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सांस की तकलीफ कà¥à¤¯à¤¾ है? Dyspnea in Hindi
सांस की तकलीफ या डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• असहज सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जहां लोगों को सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। हृदय और फेफड़ों के विकार हवा को पूरी तरह से फेफड़ों में जाने से रोक सकते हैं और सांस लेने में परेशानी का कारण बन सकते हैं।
डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अलग-अलग होती है और इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की अवधि लगà¤à¤— कà¥à¤› घंटों से लेकर कà¥à¤› दिनों तक और कà¤à¥€-कà¤à¥€ लगà¤à¤— कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक रह सकती है। यह आमतौर पर à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° चिकितà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का चेतावनी संकेत है।
यदि आप सांस की तकलीफ का अनà¥à¤à¤µ कर रहे हैं, तो तà¥à¤°à¤‚त à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करें।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बार सांस की तकलीफ किसी अनà¥à¤¯ मेडिकल इमरजेंसी के साइड इफेकà¥à¤Ÿ के रूप में होती है। हृदय और फेफड़ों के विकारों के अलावा, सांस की तकलीफ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प, हाइपरवेंटिलेशन के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प या धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ की आदतों या हवा में पà¥à¤°à¤¦à¥‚षकों के कारण हो सकती है जो जलन पैदा करती हैं।
निमोनिया, बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस और पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ जैसी कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¥€ डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है।
डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार:
सांस की तकलीफ को दो पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है:
अचानक डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾): यह आमतौर पर कà¥à¤› ही मिनटों या घंटों में शà¥à¤°à¥‚ होता है। यह दाने, खांसी या बà¥à¤–ार जैसे अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ हो सकता है।
लंबे समय तक चलने वाली डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾): यह चलने या खड़े होने जैसी साधारण चीजें करते हà¥à¤ à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सांस लेने में तकलीफ महसूस करा सकती है।
शरीर की कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कà¥à¤› लोगों में सांस की तकलीफ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को सà¥à¤§à¤¾à¤° या खराब कर सकती हैं। कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के हृदय और फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ रोग वाले लोगों को लेटने के दौरान और à¤à¥€ बदतर लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
सांस की तकलीफ के संकेत और लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं? Shortness of Breath Symptoms in Hindi
डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (सांस लेने में तकलीफ) से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित संकेत और लकà¥à¤·à¤£ अनà¥à¤à¤µ हो सकते हैं:
सांस फूलना
सीने में जकड़न की अनà¥à¤à¥‚ति
जलà¥à¤¦à¥€ से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने में असमरà¥à¤¥
हवा के लिठà¤à¥‚ख (हवा की à¤à¥‚ख à¤à¥€ कहा जाता है)
घà¥à¤Ÿà¤¨
घरघराहट
सीने में जकड़न
बà¥à¤–ार
ठंड लगना
सांस फूलने का अहसास
सिर दरà¥à¤¦
मांसपेशियों और फेफड़ों में दरà¥à¤¦
थकान
सूजन
सूजे हà¥à¤ अंग (पैर)
यदि आप इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ करते हैं, तो यह सलाह दी जाती है कि आप तà¥à¤°à¤‚त अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ से सहायता लें, उसके परामरà¥à¤¶ पर आप अपने चिकितà¥à¤¸à¤¾ इतिहास के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को सूचित करें। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षकों से बचें, खाने के बरà¥à¤¤à¤¨ किसी के साथ साà¤à¤¾ न करें और गरà¥à¤® सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करें।
कà¥à¤¯à¤¾ सांस की तकलीफ अपने आप दूर हो सकती है?
सांस की तकलीफ तब होती है जब आपको à¤à¤¸à¤¾ नहीं लगता कि आपके फेफड़ों में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हवा पहà¥à¤‚च सकती है। इस à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के रूप में वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ किया गया है। यह कई तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का संकेत हो सकता है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के आधार पर, डॉकà¥à¤Ÿà¤° विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उपचारों की सलाह देते हैं।
आम तौर पर, कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने, दवाà¤à¤‚ लेने आदि से सांस की तकलीफ दूर हो सकती है। कà¥à¤› मामलों में, डॉकà¥à¤Ÿà¤° ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ थेरेपी की à¤à¥€ सलाह देते हैं।
सांस की तकलीफ को अपने आप रोका जा सकता है या राहत दी जा सकती है। फायदेमंद हो सकने वाले कदमों में शामिल हैं:
केमिकल और परफà¥à¤¯à¥‚म से दूर रहें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अंदर लेने से सांस की तकलीफ हो सकती है।
अपनी शà¥à¤µà¤¾à¤¸ को बेहतर बनाने के लिठकà¥à¤› साà¤à¤¸ लेने के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® आज़माà¤à¤à¥¤
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आपके फेफड़ों को बà¥à¤°à¥€ तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन बनाठरखें।
उन जगहों पर जाने से बचें जहां वायॠपà¥à¤°à¤¦à¥‚षण बहà¥à¤¤ अधिक है।
आपको कैसे पता चलेगा कि सांस की तकलीफ गंà¤à¥€à¤° है?
