Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सांस की तकलीफ कà¥à¤¯à¤¾ है?
सांस की तकलीफ जिसे डिसà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है, à¤à¤• असहज सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिससे फेफड़ों में हवा का पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। यह विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का संकेत हो सकता है। शà¥à¤µà¤¾à¤¸ संबंधी विकार हृदय और फेफड़ों की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण हो सकते हैं। कà¥à¤› लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। दूसरों के पास यह अधिक समय तक हो सकता है।
सांस की तकलीफ तब पैदा होती है जब शरीर की सांस लेने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की सांस लेने की आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤°à¥‚प नहीं होती है। आम तौर पर, शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने के लिठवायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤—, फेफड़े, सांस लेने वाली मांसपेशियां, हृदय और रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के साथ मिलकर काम करती हैं।
कारणों
सांस की तकलीफ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की चिकितà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण हो सकती है। ये अंग पूरे शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ के परिवहन के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं, जो सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शà¥à¤µà¤¾à¤¸ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है। सांस की तकलीफ गंà¤à¥€à¤° या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ हो सकती है, जो तीन से छह महीने से अधिक समय तक चलती है।
सांस की पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ और तीवà¥à¤° कमी का कारण बनने वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
दमा
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के कारण संकीरà¥à¤£ वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— सांस लेने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल कर सकता है।
हà¥à¤°à¤¦à¤¯ का रà¥à¤• जाना
फेफड़ों की बीमारी
मोटापा
चिंता
घà¥à¤Ÿ
फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ अंतःशलà¥à¤¯à¤¤à¤¾
लकà¥à¤·à¤£
जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सांस की तकलीफ होती है, तो वे महसूस कर सकते हैं:
सांस फूलना
छाती में जकड़न
गहरी सांस लेने में असमरà¥à¤¥
घà¥à¤Ÿà¤¨
सांस की तकलीफ या तो तीवà¥à¤° या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ हो सकती है। तीवà¥à¤° शà¥à¤µà¤¾à¤¸ कषà¥à¤Ÿ कà¥à¤› ही मिनटों या घंटों में विकसित हो सकता है। यह बà¥à¤–ार, दाने या खांसी जैसे अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ हो सकता है। जब आपको पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ सांस की तकलीफ होती है, तो आम चीजें जैसे à¤à¤• कमरे से दूसरे कमरे में घूमना या खड़े होना आपको बेचैन कर सकता है।
निदान
आपको सांस की तकलीफ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो रही है, यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित नैदानिक ​​परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• या अधिक पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ कर सकते हैं:
रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£: धमनी रकà¥à¤¤ गैसों और रकà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ संतृपà¥à¤¤à¤¿ को मापा जाà¤à¤—ा।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® परीकà¥à¤·à¤£: वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के दौरान रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, हृदय गति और सांस लेने की दर में बदलाव को मापा जाà¤à¤—ा।
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•ारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®:ईसीजी और ईकेजी दिल की विदà¥à¤¯à¥à¤¤ गतिविधि रिकॉरà¥à¤¡ करते हैं।
इकोकारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®: अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड तरंगों का उपयोग "पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¥à¤µà¤¨à¤¿" में हृदय और हृदय के वालà¥à¤µà¥‹à¤‚ की गतिमान छवि बनाने के लिठकिया जाता है।
इलाज
सांस की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ कारण की पहचान करके और उसे संबोधित करके डॉकà¥à¤Ÿà¤° सांस की तकलीफ को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करने में आपकी सहायता करेंगे। अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के आधार पर उपचार में निमà¥à¤¨ में से à¤à¤• या अधिक शामिल हो सकते हैं:
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®: समगà¥à¤° शारीरिक फिटनेस में सà¥à¤§à¤¾à¤° से हृदय और फेफड़ों को बेहतर कारà¥à¤¯ करने में मदद मिल सकती है।
दवाà¤à¤‚: असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और सीओपीडी में, बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•ोडायलेटरà¥à¤¸ नामक साà¤à¤¸ की दवाà¤à¤‚ वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— को आराम देने में मदद करती हैं। दरà¥à¤¦ या चिंता की दवा से सांस फूलना कम किया जा सकता है।
ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ थेरेपी: मासà¥à¤• या नाक में डाली गई टà¥à¤¯à¥‚ब के माधà¥à¤¯à¤® से दी जाने वाली अतिरिकà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ आपको अधिक आराम से सांस लेने में मदद कर सकती है। यह केवल तà¤à¥€ अनà¥à¤¶à¤‚सित किया जाता है जब डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया हो कि रकà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° कम है।
निवारण
सांस की तकलीफ को रोकने के लिठचरणों का पालन करें:
साà¤à¤¸ लेने वाले रसायन जो फेफड़ों को परेशान कर सकते हैं, जैसे कि पेंट के धà¥à¤à¤‚ और कार के निकास से बचना चाहिà¤à¥¤
शà¥à¤µà¤¾à¤¸ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ाने के लिठशà¥à¤µà¤¾à¤¸ या विशà¥à¤°à¤¾à¤® तकनीकों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन बनाठरखें
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨
1. सांस फूलने का सबसे आम कारण कà¥à¤¯à¤¾ है?
सांस की तकलीफ का सबसे आम कारण असà¥à¤¥à¤®à¤¾, दिल की विफलता, सीओपीडी, अंतरालीय फेफड़े की बीमारी और निमोनिया है।
2. आपको कैसे पता चलेगा कि सांस की तकलीफ गंà¤à¥€à¤° है?
यदि सांस की तकलीफ सीने में दरà¥à¤¦, बेहोशी, मतली और मानसिक सतरà¥à¤•ता में बदलाव के साथ हो तो आपातकालीन चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² की तलाश करें।
3. कà¥à¤¯à¤¾ आपको सांस की तकलीफ हो सकती है लेकिन ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ है?
à¤à¤²à¥‡ ही ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ सीमा के à¤à¥€à¤¤à¤° हो, à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सांस की तकलीफ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। यह याद रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि शà¥à¤µà¤¾à¤¸ कषà¥à¤Ÿ घà¥à¤Ÿà¤¨ या मृतà¥à¤¯à¥ का कारण नहीं बनता है। हालाà¤à¤•ि, यदि इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ बना रहता है या बिगड़ जाता है, तो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ से तà¥à¤°à¤‚त संपरà¥à¤• करें।
4. सांस की तकलीफ के लिठकौन से टेसà¥à¤Ÿ कराने चाहिà¤?
आमतौर पर परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£, इमेजिंग परीकà¥à¤·à¤£ जैसे कि छाती का à¤à¤•à¥à¤¸-रे या सीटी सà¥à¤•ैन, फेफड़े के कारà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£ या à¤à¤• इकोकारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® शामिल होते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |