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जब पà¥à¤°à¥à¤· à¤à¤• सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के साथ संबंध बनाता है तो सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® लिंग से बाहर निकलकर योनि में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है। सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® योनि में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने के बाद, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से होते हà¥à¤ फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में चला जाता है। फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में महिला का अंडा पà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® के साथ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ होता है और गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट कैसे होते हैं (How to Get Pregnant in Hindi)
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी à¤à¤• लंबी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इसकी सबसे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ शामिल है। ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के दौरान महिला की ओवरी से परिपकà¥à¤µ अंडा रिलीज होकर फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में जाता है।
जब पà¥à¤°à¥à¤· और महिला शारीरिक संबंध बनाते हैं तो इजाकà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के दौरान पà¥à¤°à¥à¤· के लिंग से सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® बाहर निकलकर महिला की योनि में जाता है।
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® में सीमेन मौजूद होता है। योनि में सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® जाने के बाद सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® में मौजूद सीमेन फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में जाता है और वहां मौजूद अंडा को फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ करता है। फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ के बाद महिला गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो जाती है
अगर आपके मन में यह पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ उठता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट कैसे होते हैं (pregnant kaise hote hai), पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कौन-कौन सी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ शामिल है तो यह बà¥à¤²à¥‰à¤— खास आपके लिठहै।
इस बà¥à¤²à¥‰à¤— को पà¥à¤¨à¥‡ के बाद गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कैसे करते हैं, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कैसे होती है या à¤à¤• महिला कैसे पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होती है आदि के बारे में आप शà¥à¤°à¥‚ से लेकर अंत जान जाà¤à¤‚गे।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठमहिला और पà¥à¤°à¥à¤· के कौन से अंग महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• महिला के शरीर में पूरी होती है। जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में à¤à¤• महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों की खास à¤à¥‚मिका होती है।
महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से ओवरी, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ शामिल हैं।
ओवरी कà¥à¤¯à¤¾ है (What is Ovary in Hindi)
ओवरी को हिंदी में अंडाशय कहते हैं। à¤à¤• महिला में दो ओवरी होती है। गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में ओवरी की मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिका होती है।
ओवरी में अंडों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है जो आगे पà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® के साथ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ होते हैं। ओवरी में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में ओवरी का आकार महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि छोटी ओवरी में अंडों की संखà¥à¤¯à¤¾ कम होती है जिससे गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ घट सकती है।
ओवरी से संबंधित महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदॠ(Important Points Related to Ovary):-
अनेक कारक ओवरी को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं जिसमें निमà¥à¤¨ शामिल हो सकते हैं:-
ओवरी का आकार महिला की उमà¥à¤° के साथ बदलता रहता है
पीरियडà¥à¤¸ साईकिल के दौरान ओवरी के आकार में बदलाव आता है
ओवरी जब à¤à¤—à¥à¤¸ (अंडों) का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करती है तब इसका आकार लगà¤à¤— 5 सेंटीमीटर होता है
ओवरी में किसी पà¥à¤°à¤•ार का गांठबनने पर इसके आकार में फरà¥à¤• आता है
मेनोपॉज के बाद ओवरी का आकार सिकà¥à¥œà¤¨à¥‡ लगता है
ओवरी पर तनाव का बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है
तनाव के कारण ओवरी अंडों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ बंद कर सकती है
ओवरी में सिसà¥à¤Ÿ होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ कहते हैं
ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ कई बार कà¥à¤› महीनों के अंदर अपने आप ही ठीक हो जाता है
फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब कà¥à¤¯à¤¾ है (What is Fallopian Tube in Hindi)
