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साइनस होने के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Sinus)
साइनस में सिरदरà¥à¤¦ होना तो आम बात होता है लेकिन इसके अलावा à¤à¥€ और à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। जैसे-
सिरदरà¥à¤¦-साइनस का सबसे सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ सिरदरà¥à¤¦ है। वायॠविवर (साइनस कैविटीज) बंद होने या सूजन की वजह से सांस लेने में दिकà¥à¤•त होती है। सांस लेने के लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• जोर लगाना पड़ता है। सांस लेने की यह अवसà¥à¤¥à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¥€ सिरदरà¥à¤¦ पैदा करती है, कà¥à¤¯à¥‡à¤‚कि इससे आपके सिर और नसों पर दबाव पड़ता है। इस दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ आप माथे, गाल की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और नाक के आस-पास महसूस कर सकते हैं। कई बार यह दरà¥à¤¦ असहनीय अवसà¥à¤¥à¤¾ में पहà¥à¤‚च जाता है।
बà¥à¤–ार और बेचैनी-साइनस के दौरान मरीज को बà¥à¤–ार à¤à¥€ आ सकता है और बेचैनी या घबराहट à¤à¥€ हो सकती है या फिर बà¥à¤–ार आ सकता है। यह जरूरी नहीं कि साइनस के दौरान बà¥à¤–ार आà¤à¥¤
आवाज में बदलाव-साइनस के कारण नाक से तरल पदारà¥à¤¥ निकलता रहता है और दरà¥à¤¦ होता है, जिसका असर आपकी आवाज पर à¤à¥€ पड़ता है। इस दौरान, आपकी आवाज सामानà¥à¤¯ से थोड़ी à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो जाती है। आवाज में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ या धीमापन आ जाता है। आवाज में हो रहे इस बदलाव के जरिठआप साइनस के लकà¥à¤·à¤£ की पहचान कर सकते हैं।
आà¤à¤–ों के ऊपर दरà¥à¤¦-साइनस कैविटीज़ आपकी आंखों के ठीक ऊपर à¤à¥€ होते हैं, जहां सूजन या रà¥à¤•ावट के कारण दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। इस लकà¥à¤·à¤£ से आप साइनस की पहचान कर सकते हैं।
सूंघने की शकà¥à¤¤à¤¿ कमजोर होना-खोखले छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ में अवरोध पैदा होने के कारण सूंघने की शकà¥à¤¤à¤¿ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में नाक बंद हो जाती है और सूजन के कारण इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ अपना काम ठीक से नहीं कर पाती हैं। इसलिà¤, किसी à¤à¥€ चीज को सूंघने की सामानà¥à¤¯ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो जाती है।
दांतों में दरà¥à¤¦-साइनस संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण आपके दांतों में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि साइनस कैविटीज़ में बनने वाला तरल पदारà¥à¤¥ मैकà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤°à¥€ साइनस (ये खाखले छिदà¥à¤° नाक के पास होते हैं) के पास ऊपरी दांतों पर दबाव डालता है। अगर आपको साइनस की वजह से दांतों में दरà¥à¤¦ होता है।
थकान-चिकितà¥à¤¸à¤•ों का मानना है कि अगर तेज जà¥à¤•ाम के साथ सिरदरà¥à¤¦, नींद न आना, नाक का बार-बार बंद होना और थकान महसूस होती है, तो यह लकà¥à¤·à¤£ साइनस के हैं।
खांसी-तेज खांसी को à¤à¥€ साइनस का मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ माना गया है। साइनस से गले और फेफड़े पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं, जिससे मरीज खांसी की चपेट में आ जाता है। इसलिà¤, इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को हलà¥à¤•े में न लें।
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