सांस की तकलीफ आमतौर पर शारीरिक परिशà¥à¤°à¤® या वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है। लेकिन कà¥à¤› मामलों में, यह कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से संबंधित हो सकता है, जिसमें हृदय रोग, फेफड़े के ऊतक रोग, वायॠपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में रà¥à¤•ावट और छाती की दीवारों और छाती की मांसपेशियों से संबंधित रोग शामिल हैं।
लकà¥à¤·à¤£ जो इंगित करते हैं कि सांस की तकलीफ गंà¤à¥€à¤° है, उनमें निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हैं:
थूक में रकà¥à¤¤ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
सीने में दरà¥à¤¦ के साथ-साथ जकड़न
चिंता
खांसी
चकà¥à¤•र आना और थकान
बेहोशी
सारांश: सांस की तकलीफ शारीरिक परिशà¥à¤°à¤® से संबंधित हो सकती है, लेकिन यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° चिंता का विषय बन जाता है जब चिंता, थूक में रकà¥à¤¤, सीने में दरà¥à¤¦ या जकड़न, खांसी, चकà¥à¤•र आना, थकान आदि लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ होता है।
सांस की तकलीफ का कà¥à¤¯à¤¾ कारण है? Shortness of Breath Causes in Hindi
जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अचानक सांस लेने में तकलीफ होती है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जो तीवà¥à¤° डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (अचानक सांस की तकलीफ) का कारण बन सकती हैं, उनमें शामिल हैं:
दमा
दिल का दौरा
शà¥à¤µà¤¾à¤¸ मारà¥à¤— में रà¥à¤•ावट (ऊपरी वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में रà¥à¤•ावट)
गंà¤à¥€à¤° à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (à¤à¤¨à¤¾à¤«à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¸)
दिल की धड़कन रà¥à¤•ना
नà¥à¤¯à¥‚मोनिया
सीओपीडी (कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज)
अचानक खून की कमी
हृदय अतालता
à¤à¤• ढह गया फेफड़ा (नà¥à¤¯à¥‚मोथोरैकà¥à¤¸)
फेफड़े की धमनी में रकà¥à¤¤ का थकà¥à¤•ा (फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ अनà¥à¤¤: शलà¥à¤¯à¤¤à¤¾)
कारà¥à¤¬à¤¨ मोनोऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾
जब सांस की तकलीफ हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक बनी रहती है, तो इसे कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के रूप में जाना जाता है। निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकती है:
दमा
हृदय रोग
सीओपीडी
मधà¥à¤¯ फेफड़ों के रोग
मोटापा
फेफड़ों के आसपास तरल पदारà¥à¤¥ का संचय (फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ बहाव)
डीकंडीशनिंग
सारकॉइडोसिस (शरीर में सूजन कोशिकाओं का संचय)
दिल की बीमारी
कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ (दिल की मांसपेशियों में सूजन)
पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (फेफड़ों के निशान)
फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (फेफड़ों में उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª)
उपरोकà¥à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अलावा, कई अनà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ शà¥à¤µà¤¾à¤¸ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकती हैं। इनमें चिंता विकार, फेफड़े का कैंसर, टीबी, मायसà¥à¤¥à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤¸ (मांसपेशियों में कमजोरी पैदा करने वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿), कà¥à¤°à¥à¤ª (आमतौर पर छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में), पेरिकारà¥à¤¡à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ (हृदय के आसपास के ऊतकों की सूजन), गà¥à¤‡à¤²à¥‡à¤¨-बैरे सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, à¤à¤ªà¤¿à¤—à¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और काइफोसà¥à¤•ोलियोसिस (छाती की दीवार विकृति)) शामिल हैं।
मेरी सांस की तकलीफ रात में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खराब होती है?