हर महिला में दो फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब होते हैं। अंडे मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° होने के बाद ओवरी से रिलीज होकर फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में चले जाते हैं जहां पà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® अंडा को फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ करता है।
जब किसी कारण से à¤à¤• फैलोपियन बà¥à¤²à¥‰à¤• हो जाता है तो पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ लगà¤à¤— 50% कम हो जाती है।
जब दोनों फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब बà¥à¤²à¥‰à¤• होते हैं तो पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ खतà¥à¤® हो जाती है। पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के लिठदोनों फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब का खà¥à¤²à¤¾ होना आवशà¥à¤¯à¤• है।
फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब बंद होने का कोई सटीक कारण नहीं है। कई कारणों से इसमें बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज हो सकता है।
फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब से संबंधित बिंदॠ(Points Related to Fallopian Tube):-
फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब की सामानà¥à¤¯ लंबाई 8-10 सेंटीमीटर होती है
फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब बà¥à¤²à¥‰à¤• होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आईवीà¤à¤« उपचार करते हैं
सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€, टà¥à¤¯à¥‚ब टेसà¥à¤Ÿ और à¤à¤•à¥à¤¸-रे की मदद से फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब की जांच की जाती है
बांà¤à¤ªà¤¨ से पीड़ित 20 महिलाओं में लगà¤à¤— 10-12 महिलाओं के फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में किसी पà¥à¤°à¤•ार की संसय होती है
बांà¤à¤ªà¤¨ से पीड़ित लोगों के लिठआईवीà¤à¤« à¤à¤• वरदान की तरह है। इस उपचार की मदद से बांà¤à¤ªà¤¨ से पीड़ित दंपति अपने माता-पिता बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।
अगर आप आईवीà¤à¤« कà¥à¤¯à¤¾ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ किया जाता है और इसके कà¥à¤¯à¤¾ फायदे हैं आदि के बारे में जानने के लिठआईवीà¤à¤« कà¥à¤¯à¤¾ है – पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, फायदे और साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ को पॠसकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾ है (What is Uterus in Hindi)
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में यूटà¥à¤°à¤¸ कहते हैं। यह महिला की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¥à¤°à¥‚ण का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ (इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन) होकर शिशॠका विकास होता है।
जब किसी कारण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा होती है तो महिला की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤°à¥€ तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा हो सकती हैं जिसमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से निमà¥à¤¨ शामिल हैं:-
पॉलिपà¥à¤¸
फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸
इंटà¥à¤°à¤¯à¥‚टरीन आसंजन
पतला à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² असà¥à¤¤à¤°
जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से संबंधित महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदॠ(Points Related to Uterus):-
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¤• नाशपाती के आकार (70 मिमी लंबा और 45 मिमी चौड़ा) का होता है
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ मलाशय और मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के बीच में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के बाद गरà¥à¤ के साथ-साथ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बà¥à¤¤à¤¾ है
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ अतà¥à¤¯à¤‚त लचीली पेशी-तंतà¥à¤“ं से बना होता है
गरà¥à¤ की अवधि में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ फैलकर à¤à¤• फà¥à¤Ÿ तक बॠजाता है
मासिक धरà¥à¤® की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से होती है
गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠनौ महीने तक गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में ही रहता है
सेकà¥à¤¸ का अंतिम परिणाम गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में ही पोषित होता है, यही कारण है कि यह महिला की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ रखता है।
महिला के साथ-साथ पà¥à¤°à¥à¤· के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंग à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में अहमॠà¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। पà¥à¤°à¥à¤· के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से लिंग और अंडकोष शामिल हैं।
लिंग कà¥à¤¯à¤¾ है (What is Penis in Hindi)
लिंग पà¥à¤°à¥à¤· की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• खास अंग है जो तीन à¤à¤¾à¤— में होता है। लिंग का पहला à¤à¤¾à¤— पेट से जà¥à¥œà¤¾ होता है, दूसरा à¤à¤¾à¤— शरीर यानी शाफà¥à¤Ÿ और तीसरा सिर होता है।
लिंग का सिर à¤à¤• पतली तà¥à¤µà¤šà¤¾ से ढका होता है जिसे मेडिकल की à¤à¤¾à¤·à¤¾ में फोरसà¥à¤•िन कहते हैं। पà¥à¤°à¥à¤· सेकà¥à¤¸ के दौरान जब à¤à¤œà¤¾à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ करता है तो उसके लिंग से सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® निकलता है।
