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गांठके लकà¥à¤·à¤£ और घऱेलू इलाज
शरीर में गांठके लकà¥à¤·à¤£ कई पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं. कà¤à¥€-कà¤à¥€ किसी छोटी-मोटी बीमारी के कारण à¤à¥€ गांठबनती है. पर कà¤à¥€-कà¤à¥€ अनायास ही बिना किसी कारण के शरीर में कहीं à¤à¥€ गांठनिकल आती है. कà¤à¥€ ये गांठदरà¥à¤¦ के साथ होते हैं तो कà¤à¥€ ये गांठबिना दरà¥à¤¦ के à¤à¥€ होते हैं. यदि गांठके साथ खून आ रहा हो तो यह कैंसर का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है. अधिकतर कैंसर की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ गांठसे ही होती है. शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ में गांठछोटा होता है और उसमें दरà¥à¤¦ नहीं रहता है तो लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. पर इसे नजरअंदाज न करके तà¥à¤°à¤¤ अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से इसकी जाà¤à¤š करानी चाहिठव उचित ईलाज करानी चाहिà¤.
आइये आगे शरीर में होने वाले गांठके बारे में जानते हैं.
शरीर में गांठके लकà¥à¤·à¤£ -
बगल में गांठ: - जब शरीर में कहीं घाव होता है तो बगल में हलà¥à¤•ा गांठहो जाता है. घाव होने पर इस पà¥à¤°à¤•ार के होने वाले गांठघाव के ठीक होने के बाद खà¥à¤¦ धीरे-धीरे ठीक हो जाते हैं. पर यदि घाव ठीक होने के बाद à¤à¥€ यदि यह गांठनहीं ठीक हो तो इसे चिकितà¥à¤¸à¤• से जाà¤à¤š करानी चाहिà¤. या बिना किसी कारण के ही बगल में या कहीं à¤à¥€ गांठहो जाये तो उसे कà¤à¥€ à¤à¥€ नजरअंदाज नहीं करना चाहिठबलà¥à¤•ि तà¥à¤°à¤¤ अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से जाà¤à¤š करानी चाहिठताकि समय रहते गंà¤à¥€à¤° बीमारी से बचा जा सके.
सà¥à¤¤à¤¨ में गांठ: - सà¥à¤¤à¤¨ में गांठहोने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिठबलà¥à¤•ि तà¥à¤°à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¤• से जाà¤à¤š करानी चाहिà¤. कई बार इस पà¥à¤°à¤•ार के गांठको महिला शरà¥à¤® के कारण नजरअंदाज कर देती है व ईलाज नहीं कराती है. पर नजरअंदाज कराने पर यही गांठà¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• रूप ले लेता है और फिर आगे यह कैंसर का रूप ले लेता है. खà¥à¤¦ सà¥à¤¤à¤¨ की जाà¤à¤š हमेशा करते रहना चाहिठकि कहीं कोई गांठतो नहीं है. यदि सà¥à¤¤à¤¨ में कोई गांठपाया जाता है तो तà¥à¤°à¤¤ अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से जाà¤à¤š करानी चाहिà¤.
सिर में गांठ: - सिर में यदि गांठपाया जाता है तो इसका असर अंदर मसà¥à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤• तक à¤à¥€ हो सकता है. जो समय पर उचित ईलाज नहीं कराने पर गंà¤à¥€à¤° रूप ले सकता है. अतः सिर पर के गांठको नजरअंदाज न कर समय पर उचित ईलाज करानी चाहिà¤.
पेट में गांठ: - पेट में गांठबà¥à¤•र अंदर आंत या लीवर तक जाकर अंदर इनà¥à¥žà¥ˆà¤•शन पैदा कर सकता है या बà¥à¤•र अंदर ही बड़ा घाव या फिर कैंसर के रूप में बदल सकता है. अतः पेट में यदि गांठपाया जाता है तो अपने चिकितà¥à¤¸à¤• के सलाह पर
उचित इलाज करानी चाहिठ-
शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ के साथ या बिना दरà¥à¤¦ के गांठ: -
शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में यदि बिना किसी कारण यों ही गांठनिकल आठतो उसका उचित ईलाज करानी चाहिà¤. कई बार इस पà¥à¤°à¤•ार के गांठमें कोई दरà¥à¤¦ नहीं होता है. बिना दरà¥à¤¦ वाला गांठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक होता है. बिना दरà¥à¤¦ वाले गांठको कई लोग नजरअंदाज कर देते हैं. पर यही बाद में घाव या कैंसर का रूप ले लेता है. अतः बिना कारण से होने वाले किसी à¤à¥€ तरह के गांठको नजरअंदाज नहीं करना चाहिà¤.
गांठहोने पर की जाने वाले कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े -
कचनार का छाल: कचनार के छाल को सà¥à¤–ाकर इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह पीस कर पावडर बना लें. अब इस पावडर को à¤à¤• गिलास पानी में डालकर 3 से 4 मिनट उबालकर इसमें थोड़ा सा गोरखमà¥à¤‚डी डालें. अब इस पानी को पà¥à¤¨à¤ƒ उबालकर छानकर ठंडा करके रख लें. अब इस पानी को दिन में 2 बार करके पीना चाहिà¤. à¤à¤• महिना तक इसका सेवन करने से शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ का गांठसमापà¥à¤¤ हो जाता है.
आंकड़े का दूध: गांठमें आंकड़े का दूध à¤à¥€ फायदेमंद है. मिटà¥à¤Ÿà¥€ में आंकड़े का दूध मिलाकर गांठपर लगाना चाहिà¤. इस पà¥à¤°à¤•ार आंकड़े का दूध गांठपर लगाने से कà¥à¤› ही दिनों में गांठठीक हो जाती है.
हलà¥à¤¦à¥€: हलà¥à¤¦à¥€ का सेवन से गांठको बà¥à¤¨à¥‡ से रोका जा सकता है. इसलिठगांठहोने पर हलà¥à¤¦à¥€ का सेवन करना चाहिà¤. इसके लिठदूध में हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर पीना चाहिà¤. पर यदि गांठसे खून आ रहा हो तो चिकितà¥à¤¸à¤• से सलाह लेकर ही इसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हलà¥à¤¦à¥€ खून को थकà¥à¤•ा बनने से रोकता है.
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ महतà¥à¤¤à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बातें:Â
गांठहोने पर किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ा करने से पहले अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से सलाह अवशà¥à¤¯ ले लेनी चाहिठतथा किसी à¤à¥€ तरह का ईलाज चिकितà¥à¤¸à¤• के सलाह पर उनके देखरेख में ही करनी चाहिà¤. चूà¤à¤•ि मामूली सा दिखने वाला गांठकई बार खतरनाक रूप ले लेता है अतः इस बात पर जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाना चाहिà¤.
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