सांस की तकलीफ रात में खराब हो सकती है। यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो सकती है और इसके लिठततà¥à¤•ाल चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। इसके महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारणों में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हैं:
सांस की कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• कमी: सांस की तकलीफ से संबंधित लकà¥à¤·à¤£ जब लंबे समय तक यानी à¤à¤• महीने से अधिक समय तक बने रहते हैं, तो रात में सांस की तकलीफ बढ़ सकती है।
पैरॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤®à¤² नोकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾: इसके साथ ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ यानी लेटने के बाद सांस लेने में तकलीफ होती है। कà¥à¤› घंटों की नींद के बाद इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखने लगते हैं। यह काफी असहज सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है।
सांस की तकलीफ और सांस फूलने में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है?
सांस फूलना शरीर की à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जब उसे वासà¥à¤¤à¤µ में जितनी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ मिल रही है उससे अधिक ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यह तीवà¥à¤° या कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• हो सकता है जिसका अरà¥à¤¥ है कि अचानक घटना और समय की अवधि में घटित होना।
à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में फेफड़ों में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की बढ़ी हà¥à¤ˆ मांग को पूरा करने के लिठफेफड़े अपने आप तेज गति से सांस लेने लगते हैं। सांस की तकलीफ सांस फूलने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है जो अकेले या किसी अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ यानी सांस लेने में कठिनाई के साथ हो सकता है।
सांस की तकलीफ का निदान कैसे किया जाता है?
à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• आपको अपने लकà¥à¤·à¤£ और चिकितà¥à¤¸à¤¾ इतिहास साà¤à¤¾ करने के लिठकहता है। वह सà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ कर सकता है, à¤à¤• फेफड़े का कारà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£ जो आपके फेफड़ों में हवा की मातà¥à¤°à¤¾ को मापने और बाहर निकलने में मदद करता है।
यह उस गति को à¤à¥€ टà¥à¤°à¥ˆà¤• करता है जिसके साथ आपके फेफड़े इस कारà¥à¤¯ को करते हैं। यह परीकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर सीओपीडी और असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के निदान के लिठकिया जाता है।
कà¥à¤› परीकà¥à¤·à¤£ जिनसे वह आपको गà¥à¤œà¤°à¤¨à¥‡ के लिठकह सकता है, उनमें शामिल हैं:
पलà¥à¤¸ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€: परीकà¥à¤·à¤£ रकà¥à¤¤ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ में मदद करता है।
रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£: परीकà¥à¤·à¤£ यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकता है कि कà¥à¤¯à¤¾ आपके पास à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसी चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। यह फेफड़ों के आसपास रकà¥à¤¤ के थकà¥à¤•े या तरल पदारà¥à¤¥ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का à¤à¥€ पता लगा सकता है।
सीटी सà¥à¤•ैन या चेसà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¸-रे: ये इमेजिंग टेसà¥à¤Ÿ यह देखने के लिठकिठजाते हैं कि कà¥à¤¯à¤¾ आपको निमोनिया, पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ à¤à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® (फेफड़े में खून का थकà¥à¤•ा), या फेफड़ों की कोई अनà¥à¤¯ बीमारी है।
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® (ईकेजी): यह जांचने के लिठपरीकà¥à¤·à¤£ किया जाता है कि कà¥à¤¯à¤¾ दिल से विदà¥à¤¯à¥à¤¤ संकेतों को मापकर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को दिल का दौरा पड़ने के कारण सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
सांस की तकलीफ का इलाज कैसे किया जाता है? Shortness of Breath Treatment in Hindi
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और सीओपीडी (कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ लंग डिजीज) के कारण सांस की तकलीफ का अनà¥à¤à¤µ करने वाले लोगों के लिà¤, उपचार में शामिल हैं बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ोडायलेटरà¥à¤¸ जैसे à¤à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤‚ट, à¤à¤²à¥à¤¬à¥à¤¯à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤², सà¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤µà¤¾ और सेरेवेंट। बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ोडायलेटर दवाà¤à¤‚ सांस की तकलीफ के लिठपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होती हैं जब मांसपेशियों का सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ होता है और फेफड़ों के संकà¥à¤šà¤¨ का कारण बनता है।
रकà¥à¤¤ में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ के खराब सà¥à¤¤à¤° (à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾) के कारण सांस की तकलीफ का अनà¥à¤à¤µ करने वाले लोगों के लिà¤, à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• आयरन के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाने के लिठसपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लिख सकता है।
जब सांस की तकलीफ à¤à¤• जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होती है, तो राहत पाने के लिठà¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ दी जाती है।
à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• फेफड़ों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ वाले लोगों से कह सकता है, जैसे कि सीओपीडी, सांस लेने के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे कि परà¥à¤¸-लिप बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग और बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग मसल सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤‚थ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने के लिà¤à¥¤
अपने à¤à¥€à¤¤à¤° ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी के कारण सांस की तकलीफ का अनà¥à¤à¤µ करने वाले लोगों के लिà¤, डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के गंà¤à¥€à¤° मामले वाले लोगों के लिठपूरक ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की सिफारिश की जाती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸, à¤à¤‚टी-कौयगà¥à¤²à¤¾à¤‚ट और मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• लेने की सलाह à¤à¥€ दे सकते हैं।
यदि कोई गंà¤à¥€à¤° अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ दवा की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सांस की तकलीफ का कारण बन रही है, तो चिकितà¥à¤¸à¤• तदनà¥à¤¸à¤¾à¤° उपचार की सिफारिश कर सकता है।
सांस की तकलीफ के उपचार के लिठकौन पातà¥à¤° है?
