Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
आज का योग: असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ से हैं परेशान? इन योगासनों से मिलेगा शीघà¥à¤° लाà¤
असà¥à¤¥à¤®à¤¾, शà¥à¤µà¤¸à¤¨ से संबंधित à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° और कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बीमारी है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के शिकार लोगों को सांस फूलने, सांस लेने में तकलीफ और कई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दम घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है, यही कारण है कि इस रोग के शिकार लोगों को हमेशा बचाव के उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ में वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकीरà¥à¤£ और सूज जाते हैं, जिसके कारण अतिरिकà¥à¤¤ बलगम का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होने लगता है। इससे सांस लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है और जब आप सांस छोड़ते हैं तो खांसी, सीटी की आवाज (घरघराहट) आ सकती है। कई लोगों के लिठअसà¥à¤¥à¤®à¤¾ काफी गंà¤à¥€à¤° जटिलताओं का कारण बन सकती है।
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• असà¥à¤¥à¤®à¤¾ को ठीक नहीं किया जा सकता है, हालांकि तमाम उपायों को पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाकर इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना आसान हो सकता है। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चलता है कि कई पà¥à¤°à¤•ार के योग का नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ इस गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने के साथ जटिलताओं में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में सहायक हो सकता है। आइठà¤à¤¸à¥‡ ही कà¥à¤› योगासनों के बारे में जानते हैं।
à¤à¥à¤œà¤‚गासन (कोबरा पोज)
योग विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ के शिकार लोगों के लिठà¤à¥à¤œà¤‚गासन बेहद फायदेमंद योग हो सकता है। इसका नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करके असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की जटिलताओं का कम करने में सहायता मिल सकती है। इस योगासन को करने के लिठपेट के बल लेटकर हथेली को कंधों के नीचे रखें। सांस लेते हà¥à¤ और शरीर के अगले हिसà¥à¤¸à¥‹ को ऊपर की और उठाà¤à¤‚। 10-20 सेकंडà¥à¤¸ तक इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहें और फिर सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ में आ जाà¤à¤‚। à¤à¥à¤œà¤‚गासन कई और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• माना जाता है।
पवनमà¥à¤•à¥à¤¤à¤¾à¤¸à¤¨
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के रोगियों के लिठइस योग के नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से काफी लाठमिल सकते हैं। इस योग के लिठपीठके बल लेट जाà¤à¤‚। अब दोनों पैरों को मिलाते हà¥à¤ और हथेली को जमीन पर लगाà¤à¤‚। इसके बाद दाहिने पैर को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ से मोड़ते हà¥à¤ छाती तक लगाà¤à¤‚। फिर अपने दोनों हाथों की उंगलियों को मिलाते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ से थोड़ा नीचे होलà¥à¤¡ कर लें। अब पैरों से छाती पर दबाव पड़े तो धीरे-धीरे सांस को अंदर बाहर छोड़ें।
बà¥à¤°à¤¿à¤œ पोज योग असà¥à¤¥à¤®à¤¾ में है फायदेमंद
नियमित रूप से बà¥à¤°à¤¿à¤œ पोज योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की जटिलाओं को कम करने के साथ कमर के दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ कम करने में काफी फायदेमंद माना जाता है। सांस लेने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में इस योग को काफी लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• माना जाता है। इस योग को करने के लिठपीठके बल लेट जाà¤à¤‚। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हà¥à¤ हाथ को बिलà¥à¤•à¥à¤² सीधा जमीन पर सटा कर रखें। अब सांस लेते हà¥à¤ कमर के हिसà¥à¤¸à¥‡ को ऊपर की ओर उठाà¤à¤‚, कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। सांस छोड़ते हà¥à¤ दोबारा से पूरà¥à¤µà¤µà¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाà¤à¤‚।
| --------------------------- | --------------------------- |