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® में सीमेन मौजूद होता है। जब पà¥à¤°à¥à¤· à¤à¤• सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के साथ संबंध बनाता है तो सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® लिंग से बाहर निकलकर योनि में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है।
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® योनि में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने के बाद, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से होते हà¥à¤ फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में चला जाता है। फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में महिला का अंडा पà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® के साथ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ होता है और गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होती है।
लिंग से जà¥à¥œà¥‡ कà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदॠ(Points Related to Penis in Hindi):-
छोटे लिंग में बड़ा इरेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है
लिंग à¤à¤• मांसपेशी नहीं है
अगर लिंग पूरी तरह टाइट है तो बà¥à¤°à¥€ तरह घूमने पर टूट सकता है
लिंग कम उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ होने या संà¤à¥‹à¤— नहीं करने पर सिकà¥à¥œà¤¨à¥‡ लगता है
लिंग की ऊपरी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को फोरसà¥à¤•िन कहते हैं
खतना (सरकमसिजन) के दौरान लिंग के सिर की ऊपरी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को काटकर हटा दिया जाता है
लिंग को शेप में रखने के लिठनियमित रूप से संà¤à¥‹à¤— करना आवशà¥à¤¯à¤• है
उमà¥à¤° बà¥à¤¨à¥‡ पर धीरे-धीरे लिंग की संवेदनशीलता कम होने लगती है
à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में, 15 वरà¥à¤· और उससे अधिक आयॠके लगà¤à¤— 37% से 39% पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ का खतना हो चूका है।
लिंग में कई पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा होती हैं जो पà¥à¤°à¥à¤· की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती हैं। इसमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से निमà¥à¤¨ शामिल हो सकते हैं:-
इरेकà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² डिसà¥à¤«à¤‚कà¥à¤¶à¤¨
पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤ªà¤¿à¤œà¥à¤®
हायपोसà¥à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¸
फाइमोसिस
बैलेनाइटिस
बालानोपोसथेटिस
चोरडी
लिंग का टेढ़ापन
यूरेथà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
गोनोरिया
कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾
सिफलिस
हरà¥à¤ªà¥€à¤¸
माइकà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¸ (छोटा लिंग)
लिंग के अगà¥à¤°à¤à¤¾à¤— पर मसà¥à¤¸à¤¾ (पेनिस वारà¥à¤Ÿà¥à¤¸)
लिंग का कैंसर
अंडकोष कà¥à¤¯à¤¾ है (What is Testicle in Hindi)
अंडकोष को वृषण और अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल नाम से जाना जाता है। यह à¤à¥€ पà¥à¤°à¥à¤· के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• खास अंग है।
हर पà¥à¤°à¥à¤· में दो अंडकोष होते हैं जिनका काम सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करना है। अंडकोष à¤à¤• पतली थैली में मौजूद होते हैं जिसे सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤® कहा जाता है।
सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤® गरà¥à¤®à¥€ में अधिक बà¥à¤•र लटक जाती है और सरà¥à¤¦à¥€ में सिकà¥à¥œà¤•र छोटी हो जाती है। à¤à¤• पà¥à¤°à¥à¤· में दो अंडकोष होते हैं और à¤à¤• अंडकोष का आकार लगà¤à¤— 5 सेमी लंबा और 2.5 सेमी चौड़ा होता है।
अंडकोष से जà¥à¥œà¥‡ कà¥à¤› बिंदॠ(Points Related to Testicles in Hindi):-
à¤à¤• अंडकोष में लगà¤à¤— 700-900 टà¥à¤¯à¥‚ब होते हैं
à¤à¤• अंडकोष की लंबाई 5 सेमी और चौड़ाई 2.5 सेमी होती है
हर पà¥à¤°à¥à¤· में दो अंडकोष होते हैं
अंडकोष सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤® नाम थैली में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं
अंडकोष सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करते हैं
टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ को सेकà¥à¤¸ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है
टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ की कमी के कारण सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® की संखà¥à¤¯à¤¾ और गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में कमी आती है
अंडकोष में कई तरह की बीमारियां होती हैं
अंडकोष की बीमारी के कारण पà¥à¤°à¥à¤· को बांà¤à¤ªà¤¨ हो सकता है
जब सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ विरà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• नलिकाओं में होता है तो यह अधिवृषण (Epididymis) से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥‡ हैं
अधिवृषण à¤à¤• लंबे कà¥à¤‚डलित नलिका है जिसमें सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° होते हैं
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° होने के बाद वास डेफरेंस के जरिठसà¥à¤–लन के दौरान रिलीज होने के लिठतैयार होते हैं
वास डेफरेंस में वीरà¥à¤¯ पà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ाओं और पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ गà¥à¤°à¤‚थि दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ तरल पदारà¥à¤¥, सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® कोशिकाओं के साथ मिलकर वीरà¥à¤¯ (सीमेन) का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है
