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Heart Health: जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सà¥à¤¬à¤¹ के समय ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आते हैं सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤Ÿ अटैक? अधिकतर लोग करते हैं ये गलती
हारà¥à¤Ÿ अटैक के कारण आज दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में हर रोज कितने ही लोग मरते हैं। बताया जाता है कि सà¥à¤¬à¤¹ 6 बजे सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤Ÿ अटैक आते हैं। यही नहीं यह सबसे खतरनाक à¤à¥€ होते हैं। आइठजानते हैं कà¥à¤¯à¤¾ कहती है रिसरà¥à¤šà¥¤
आज के समय में हृदय रोग की समसà¥à¤¯à¤¾ से बहà¥à¤¤ से लोग पीड़ित हैं। वहीं कà¥à¤› लोगों को यह समसà¥à¤¯à¤¾ कब हो जाती है, यह तक पता नहीं चलता। हाल ही में बिग बॉस विजेता और बालिका वधॠसे अपनी पहचान बना चà¥à¤•े à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤° सिदà¥à¤§à¤¾à¤°à¥à¤¥ शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾ का निधन à¤à¥€ हारà¥à¤Ÿ अटैक से ही हà¥à¤† था। शारीरिक रूप से बेहद फिट इस à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤° की मौत ने लोगों को सकते में तो डाला ही। साथ ही लोगों के जेहन में फिर से à¤à¤• सवाल को जनà¥à¤® दे दिया। वह सवाल है आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सोते समय या सà¥à¤¬à¤¹ के समय हारà¥à¤Ÿ अटैक आता है। वहीं सà¥à¤ªà¥‡à¤¨ के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई रिसरà¥à¤š à¤à¥€ इसी ओर इशारा करती है कि सà¥à¤¬à¤¹ के समय 6 बजे ना केवल सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤Ÿ अटैक आते हैं। बलà¥à¤•ि यह सबसे नà¥à¤•सानदायक à¤à¥€ होते हैं। हारà¥à¤Ÿ जरà¥à¤¨à¤² के लेख में इस बात का जिकà¥à¤° किया गया है कि सà¥à¤¬à¤¹ 6 बजे से लेकर दोपहर के समय तक आने वाले हारà¥à¤Ÿ अटैक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाते हैं।
​सà¥à¤¬à¤¹ का हारà¥à¤Ÿ अटैक कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होता है जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक
सà¥à¤¬à¤¹ 6 बजे से लेकर दोपहर तक आने वाले हारà¥à¤Ÿ अटैक अधिक खतरनाक इसलिठà¤à¥€ होते हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दिन की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में इस समय डेड मसल सेल 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होते हैं। अगर आसान à¤à¤¾à¤·à¤¾ में समà¤à¥‡ तो पता चलता है कि इस समय हृदय को अधिक काम करना होता है और हमारी रकà¥à¤¤ धमनियां अधिक संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ होती है। इस दौरान यह रकà¥à¤¤ के थकà¥à¤•ों को खतà¥à¤® करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ नहीं रखती हैं।
इसके अलावा आपको बता दें कि हर इंसान का à¤à¤• बॉडी कà¥à¤²à¥‰à¤• होता है, जो कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¤° वरà¥à¤œà¥€à¤•à¥à¤¯à¥‚लर पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। यह तब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होती है जब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ नींद से उठरहा हो। जà¥à¤žà¤¾à¤¤ हो कि हारà¥à¤Ÿ अटैक तब आता है जब कोरोनरी धमनी में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाती है और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी से हृदय की मांसपेशी का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ काम करना पूरी तरह बंद कर देता है।
​Circadian Rhythms और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में कनेकà¥à¤¶à¤¨
Brigham and Women's Hospital में मेडिकल कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® के निदेशक और हारà¥à¤µà¤°à¥à¤¡ मेडिकल सà¥à¤•ूल में बतौर पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° के पद पर कारà¥à¤¯à¤°à¤¤, डॉकà¥à¤Ÿà¤° फà¥à¤°à¥ˆà¤‚क à¤à¤œà¥‡à¤à¤² शीर, जो सकैरà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¨ सिसà¥à¤Ÿà¤® की à¤à¥‚मिका और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर इसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पर अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कर रहे हैं। आपको बता दें कि सरà¥à¤•ैडियन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का अरà¥à¤¥ बॉडी कà¥à¤²à¥‰à¤• à¤à¥€ कहा जाता है। जà¥à¤žà¤¾à¤¤ हो कि यह बॉडी कà¥à¤²à¥‰à¤• थकान, दिनà¤à¤° जागने और हमारी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होती है।
​सà¥à¤¬à¤¹ के समय कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आते हैं सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤Ÿ अटैक
डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤œà¥‡à¤à¤² शीर कहते हैं कि सरà¥à¤•ैडियन रिदम यानी बॉडी कà¥à¤²à¥‰à¤• ही सà¥à¤¬à¤¹ के समय हारà¥à¤Ÿ अटैक या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• की वजह होती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° कहते हैं कि à¤à¤²à¥‡ ही कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤• ही तरह के वातावरण में रह रहा हो और à¤à¤• ही तरह की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ का पालन कर रहा हो। तब à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ पैरामीटर हैं जो 24 घंटे के बीच घूम सकते हैं। आपको बता दें कि सरà¥à¤•ैडियन रिदम शरीर की ही आंतरिक घड़ी का à¤à¤• उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ है जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ घड़ी और शरीर की सà¤à¥€ कोशिकाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होती है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° शीर बताते हैं कि सरà¥à¤•ैडियन सिसà¥à¤Ÿà¤® बहà¥à¤¤ से साइकोलॉजिकल पैरामीटर को रैगà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ कर सकती है। यह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को इस दौरान अधिक संवेदनशील बना सकती है, जिसका हम पर अधिक बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर हृदय सà¥à¤¬à¤¹ के समय में रकà¥à¤¤ के थकà¥à¤•ों को खतà¥à¤® करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ नहीं रखती। जिसकी वजह से ही सà¥à¤¬à¤¹ अधिक हारà¥à¤Ÿ अटैक आते हैं।
शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने रिसरà¥à¤š के दौरान पाया कि लगà¤à¤— 6:30 बजे सरà¥à¤•ैडियन सिसà¥à¤Ÿà¤® PAI-1 सेलà¥à¤¸ को अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में रिलीज किया है। आपको बता दें यह रकà¥à¤¤ के थकà¥à¤•ों को तोड़ने से रोकते हैं। यानी अगर PAI -1 सेलà¥à¤¸ रकà¥à¤¤ में अधिक होगा तो इससे हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगा। बोसà¥à¤Ÿà¤¨ मैगजीन à¤à¥€ इसे लेकर à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ जारी कर चà¥à¤•ी है।
​हारà¥à¤Ÿ अटैक के खतरे को कैसे कम करें
इस पर विशेषजà¥à¤ž जॉनà¥à¤¸ हॉपकिनà¥à¤¸ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिसà¥à¤Ÿ और सà¥à¤²à¥€à¤ª सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ Dr Rachel E Salas कहते हैं कि जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सही तरह से नींद नहीं आती है तो इसकी वजह से à¤à¥€ हृदय से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा हो जाती है। इस पर यह दोनों विशेषजà¥à¤ž लोगों को राय देते दिखाई देते हैं कि डिजिटल मीडिया और नà¥à¤¯à¥‚ज अधिक ना देखें, कैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ और शराब का सेवन ना करें। नींद बेहतर करने के लिठआप अचà¥à¤›à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ जरूर करें। साथ ही खà¥à¤¦ को मोटापे की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाकर रखें।
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