असà¥à¤¥à¤®à¤¾, सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, निमोनिया, गंà¤à¥€à¤° à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨, कोविड-19 और कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज से पीड़ित लोग सांस लेने के इलाज के लिठपातà¥à¤° हैं। उनके अलावा यह उपचार उन लोगों को à¤à¥€ दिया जा सकता है जिनकी सांस फूल रही है।
सांस की तकलीफ के उपचार के लिठकौन पातà¥à¤° नहीं है?
सामानà¥à¤¯ सांस वाले लोग या जो लोग पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण, चिंता या अधिक वजन के कारण सांस की तकलीफ का अनà¥à¤à¤µ कर रहे हैं, वे उपचार के लिठपातà¥à¤° नहीं हैं। वे इस समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठबस कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकते हैं।
डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ उपचार के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
जिन रोगियों को बीटा -2 à¤à¤—ोनिसà¥à¤Ÿ जैसे बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ोडायलेटर दवाà¤à¤‚ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की गई हैं, उनमें मांसपेशियों में दरà¥à¤¦, सिरदरà¥à¤¦, कंपकंपी, घबराहट और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तनाव जैसे दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
à¤à¤‚टीकोलिनरà¥à¤œà¤¿à¤•à¥à¤¸ कबà¥à¤œ, मà¥à¤‚ह का सूखापन, सिरदरà¥à¤¦, निगलने में परेशानी, पेट में जलन और गले में जलन जैसे दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पैदा कर सकता है।
थियोफिलाइन, à¤à¤• अनà¥à¤¯ बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ोडायलेटर उलà¥à¤Ÿà¥€, मतली, दसà¥à¤¤, घबराहट और अनिदà¥à¤°à¤¾ जैसे दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पैदा कर सकता है।
कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ के साइड इफेकà¥à¤Ÿ अगर लंबे समय तक उपयोग किठजाते हैं तो उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, वजन बढ़ना, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, आसान चोट लगना, ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, मिजाज, मांसपेशियों में कमजोरी और आंखों के विकार जैसे दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकते हैं।
सांस की तकलीफ के उपचार के बाद दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के किसी à¤à¥€ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के अटैकà¥à¤¸ को रोकने के लिठआपको कà¥à¤› उपचार के बाद के दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है जैसे कि पहले और दूसरे हाथ से धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने की आदत को छोड़ना और वजन कम करना (कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे फेफड़ों और हृदय पर तनाव कम होता है)।
साथ ही, यह सलाह दी जाती है कि आप परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षकों के साà¤à¤¸ लेने में सावधानी बरतने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
सांस की तकलीफ या डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जटिलताà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ हैं? Shortness of Breath Complications in Hindi
डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ आमतौर पर रकà¥à¤¤ में कम ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ के सà¥à¤¤à¤° से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है (à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसे हाइपोकà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ या हाइपोकà¥à¤¸à¤¿à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है)। रकà¥à¤¤ में खराब ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° चेतना के सà¥à¤¤à¤° पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकता है।
गंà¤à¥€à¤° डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जो लंबे समय तक बनी रहती है, असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ या सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• हानि का कारण बन सकती है। यह अनà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ खराब कर सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ सांस की तकलीफ के उपचार के परिणाम सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हैं?