यही वीरà¥à¤¯ सà¥à¤–लन के दौरान लिंग के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर से बाहर निकलता ह
अंडकोष में कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा होती हैं जो पà¥à¤°à¥à¤· की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤°à¥€ तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती हैं। इसमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से निमà¥à¤¨ शामिल हो सकते हैं:-
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²
वैरीकोसेल
रिटà¥à¤°à¥ˆà¤•टाइल टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल
अनडिसेंडेड वृषण या गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤µà¥ƒà¤·à¤£à¤¤à¤¾
वृषण मरोड़
अंडकोष में सूजन
अंडकोष में कैंसर
हाइपोगोनैडिजà¥à¤®
कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¤«à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
कॉलबैक का अनà¥à¤°à¥‹à¤§ करें
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ (What are the Stages of Pregnancy in Hindi)
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से चार सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में बांटा जा सकता है जिसमें ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨, फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ और इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन शामिल हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी) का पहला सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ — ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ (What is Ovulation in Hindi)
औसतन 28-दिवसीय मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° में, ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन आमतौर पर अगले मासिक धरà¥à¤® की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से लगà¤à¤— 14 दिन पहले होता है।
मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° होने के बाद अंडा के ओवरी से बाहर आने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ कहते हैं। आमतौर पर ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के दौरान à¤à¤•, दो या तीन अंडे रिलीज होते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी) का दूसरा सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ — फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ (What is Fertilization in Hindi)
ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ हर महीने रिपीट होता है और इस दौरान à¤à¤• महिला के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ सबसे अधिक होती है।
ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के दौरान अंडा ओवरी से बाहर निकलकर फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में जाता है जहां सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® उसे फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ करता है।
फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में अंडा लगà¤à¤— 24 घंटे और सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® लगà¤à¤— 5-7 दिनों तक जीवित रहते हैं। अगर इस दौरान अंडा और सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® मिल जाते हैं तो फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है। फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ के बाद महिला गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो जाती है।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी) का तीसरा और आखिरी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ — इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन (What is Implantation in Hindi)
फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ के 24 घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ अंडे की कोशिकाà¤à¤‚ तेजी से विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होने लगती हैं और धीरे-धीरे फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की ओर जाने लगती हैं। फिर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के असà¥à¤¤à¤° से जà¥à¥œà¤¨à¥‡ लगती हैं। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन कहते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी) से संबंधित महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बिंदॠ(Points Related to Pregnancy in Hindi):-
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बड़ा हो जाता है
अब तक दरà¥à¤œ की गई सबसे लंबी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ 375 दिन लंबी थी
सबसे छोटी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी 21 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ चार दिन की थी
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ 40-50% बढ़ जाती है
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर आपके दिल का आकार बॠजाता है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपकी आवाज में बदलाव आ सकता है
बचà¥à¤šà¥‡ गरà¥à¤ के अंदर से अपनी मां की आवाज सà¥à¤¨ सकते हैं
कà¥à¤› गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ (डायबिटीज) हो सकता है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके जोड़ (Joints) ढीले हो जाते हैं
