृदय रोग, सांस संबंधी विकार आदि।
अधिक शà¥à¤—र का सेवन :-
à¤à¥‹à¤œà¤¨ में चाहे कोई à¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥ हो à¤à¤• सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में हो तो वह नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चाती है परंतॠअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन की जाने वाली पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वसà¥à¤¤à¥ हमारे शरीर के लिठघातक हो सकते हैं। उसी पà¥à¤°à¤•ार अधिक शà¥à¤—र की वजह से हमारे दांत खराब हो सकते हैं डायबिटीज और मोटापे जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ सकते हैं।
उपवास है जरूरी :-
अगर आपको à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि आप बेवजह मोटे हो गठहैं या फिर आपके शरीर में कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूर करने के लिठआप हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार उपवास करें तो बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद हो सकता है। 1 दिन के उपवास से आपके शरीर की काफी सारी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ दूर हो जाती हैं परंतॠयह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उपवास के समय नियमित रूप से पानी पिà¤, फल अथवा डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ का सेवन à¤à¥€ करते रहें ताकि शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ का संचार बना रहे।
पानी खूब पिठ:-
पानी हमारे शरीर की बहà¥à¤¤ सारी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने में सहायक है। पानी की वजह से हमारे शरीर की किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾, उलà¥à¤Ÿà¥€ बà¥à¤–ार तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ और अनà¥à¤¯ कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ दूर हो सकती हैं इसलिठहमें कà¥à¤› अंतराल में दिन à¤à¤° पानी पीते रहना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ शरीर में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का वास हैं . पेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठही कमाया जाता है, अगर à¤à¥‚ख नाम की चीज ना होती तो आप और हम कà¤à¥€ इतना ना पà¥à¤¤à¥‡ और ना कमाने के लिठइतनी मेहनत करते, पर हम à¤à¤¾à¤— दौड़ की ज़िनà¥à¤¦à¤—ी में यह à¤à¥‚ल गठहैं, कि शरीर का हेलà¥à¤¥à¥€ रहना कितना जरà¥à¤°à¥€ हैं. अगर अपनी खाने की आदत पर आपका कणà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² होगा, तो कोई बीमारी आपके शरीर पर घर नहीं कर सकेगी. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने से हमारे शरीर में रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¤à¥€ है. छोटे मोटे इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से हमारे शरीर में कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता है.
| --------------------------- | --------------------------- |