इस उपचार के परिणाम सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हो सकते हैं यदि रोगी उपचार के बाद के दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का अचà¥à¤›à¥€ तरह से पालन करते हैं। परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ टà¥à¤°à¤¿à¤—र और फेफड़ों के अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¤• बार फिर सांस की तकलीफ का कारण बन सकते हैं।
सांस की तकलीफ को कैसे रोकें? Shortness of Breath Prevention in Hindi
सांस की तकलीफ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो कई कारकों के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प हो सकती है। इसलिà¤, कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को रोकना संà¤à¤µ नहीं हो सकता है।
हालांकि, à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सांस की कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• तकलीफ को और खराब होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को कम करने के लिठनीचे दिठगठउपायों का पालन कर सकता है।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ें: धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ फेफड़ों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने के लिठजाना जाता है। यह सीओपीडी और फेफड़ों के कैंसर जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• जोखिम कारक à¤à¥€ है। सीओपीडी वाले लोग इस कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤—ति में देरी कर सकते हैं और जटिलताओं को बिगड़ने से रोक सकते हैं।
पà¥à¤°à¤¦à¥‚षकों के संपरà¥à¤• में आने से बचें: पोलेंस और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षक जैसे धà¥à¤à¤‚ और रासायनिक धà¥à¤à¤‚ जैसे सांस लेने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचें।
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• तापमान से बचें: अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• तापमान (जैसे बहà¥à¤¤ गरà¥à¤® और आरà¥à¤¦à¥à¤° या बहà¥à¤¤ ठंडी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿) के संपरà¥à¤• में आने से कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• फेफड़ों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ वाले लोगों में सांस की तकलीफ का खतरा बढ़ सकता है।
नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें: नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से फेफड़ों के कारà¥à¤¯ पर सकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। मोटापे से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोगों में फेफड़ों की कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिठमोटे लोगों को नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिà¤à¥¤
ऊंचाई को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें: शारीरिक गतिविधि से बचें और ऊंचाई पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की यातà¥à¤°à¤¾ करते समय समायोजित करने के लिठसमय निकालें।
अपनी दवाà¤à¤‚ लें: कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• फेफड़े और हृदय की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ वाले लोगों को दवाà¤à¤‚ नहीं छोड़नी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का खतरा बढ़ सकता है।
नियमित रूप से अपने उपकरणों की जांच करें: यदि आप पूरक ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का उपयोग करते हैं, तो नियमित रूप से अपने शà¥à¤µà¤¾à¤¸ उपकरणों की जांच करें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपकी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है।
सांस की तकलीफ में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚?
कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने से वायॠमारà¥à¤— में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है। यदि आप असà¥à¤¥à¤®à¤¾, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से जूठरहे हैं या आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, तो ये पोषक ततà¥à¤µ सांस की तकलीफ के इलाज के लिठà¤à¤• वरदान हो सकते हैं।
नटà¥à¤¸
सेब
पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
जतà¥à¤¨ तेल
सैलà¥à¤®à¤¨
साबà¥à¤¤ अनाज
नारंगी फल
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी
बीज
लहसà¥à¤¨
कॉफ़ी
उपरोकà¥à¤¤ आहार का पालन करने के अलावा। आपको उन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठजो गैस का कारण बनते हैं।
सांस की तकलीफ में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤?
सांस की तकलीफ में गैस पैदा करने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचना चाहिà¤à¥¤ बà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग आपके फेफड़ों को सांस लेने के लिठजगह कम कर देता है। इसलिà¤, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने आहार से सीमित या काट दें। बचने के लिठकà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं:
मसूर की दाल
फलियां
खीरा
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ
मटर
ख़रबूज़े
जड़ वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨
à¤à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥ˆà¤—स
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸
तला हà¥à¤† और चिकना खाना
सांस की तकलीफ के लिठमà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤?
सांस की तकलीफ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की सांस लेने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हवा लेने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾ से संबंधित है। यह गंà¤à¥€à¤° चिंता का विषय हो à¤à¥€ सकता है और नहीं à¤à¥€à¥¤ सामानà¥à¤¯ मामलों में जब कोई मेडिकल इमरजेंसी नहीं होती है, तो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ और पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करने के लिठकà¥à¤› घरेलू उपचार अपना सकते हैं।
इसमें कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन शामिल है जो लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम कर सकते हैं। ताजा अदरक उन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है जिसे à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लेना पसंद किया जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ सांस की तकलीफ के लिठततà¥à¤•ाल देखà¤à¤¾à¤² के लिठजाना चाहिà¤?
