Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
अकà¥â€à¤Ÿà¥‚बर के महीने से हलà¥â€à¤•ी ठंड शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है, à¤à¤¸à¥‡ में कà¥à¤› सावधानियां बरतनी जरूरी है, वरना बीमार होने का खतरा रहता है। नवजात शिशà¥à¤“ं के लिठतो सरà¥à¤¦à¥€ का मौसम और à¤à¥€ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी पूरी तरह से बनी ही नहीं होती है, à¤à¤¸à¥‡ में आपकी छोटी सी à¤à¥€ लापरवाही à¤à¤¾à¤°à¥€ पड़ सकती है।
पहली बार मां बनने पर महिलाओं को कई बातों के बारे में पता नहीं होता है। जैसे कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पता नहीं होता कि सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में शिशॠको कैसे नहलाना चाहिà¤à¥¤ पहली बार शिशॠको नहलाने में हर मां को डर लगता है और अगर बात सरà¥à¤¦à¥€ की हो तो डर और बढ़ जाता है।
यहां हम आपको ठंड के मौसम में शिशॠको नहलाने से पहले धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखने वाली कà¥à¤› बातों के बारे में बता रहे हैं।
कà¥à¤› पैरेंटà¥à¤¸ साफ सफाई की वजह से शिशॠको रोज नहलाना पसंद करते हैं लेकिन ठंड में बचà¥â€à¤šà¥‡ को जलà¥â€à¤¦à¥€-जलà¥â€à¤¦à¥€ नहलाने से उसके à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, जà¥à¤•ाम और बीमार पड़ने का खतरा रहता है।
नवजात शिशॠकी तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होती है, इसलिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी के बार बार संपरà¥à¤• में आने और कà¥à¤› बेबी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ की वजह से सà¥à¤•िन को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ रूखी हो सकती है या खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है।
शिशॠकी सरसों के तेल से करेंगी मालिश तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होंगी मजबूत, जान लें मालिश का तरीका
-कब शà¥à¤°à¥‚ करें शिशॠको नहलाना
जब तक कि नवजात शिशॠकी अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल कॉरà¥à¤¡ गिर न जाठतब तक उसे नहलाना नहीं चाहिà¤à¥¤ अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल कॉरà¥à¤¡ के ठीक होने पर शिशॠको तीन दिन में à¤à¤• बार नहला सकते हैं। हालांकि, शिशॠके मà¥à¤‚ह, चेहरे और निजी अंगों को रोज साफ करना चाहिà¤à¥¤
ये गलती न करें
अगर बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंड का मौसम है तो शिशॠको नहलाने के बाद गरमाई देने का इंतजाम जरूर रखें। दिन में धूप निकलने के बाद शिशॠको नहलाना सही रहता है। शिशॠकी अचà¥â€à¤›à¥€ नींद के लिठआप उसे रात को सोने से पहले à¤à¥€ नहला सकती हैं लेकिन ठंड में दोपहर के समय नहलाना ही सही होता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय ठंड रात की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम होती है।
शिशॠकी सरसों के तेल से करेंगी मालिश तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होंगी मजबूत, जान लें मालिश का तरीका
सरसों का तेल रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बेहतर करता है और शिशॠकी संपूरà¥à¤£ सेहत में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है। शिशॠकी रोज मालिश करने से शरीर सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और मजबूत बनता है। इसके अलावा शरीर में गरमाई रखने में सरसों का तेल बहà¥à¤¤ मदद करता है। यही वजह है कि ठंड के मौसम और ठंडे इलाकों में शिशॠको गरम रखने के लिठसरसों के तेल का ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
- लहसà¥à¤¨ की कà¥à¤› कलियां लें और उसे सरसों के तेल में डालकर हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® कर लें। अब तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशॠकी छाती पर लगाà¤à¤‚। इस तरह शिशॠमें खांसी और जà¥à¤•ाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसमें आप लहसà¥à¤¨ की जगह तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ डाल सकते हैं।
ठंड में नहलाने का सही तरीका
बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंड होने पर बाथरूम में हीटर का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें ताकि शिशॠको ठंड न लगे। बाथ टब को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से à¤à¤° दें और शिशॠको नहलाने से पहले à¤à¤• बार चैक जरूर करें कि पानी जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® तो नहीं है। पानी ठीक लगने के बाद ही शिशॠको अब में बैठाà¤à¤‚।
शिशॠके लिठबाथ टिपà¥â€à¤¸
टब में शिशॠकी छाती जितना पानी à¤à¤°à¥‡à¤‚, इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी à¤à¤°à¤¨à¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठखतरनाक साबित हो सकता है। ठंड के मौसम में देर तक शिशॠको पानी में न रखें और पैरों से नहलाना शà¥à¤°à¥‚ करें। बचà¥â€à¤šà¥‡ को पानी से निकालकर तौलिठमें लपेट लें और जलà¥â€à¤¦à¥€ से उसका बदन पोंछ दें।
नहलाते समय अपने पास ही तौलिया रखें ताकि नहाने के बाद शिशॠको इंतजार न करना पड़े। नहाने के बाद कपड़े पहनाने से पहले शिशॠका शरीर अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से पोंछ लें।
| --------------------------- | --------------------------- |