Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम, खांसी और फà¥à¤²à¥‚ में कब लें à¤à¤‚टीबायोटिक दवा?
आमतौर पर हर छोटी-बड़ी बीमारी के लिठलोग à¤à¤Ÿ से à¤à¤‚टीबायोटिक ले लेते हैं। सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी जैसी छोटी बीमारी में à¤à¥€ हर बार à¤à¤‚टीबायोटिक लेना सही नहीं होता। कà¥à¤› मामलों में इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ और जान बचाने में à¤à¤‚टीबायोटिक की बड़ी à¤à¥‚मिका रही है। लेकिन कà¥â€à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं का अधिक इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नà¥à¤•सान का कारण बन सकता है। à¤à¤‚टीबायोटिक को लेकर लोगों में विà¤à¤¿à¤¨à¥â€à¤¨ मत बने हà¥à¤ हैं। हम आपको बताà¤à¤‚गे कि इनà¥â€à¤«à¥‡à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ के लिठवासà¥â€à¤¤à¤µ में à¤à¤‚टीबायोटिक की ज़रूरत होती है या नहीं। पà¥à¥‡à¤‚- सरà¥à¤¦à¥€-खांसी में à¤à¤¸à¥‡ करें अदरक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²
वायरल इनà¥â€à¤«à¥‡à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ का इलाज à¤à¤‚टीबायोटिकà¥â€à¤¸ के जरिठनहीं किया जा सकता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वायरस पर इसका परिणाम बेअसर साबित होता है। अगर आप वायरल इनà¥â€à¤«à¥‡à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ में à¤à¤‚टीबायोटिकà¥â€à¤¸ ले रहे हैं, तो आपको बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ सकती है।
हलà¥â€à¤•ा कोलà¥â€à¤¡, फà¥à¤²à¥‚, नाक बहना और हरे रंग का बलगम वायरल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के संकेत हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में दवा लेने की ज़रूरत नहीं होती है। आप थोड़े आराम और पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचारों से इससे राहत पा सकते हैं।
अगर आपको फà¥à¤²à¥‚ है, तो आप दो हफà¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥€à¤¤à¤° बेहतर महसूस करना शà¥à¤°à¥ कर सकते हैं। हालांकि इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी कमजोर होने के चलते अगर दूसरा कोई बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो गया है तो, इस इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से निपटने के लिठà¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है।
अगर आपको सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी के साथ तेज बà¥à¤–ार है, तो संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ है आपको बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको à¤à¤‚टीबायोटिक उपचार की ज़रूरत होती है।
अगर आपको दो हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद à¤à¥€ मोटे पीले और हरे बलगम के साथ होने वाली खांसी से छà¥à¤Ÿà¤•ारा नहीं मिल रहा है, तो आप à¤à¤‚टीबायोटिक दवा ले सकते हैं।
गले में खराश वायरल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के कारण हो सकती है और इसके लिठà¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं की जरूरत नहीं है। लेकिन सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ª खराश बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के कारण होती है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको à¤à¤‚टीबायोटिक दवा की ज़रूरत पड़ती है।
साइनस इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ दो हफà¥à¤¤à¥‡ तक हो सकता है। अगर इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय हो गया है, तो आपको à¤à¤‚टीबायोटिक टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की ज़रूरत पड़ सकती है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से कान में होने वाले इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के इलाज के लिठà¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं का सहारा लिया जा सकता है।
à¤à¤‚टीबायोटिक लेना या नहीं लेना रोग की पहचान और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसलिठअनावशà¥à¤¯à¤• रूप से à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° पर जोर बनाना सही नहीं है।
| --------------------------- | --------------------------- |