यदि आप अपने पैरों, टखनों में सूजन का अनà¥à¤à¤µ कर रहे हैं या लेटते समय समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना कर रहे हैं, à¤à¤• उचà¥à¤š तापमान, ठंड लगना और खांसी या घरघराहट है, तो यह डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करने का समय है।
इसके अलावा, यदि आपकी सांस की तकलीफ अधिक गंà¤à¥€à¤° हो जाती है, तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना चाहिà¤à¥¤
मैं अपनी सांस की तकलीफ और चिंता को कैसे शांत कर सकता हूं?
डायाफà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¿à¤• सांस लेने से हम सांस की तकलीफ और चिंता को शांत कर सकते हैं। उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के दौरान जब हम सांस की तकलीफ से गà¥à¤œà¤° रहे होते हैं, हम आमतौर पर मà¥à¤‚ह या छाती से सांस लेते हैं।
लेकिन डायाफà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¿à¤• शà¥à¤µà¤¾à¤¸ वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में मदद कर सकता है। इसमें शामिल कदमों में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित शामिल हैं:
हमें या तो कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर बैठना है या सिर को सहारा देकर आरामदेह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बिसà¥à¤¤à¤° जैसी समतल सतह पर लेटना है।
à¤à¤• हाथ को छाती के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ पर रखना है जबकि दूसरे हाथ को पसली के नीचे रखना है। इससे हम अपने डायफà¥à¤°à¤¾à¤® को साफ-साफ महसूस कर सकते हैं।
फिर हमें नाक से धीरे-धीरे सांस लेनी है ताकि पेट की गति हमारे हाथों के खिलाफ महसूस हो।
नाक या मà¥à¤‚ह से सांस छोड़ते हà¥à¤ पेट की मांसपेशियों को कसना पड़ता है।
हमें इसी तरह लगातार गहरी सांस लेनी है। इसे रोजाना 5 से 10 मिनट तक करना है।
सांस की तकलीफ से ठीक होने में कितना समय लगता है?
यह फेफड़ों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करता है। कई बार मरीज जलà¥à¤¦à¥€ ठीक à¤à¥€ हो जाता है। हालांकि, कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इतनी कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• हैं कि सांस की तकलीफ से उबरने में कई महीने लग जाते हैं।
सांस की तकलीफ के उपचार के विकलà¥à¤ª कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
कà¥à¤› वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचार विधियों में कà¥à¤› सांस लेने की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ शामिल हैं।
सांस की तकलीफ के लिठहोमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाओं में असà¥à¤¥à¤®à¤¾ से पीड़ित लोगों के लिठआरà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¿à¤• à¤à¤²à¥à¤¬à¤® शामिल है
खांसी के दौरान अनà¥à¤à¤µ की जाने वाली सांस की तकलीफ के लिठà¤à¤‚टीमोनियम टारà¥à¤Ÿ और आईपेकैक होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवा
चलने के दौरान लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤à¤µ की जाने वाली सांस की तकलीफ के लिठअमोनियम कारà¥à¤¬ और सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¨à¤® होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाà¤à¤‚
वृदà¥à¤§à¥‹à¤‚ के लिठकारà¥à¤¬à¥‹ वेज और सिलिकिया होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवा
नींद की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤à¤µ की जाने वाली डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठलैकेसिस और गà¥à¤°à¤¿à¤‚डेलिया दवा।
सांस की तकलीफ से पीड़ित लोगों के लिठशारीरिक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®:
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कà¥à¤› शारीरिक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप अपनी शà¥à¤µà¤¾à¤¸ को बेहतर बनाने के लिठकर सकते हैं:
चलना: चलने से शà¥à¤°à¥‚ करें। यह आपकी सांस लेने में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने के लिठसबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ और सरल रणनीतियों में से à¤à¤• है। यह वायॠमारà¥à¤— को बेहतर बनाने में मदद करता है ताकि आपको सामानà¥à¤¯ रूप से सांस लेने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग: यह आपकी मांसपेशियों को कोमल बनाने का à¤à¤• और शानदार तरीका है।
वजन बढ़ना: à¤à¤• हलà¥à¤•ा डंबल आपको ठीक से सांस लेने में मदद कर सकता है।
सांस लेने की तकनीक और योग: सांस की तकलीफ से बचने के लिठकà¥à¤› योग आसन और सांस लेने की तकनीक का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
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