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साइटिका को जड़ से करना चाहते हैं खतà¥à¤® तो आजमाइठये पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचार
साइटिका के दरà¥à¤¦ के लिठà¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में कई तरह के उपचार मौजूद हैं जो दरà¥à¤¦ से तà¥à¤°à¤‚त निजात दिलाने में तो कारगर हैं लेकिन इसके दीरà¥à¤˜à¤•ालिक उपचार में नाकाम हैं।
साइटिका नरà¥à¤µ यानी कि नाड़ी में जब सूजन या फिर दरà¥à¤¦ होता है तो इसे ही साइटिका का दरà¥à¤¦ कहा जाता है।
आजकल की जीवनशैली में न चाहते हà¥à¤ à¤à¥€ लोग किसी न किसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण का बढ़ता सà¥à¤¤à¤°, सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के संसाधनों के बढ़ते पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के कारण शारीरिक शà¥à¤°à¤® का अà¤à¤¾à¤µ या फिर आजकल के खान-पान की वजह से à¤à¥€ तमाम तरह की बीमारियों की आमद लोगों में बढ़ रही है। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• बीमारी है साइटिका, जो अकà¥à¤¸à¤° 40 साल की उमà¥à¤° के बाद नसों में तोज दरà¥à¤¦ के रूप में उà¤à¤°à¤¤à¥€ है।
कà¥à¤¯à¤¾ है साइटिका – साइटिका नरà¥à¤µ नितंबों के नीचे से शà¥à¤°à¥‚ होकर पैरों के पिछले हिसà¥à¤¸à¥‡ से होते हà¥à¤ à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर खतà¥à¤® होती है। इस नरà¥à¤µ यानी कि नाड़ी में जब सूजन या फिर दरà¥à¤¦ होता है तो इसे ही साइटिका का दरà¥à¤¦ कहा जाता है। यह अकà¥à¤¸à¤° तेज दरà¥à¤¦ के साथ शà¥à¤°à¥‚ होता है। यूं तो साइटिका के दरà¥à¤¦ के लिठà¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में कई तरह के उपचार मौजूद हैं जो दरà¥à¤¦ से तà¥à¤°à¤‚त निजात दिलाने में तो कारगर हैं लेकिन इसके दीरà¥à¤˜à¤•ालिक उपचार में नाकाम हैं। साथ ही साथ इन दवाओं के साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ बाद में नजर आते हैं। लेकिन आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इस रोग को जड़ से खतà¥à¤® करने के लिठउपचार मौजूद हैं। आइà¤, जानते हैं कि किन आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• नà¥à¤¸à¥à¤–ों से साइटिका से निजात पाया जा सकता है।
1. हरसिंगार – हरसिंगार के फूल, पतà¥à¤¤à¥‡ और छाल à¤à¥€ औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं। साइटिका के लिठहरसिंगार के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। हरसिंगार के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को साफ कर à¤à¤• लीटर पानी में उबाल लें। फिर ठंडा कर छान लें और à¤à¤• दो रतà¥à¤¤à¥€ केसर मिला लें। अब इसे रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ शाम à¤à¤• कप पिà¤à¤‚।
2. अजवाइन – अजवाइन के रस में à¤à¤‚टी-इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ पाठजाते हैं जो साइटिका में होने वाले दरà¥à¤¦ और सूजन को कम करने में लाà¤à¤•ारी होते हैं। इसके जूस को पीने से साइटिका में काफी लाठहोता है।
3. मेथी – मेथी के बीज में काफी मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है। ये आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और साइटिका के दरà¥à¤¦ से निजात दिलाने में काफी असरदार होते हैं। रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ बासी मà¥à¤‚ह à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š मेथी दाना पानी के साथ निगलना साइटिका के लिठकाफी फायदेमंद होता है।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ à¤à¥€ है जरूरी – साइटिका पर किठगठशोध बताते हैं कि इसका सबसे बेहतर उपचार वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® होता है। नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से कमर की मांसपेशियों में मजबूती आती है साथ ही साथ दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• हारà¥à¤®à¥‹à¤‚नà¥à¤¸ का सà¥à¤°à¤¾à¤µ à¤à¥€ बढ़ता है। इसके अलावा अगर आपको दिनà¤à¤° कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर बैठना होता है तो हमेशा सीधे बैठने की कोशिश करें, या फिर कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ में कमर के हिसà¥à¤¸à¥‡ पर तकिया लगा लें।
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