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तेल मालिश से मांसपेशियों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को ताकत मिलती है और शरीर में बà¥â€à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ बेहतर होता है। यही वजह है शिशॠकी तेल मालिश करने की सलाह दी जाती है। वहीं ठंड के मौसम में धूप के नीचे बैठकर शिशॠकी तेल मालिश का बहà¥à¤¤ चलन है। मालिश में तेल का à¤à¥€ बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µ होता है और मौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सही तेल चà¥à¤¨à¤•र आप शिशॠकी मांसपेशियों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर उसके सही विकास में मदद कर सकते हैं। यहां हम आपको उन तेलों के बारे में बता रहे हैं जिनकी सरà¥à¤¦à¥€ में तेल मालिश शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होती है।
​सरसों का तेल
बचà¥à¤šà¥‹ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों के लिठसरसों का तेल बहà¥à¤¤ उपयोगी होता है। इस तेल को हलà¥à¤•ा-सा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करें और फिर सà¥à¤•िन पर लगाà¤à¤‚। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कई राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ और मेथीदाने को मिलाकर तेल को गरà¥à¤® करके मालिश की जाती है। लहà¥à¤¸à¤¨ रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करता है और मेथीदाना शिशॠके शरीर को आराम पहà¥à¤‚चाता है।
​तिल का तेल
तिल के तेल को शिशॠकी मालिश के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• तेल का नाम दिया गया है। यह तेल शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को गहराई से मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œ करता है। इससे शरीर में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ बेहतर होता है। सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में तिल के तेल की मालिश को बहà¥à¤¤ अचà¥â€à¤›à¤¾ माना जाता है।
​बादाम तेल
मीठी सà¥à¤—ंध वाले बादाम के तेल में पोषक और मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œ करने वाले गà¥à¤£ होते हैं। यह तेल शरीर को गरमाई देता है और सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में इससे मालिश करना बहà¥à¤¤ बेहतर रहता है। बादाम के तेल में विटामिन ई और कई तरह के खनिज पदारà¥à¤¥ मौजूद होते हैं जो बालों और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखने में मदद करते हैं।
बादाम का तेल बहà¥à¤¤ हलà¥â€à¤•ा होता है और मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ और सà¥à¤•िन में सूजन से आराम दिलाने में मदद करता है। इस तेल की मालिश से रंगत में à¤à¥€ निखार आता है और बचà¥â€à¤šà¥‡ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत बनती हैं।
कैमोमाइल ऑयल
शिशॠकी नाजà¥à¤• तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ के लिठठंड के मौसम में कैमोमाइल ऑयल की मालिश à¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद रहती है। इससे सरà¥à¤¦à¥€ में होने वाले रैशेज का इलाज किया जा सकता है। कोलिक बेबी को कैमोमाइल ऑयल से आराम मिलता है और अचà¥â€à¤›à¥€ नींद आती है।
इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि कैमोमाइल ऑयल à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल है और इसे सà¥à¤•िन पर सीधा नहीं लगाना चाहिà¤à¥¤ नारियल तेल, बादाम तेल या जैतून के तेल में कैमोमाइल ऑयल को मिलाकर लगाà¤à¤‚। इन तेलों की 10 मि.ली की मातà¥à¤°à¤¾ में सिरà¥à¤« 3 बूंदें कैमोमाइल ऑयल की डालें।
टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल
इस à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल में à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गà¥à¤£ होते हैं और इससे सà¥à¤•िन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से आराम मिलता है। ठंड के मौसम में टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल से मालिश करने पर सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचाव होता है और शिशॠकी इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी à¤à¥€ बढ़ती है। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ कैमोमाइल ऑयल की तरह ही करें।
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