आपके सूंघने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में बदलाव आ सकता है
आपके शरीर के कà¥à¤› अंगों में बदलाव आता है
शिशॠगरà¥à¤ में कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ चख सकते हैं
30 साल की उमà¥à¤° में à¤à¤• जोड़े के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की 20% संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है
बचà¥à¤šà¥‡ गरà¥à¤ में रो सकते हैं
आपके मसूड़े में सूजन और सांसों में दà¥à¤°à¥à¤—ंध हो सकती है
जनà¥à¤® के दौरान, शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ की हडà¥à¤¡à¥€ अलग हो जाती है
महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठअपने शरीर को कैसे तैयार कर सकती हैं — How Can Women Prepare Their Body For Pregnancy
जलà¥à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें (How to Get Pregnant Fast)
अगर आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की योजना बना रही हैं तो आपको यह मालूम होना चाहिठकि à¤à¤• सफल गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठआपका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होना आवशà¥à¤¯à¤• है। आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का सीधा असर आपके शिशॠपर पड़ता है।
यही कारण है कि à¤à¤• महिला के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसे अपनी सेहत और खान-पान पर खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने के सà¥à¤à¤¾à¤µ देते हैं।
अगर आप à¤à¤• महिला हैं और आप खà¥à¤¦ को गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के लिठतैयार कर रही हैं तो आपको कà¥à¤› बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठजिसमें निमà¥à¤¨ शामिल हैं:-
01. डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें
अगर आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की सोच रही हैं तो सबसे पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° जांच करके आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ आदि की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कर सकते हैं जिसके बाद आवशà¥à¤¯à¤•ता होने पर वह कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ और सà¥à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ दे सकते हैं।
02. विटामिन बी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें
अपनी डाइट में विटामिन बी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीजें जैसे कि हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, साबà¥à¤¤ अनाज, अंडे और मांस को शामिल करें।
03. फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीजों का सेवन करें
फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीजें जैसे कि सोयाबीन, आलू, गेंहू, चà¥à¤•ंदर, केला और बà¥à¤°à¥‹à¤•ली आदि का सेवन करने। ये आपके गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ का काम करते हैं।
04. परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीà¤à¤‚
अगर आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने यानी बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करने की सोच रही हैं तो आपको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना चाहिà¤à¥¤ आपको इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि आपके शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ न हो।
05. डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का करें सेवन
डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं जो आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के साथ-साथ आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ मजबूत बनाते हैं।
अगर आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर है तो आप दूध, दही, अंडे और मछली आदि को अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।
06. ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ है जरूरी
अगर आप मां बनने का पà¥à¤²à¤¾à¤¨ बन रही हैं तो आपको ओमेगा 3 से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिà¤à¥¤ बादाम, अखरोट और मछली ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के बड़े सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं।
इन सबके आलावा, आपको ताजा फलों का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ अपने शरीर को चà¥à¤¸à¥à¤¤ और दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रखने के लिठआप रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ या शाम में हलà¥à¤•ा-फà¥à¤²à¥à¤•ा वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकती हैं।
साथ ही, मन को शांत और मजबूत बनाने के लिठआप मेडिटेशन कर सकती हैं।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी à¤à¤• लंबी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जिसके दौरान à¤à¤• महिला में अनेक बदलाव आते हैं। अगर आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने का पà¥à¤²à¤¾à¤¨ बना रही हैं तो आपके मन में à¤à¤¸à¥‡ ढेरों पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ हो सकते हैं कि गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कैसे करते हैं, गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की सबसे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ कà¥à¤¯à¤¾ है और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लिठपà¥à¤°à¥à¤· और महिला की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ शकà¥à¤¤à¤¿ किस हद तक मायने रखती है आदि।
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